चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस बताए—तथ्यों के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास क्यों फैला रही : भूपेंद्र सिंह सिसोदिया हिमाचल में विकास और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राष्ट्रीय संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीति : सिसोदिया शिमला। जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने जश्न रेस्टोरेंट, शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। सिसोदिया ने कहा कि हालिया विवाद उन मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया जिनमें चुनाव आयोग के भीतर कुछ प्रक्रियाओं को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्टीकरण जारी किया, जबकि कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए अपनी आपत्तियां बरकरार रखीं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं से प्रश्न पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल को तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक निर्णयों के आधार पर ही आरोप लगाने चाहिए। एसआईआर पर जनता के बीच भ्रम पैदा न करे कांग्रेस सिसोदिया ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) जैसी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन करना और प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना होना चाहिए। इसलिए किसी भी विवाद में सबसे महत्वपूर्ण कसौटी यही होनी चाहिए कि कोई पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न हो और प्रक्रिया कानून के अनुसार पारदर्शी ढंग से चले। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक तक निर्वाचन तंत्र की पहुंच विशेष महत्व रखती है। दुर्गम क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों, प्रवासी कामगारों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर मिलना चाहिए। सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस यदि SIR या किसी दूसरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है तो उसे ठोस तथ्य और कानूनी आधार जनता के सामने रखने चाहिए। केवल राजनीतिक बयानबाजी से लोगों के मन में चुनावी व्यवस्था के प्रति संदेह पैदा करना उचित नहीं है। चुनाव आयोग के आंतरिक पत्राचार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे तथ्य सामने आएं उन्होंने कहा कि आयोग के आंतरिक प्रशासनिक पत्राचार और नीतिगत निर्णयों के बीच अंतर करना आवश्यक है। हालिया रिपोर्टों और चुनाव आयोग के बाद के स्पष्टीकरण को एक साथ पढ़ा जाना चाहिए, न कि किसी एक हिस्से को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी गंभीर आपत्तियां उठाई हैं; इसलिए सार्वजनिक बहस का आधार पूरे रिकॉर्ड और सत्यापित तथ्यों को बनाया जाना चाहिए। राहुल गांधी के EVM संबंधी पुराने बयान का किया उल्लेख सिसोदिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेतृत्व ने चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जून 2024 में राहुल गांधी ने भारतीय EVM को “ब्लैक बॉक्स” कहा था और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव सुधारों पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन ऐसी चर्चा तथ्य, तकनीकी प्रमाण और संस्थागत प्रक्रिया पर आधारित होनी चाहिए। 'चौकीदार चोर है' मामले का भी किया जिक्र सिसोदिया ने राहुल गांधी के 2019 के सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक बयान देते समय संवैधानिक संस्थाओं के नाम का प्रयोग अत्यंत जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। वर्ष 2019 में राहुल गांधी ने राफेल मामले में “चौकीदार चोर है” टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गलत तरीके से जोड़ने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में बिना शर्त माफी मांगी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार करते हुए अवमानना की कार्यवाही बंद कर दी थी और भविष्य में अधिक सावधान रहने को कहा था। सिसोदिया ने कहा कि इस पुराने प्रकरण से भी यही संदेश मिलता है कि राजनीतिक बहस कितनी भी तीखी क्यों न हो, अदालतों और संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में कही जाने वाली बात तथ्यात्मक रूप से सटीक होनी चाहिए। हिमाचल की जनता के सवालों का जवाब दे कांग्रेस सरकार भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने आज रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ग्रामीण विकास और आर्थिक स्थिति से जुड़े अनेक प्रश्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन विषयों पर अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता राष्ट्रीय संस्थाओं पर राजनीतिक आरोपों से अधिक यह जानना चाहती है कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति क्या है, युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं में कितना सुधार हुआ और पंचायत एवं जिला परिषद स्तर पर विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं। सिसोदिया ने कहा कि जिला परिषद और पंचायती राज संस्थाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हुई हैं। प्रदेश सरकार को ग्रामीण विकास, सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पंचायतों की वित्तीय आवश्यकताओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक आरोपों के साथ-साथ इन स्थानीय और जनहित के सवालों का भी जवाब देना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं पर बहस हो, लेकिन तथ्य सर्वोपरि रहें सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है। विपक्ष को सवाल उठाने का अधिकार है और सरकार तथा संस्थाओं को जवाब देना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक विमर्श में अपुष्ट दावों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण और उससे पहले सामने आई रिपोर्टों को लेकर यदि कोई प्रश्न शेष हैं तो उनका समाधान आधिकारिक रिकॉर्ड, कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता राजनीतिक शोर नहीं, तथ्य और जवाब चाहती है। कांग्रेस प्रदेश की जनता को बताए कि उसके पास हिमाचल के विकास, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनसुविधाओं के लिए क्या ठोस उपलब्धियां और आगे की कार्ययोजना है।
चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस बताए—तथ्यों के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास क्यों फैला रही : भूपेंद्र सिंह सिसोदिया हिमाचल में विकास और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राष्ट्रीय संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीति : सिसोदिया शिमला। जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने जश्न रेस्टोरेंट, शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। सिसोदिया ने कहा कि हालिया विवाद उन मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया जिनमें चुनाव आयोग के भीतर कुछ प्रक्रियाओं को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्टीकरण जारी किया, जबकि कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए अपनी आपत्तियां बरकरार रखीं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं से प्रश्न पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल को तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक निर्णयों के आधार पर ही आरोप लगाने चाहिए। एसआईआर पर जनता के बीच भ्रम पैदा न करे कांग्रेस सिसोदिया ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) जैसी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन करना और प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना होना चाहिए। इसलिए किसी भी विवाद में सबसे महत्वपूर्ण कसौटी यही होनी चाहिए कि कोई पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न हो और प्रक्रिया कानून के अनुसार पारदर्शी ढंग से चले। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक तक निर्वाचन तंत्र की पहुंच विशेष महत्व रखती है। दुर्गम क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों, प्रवासी कामगारों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर मिलना चाहिए। सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस यदि SIR या किसी दूसरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है तो उसे ठोस तथ्य और कानूनी आधार जनता के सामने रखने चाहिए। केवल राजनीतिक बयानबाजी से लोगों के मन में चुनावी व्यवस्था के प्रति संदेह पैदा करना उचित नहीं है। चुनाव आयोग के आंतरिक पत्राचार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे तथ्य सामने आएं उन्होंने कहा कि आयोग के आंतरिक प्रशासनिक पत्राचार और नीतिगत निर्णयों के बीच अंतर करना आवश्यक है। हालिया रिपोर्टों और चुनाव आयोग के बाद के स्पष्टीकरण को एक साथ पढ़ा जाना चाहिए, न कि किसी एक हिस्से को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी गंभीर आपत्तियां उठाई हैं; इसलिए सार्वजनिक बहस का आधार पूरे रिकॉर्ड और सत्यापित तथ्यों को बनाया जाना चाहिए। राहुल गांधी के EVM संबंधी पुराने बयान का किया उल्लेख सिसोदिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेतृत्व ने चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जून 2024 में राहुल गांधी ने भारतीय EVM को “ब्लैक बॉक्स” कहा था और चुनावी प्रक्रिया में
पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव सुधारों पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन ऐसी चर्चा तथ्य, तकनीकी प्रमाण और संस्थागत प्रक्रिया पर आधारित होनी चाहिए। 'चौकीदार चोर है' मामले का भी किया जिक्र सिसोदिया ने राहुल गांधी के 2019 के सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक बयान देते समय संवैधानिक संस्थाओं के नाम का प्रयोग अत्यंत जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। वर्ष 2019 में राहुल गांधी ने राफेल मामले में “चौकीदार चोर है” टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गलत तरीके से जोड़ने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में बिना शर्त माफी मांगी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार करते हुए अवमानना की कार्यवाही बंद कर दी थी और भविष्य में अधिक सावधान रहने को कहा था। सिसोदिया ने कहा कि इस पुराने प्रकरण से भी यही संदेश मिलता है कि राजनीतिक बहस कितनी भी तीखी क्यों न हो, अदालतों और संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में कही जाने वाली बात तथ्यात्मक रूप से सटीक होनी चाहिए। हिमाचल की जनता के सवालों का जवाब दे कांग्रेस सरकार भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने आज रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ग्रामीण विकास और आर्थिक स्थिति से जुड़े अनेक प्रश्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन विषयों पर अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता राष्ट्रीय संस्थाओं पर राजनीतिक आरोपों से अधिक यह जानना चाहती है कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति क्या है, युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं में कितना सुधार हुआ और पंचायत एवं जिला परिषद स्तर पर विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं। सिसोदिया ने कहा कि जिला परिषद और पंचायती राज संस्थाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हुई हैं। प्रदेश सरकार को ग्रामीण विकास, सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पंचायतों की वित्तीय आवश्यकताओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक आरोपों के साथ-साथ इन स्थानीय और जनहित के सवालों का भी जवाब देना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं पर बहस हो, लेकिन तथ्य सर्वोपरि रहें सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है। विपक्ष को सवाल उठाने का अधिकार है और सरकार तथा संस्थाओं को जवाब देना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक विमर्श में अपुष्ट दावों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण और उससे पहले सामने आई रिपोर्टों को लेकर यदि कोई प्रश्न शेष हैं तो उनका समाधान आधिकारिक रिकॉर्ड, कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता राजनीतिक शोर नहीं, तथ्य और जवाब चाहती है। कांग्रेस प्रदेश की जनता को बताए कि उसके पास हिमाचल के विकास, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनसुविधाओं के लिए क्या ठोस उपलब्धियां और आगे की कार्ययोजना है।
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- पिंजौर,HMT गेट के पास सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुए सड़क हा*दसे ने एक तरफ जहां सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी तरफ डायल 112 की व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता सामने आई पिंजौर,HMT गेट के पास सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुए सड़क हा*दसे ने एक तरफ जहां सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी तरफ डायल 112 की व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता सामने आई। बाइक और पिकअप वाहन की टक्कर में बाइक सवार घा*यल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मदद के लिए बार-बार डायल 112 पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन लोगों के मुताबिक कॉल कनेक्ट नहीं हो रही थी—कभी नंबर व्यस्त बताया जा रहा था तो कभी सेवा उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिल रही थी। गनीमत रही कि पिकअप चालक ने घा*यल बाइक सवार को खुद अस्पताल पहुंचाया। आपको जानकारी के लिए बता दें कि डायल 112 पर कॉल कनेक्ट होने के बाद ही हा*दसे की सूचना संबंधित पुलिस और एंबुलेंस टीम तक पहुंचती है, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचकर सहायता के लिए उपलब्ध होते हैं। ऐसे में सवाल सीधा है—अगर जरूरत के वक्त डायल 112 पर कॉल ही कनेक्ट नहीं होगी, तो सूचना पुलिस और एंबुलेंस तक पहुंचेगी कैसे और घायल को समय पर मदद मिलेगी कैसे? घटना के बाद लोगों ने डायल 112 की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। #pinjore #accident #bike #pickup #112 #ambulance #police1
- बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर RTO सख्त! स्कूली वाहनों की ताबड़तोड़ चेकिंग पंचकूला में सुबह-सुबह स्कूली वाहनों पर RTO ने बड़ी कार्रवाई की है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की टीम ने स्कूली वाहनों की जांच की। इस दौरान कुछ वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे बैठे मिले। वाहनों के अंदर बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाने का मामला सामने आने के बाद RTO टीम ने मौके पर ही जांच की और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की। दरअसल, स्कूली बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल तक पहुंचाना वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। क्षमता से ज्यादा बच्चों को एक ही वाहन में बैठाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। सुबह के समय हुई इस कार्रवाई से स्कूली वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। RTO की टीम ने साफ किया कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- लो जी अभी तो बड़े-बड़े ब्रांडेड कंपनी के लोग भी वेस्टिज कर के साथ जॉइन करने लगे हैं क्योंकि वेस्टीज का फ्यूचर और करियर बहुत ही शानदार है और सुनील शर्मा जी ने बहुत ही अच्छा डिसीजन लिया कि उन्होंने भारतीय डायरेक्ट सेलिंग कंपनी वेस्टीज के साथ अपना काम स्टार्ट किया दोस्तों आज ही वेस्टीज की शानदार बिजनेस अपॉर्चुनिटी को ज्वाइन करें और उपाय एक तंदुरुस्त हेल्थ और वेल्थ आज ही मुझे कॉल करें 981613391 आपका बिजनेस कोच हेल्थ कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश1
- रामपुर बुशहर तथा साथ लगते क्षेत्रों में गर्जना के साथ आया भारी तूफानऔर बारिश, बिजली जाने से चारों तरफ फैला अंधेरा #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur1
- पंचकूला में हाईवे पर स्टंट करना युवकों को पड़ा भारी, माफी मांगते नजर आए स्टंटबाज, पुलिस ने 45 हजार का चालान कर बाइक-स्कूटी जब्त की, अन्य स्टंटबाज भी रहेंगे रडार पर सड़क पर अकेले आपका वाहन नहीं चलता, साथ में सफर करती हैं कई जानें: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन की युवाओं को नसीहत- अपना हुनर खेल के मैदान में दिखाएं, सड़कों पर नहीं #KhabarAaj #Roadsafety #News #TrafficRules1
- चुनाव आयोग पर कालिख, पुतले को लात और राहुल की PPT क्लास : जयराम बोले, कांग्रेस का मानसिक संतुलन बिगड़ा शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चुनाव आयोग विवाद को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। शिमला में पत्रकारों से बातचीत में जयराम ने कहा कि 13 साल से सत्ता से बाहर होने के कारण कांग्रेस हताशा और निराशा में है और अब देश में अराजकता और अफरा-तफरी का माहौल बनाकर सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि एक तरफ कांग्रेस नेता संविधान की किताब हाथ में लेकर पूरे देश में घूमते हैं, लोकसभा में शपथ के दौरान संविधान की कॉपी हाथ में लेते हैं, और दूसरी तरफ उसी संविधान से बनी संवैधानिक संस्थाओं पर देश-विदेश में बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्होंने नई टेक्नोलॉजी अपनाई है। पीपीटी बनाकर प्रेजेंटेशन देते हैं और मीडिया को क्लासरूम में बच्चों की तरह प्रोफेसर बनकर पढ़ाने की कोशिश करते हैं। यह देश के लिए हास्यास्पद स्थिति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगा रही है, उनका कार्यकाल अभी दो साल भी पूरा नहीं हुआ है, जबकि कांग्रेस खुद 13 साल से सत्ता से बाहर है। जयराम ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद चुनाव आयोग ने जो प्रेस नोट जारी किया है, उससे दूध का दूध पानी का पानी हो गया है। कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र कोई डिसेंटिंग नोट नहीं था। वह आयोग की किसी नीति या आईटी सिस्टम एसआईआर के खिलाफ नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली तक सीमित था। राहुल गांधी जो बातें एक अंग्रेजी