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राजधानी दिल्ली रोहिणी सेक्टर 16 में सिख समुदाय के साथ मारपीट सिख समुदाय में आक्रोश

5 hrs ago
user_भारत हिंदी खबर
भारत हिंदी खबर
Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
5 hrs ago

राजधानी दिल्ली रोहिणी सेक्टर 16 में सिख समुदाय के साथ मारपीट सिख समुदाय में आक्रोश

More news from दिल्ली and nearby areas
  • Post by न्यूज़ आइकॉन 24
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    Post by न्यूज़ आइकॉन 24
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    30 min ago
  • Post by राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    1
    Post by राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    user_राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    Farmer सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    34 min ago
  • AB LON bharne ki jarurat nahi dekhiye ye video
    1
    AB LON
bharne ki jarurat nahi  dekhiye ye video
    user_Hunny rajput
    Hunny rajput
    करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • “घायल हूं, इसलिए घातक हूं”... धुरंधर के दमदार अंदाज़ में राघव चड्ढा ने दिया खुद पर लगे आरोपों का जवाब... #RaghavChadha #AAP #Politics #Trending
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    “घायल हूं, इसलिए घातक हूं”... धुरंधर के दमदार अंदाज़ में राघव चड्ढा ने दिया खुद पर लगे आरोपों का जवाब...
#RaghavChadha #AAP #Politics  #Trending
    user_Gaurav verma
    Gaurav verma
    Administrative attorney करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • Post by Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
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    Post by Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    user_Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • नासिक के 'कैप्टन' और ज्योतिषी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, जानें स्वयंभू भगवान अशोक खरात की कहां कितनी प्रॉपर्टी ? क्या ज्योतिषी बदनाम हुई? देश विदेश के जाने माने ज्योतिषाचार्य- डॉ.जीएस ढिल्लों, डॉ.पुनीत भोला और डॉ पुष्पलता जायसवाल से जानिए राजपथ न्यूज़ पर....
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    नासिक के 'कैप्टन' और ज्योतिषी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, जानें स्वयंभू भगवान अशोक खरात की कहां कितनी प्रॉपर्टी ? क्या ज्योतिषी बदनाम हुई? देश विदेश के जाने माने ज्योतिषाचार्य- डॉ.जीएस ढिल्लों, डॉ.पुनीत भोला और डॉ पुष्पलता जायसवाल से जानिए राजपथ न्यूज़ पर....
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    महात्मा ज्योति राव फ़ुले मार्ग एरिया, नई दिल्ली•
    4 hrs ago
  • हवाई यात्रियों को झटका, फ्लाइट में 60% फ्री सीट देने का फैसला टला, सरकार ने आदेश पर लगाई रोक हवाई यात्रियों को सस्ती और आरामदायक सीटों का तोहफा देने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. केंद्र सरकार ने एयरलाइनों को दिए गए उस निर्देश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसमें हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. यह नियम 20 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. क्यों लिया गया यह फैसला? नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह कदम फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) और आकासा एयर जैसे प्रमुख एयरलाइन ऑपरेटरों की आपत्तियों के बाद उठाया है. एयरलाइनों ने सरकार को बताया कि अगर 60% सीटें फ्री कर दी गईं, तो उनके राजस्व पर भारी असर पड़ेगा. कंपनियों का तर्क है कि सीट सिलेक्शन से मिलने वाली 'अनसुलझी सेवाओं' की आय कम होने पर उन्हें विमान के मूल किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी. इससे आम यात्रियों के लिए हवाई सफर और महंगा हो जाएगा. साथ ही, कंपनियों ने इसे मौजूदा 'डीरेगुलेटेड टैरिफ व्यवस्था' (जहाँ किराया बाजार तय करता है) के खिलाफ बताया. फिलहाल क्या है स्थिति? वर्तमान में, अधिकांश एयरलाइनें अपनी फ्लाइट की केवल 20% सीटें ही फ्री में उपलब्ध कराती हैं. बाकी 80% सीटों के लिए यात्रियों को अपनी पसंद (जैसे- विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम) के हिसाब से 200 रुपये से लेकर 2,100 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने होते हैं. सरकार के इस नए फैसले का मतलब है कि फिलहाल यही पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी. यात्रियों के लिए अभी भी क्या राहत है? भले ही 60% फ्री सीटों का नियम रुक गया हो, लेकिन मंत्रालय द्वारा 17 मार्च को जारी अन्य दिशा-निर्देश अभी भी लागू हैं: साथ बैठने की प्राथमिकता:एयरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक ही PNR पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों (जैसे परिवार या दोस्त) को एक साथ या आसपास की सीटें दी जाएं. पारदर्शिता: पालतू जानवरों, वाद्य यंत्रों या खेल के सामान जैसे अतिरिक्त सामान के लिए लिए जाने वाले शुल्क के बारे में एयरलाइनों को पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी. भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहाँ हर दिन 5 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं. सरकार का कहना है कि वह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ एयरलाइन उद्योग की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इस मामले की "विस्तृत समीक्षा" करेगी.
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    हवाई यात्रियों को झटका, फ्लाइट में 60% फ्री सीट देने का फैसला टला, सरकार ने आदेश पर लगाई रोक
हवाई यात्रियों को सस्ती और आरामदायक सीटों का तोहफा देने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. केंद्र सरकार ने एयरलाइनों को दिए गए उस निर्देश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसमें हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. यह नियम 20 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.
क्यों लिया गया यह फैसला?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह कदम फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) और आकासा एयर जैसे प्रमुख एयरलाइन ऑपरेटरों की आपत्तियों के बाद उठाया है. एयरलाइनों ने सरकार को बताया कि अगर 60% सीटें फ्री कर दी गईं, तो उनके राजस्व पर भारी असर पड़ेगा.
कंपनियों का तर्क है कि सीट सिलेक्शन से मिलने वाली 'अनसुलझी सेवाओं' की आय कम होने पर उन्हें विमान के मूल किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी. इससे आम यात्रियों के लिए हवाई सफर और महंगा हो जाएगा. साथ ही, कंपनियों ने इसे मौजूदा 'डीरेगुलेटेड टैरिफ व्यवस्था' (जहाँ किराया बाजार तय करता है) के खिलाफ बताया.
फिलहाल क्या है स्थिति?
वर्तमान में, अधिकांश एयरलाइनें अपनी फ्लाइट की केवल 20% सीटें ही फ्री में उपलब्ध कराती हैं. बाकी 80% सीटों के लिए यात्रियों को अपनी पसंद (जैसे- विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम) के हिसाब से 200 रुपये से लेकर 2,100 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने होते हैं. सरकार के इस नए फैसले का मतलब है कि फिलहाल यही पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी.
यात्रियों के लिए अभी भी क्या राहत है?
भले ही 60% फ्री सीटों का नियम रुक गया हो, लेकिन मंत्रालय द्वारा 17 मार्च को जारी अन्य दिशा-निर्देश अभी भी लागू हैं:
साथ बैठने की प्राथमिकता:एयरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक ही PNR पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों (जैसे परिवार या दोस्त) को एक साथ या आसपास की सीटें दी जाएं.
पारदर्शिता: पालतू जानवरों, वाद्य यंत्रों या खेल के सामान जैसे अतिरिक्त सामान के लिए लिए जाने वाले शुल्क के बारे में एयरलाइनों को पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी.
भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहाँ हर दिन 5 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं. सरकार का कहना है कि वह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ एयरलाइन उद्योग की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इस मामले की "विस्तृत समीक्षा" करेगी.
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Shahdara, New Delhi•
    5 hrs ago
  • selry bad gayi he sab ki jiski nahi badi bo is no pe call kare uski v bad jayegi modi ji ne kaha he
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    selry bad gayi he sab ki 
jiski nahi badi bo is no pe 
call kare uski v bad jayegi modi ji ne kaha he
    user_Hunny rajput
    Hunny rajput
    करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
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