logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

Sanjay Agrawal  Triangle News Lucknow  8574663222 नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है समय रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  ! मुख्य मांगे - 1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया  2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए 3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए 4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए 5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए  ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे!  Sanjay Agarwal  Triangle News Lucknow  8574663222 Sanjay Agrawal  Triangle News Lucknow  8574663222 नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है समय रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  ! मुख्य मांगे - 1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया  2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए 3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए 4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए 5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए  ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे! Sanjay Agarwal  Triangle News Lucknow  8574663222

10 hrs ago
user_Reporter Sanjay Agrawal
Reporter Sanjay Agrawal
Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

Sanjay Agrawal  Triangle News Lucknow  8574663222 नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है

समय रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  ! मुख्य मांगे - 1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया  2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए 3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए 4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए 5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए  ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे!  Sanjay Agarwal  Triangle News Lucknow  8574663222 Sanjay

cdafecdc-fbea-43f0-9079-b0899a635834

Agrawal  Triangle News Lucknow  8574663222 नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है समय

269a39d3-0079-40b1-9960-59bd289876a1

रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  ! मुख्य मांगे - 1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया  2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए 3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए 4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए 5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए  ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे! Sanjay Agarwal  Triangle News Lucknow  8574663222

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • 🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩 आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है? केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए। आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है। मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा। थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। याद रखिए— पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है। सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए। सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए। अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा। ✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति' जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.) संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका एवं कवयित्री लखनऊ, उत्तर प्रदेश 📞 9984792268, 6386627403 जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी। #पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति 🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩 आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है? केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए। आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है। मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा। थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। याद रखिए— पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है। सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए। सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए। अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा। ✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति' जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.) संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका एवं कवयित्री लखनऊ, उत्तर प्रदेश 📞 9984792268, 6386627403 जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी। #पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति
    1
    🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩

आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है?

केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए।

आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है।

मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा।

थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

याद रखिए—
पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है।
सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए।
सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए।

अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा।

✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति'

जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.)

संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
लेखिका एवं कवयित्री
लखनऊ, उत्तर प्रदेश

📞 9984792268, 6386627403

जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी।

#पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति
🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩
आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है?
केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए।
आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है।
मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा।
थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
याद रखिए—
पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है।
सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए।
सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए।
अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा।
✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति'
जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.)
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
लेखिका एवं कवयित्री
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
📞 9984792268, 6386627403
जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी।
#पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Police Officer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 *इंदिरानगर के फरीदी नगर में मारपीट का वीडियो वायरल, दीपावली से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल* लखनऊ के थाना इंदिरानगर क्षेत्र स्थित फरीदी नगर में मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मारपीट की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दीपावली का त्योहार नजदीक है और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता के दावे कर रहा है। ऐसे में सरेराह मारपीट की घटनाएं आम जनता के मन में भय पैदा करती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सड़कों पर इस तरह मारपीट होती रहेगी तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा? *पुलिस प्रशासन को वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 *इंदिरानगर के फरीदी नगर में मारपीट का वीडियो वायरल, दीपावली से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल* लखनऊ के थाना इंदिरानगर क्षेत्र स्थित फरीदी नगर में मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मारपीट की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दीपावली का त्योहार नजदीक है और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता के दावे कर रहा है। ऐसे में सरेराह मारपीट की घटनाएं आम जनता के मन में भय पैदा करती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सड़कों पर इस तरह मारपीट होती रहेगी तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा? *पुलिस प्रशासन को वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
    1
    लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨

*इंदिरानगर के फरीदी नगर में मारपीट का वीडियो वायरल, दीपावली से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल*

लखनऊ के थाना इंदिरानगर क्षेत्र स्थित फरीदी नगर में मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मारपीट की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दीपावली का त्योहार नजदीक है और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता के दावे कर रहा है। ऐसे में सरेराह मारपीट की घटनाएं आम जनता के मन में भय पैदा करती हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सड़कों पर इस तरह मारपीट होती रहेगी तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?