अखबार के हवाले से कह रहे हैं, वह तथ्यहीन और कल्पना पर आधारित हैं। कांग्रेस के समय के चुनाव आयुक्तों का इतिहास गिनाते हुए जयराम ने कहा कि 1982 से 1985 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे आरके त्रिवेदी को बाद में गुजरात का राज्यपाल बनाया गया। मात्र 15 दिन के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त रहीं रमा देवी को हिमाचल और फिर कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया। टीएन शेषन 1990 से 1996 तक रहे, बाद में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा और 1999 में गांधीनगर से आडवाणी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा। एमएस गिल 1996 से 2001 तक चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त रहे, रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस में शामिल हुए, राज्यसभा गए और 10 साल तक केंद्र में मंत्री रहे। 1991 के चुनाव का जिक्र करते हुए जयराम ने कहा कि लोकसभा चुनाव चार चरणों में होने थे, दो चरण हो चुके थे, 20 मई को मतदान के बाद 21 मई की रात राजीव गांधी की हत्या हुई और बाकी दो चरण जो 23 और 26 मई को होने थे, उन्हें टालकर 12 और 15 जून को कर दिया गया। 21 दिन तक चुनाव टाले गए। बीच में 28 मई को देशभर में 33 जगह अस्थि कलश जुलूस निकालकर सहानुभूति का माहौल बनाया गया। नतीजा यह हुआ कि हत्या से पहले 211 सीटों पर कांग्रेस को सिर्फ 50 सीटें मिलीं और हत्या के बाद 310 सीटों पर 176 सीटें मिलीं। वोट चोरी के आरोप पर जयराम ने कहा कि भाजपा तो 2014 में सत्ता में आई, कांग्रेस के वोट तो दशकों से चोरी हो रहे हैं। ओडिशा में 1999 के बाद 25 साल से कांग्रेस सत्ता में नहीं, बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस का सफाया हो गया, बिहार में 1990 के बाद, यूपी में 1989 के बाद, तमिलनाडु में 1967 के बाद कांग्रेस सत्ता में नहीं आई। तब वोट चोरी याद नहीं आई। जब मोदी तीसरी बार लोकतांत्रिक तरीके से जीते तब वोट चोरी याद आई। उन्होंने कहा कि जब भी चोर शब्द का इस्तेमाल किया गया, कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हिमाचल का जिक्र करते हुए जयराम ने कहा कि यहां कांग्रेस ने हद कर दी। चुनाव आयोग के दफ्तर में जाकर बोर्ड पर कालिख पोती गई, पुतले को लातों-जूतों से मारा गया। प्रभारी रजनी पाटिल, संवैधानिक पद पर बैठे डिप्टी सीएम और मंत्री सब वहां गए। एक नेता बोला कि वह चुनाव आयोग को आग लगा देगा। यह वही चुनाव आयोग है जिसने इनकी जीत का परिणाम निकाला और आज यह सरकार चला रहे हैं। सत्ता में बैठकर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान दिमागी दिवालियापन है। इनको लगता है सत्ता सिर्फ गांधी परिवार के लिए बनी है। एसआईआर के विरोध पर जयराम ने कहा कि इसका एक ही मकसद है, देश के बाहर के लोगों को लाकर मतदान करवाना और उनके बलबूते सत्ता में आना। बंगाल में भाजपा सरकार बनी तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने की चिंता कांग्रेस और इंडी गठबंधन को क्यों हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि जरूरत होगी तो वह इस मामले को सुनने को तैयार है। कांग्रेस पूरी तरह एक्सपोज हो गई है।1
- सिम्मी की यादों में भावुक हुआ हरोली कॉलेज, पहुंचे गुरदास मान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंजाबी गायकी के दिग्गज का किया सम्मान, बोले—सिम्मी को उनकी आवाज और गीतों से था गहरा लगाव #MukeshAgnihotri #cm #haroli #una #gurdasmaan सिम्मी की यादों में भावुक हुआ हरोली कॉलेज, पहुंचे गुरदास मान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंजाबी गायकी के दिग्गज का किया सम्मान, बोले—सिम्मी को उनकी आवाज और गीतों से था गहरा लगाव #MukeshAgnihotri #cm #haroli #una #gurdasmaan1
- लो जी अभी तो बड़े-बड़े ब्रांडेड कंपनी के लोग भी वेस्टिज कर के साथ जॉइन करने लगे हैं क्योंकि वेस्टीज का फ्यूचर और करियर बहुत ही शानदार है और सुनील शर्मा जी ने बहुत ही अच्छा डिसीजन लिया कि उन्होंने भारतीय डायरेक्ट सेलिंग कंपनी वेस्टीज के साथ अपना काम स्टार्ट किया लो जी अभी तो बड़े-बड़े ब्रांडेड कंपनी के लोग भी वेस्टिज कर के साथ जॉइन करने लगे हैं क्योंकि वेस्टीज का फ्यूचर और करियर बहुत ही शानदार है और सुनील शर्मा जी ने बहुत ही अच्छा डिसीजन लिया कि उन्होंने भारतीय डायरेक्ट सेलिंग कंपनी वेस्टीज के साथ अपना काम स्टार्ट किया दोस्तों आज ही शानदार प्लेटफार्म को स्टार्ट करने के लिए मुझे कॉल करें 98161 33991 आपका हेल्थ कोच बिजनेस कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश1