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शामली जिले के किराना क्षेत्र में जंगल के भीतर एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है।
अंजली मलिक
शामली जिले के किराना क्षेत्र में जंगल के भीतर एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है।
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- शामली जिले के किराना क्षेत्र में जंगल के भीतर एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है।1
- देश संदेश न्यूज़ (D.S) ने अपनी पहचान एक 'समाचार पत्रकार' के रूप में बताई है, जो 'आपके क्षेत्र की आवाज' बनकर लोगों के साथ हैं।1
- आज 3 जुलाई 2026 को मेरठ के वेदव्यासपुरी स्थित मीनार होटल में होटल और जिम संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। दोपहर 1 बजे से 2:30 बजे तक चली इस बैठक का संचालन वेदव्यासपुरी व्यापार संघ के उपाध्यक्ष श्री आशीष चौधरी ने किया। यह बैठक मेरठ प्रशासन द्वारा शहर के कोचिंग सेंटरों को सील किए जाने के बाद होटल और जिम पर भी कार्रवाई के संदेश के मद्देनजर बुलाई गई थी, जिसका संदेश एडीएम सिटी श्री बृजेश सिंह ने 29 जून को होटल संचालकों को दिया था। बैठक में सभी होटल संचालकों ने एकजुटता दिखाते हुए स्पष्ट किया कि वे सराय एक्ट में पंजीकरण कराने और सभी निर्धारित मानकों का अनुपालन करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि सात विभागों से आवश्यक एनओसी प्राप्त करने में उनकी सहायता की जाए और नियमानुसार जो भी रियायतें संभव हों, वे प्रदान की जाएं। इस दौरान, मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष श्री शैंकी वर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए प्रशासन को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारी आतंकवादी नहीं हैं और प्रशासन को उनके साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए, साथ ही संवाद के माध्यम से बैठकर उन्हें आवश्यक सहूलियतें मुहैया करानी चाहिए। श्री वर्मा ने एमडीए के एक अधिकारी की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी 'सिंघम' बनकर जेल भेजने की धमकी देगा, तो व्यापारी इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर व्यापारियों के प्रति यही रवैया रहा, तो संबंधित अधिकारी को अपनी कुर्सी पर बैठने नहीं दिया जाएगा। इस बैठक में मुख्य रूप से व्यापार संघ अध्यक्ष श्री योगेंद्र जाटव, संरक्षक श्री मुकेश गुप्ता, श्री मोहित कराहना, श्री प्रदीप कुमार, श्री प्रवेश यादव, श्री सुभाष मालिक, श्री संदीप कुमार, श्री सोनू गुज्जर, श्री रोहन अरोड़ा, और जिला पंचायत सदस्य श्री सुमित प्रधान सहित कई अन्य प्रमुख व्यापारी नेता उपस्थित रहे।1
- मुजफ्फरनगर के चर्चित होमगार्ड हत्याकांड में अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और 13 गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। फैसला सुनाते हुए अदालत ने जोर दिया कि कानून व्यवस्था की रक्षा करने वाले कर्मियों पर हमला करना समाज और न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर अपराध है। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय ने दोषी को फांसी की सजा का आदेश दिया। यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। इस फैसले के आने के बाद, पीड़ित पक्ष ने न्याय मिलने पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की है, और यह मामला क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कानून के अनुसार, इस फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रियाएं, जैसे उच्च न्यायालय द्वारा इसकी पुष्टि या अपील, जारी रह सकती हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से सामने आई एक तस्वीर ने लाखों छात्रों के गहरे दर्द को उजागर किया है। यह दृश्य मात्र एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक व्यापक पीड़ा का प्रतीक है जो असंख्य विद्यार्थियों को प्रभावित कर रही है।1
- मेरठ जिले में एक चौंकाने वाले मामले में, गंगानगर थाने में तैनात दारोगा प्रकाश चंद्र को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी मेरठ एंटी करप्शन टीम ने की, जब दारोगा एक केस से नाम निकालने की एवज में रिश्वत ले रहा था। जानकारी के अनुसार, 1993 बैच के दारोगा प्रकाश चंद्र ने इस काम के लिए ₹2 लाख की डिमांड की थी, लेकिन मोलतोल के बाद यह डील ₹20,000 में पक्की हुई। दारोगा घूस लेने के लिए एक खास कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था, जिसमें वह ₹1,000 को '1 किलो अनार' और ₹50,000 को '50 किलो अनार' कहकर बात करता था। रिश्वत की यह डील थाने के बाहर उसकी पर्सनल गाड़ी में हुई थी।1
- मेरठ जिले के धौज गांव में एक वीभत्स दुर्घटना सामने आई है, जहाँ एक तेज रफ्तार बोलेरो ने एक व्यक्ति को पीछे से टक्कर मारी और उसे घसीटते हुए मौत के घाट उतार दिया। हादसे के बाद ड्राइवर गाड़ी से निकलकर मौके से फरार हो गया। मामले की पड़ताल करने पर यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी, बल्कि जमीन-जायदाद के चक्कर में बड़े भाई ने अपने छोटे भाई को जानबूझकर गाड़ी से रौंदकर मार डाला। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं कि ऐसी जायदाद किस काम की, जिसके लिए किसी को मौत के घाट उतारना पड़े, और क्या ऐसा जघन्य अपराध करके बड़ा भाई खुलेआम घूम पाएगा। यह पूरी घटना एक भ्रष्ट मानसिकता का परिचायक है, जहाँ ऐसी दौलत का क्या मोल जिसके लिए छोटे भाई को बोलेरो से टक्कर मारकर उड़ा दिया जाए।1