सीमांचल को विशेष दर्जा देने की मांग, गृह मंत्री से हस्तक्षेप की अपील एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने भारत सरकार के माननीय गृह मंत्री से बिहार के सीमांचल क्षेत्र को विशेष दर्जा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से शैक्षणिक, औद्योगिक और बुनियादी विकास के मामले में उपेक्षित रहा है, जिसे अब विशेष पैकेज और ठोस योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। आदिल हसन ने मांग की कि सीमांचल में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। साथ ही Aligarh Muslim University के किशनगंज सेंटर के लिए पर्याप्त केंद्रीय फंड उपलब्ध कराया जाए, जिससे वहां शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार हो सके। उन्होंने सीमांचल क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के लिए अलग से फंड देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सूरजपुरी समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में आरक्षण देने की भी अपील की, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को न्याय मिल सके। एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि सीमांचल हर वर्ष भीषण बाढ़ की समस्या से जूझता है, जिससे जनजीवन और कृषि दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से स्थायी बाढ़ राहत एवं नियंत्रण योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत सरकार सीमांचल के विकास और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।
सीमांचल को विशेष दर्जा देने की मांग, गृह मंत्री से हस्तक्षेप की अपील एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने भारत सरकार के माननीय गृह मंत्री से बिहार के सीमांचल क्षेत्र को विशेष दर्जा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से शैक्षणिक, औद्योगिक और बुनियादी विकास के मामले में उपेक्षित रहा है, जिसे अब विशेष पैकेज और ठोस योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। आदिल हसन ने मांग की कि सीमांचल में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। साथ ही Aligarh Muslim University के किशनगंज सेंटर के लिए पर्याप्त केंद्रीय फंड उपलब्ध कराया जाए, जिससे वहां शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार हो सके। उन्होंने सीमांचल क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के लिए अलग से फंड देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सूरजपुरी समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में आरक्षण देने की भी अपील की, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को न्याय मिल सके। एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि सीमांचल हर वर्ष भीषण बाढ़ की समस्या से जूझता है, जिससे जनजीवन और कृषि दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से स्थायी बाढ़ राहत एवं नियंत्रण योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत सरकार सीमांचल के विकास और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।
- जनता का विधायक, सरकार के बीच, जनता की समस्या, जनता के विश्वास, जनता के हक की आवाज और विकास का भरपूर प्रयास माननीय विधायक गुलाम सरवर सदन के पटल पर मजबूती के साथ रखते हुए.1
- AIMIM के अख्तरुल ईमान ने गणतंत्र व स्वतंत्रता दिवस पर विधायकों के लिए झंडा फहराने की नीति की मांग की.1
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- Post by Aman Kumar1
- पूर्णिया मैं जिला जदयू अध्यक्ष राजू कुमार मंडल सड़क हादसे मैं चली गई थी जा*न पूर्णिया सांसद पप्पू यादव जब पहुंचे राजू मंडल के घर पर मां तो मां होती हैं खूब खूब अपने बेटे के लिए रोने लगी1
- Post by Radhe krishna1
- जोकीहाट थाना में शांति समिति की बैठक, होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली होली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के माहौल में मनाने को लेकर शुक्रवार को जोकीहाट थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थानाध्यक्ष राजीव कुमार झा ने की।बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, पंचायत प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोगों ने भाग लिया।इस अवसर पर उपस्थित बीडीओ दुर्गेश कुमार ने लोगों से होली के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।वहीं थानाध्यक्ष राजीव कुमार झा ने कहा कि त्योहार के दौरान शांति भंग करने वालों, असामाजिक तत्वों एवं हुड़दंगियों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि जबरन रंग लगाने, हुड़दंग करने एवं विवाद फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।थानाध्यक्ष ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपील की कि कहीं भी कोई अप्रिय घटना होने पर इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।बैठक में मुखिया प्रतिनिधि नन्हे राजा, समाजसेवी रंजीत भगत, जयप्रकाश भगत, अरूण भगत,मुख्य पार्षद प्रतिनिधि शकूर आलम,चकई मुखिया प्रतिनिधि महमूद आलम,दभड़ा मुखिया रवीन्द्र कुमार मंडल,केसर्रा के मुखिया उमेश पासवान,मुखिया प्रतिनिधि अख्तर आलम, मटियारी मुखिया कमरूज्जमां, जिला पार्षद वाजुद्दीन,पूर्व मुखिया इमरान आलम, पूर्व मुखिया मेराज आलम, पंसस फिरोज आलम,कमर आलम सामाजिक कार्यकर्ता अबुजर आलम के अलावा प्रभारी अपर थानाध्यक्ष इम्तियाज खान,एसआई सोनाली कुमारी, गोविंद राम,बसंत कुमार सिंह,सुभाषचंद्रा, आशुतोष कुमार,खुश्बू कुमारी, रंजीत कुमार,पंकज कुमार,अनिल यादव,एएसआई विमलेश पांडे, पुलिसकर्मी सूर्यानंद भारती सहित कई पुलिस पदाधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद थे।1
- एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने भारत सरकार के माननीय गृह मंत्री से बिहार के सीमांचल क्षेत्र को विशेष दर्जा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से शैक्षणिक, औद्योगिक और बुनियादी विकास के मामले में उपेक्षित रहा है, जिसे अब विशेष पैकेज और ठोस योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। आदिल हसन ने मांग की कि सीमांचल में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। साथ ही Aligarh Muslim University के किशनगंज सेंटर के लिए पर्याप्त केंद्रीय फंड उपलब्ध कराया जाए, जिससे वहां शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार हो सके। उन्होंने सीमांचल क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के लिए अलग से फंड देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सूरजपुरी समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में आरक्षण देने की भी अपील की, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को न्याय मिल सके। एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि सीमांचल हर वर्ष भीषण बाढ़ की समस्या से जूझता है, जिससे जनजीवन और कृषि दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से स्थायी बाढ़ राहत एवं नियंत्रण योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत सरकार सीमांचल के विकास और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।1