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बड़ी खबर! गांव में पानी की समस्या का 24 घंटे में समाधान! कल सूखा था हैंडपंप, आज बहने लगा पानी – प्रशासन की त्वरित कार्रवाई! वीडियो हुआ वायरल और अगले ही दिन मिला समाधान! गांव की आवाज़ बनी ताकत – एक दिन में पानी की समस्या खत्म! सोशल मीडिया की ताकत – 24 घंटे में गांव में लौटा पानी! "कल तक गांव में पानी की बड़ी समस्या थी 💧 हैंडपंप सूखा पड़ा था। वीडियो डालते ही अगले दिन समाधान हो गया 🙏 धन्यवाद उन सभी को जिन्होंने साथ दिया। आवाज़ उठाइए, बदलाव ज़रूर आता है!"
Sagar Singad
बड़ी खबर! गांव में पानी की समस्या का 24 घंटे में समाधान! कल सूखा था हैंडपंप, आज बहने लगा पानी – प्रशासन की त्वरित कार्रवाई! वीडियो हुआ वायरल और अगले ही दिन मिला समाधान! गांव की आवाज़ बनी ताकत – एक दिन में पानी की समस्या खत्म! सोशल मीडिया की ताकत – 24 घंटे में गांव में लौटा पानी! "कल तक गांव में पानी की बड़ी समस्या थी 💧 हैंडपंप सूखा पड़ा था। वीडियो डालते ही अगले दिन समाधान हो गया 🙏 धन्यवाद उन सभी को जिन्होंने साथ दिया। आवाज़ उठाइए, बदलाव ज़रूर आता है!"
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- क्या ये सब हमारी आंतरिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं। हिंदू कब जागेगा। ओर अपनी आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।1
- ऊना। श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में चल रहे वार्षिक महासम्मेलन के 11वें दिन भक्तों का खूब हुजूम उमड़ा। सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगना शुरु हो गया। वहीं भागवत कथा के छठे दिन आचार्य गौरव कृष्णा गोस्वामी ने अपने प्रवचनों से निहाल किया। हजारों की तादाद में भक्तों ने बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद लिया। महासम्मेलन के दौरान बुधवार को विशेष महोत्सव के रूप में रूक्मिणी विवाह महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आचार्य गौरव कृष्णा गोस्वामी ने कहा कि प्रभु श्रीकृष्ण की मथुरा लीला जीव के हृदयान्धकार को नष्ट कर ज्ञान का विकास करती है। उन्होंने कहा कि परमात्मा श्रीकृष्ण ने अपनी मथुरा लीला में अज्ञान रूपी कंस का उद्धार कर ज्ञान का संबर्धन किया। यहां तक कि साक्षात् बृहस्पति के शिष्य उद्धव के ज्ञान को प्रभु ने गोपियों के द्वारा भक्ति की चादर उड़ाकर परिपूर्ण किया। अपनी मथुरा लीला में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं ही गुरू सांदीपनि के सान्निध्य में चौसठ दिनों तक रहकर ज्ञान प्राप्त किया। आचार्य गोस्वामी ने कहा कि प्रभु की मथुरा लीला श्रवण करने मात्र से भक्त के हृदय में ज्ञान का उदय होता है। उन्होंने बताया कि यदि विद्यार्थी अपने अध्ययन काल में यदि प्रभु की मथुरा लीला को श्रवण करता है, तो निश्चित रूप से विद्या के क्षेत्र में उसे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है। आचार्य गोस्वामी ने कहा कि रूक्मिणी ने अपने जीवन में किए हुए सत्कार के फल में केवल प्रभु को ही मांगा। इस पर प्रभु द्वारिकाधीश ने स्वयं रूक्मिणी के कुणिनपुर जाकर उसे प्रधान पटरानी बनाकर पूर्ण किया। उन्होंने कहा कि जीवन में किए हुए सत्कार के फल के रूप में प्रभु की ही अर्चना करनी चाहिए। आचार्य ने बताया कि वीरवार को विशेष महोत्सव के रूप में फूल होली महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।1
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- खास रिपोर्ट –12 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज नमों लोग क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच खेल के साथ-साथ एक खास वजह से सुर्खियों में रहा। मैच के दौरान टॉस ने दर्शकों और खिलाड़ियों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। खबर की मुख्य बातें: ऐतिहासिक टॉस: मैच का टॉस एक साधारण सिक्के से नहीं, बल्कि 4 तोले के चांदी के सिक्के से किया गया। विजेता को ईनाम: टॉस जीतने वाली टीम 'चेहनी वॉरियर' को यह कीमती चांदी का सिक्का उपहार स्वरूप दे दिया गया। समाजसेवी की पहल: यह सिक्का समाजसेवी आर.जे. गिरिराज महाराज द्वारा भेंट किया गया था। हर जुबान पर थी चर्चा: मैच के दौरान यह चर्चा का विषय बना रहा कि क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। समाजसेवी आर.जे. गिरिराज महाराज ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी आज तक ऐसा प्रयोग कभी नहीं देखा गया है।1