*पुलिस प्रशासन को वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨
*इंदिरानगर के फरीदी नगर में मारपीट का वीडियो वायरल, दीपावली से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल*
लखनऊ के थाना इंदिरानगर क्षेत्र स्थित फरीदी नगर में मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मारपीट की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दीपावली का त्योहार नजदीक है और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता के दावे कर रहा है। ऐसे में सरेराह मारपीट की घटनाएं आम जनता के मन में भय पैदा करती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सड़कों पर इस तरह मारपीट होती रहेगी तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?
*पुलिस प्रशासन को वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Media and information sciences faculty सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • _लखनऊ के हजरतगंज मार्केट में नगर निगम की क्रेन ने नो पार्किंग से उठाई बाइक।_ *लखनऊ न्यूज* *हजरतगंज में नो पार्किंग से बाइक उठाने पर महिला-पुरुष का हाईवोल्टेज ड्रामा।* _लखनऊ के हजरतगंज मार्केट में नगर निगम की क्रेन ने नो पार्किंग से उठाई बाइक।_ बाइक उठाने पर महिला और पुरुष ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से की बदसलूकी। मुख्यमंत्री आवास से महज 300 मीटर की दूरी पर जमकर हुआ हंगामा। बाइक सवार महिला और पुरुष ने नगर निगम कर्मचारियों को दी भद्दी-भद्दी गालियां। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता, युवक ने दी धमकी। हंगामे के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट तक की नौबत पहुंची। बाइक का नंबर UP 32 DY 4687, हजरतगंज के पार्क रोड का मामला। हंगामा बढ़ने पर स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह हंगामे को शांत कराया। पुलिसकर्मियों से बदसलूकी के बावजूद युवक और महिला पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप। एक तरफ सीएम योगी आवास पर कानून व्यवस्था की बैठक, दूसरी तरफ 300 मीटर दूर हंगामा। विधानसभा से 100 मीटर और मुख्यमंत्री कार्यालय से 200 मीटर की दूरी पर हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा। हजरतगंज जैसे वीवीआईपी इलाके में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, आखिर क्यों हुई सिर्फ लीपापोती..... 👆
    1
    _लखनऊ के हजरतगंज मार्केट में नगर निगम की क्रेन ने नो पार्किंग से उठाई बाइक।_ 
*लखनऊ न्यूज* 
*हजरतगंज में नो पार्किंग से बाइक उठाने पर महिला-पुरुष का हाईवोल्टेज ड्रामा।* 
_लखनऊ के हजरतगंज मार्केट में नगर निगम की क्रेन ने नो पार्किंग से उठाई बाइक।_ 
बाइक उठाने पर महिला और पुरुष ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से की बदसलूकी।
मुख्यमंत्री आवास से महज 300 मीटर की दूरी पर जमकर हुआ हंगामा।
बाइक सवार महिला और पुरुष ने नगर निगम कर्मचारियों को दी भद्दी-भद्दी गालियां।
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता, युवक ने दी धमकी।
हंगामे के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट तक की नौबत पहुंची।
बाइक का नंबर UP 32 DY 4687, हजरतगंज के पार्क रोड का मामला।
हंगामा बढ़ने पर स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह हंगामे को शांत कराया।
पुलिसकर्मियों से बदसलूकी के बावजूद युवक और महिला पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप।
एक तरफ सीएम योगी आवास पर कानून व्यवस्था की बैठक, दूसरी तरफ 300 मीटर दूर हंगामा।
विधानसभा से 100 मीटर और मुख्यमंत्री कार्यालय से 200 मीटर की दूरी पर हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा।
हजरतगंज जैसे वीवीआईपी इलाके में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, आखिर क्यों हुई सिर्फ लीपापोती.....
👆
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • RPT NEWS LKO मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज़्ज़्वला योजना के अंतर्गत 1.89 करोड़ + पात्र... RPT NEWS LKO मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज़्ज़्वला योजना के अंतर्गत 1.89 करोड़ + पात्र परिवारों को नि:शुल्क रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी वितरित किया !!
    1
    RPT NEWS LKO मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज़्ज़्वला योजना के अंतर्गत 1.89 करोड़ + पात्र...
RPT NEWS LKO मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज़्ज़्वला योजना के अंतर्गत 1.89 करोड़ + पात्र परिवारों को नि:शुल्क रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी वितरित किया !!
    user_Real P Times/RPT NeWS
    Real P Times/RPT NeWS
    Sadar, Lucknow•
    9 hrs ago
  • सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 में खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 में खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया. अखिलेश यादव ने कहा, "हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते हैं, इसलिए वही काम करेंगे, जो हमारे लिए शुभ होगा. 2027 में सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री की शपथ लूंगा."..
    1
    सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 में खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 में खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया.
अखिलेश यादव ने कहा, "हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते हैं, इसलिए वही काम करेंगे, जो हमारे लिए शुभ होगा. 2027 में सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री की शपथ लूंगा."..
    user_Uma prakash
    Uma prakash
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Sanjay Agrawal  Triangle News Lucknow  8574663222 नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है समय रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  ! मुख्य मांगे - 1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया  2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए 3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए 4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए 5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए  ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे!  Sanjay Agarwal  Triangle News Lucknow  8574663222 Sanjay Agrawal  Triangle News Lucknow  8574663222 नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है समय रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  ! मुख्य मांगे - 1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया  2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए 3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए 4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए 5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए  ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे! Sanjay Agarwal  Triangle News Lucknow  8574663222
    4
    Sanjay Agrawal 

Triangle News Lucknow 

8574663222

नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है समय रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  !


