उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रोजगारपरक कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के न्यूनतम इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को 'सी.सी.सी. प्रशिक्षण' (कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स) प्रदान किया जाएगा। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, कानपुर देहात ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पात्र अभ्यर्थियों को कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के लिए पात्र होने हेतु, आवेदक उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग से संबंधित होना चाहिए और कानपुर देहात में निवास करता हो। उनके माता-पिता या अभिभावकों की सभी स्रोतों से अधिकतम वार्षिक आय ₹1,00,000/- से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (10+2) उत्तीर्ण होनी चाहिए, और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी बेरोजगार होना चाहिए और किसी शिक्षण संस्था से छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर रहा हो। यह तीन माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण भारत सरकार की संस्था 'नीलिट' (राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान) या 'डोयक' (DOACC) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से दिया जाएगा। विभाग द्वारा प्रत्येक लाभार्थी के लिए अधिकतम ₹3,500/- की धनराशि चयनित कंप्यूटर संस्था को भुगतान की जाएगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 16 जून, 2026 से 20 जुलाई, 2026 तक योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद, अभ्यर्थियों को आवेदन-पत्र की हार्डकॉपी सभी आवश्यक दस्तावेजों (आय, जाति, निवास और शैक्षिक प्रमाण पत्र) सहित 20 जुलाई, 2026 को शाम 05:00 बजे तक कमरा नंबर 111, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय, कानपुर देहात में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, दिशा-निर्देश, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रोजगारपरक कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के न्यूनतम इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को 'सी.सी.सी. प्रशिक्षण' (कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स) प्रदान किया जाएगा। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, कानपुर देहात ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पात्र अभ्यर्थियों को कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के लिए पात्र होने हेतु, आवेदक उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग से संबंधित होना चाहिए और कानपुर देहात में निवास करता हो। उनके माता-पिता या अभिभावकों की सभी स्रोतों से अधिकतम वार्षिक आय ₹1,00,000/- से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (10+2) उत्तीर्ण होनी चाहिए, और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी बेरोजगार होना चाहिए और किसी शिक्षण
संस्था से छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर रहा हो। यह तीन माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण भारत सरकार की संस्था 'नीलिट' (राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान) या 'डोयक' (DOACC) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से दिया जाएगा। विभाग द्वारा प्रत्येक लाभार्थी के लिए अधिकतम ₹3,500/- की धनराशि चयनित कंप्यूटर संस्था को भुगतान की जाएगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 16 जून, 2026 से 20 जुलाई, 2026 तक योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद, अभ्यर्थियों को आवेदन-पत्र की हार्डकॉपी सभी आवश्यक दस्तावेजों (आय, जाति, निवास और शैक्षिक प्रमाण पत्र) सहित 20 जुलाई, 2026 को शाम 05:00 बजे तक कमरा नंबर 111, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय, कानपुर देहात में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, दिशा-निर्देश, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक घटना सामने आई है, जहाँ SSP अविनाश पांडेय ने एक बंदी वाहन के अंदर घुसकर एक व्यक्ति को थप्पड़ मारे। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वह व्यक्ति नोएडा का निवासी है। बताया गया कि आज मेरठ में दलित समाज के एक प्रदर्शन के दौरान वह लोगों को भड़का रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था।1
- चित्रकूट, जो कभी अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान तक सीमित था, अब विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण चित्रकूट तेजी से बदल रहा है और इसे "नए भारत के नए उत्तर प्रदेश" की विकास यात्रा का एक सशक्त प्रतीक माना जा रहा है। सरकार ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, प्रमुख स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, बेहतर संपर्क मार्ग बनाए जा रहे हैं और यात्री सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक आधारभूत संरचना का विकास किया जा रहा है। इन प्रयासों से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। चित्रकूट में चल रही विकास परियोजनाओं के चलते स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। पर्यटन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलने से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इसके साथ ही, सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विकास और आस्था का यह संगम चित्रकूट को एक नई पहचान दे रहा है। आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ, यह जनपद अब उत्तर प्रदेश के उभरते विकास मॉडल के रूप में अपनी एक मजबूत छाप छोड़ रहा है और वास्तव में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है।1
- जालौन में 8 जुलाई को तहसील सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ परिषदीय शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, उप जिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी और ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन उपस्थित रहे, और कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। बुधवार को आयोजित इसी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरा कर एक बड़ी सौगात दी है। विधायक वर्मा के अनुसार, इस सुविधा से अब शिक्षकों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में बिना किसी आर्थिक चिंता के बेहतर उपचार मिल सकेगा। उप जिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी ने इस योजना को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने की प्रशासन की प्राथमिकता का हिस्सा बताया। उन्होंने जोर दिया कि यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को सीधा लाभ देगी और इलाज के दौरान उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगी। ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने भी इस योजना को शिक्षा परिवार के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने की बात कही और इसे शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस मौके पर चेयरमैन प्रतिनिधि पुनीत मित्तल, खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी, राकेश निरंजन, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विद्यासागर मिश्र, अरविन्द श्रीवास्तव और रामकिंकर गुर्जर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।3
- Post by Anand sharma1
- जालौन जिले से होकर गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर एक बाइक सवार युवक की बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद, युवक को एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। वहाँ चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे आगे के बेहतर इलाज के लिए एक उच्च संस्थान में रेफर कर दिया गया है।1
- कानपुर देहात के कस्बा रुरा में नायाब तहसीलदार रविन्द्र मिश्रा और नगर पंचायत ने सड़क किनारे हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा। यह कार्रवाई सड़क किनारे अतिक्रमण के खिलाफ की गई, जिससे दुकानदारों के बीच खलबली पैदा हो गई।1
- जालौन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में मिली एक शिकायत के बाद CHC कोंच का अचानक निरीक्षण किया। इस औचक दौरे के दौरान, उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, डॉ. प्रसाद ने विशेष रूप से बंद पड़ी हेल्थ ATM और अल्ट्रासाउंड मशीन को जल्द से जल्द पुनः शुरू करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।1
- झांसी में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव से जुड़े सात ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई करीब 16 घंटे बाद समाप्त हो गई। बुधवार सुबह लगभग सात बजे शुरू हुई यह छापेमारी देर रात पूरी हुई, जिसके बाद ईडी की टीम मौके से रवाना हो गई। यह कार्रवाई पूर्व विधायक के घर समेत अन्य ठिकानों पर हुई थी। पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने बताया कि ईडी ने उनके परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों के घरों पर एक साथ छापेमारी करते हुए सभी से गहन पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अपने कब्जे में लिया है। कार्रवाई समाप्त होने के बाद दीपनारायण सिंह यादव ने इसे अपने खिलाफ लगातार की जा रही साजिश का हिस्सा बताया और कहा कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय की जांच पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपनारायण सिंह यादव ने उन्हें अपना नेता बताया और कहा कि अखिलेश यादव को पार्टी के हर कार्यकर्ता की चिंता रहती है। फिलहाल, ईडी ने इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और मामले में जांच जारी है।3
- जालौन जिले के एट कोतवाली क्षेत्र के विरासिनी गांव में एक जर्जर मकान की सीढ़ियां अचानक भरभरा कर गिर गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में एक मासूम बच्ची, उसकी मां और एक अन्य महिला समेत कुल तीन लोग सीढ़ियों के मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और तीनों घायलों को मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद, कोंच के एसडीएम हेमंत पटेल भी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए उरई के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मासूम बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए उसे झांसी रेफर कर दिया है।1