logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सिम्मी की यादों में भावुक हुआ हरोली कॉलेज, पहुंचे गुरदास मान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंजाबी गायकी के दिग्गज का किया सम्मान, बोले—सिम्मी को उनकी आवाज और गीतों से था गहरा लगाव #MukeshAgnihotri #cm #haroli #una #gurdasmaan सिम्मी की यादों में भावुक हुआ हरोली कॉलेज, पहुंचे गुरदास मान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंजाबी गायकी के दिग्गज का किया सम्मान, बोले—सिम्मी को उनकी आवाज और गीतों से था गहरा लगाव #MukeshAgnihotri #cm #haroli #una #gurdasmaan

15 hrs ago
user_TOP NEWS
TOP NEWS
Voice of people सोलन, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
15 hrs ago

सिम्मी की यादों में भावुक हुआ हरोली कॉलेज, पहुंचे गुरदास मान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंजाबी गायकी के दिग्गज का किया सम्मान, बोले—सिम्मी को उनकी आवाज और गीतों से था गहरा लगाव #MukeshAgnihotri #cm #haroli #una #gurdasmaan सिम्मी की यादों में भावुक हुआ हरोली कॉलेज, पहुंचे गुरदास मान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंजाबी गायकी के दिग्गज का किया सम्मान, बोले—सिम्मी को उनकी आवाज और गीतों से था गहरा लगाव #MukeshAgnihotri #cm #haroli #una #gurdasmaan

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • नैना देवी टोबा के पास बस की ब्रेक फेल सभी लोग सुरक्षित नैना से वापिस जा रहे थे लोग नैना देवी टोबा के पास बस की ब्रेक फेल सभी लोग सुरक्षित नैना से वापिस जा रहे थे लोग
    1
    नैना देवी टोबा के पास बस की ब्रेक फेल
सभी लोग सुरक्षित
नैना से वापिस जा रहे थे लोग
नैना देवी टोबा के पास बस की ब्रेक फेल
सभी लोग सुरक्षित
नैना से वापिस जा रहे थे लोग
    user_TOP NEWS
    TOP NEWS
    Voice of people सोलन, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • हिमाचल आजतक की विशेष रिपोर्ट शहनाज़ भाटिया के साथ,खबरें 8 तक
    1
    हिमाचल आजतक की विशेष रिपोर्ट शहनाज़ भाटिया के साथ,खबरें 8 तक
    user_हिमाचल आज तक
    हिमाचल आज तक
    अर्की, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • नौतोड़ अधिकार पर सरकार की चुप्पी से जनजातीय समाज में नाराजगी, राज्यपाल को ज्ञापन के बावजूद समाधान नहीं शिमला। नौतोड़ भूमि अधिकार को लेकर प्रदेश सरकार की चुप्पी से जनजातीय समाज में भारी नाराजगी है। जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य केसर नेगी ने सरकार पर जनजातीय भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। केसर नेगी ने कहा कि नौतोड़ का मुद्दा जनजातीय समाज की आजीविका और पहचान से जुड़ा है। दशकों से लोग इस भूमि पर काबिज हैं, खेती-बाड़ी कर रहे हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण उन्हें आज भी अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद के माध्यम से भी यह मुद्दा कई बार उठाया गया, राज्यपाल को ज्ञापन दिया गया, लेकिन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट नीति सामने नहीं आई। इससे जनजातीय क्षेत्रों में रोष बढ़ता जा रहा है। केसर नेगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनजातीय भावनाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को जल्द इस पर निर्णय लेना होगा, अन्यथा जनजातीय समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।
    1
    नौतोड़ अधिकार पर सरकार की चुप्पी से जनजातीय समाज में नाराजगी, राज्यपाल को ज्ञापन के बावजूद समाधान नहीं
शिमला। नौतोड़ भूमि अधिकार को लेकर प्रदेश सरकार की चुप्पी से जनजातीय समाज में भारी नाराजगी है। जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य केसर नेगी ने सरकार पर जनजातीय भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
केसर नेगी ने कहा कि नौतोड़ का मुद्दा जनजातीय समाज की आजीविका और पहचान से जुड़ा है। दशकों से लोग इस भूमि पर काबिज हैं, खेती-बाड़ी कर रहे हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण उन्हें आज भी अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद के माध्यम से भी यह मुद्दा कई बार उठाया गया, राज्यपाल को ज्ञापन दिया गया, लेकिन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट नीति सामने नहीं आई। इससे जनजातीय क्षेत्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।
केसर नेगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनजातीय भावनाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को जल्द इस पर निर्णय लेना होगा, अन्यथा जनजातीय समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।
    user_Vijayendra datt gautam
    Vijayendra datt gautam
    Court reporter शिमला (शहरी), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बलेरा पंचायत के चडेरा गांव में पहुंचने पर लोकप्रिय विधायक संजय अवस्थी का स्थानीय लोगों ने किया गर्मजोशी स्वागत बलेरा पंचायत के चडेरा गांव में पहुंचने पर लोकप्रिय विधायक संजय अवस्थी का स्थानीय लोगों ने किया गर्मजोशी स्वागत
    1
    बलेरा पंचायत के चडेरा गांव में पहुंचने पर लोकप्रिय विधायक  संजय अवस्थी  का स्थानीय लोगों ने किया गर्मजोशी स्वागत
बलेरा पंचायत के चडेरा गांव में पहुंचने पर लोकप्रिय विधायक  संजय अवस्थी  का स्थानीय लोगों ने किया गर्मजोशी स्वागत
    user_Journalist Pawan Kumar Singh
    Journalist Pawan Kumar Singh
    Voice of people कुनिहार, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस बताए—तथ्यों के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास क्यों फैला रही : भूपेंद्र सिंह सिसोदिया हिमाचल में विकास और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राष्ट्रीय संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीति : सिसोदिया शिमला। जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने जश्न रेस्टोरेंट, शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। सिसोदिया ने कहा कि हालिया विवाद उन मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया जिनमें चुनाव आयोग के भीतर कुछ प्रक्रियाओं को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्टीकरण जारी किया, जबकि कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए अपनी आपत्तियां बरकरार रखीं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं से प्रश्न पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल को तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक निर्णयों के आधार पर ही आरोप लगाने चाहिए। एसआईआर पर जनता के बीच भ्रम पैदा न करे कांग्रेस सिसोदिया ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) जैसी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन करना और प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना होना चाहिए। इसलिए किसी भी विवाद में सबसे महत्वपूर्ण कसौटी यही होनी चाहिए कि कोई पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न हो और प्रक्रिया कानून के अनुसार पारदर्शी ढंग से चले। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक तक निर्वाचन तंत्र की पहुंच विशेष महत्व रखती है। दुर्गम क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों, प्रवासी कामगारों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर मिलना चाहिए। सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस यदि SIR या किसी दूसरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है तो उसे ठोस तथ्य और कानूनी आधार जनता के सामने रखने चाहिए। केवल राजनीतिक बयानबाजी से लोगों के मन में चुनावी व्यवस्था के प्रति संदेह पैदा करना उचित नहीं है। चुनाव आयोग के आंतरिक पत्राचार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे तथ्य सामने आएं उन्होंने कहा कि आयोग के आंतरिक प्रशासनिक पत्राचार और नीतिगत निर्णयों के बीच अंतर करना आवश्यक है। हालिया रिपोर्टों और चुनाव आयोग के बाद के स्पष्टीकरण को एक साथ पढ़ा जाना चाहिए, न कि किसी एक हिस्से को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी गंभीर आपत्तियां उठाई हैं; इसलिए सार्वजनिक बहस का आधार पूरे रिकॉर्ड और सत्यापित तथ्यों को बनाया जाना चाहिए। राहुल गांधी के EVM संबंधी पुराने बयान का किया उल्लेख सिसोदिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेतृत्व ने चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जून 2024 में राहुल गांधी ने भारतीय EVM को “ब्लैक बॉक्स” कहा था और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव सुधारों पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन ऐसी चर्चा तथ्य, तकनीकी प्रमाण और संस्थागत प्रक्रिया पर आधारित होनी चाहिए। 'चौकीदार चोर है' मामले का भी किया जिक्र सिसोदिया ने राहुल गांधी के 2019 के सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक बयान देते समय संवैधानिक संस्थाओं के नाम का प्रयोग अत्यंत जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। वर्ष 2019 में राहुल गांधी ने राफेल मामले में “चौकीदार चोर है” टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गलत तरीके से जोड़ने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में बिना शर्त माफी मांगी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार करते हुए अवमानना की कार्यवाही बंद कर दी थी और भविष्य में अधिक सावधान रहने को कहा था। सिसोदिया ने कहा कि इस पुराने प्रकरण से भी यही संदेश मिलता है कि राजनीतिक बहस कितनी भी तीखी क्यों न हो, अदालतों और संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में कही जाने वाली बात तथ्यात्मक रूप से सटीक होनी चाहिए। हिमाचल की जनता के सवालों का जवाब दे कांग्रेस सरकार भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने आज रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ग्रामीण विकास और आर्थिक स्थिति से जुड़े अनेक प्रश्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन विषयों पर अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता राष्ट्रीय संस्थाओं पर राजनीतिक आरोपों से अधिक यह जानना चाहती है कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति क्या है, युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं में कितना सुधार हुआ और पंचायत एवं जिला परिषद स्तर पर विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं। सिसोदिया ने कहा कि जिला परिषद और पंचायती राज संस्थाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हुई हैं। प्रदेश सरकार को ग्रामीण विकास, सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पंचायतों की वित्तीय आवश्यकताओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक आरोपों के साथ-साथ इन स्थानीय और जनहित के सवालों का भी जवाब देना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं पर बहस हो, लेकिन तथ्य सर्वोपरि रहें सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है। विपक्ष को सवाल उठाने का अधिकार है और सरकार तथा संस्थाओं को जवाब देना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक विमर्श में अपुष्ट दावों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण और उससे पहले सामने आई रिपोर्टों को लेकर यदि कोई प्रश्न शेष हैं तो उनका समाधान आधिकारिक रिकॉर्ड, कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता राजनीतिक शोर नहीं, तथ्य और जवाब चाहती है। कांग्रेस प्रदेश की जनता को बताए कि उसके पास हिमाचल के विकास, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनसुविधाओं के लिए क्या ठोस उपलब्धियां और आगे की कार्ययोजना है।
    2
    चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस बताए—तथ्यों के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास क्यों फैला रही : भूपेंद्र सिंह सिसोदिया
हिमाचल में विकास और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राष्ट्रीय संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीति : सिसोदिया
शिमला। जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने जश्न रेस्टोरेंट, शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
सिसोदिया ने कहा कि हालिया विवाद उन मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया जिनमें चुनाव आयोग के भीतर कुछ प्रक्रियाओं को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्टीकरण जारी किया, जबकि कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए अपनी आपत्तियां बरकरार रखीं।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं से प्रश्न पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल को तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक निर्णयों के आधार पर ही आरोप लगाने चाहिए।
एसआईआर पर जनता के बीच भ्रम पैदा न करे कांग्रेस
सिसोदिया ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) जैसी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन करना और प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना होना चाहिए। इसलिए किसी भी विवाद में सबसे महत्वपूर्ण कसौटी यही होनी चाहिए कि कोई पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न हो और प्रक्रिया कानून के अनुसार पारदर्शी ढंग से चले।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक तक निर्वाचन तंत्र की पहुंच विशेष महत्व रखती है। दुर्गम क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों, प्रवासी कामगारों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर मिलना चाहिए।
सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस यदि SIR या किसी दूसरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है तो उसे ठोस तथ्य और कानूनी आधार जनता के सामने रखने चाहिए। केवल राजनीतिक बयानबाजी से लोगों के मन में चुनावी व्यवस्था के प्रति संदेह पैदा करना उचित नहीं है।
चुनाव आयोग के आंतरिक पत्राचार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे तथ्य सामने आएं
उन्होंने कहा कि आयोग के आंतरिक प्रशासनिक पत्राचार और नीतिगत निर्णयों के बीच अंतर करना आवश्यक है। हालिया रिपोर्टों और चुनाव आयोग के बाद के स्पष्टीकरण को एक साथ पढ़ा जाना चाहिए, न कि किसी एक हिस्से को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी गंभीर आपत्तियां उठाई हैं; इसलिए सार्वजनिक बहस का आधार पूरे रिकॉर्ड और सत्यापित तथ्यों को बनाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के EVM संबंधी पुराने बयान का किया उल्लेख
सिसोदिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेतृत्व ने चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जून 2024 में राहुल गांधी ने भारतीय EVM को “ब्लैक बॉक्स” कहा था और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए थे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव सुधारों पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन ऐसी चर्चा तथ्य, तकनीकी प्रमाण और संस्थागत प्रक्रिया पर आधारित होनी चाहिए।
'चौकीदार चोर है' मामले का भी किया जिक्र
सिसोदिया ने राहुल गांधी के 2019 के सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक बयान देते समय संवैधानिक संस्थाओं के नाम का प्रयोग अत्यंत जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
वर्ष 2019 में राहुल गांधी ने राफेल मामले में “चौकीदार चोर है” टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गलत तरीके से जोड़ने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में बिना शर्त माफी मांगी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार करते हुए अवमानना की कार्यवाही बंद कर दी थी और भविष्य में अधिक सावधान रहने को कहा था।
सिसोदिया ने कहा कि इस पुराने प्रकरण से भी यही संदेश मिलता है कि राजनीतिक बहस कितनी भी तीखी क्यों न हो, अदालतों और संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में कही जाने वाली बात तथ्यात्मक रूप से सटीक होनी चाहिए।
हिमाचल की जनता के सवालों का जवाब दे कांग्रेस सरकार
भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने आज रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ग्रामीण विकास और आर्थिक स्थिति से जुड़े अनेक प्रश्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन विषयों पर अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता राष्ट्रीय संस्थाओं पर राजनीतिक आरोपों से अधिक यह जानना चाहती है कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति क्या है, युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं में कितना सुधार हुआ और पंचायत एवं जिला परिषद स्तर पर विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं।
सिसोदिया ने कहा कि जिला परिषद और पंचायती राज संस्थाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हुई हैं। प्रदेश सरकार को ग्रामीण विकास, सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पंचायतों की वित्तीय आवश्यकताओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक आरोपों के साथ-साथ इन स्थानीय और जनहित के सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं पर बहस हो, लेकिन तथ्य सर्वोपरि रहें
सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है। विपक्ष को सवाल उठाने का अधिकार है और सरकार तथा संस्थाओं को जवाब देना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक विमर्श में अपुष्ट दावों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण और उससे पहले सामने आई रिपोर्टों को लेकर यदि कोई प्रश्न शेष हैं तो उनका समाधान आधिकारिक रिकॉर्ड, कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के माध्यम से होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता राजनीतिक शोर नहीं, तथ्य और जवाब चाहती है। कांग्रेस प्रदेश की जनता को बताए कि उसके पास हिमाचल के विकास, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनसुविधाओं के लिए क्या ठोस उपलब्धियां और आगे की कार्ययोजना है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    23 hrs ago
  • पंचकूला के मदनपुर ह*त्या*कां*ड में बड़ा फैसला, पत्नी और प्रेमी को उ*म्र*कै*द की सजा पंचकूला के मदनपुर ह*त्या*कां*ड में बड़ा फैसला, पत्नी और प्रेमी को उ*म्र*कै*द की सजा पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित मदनपुर गांव के चर्चित हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला 22 फरवरी 2022 का है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर पति की हत्या की और शव को गटर में फेंक दिया था। CCTV फुटेज में दोनों आरोपियों को कंधे पर शव ले जाते हुए देखा गया था। ख़बरें 24 TRICITY NEWS को Follow, Like और Share करें। आपकी खबर • आपकी आवाज़
    1
    पंचकूला के मदनपुर ह*त्या*कां*ड में बड़ा फैसला, पत्नी और प्रेमी को उ*म्र*कै*द की सजा
पंचकूला के मदनपुर ह*त्या*कां*ड में बड़ा फैसला, पत्नी और प्रेमी को उ*म्र*कै*द की सजा
पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित मदनपुर गांव के चर्चित हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला 22 फरवरी 2022 का है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर पति की हत्या की और शव को गटर में फेंक दिया था। CCTV फुटेज में दोनों आरोपियों को कंधे पर शव ले जाते हुए देखा गया था।
ख़बरें 24 TRICITY NEWS को Follow, Like और Share करें।
आपकी खबर • आपकी आवाज़
    user_Shri ram
    Shri ram
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    7 hrs ago
  • पंचकूला हाईवे पर स्टंटबाजी पड़ी भारी! 45 हजार का चालान, बाइक-स्कूटी जब्त… स्टंटबाजों ने मांगी माफी! पंचकूला-शिमला हाईवे पर स्टंटबाजी करने वालों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चंडीमंदिर टोल प्लाजा के पास बाइक और स्कूटी से खतरनाक स्टंट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों वाहन चालकों की पहचान कर कार्रवाई की। पुलिस ने दोनों वाहनों के कुल 45 हजार रुपये के चालान किए और बाइक-स्कूटी को इंपाउंड कर लिया। कार्रवाई में यह भी सामने आया कि एक चालक नाबालिग था। दोनों युवकों को सूरजपुर ट्रैफिक थाने बुलाकर स्टंटबाजी के खतरों के बारे में समझाया गया। युवकों ने अपनी गलती मानी और माफी भी मांगी। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने युवाओं को साफ संदेश दिया—सड़क स्टंट करने का मैदान नहीं है। आपकी बाइक के साथ सिर्फ आप नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी भी सड़क पर सफर करती है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर खतरनाक ड्राइविंग और स्टंटबाजी करने वालों पर निगरानी जारी रहेगी।
    1
    पंचकूला हाईवे पर स्टंटबाजी पड़ी भारी!

45 हजार का चालान, बाइक-स्कूटी जब्त… स्टंटबाजों ने मांगी माफी!
पंचकूला-शिमला हाईवे पर स्टंटबाजी करने वालों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चंडीमंदिर टोल प्लाजा के पास बाइक और स्कूटी से खतरनाक स्टंट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों वाहन चालकों की पहचान कर कार्रवाई की।
पुलिस ने दोनों वाहनों के कुल 45 हजार रुपये के चालान किए और बाइक-स्कूटी को इंपाउंड कर लिया। कार्रवाई में यह भी सामने आया कि एक चालक नाबालिग था।
दोनों युवकों को सूरजपुर ट्रैफिक थाने बुलाकर स्टंटबाजी के खतरों के बारे में समझाया गया। युवकों ने अपनी गलती मानी और माफी भी मांगी।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने युवाओं को साफ संदेश दिया—सड़क स्टंट करने का मैदान नहीं है। आपकी बाइक के साथ सिर्फ आप नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी भी सड़क पर सफर करती है।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर खतरनाक ड्राइविंग और स्टंटबाजी करने वालों पर निगरानी जारी रहेगी।
    user_Karuna mittal
    Karuna mittal
    City Star पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    8 hrs ago
  • पिंजौर,HMT गेट के पास सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुए सड़क हा*दसे ने एक तरफ जहां सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी तरफ डायल 112 की व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता सामने आई पिंजौर,HMT गेट के पास सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुए सड़क हा*दसे ने एक तरफ जहां सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी तरफ डायल 112 की व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता सामने आई। बाइक और पिकअप वाहन की टक्कर में बाइक सवार घा*यल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मदद के लिए बार-बार डायल 112 पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन लोगों के मुताबिक कॉल कनेक्ट नहीं हो रही थी—कभी नंबर व्यस्त बताया जा रहा था तो कभी सेवा उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिल रही थी। गनीमत रही कि पिकअप चालक ने घा*यल बाइक सवार को खुद अस्पताल पहुंचाया। आपको जानकारी के लिए बता दें कि डायल 112 पर कॉल कनेक्ट होने के बाद ही हा*दसे की सूचना संबंधित पुलिस और एंबुलेंस टीम तक पहुंचती है, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचकर सहायता के लिए उपलब्ध होते हैं। ऐसे में सवाल सीधा है—अगर जरूरत के वक्त डायल 112 पर कॉल ही कनेक्ट नहीं होगी, तो सूचना पुलिस और एंबुलेंस तक पहुंचेगी कैसे और घायल को समय पर मदद मिलेगी कैसे? घटना के बाद लोगों ने डायल 112 की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। #pinjore #accident #bike #pickup #112 #ambulance #police
    1
    पिंजौर,HMT गेट के पास सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुए सड़क हा*दसे ने एक तरफ जहां सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी तरफ डायल 112 की व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता सामने आई
पिंजौर,HMT गेट के पास सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुए सड़क हा*दसे ने एक तरफ जहां सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी तरफ डायल 112 की व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता सामने आई। बाइक और पिकअप वाहन की टक्कर में बाइक सवार घा*यल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मदद के लिए बार-बार डायल 112 पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन लोगों के मुताबिक कॉल कनेक्ट नहीं हो रही थी—कभी नंबर व्यस्त बताया जा रहा था तो कभी सेवा उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिल रही थी। गनीमत रही कि पिकअप चालक ने घा*यल बाइक सवार को खुद अस्पताल पहुंचाया। आपको जानकारी के लिए बता दें कि डायल 112 पर कॉल कनेक्ट होने के बाद ही हा*दसे की सूचना संबंधित पुलिस और एंबुलेंस टीम तक पहुंचती है, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचकर सहायता के लिए उपलब्ध होते हैं। ऐसे में सवाल सीधा है—अगर जरूरत के वक्त डायल 112 पर कॉल ही कनेक्ट नहीं होगी, तो सूचना पुलिस और एंबुलेंस तक पहुंचेगी कैसे और घायल को समय पर मदद मिलेगी कैसे? घटना के बाद लोगों ने डायल 112 की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। #pinjore #accident #bike #pickup #112 #ambulance #police
    user_TOP NEWS
    TOP NEWS
    Voice of people सोलन, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.