मुख्य मांगे -


1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया 

2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए

3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए

4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए

5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए 

ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे!

 Sanjay Agarwal 

Triangle News Lucknow 

8574663222


Sanjay Agrawal 
Triangle News Lucknow 
8574663222
नूरूल हूदा राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ के नेतृत्व में SDM आलापूर अम्बेडकर नगर को पाँच सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री महोदय के नाम लेकर सौपा इस मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए नूरूल हूदा ने कहा कि मुस्लिम दलित जातियां का आरक्षण 10 अगस्त 1950 को प्रेसीडेंसीअल आर्डर ला कर नेहरू जी ने हिन्दू छोड़ सभी धर्मों के दलित जातियों के आरक्षण को रोक दिया 1956 में सिख समुदाय के दलित जातियों और 1990 में बौद्ध धर्म के दलित जातियों के लिए संशोधन कर दिया पर मुस्लिम और ईसाई दलित जातियां आजादी के 80 साल बाद भी वंचित हैं मोदी जी भी पसमांदा की चिंता करते हैं वही प्रेसीडेंसीअल आर्डर हटा दें नूरूल हूदा ने कहा कि  भारत का पहला मुस्लिम नेता शकील अहमद खान ने अप्रैल 1999में बिहार विधान परिषद में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश,1950 के हटाने का सवाल किया और जुलाई 2000में लालू प्रसाद ने गैर सरकारी प्रस्ताव लाकर ध्वनि मत से पारित कराया तथा 5दिसम्बर 2000को राबड़ी सरकार ने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार को सिफारिश भेजा तब मुलायम सरकार ने भी भेजा। बिहार राज्य भारत का पहला राज्य है जिसने अरजाल मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए भारत सरकार से सिफारिश किया।उन्होंने ने समाजवादी के PDA पर तीखा प्रहार करते हुए  कहा कि संवैधानिक अधिकार और राजनैतिक भागीदारी पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव और बताए कि 16% पसमांदा का वोट समाजवादी लेती हैं 56 राज्य सभा में एक भी मुस्लिम दलित जातियों या पसमांदा को नहीं भेजी 37 संसद है एक भी पसमांदा नहीं है 17 जातियों मुस्लिम अभी तक किसी सदन का मुँह नहीं देखी PDA में OBC मुस्लिम समुदाय कहा है ? अध्यक्ष जी दर्द बेचारा परेशान है कहा से उठे एक दो दर्द नहीं सारा बदन है छलनी हम वोट बैंक बने हैं तो अच्छा लगता है राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहे हैं तो मिर्ची क्यों लग रहीं हैं जिसको वोट देगें पहले उसी से तो हिस्सेदारी मांगने का हक़ है समय रहते बैठक कर समस्या का समाधान करने के बारे में सोचे सिर्फ एस पी बीएसपी कांग्रेस से नहीं बल्कि ये आवाज़ बुलंद सभी सेकुलर पार्टियों से है हिस्सेदारी बीजेपी से मांगे वोट सेकुलर के नाम दे , परिवार की पार्टी है इस लिए बार बार रामगोपाल यादव जी राज्य सभा में जाएगे और पसमांदा और मुस्लिम दलित जातिया सिर्फ वोट बैंक बन कर मुस्लिम के नाम पर वोट देती रहेगी राजनैतिक भागीदारी के नाम पर चुप्पी तोड़े अखिलेश यादव वर्ना 27 में हम जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं 27 सीट पर बुक कर देगें बेशर्मी की हद है 17 जातियों के एक भी नुमाइंदे न तो राज्य सभा  , लोक सभा  , विधानपरिषद  और विधान सभा का मुहँ नहीं देख पाए हमारे वोट , नोट और सपोर्ट के बदौलत चार बार मुख्यमंत्री एक बार रक्षा मंत्री और इसके पहले 56 राज्य सभा कभी हमारा समाज याद नहीं आया अंनरा बाटे सिरनी(प्रसाद)घरे घराना खाए ! हमारी इन पांच मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन करेगें और दिसंबर में पोल खोल रथ यात्रा निकालेंगे  !
मुख्य मांगे -
1 . संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 से धार्मिक प्रतिबंध हटाया 
2 . मुस्लिम दलित जातियों को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के लिए "अरज़ाल आयोग" का गठन किया जाए
3 . मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत अन्य छूटी हुई जातियों को उत्तर प्रदेश OBC के लिस्ट में शामिल किया जाए
4 . उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में बिहार के तर्ज पर कर्पूरी फार्मूला लागू किया जाए
5.ओबीसी की 27% में से 8.44 OBC मुस्लिम कोटा अलग किया जाए 
ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से कूमेल अशरफ अंसारी , कल्लू प्रधान , रियाज़ अंसारी , शहबाज़ शाह , मुस्तफ़ा नट , शौक़त चूडीहार , नासिर अंसारी , शोहरत अब्बासी , आसिफ़ रहमानी , विनोद राजभर , उमेश मल्लाह , रमेश चौहान , सोनी , नियाज़ गौरी , नबियाज काज़ी , पिंटू सिंह , अब्दुल्ला अंसारी , फ़ैज़ अंसारी शरीफ मंसूरी , शकील सलमानी , दिलशाद सलमानी मुश्ताक अंसारी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे!
Sanjay Agarwal 
Triangle News Lucknow 
8574663222
    user_Reporter Sanjay Agrawal
    Reporter Sanjay Agrawal
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • अयोध्या मीरा मांझी के घर पहुंचे अयोध्या नगर निगम के महापौर पंडित महंत गिरीशपति त्रिपाठी महाराज अयोध्या मीरा मांझी के घर पहुंचे अयोध्या नगर निगम के महापौर पंडित महंत गिरीशपति त्रिपाठी महाराज
    1
    अयोध्या मीरा मांझी के घर पहुंचे अयोध्या नगर निगम के महापौर पंडित महंत गिरीशपति त्रिपाठी महाराज
अयोध्या मीरा मांझी के घर पहुंचे अयोध्या नगर निगम के महापौर पंडित महंत गिरीशपति त्रिपाठी महाराज
    user_Anand Pratap Tiwari
    Anand Pratap Tiwari
    Chauffeur service सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • 🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩 आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है? केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए। आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है। मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा। थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। याद रखिए— पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है। सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए। सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए। अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा। ✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति' जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.) संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका एवं कवयित्री लखनऊ, उत्तर प्रदेश 📞 9984792268, 6386627403 जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी। #पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति 🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩 आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है? केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए। आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है। मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा। थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। याद रखिए— पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है। सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए। सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए। अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा। ✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति' जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.) संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका एवं कवयित्री लखनऊ, उत्तर प्रदेश 📞 9984792268, 6386627403 जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी। #पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति
    1
    🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩

आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है?

केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए।

आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है।

मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा।

थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

याद रखिए—
पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है।
सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए।
सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए।

अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा।

✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति'

जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.)

संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
लेखिका एवं कवयित्री
लखनऊ, उत्तर प्रदेश

📞 9984792268, 6386627403

जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी।

#पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति
🚩 कड़ी चेतावनी — पत्रकार का अपमान, लोकतंत्र का अपमान है! 🚩
आखिर पत्रकार पर हाथ उठाने की नौबत क्यों आई? क्या सत्ता के गलियारों में सवाल पूछना अब अपराध हो गया है?
केशव प्रसाद मौर्य जी से मेरा सीधा सवाल है कि यदि किसी पत्रकार ने कोई सवाल पूछा, कोई बात रखी, तो उसका जवाब थप्पड़ से क्यों दिया जाएगा? लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है। किसी पत्रकार के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मैं सोनी शुक्ला 'क्रांति', सामान्य वर्ग सहित समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करती हूँ कि इस प्रकरण का खुलकर, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कीजिए।
आज यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जा सकती है। सवाल किसी एक जाति, समाज या व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है।
मेरी स्पष्ट चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोग यह भ्रम न पालें कि जनता हमेशा खामोश रहेगी। जनता के सवालों का जवाब तानाशाही से नहीं, जवाबदेही से देना होगा।
थप्पड़ से आवाज नहीं दबती, बल्कि सवाल और बुलंद होते हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो निष्पक्ष जाँच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
याद रखिए—
पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है।
सवाल पूछने वालों को डराना बंद कीजिए।
सम्मान दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए।
अब समाज को जाति और दल से ऊपर उठकर अन्याय के विरुद्ध एकजुट होना होगा।
✍️ सोनी शुक्ला 'क्रांति'
जनहित सर्व समाज सेवा समिति (रजि.)
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
लेखिका एवं कवयित्री
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
📞 9984792268, 6386627403
जनहित में जारी — अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा अधिकार भी है और सामाजिक दायित्व भी।
#पत्रकार_सम्मान #लोकतंत्र #न्याय_की_आवाज #जनहित #सामाजिक_न्याय #सोनी_शुक्ला_क्रांति
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Police Officer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.