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उत्तराखंड में अगले चार कैसा रहेगा मौसम: मौसम विभाग की रिपोर्ट उत्तराखंड में अगले चार दिन यानी रविवार से बुधवार तक मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। देखिए भारतीय मौसम विभाग देहरादून ( IMD) द्वारा जारी की गई वैज्ञानिक डा रोहित थपलियाल की वीडियो रिपोर्ट।
Ramesh chandra
उत्तराखंड में अगले चार कैसा रहेगा मौसम: मौसम विभाग की रिपोर्ट उत्तराखंड में अगले चार दिन यानी रविवार से बुधवार तक मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। देखिए भारतीय मौसम विभाग देहरादून ( IMD) द्वारा जारी की गई वैज्ञानिक डा रोहित थपलियाल की वीडियो रिपोर्ट।
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- उत्तराखंड में अगले चार दिन यानी रविवार से बुधवार तक मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। देखिए भारतीय मौसम विभाग देहरादून ( IMD) द्वारा जारी की गई वैज्ञानिक डा रोहित थपलियाल की वीडियो रिपोर्ट।1
- Post by Surendra Kumar1
- अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा है कि जनहित से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है और विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं और अन्य विकास योजनाओं की प्रगति में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को अल्मोड़ा स्थित विकास भवन में सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यमंत्री घोषणाओं और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में रेखा आर्या ने सोमेश्वर में नवनिर्मित उप जिला अस्पताल का जल्द उद्घाटन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्घाटन के साथ ही अस्पताल की सेवाएं शुरू होनी चाहिए, इसके लिए चिकित्सकों और आवश्यक स्टाफ की तैनाती समय रहते सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान विकासखंड ताकुला के ग्राम बीना के तोक दुर्गाथल और ग्राम भेटुली के तोक लोहारखोला में सोलर पेयजल पंपिंग योजना के निर्माण कार्य में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई। इस पर कैबिनेट मंत्री ने जिलाधिकारी को मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि फरवरी माह में बड़ी संख्या में विकास योजनाओं के शिलान्यास प्रस्तावित हैं। इसके लिए सभी विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से आयोजित किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैबिनेट मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के एन तिवारी, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी अरविंद पांगती, जिला विकास अधिकारी एस के पंत, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- Post by Danish Khan1
- जय महाबिन्देश्वर की गूंज से गूंज उठा बिन्दुखत्ता1
- Post by Kanchan Kanchan1
- हाईवे पर कानून की धज्जियाँ उत्तराखंड,रुद्रपुर के युवकों का किच्छा हाईवे पर खुलेआम फायरिंग करते और हत्यारों के साथ जश्न मनाते वीडियो वायरल। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें।1
- जलवायु परिवर्तन ने अभी अंगड़ाई ही ली है कि राज्य बुरांश में मुस्कुराना शुरू कर दिया है, लेकिन इन फुलों में वह ताजगी नहीं है, जो पहले हुआ करती थी। समय से पहले बुरांश खिलने का ट्रेंड जलवायु परिवर्तन के साथ आगे बढ़ रहा है। ढाई दशक पहले तक मार्च के शुरुवात से बुराश का फूल खिलना शुरू होता था और वर्ष 2000 के बाद जलवायु ने रंग बदलना शुरू किया तो इस फूल के खिलने का वक्त भी बदल गया। अब यह जनवरी के बाद कभी भी खिलने लगा है। दिलचस्प बात ये है कि दो दशक पहले, जब यह जनवरी या फरवरी में खिलता था तो दुनिया की खबरों की सुर्खियों में रहता था। मगर अब यह सामान्य हो चुका है कि यह समय से पहले ही खिल जाता है। बुराश के फूल का तापमान के साथ बड़ा रिश्ता है, जो 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होता है। शीतकाल में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पहुंचते ही इसका खिलना शुरू हो जाता है, जबकि ढाई दशक पहले तक 20 डिग्री सेल्सियस तापमान मार्च के पहले सप्ताह के बाद ही शुरू होता था। मग अब वक्त बदल चुका है, पर्यावरण बदलने लगा है तो बुरांश जैसी वनस्पति कई अन्य वनस्पतियां इसके गिरफ्त में आ चुकी हैं।1