बड़ामलहरा विकासखंड के ग्राम मैलवार में जल जीवन मिशन के तहत 'जल अर्पण दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक कमल किशोर सोन थे। कार्यक्रम में डायरेक्टर जल जीवन मिशन वाई.के. सिंह, मध्य प्रदेश जल निगम भोपाल के प्रबंध संचालक के.वी.एल. चौधरी और कलेक्टर पार्थ जैसवाल सहित अनेक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत कलश, पारंपरिक बधाई नृत्य और लोकगीतों के साथ किया गया, तथा कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने ग्राम मैलवार में एक घर जाकर नल की टोटी चलाकर जलापूर्ति का अवलोकन किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बानसुजारा जल परियोजना की विस्तृत जानकारी पंप ऑपरेटर से प्राप्त की और निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्रामीण को समय पर तथा अंतिम छोर तक निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर, ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों से लाए गए जल को सामूहिक जल कलश में अर्पित कर जल संरक्षण का संदेश दिया, और लोकगीतों के माध्यम से भी जल बचाने का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में ग्राम की पानी समिति को योजना का सांकेतिक हस्तांतरण किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। अंत में, सभी उपस्थितजनों ने स्थानीय भाषा में जल संरक्षण एवं जल के सदुपयोग का सामूहिक संकल्प लिया। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि जल जीवन मिशन की बड़ामलहरा परियोजना के अंतर्गत 119 ग्रामों में नलों के माध्यम से निरंतर शुद्ध पेयजल घर-घर पहुँच रहा है और प्राप्त शिकायतों का भी निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने पंचायत में जल समिति के गठन की बात कहते हुए इस परियोजना को आगामी 20 से 30 वर्ष तक संचालित करने के लिए ग्रामवासियों के सुचारु सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया, साथ ही भविष्य में कनेक्शन बढ़ाने की भी जानकारी दी। कलेक्टर ने 'जल अर्पण कार्यक्रम' के माध्यम से परियोजना के बेहतर संचालन की ट्रेनिंग देने की बात कही और ग्रामवासियों से जलकर भी जमा करने की अपील की ताकि योजना बिना किसी रुकावट के क्रियान्वित होती रहे। प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामों में संचालित परियोजनाओं एवं जितनी भी पंचायत के अंदर संरचनाओं का कार्य संचालित है, उनका संधारण, संचालन एवं प्रबंधन ग्राम पंचायत को सौंप दिया है। अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने ग्रामीणों से इस व्यवस्था को अपनी संपत्ति मानते हुए इसका संरक्षण करने और सामूहिक रूप से कई वर्षों तक चलाने का आग्रह किया, जिसमें ग्रामवासियों की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने आवश्यकतानुसार पानी का उपयोग करने और जल बचत की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि टंकी, पाइपलाइन आदि का निरंतर रख-रखाव एवं टूट-फूट आदि में सुधार होता रहे, इसके लिए जलकर जमा करना बहुत जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल भी बचे और उन्हें जल मिलता रहे।
बड़ामलहरा विकासखंड के ग्राम मैलवार में जल जीवन मिशन के तहत 'जल अर्पण दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक कमल किशोर सोन थे। कार्यक्रम में डायरेक्टर जल जीवन मिशन वाई.के. सिंह, मध्य प्रदेश जल निगम भोपाल के प्रबंध संचालक के.वी.एल. चौधरी और कलेक्टर पार्थ जैसवाल सहित अनेक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत कलश, पारंपरिक बधाई नृत्य और लोकगीतों के साथ किया गया, तथा कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने ग्राम मैलवार में एक घर जाकर नल की टोटी चलाकर जलापूर्ति का अवलोकन किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बानसुजारा जल परियोजना की विस्तृत जानकारी पंप ऑपरेटर से प्राप्त की और निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्रामीण को समय पर तथा अंतिम छोर तक निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर, ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों से लाए गए जल को सामूहिक जल कलश में अर्पित कर जल संरक्षण का संदेश दिया, और लोकगीतों के माध्यम से भी जल बचाने का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में ग्राम की पानी समिति को योजना का सांकेतिक हस्तांतरण किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। अंत में, सभी उपस्थितजनों ने स्थानीय भाषा में जल संरक्षण एवं जल के सदुपयोग का सामूहिक संकल्प लिया। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि जल जीवन मिशन की बड़ामलहरा परियोजना के अंतर्गत 119 ग्रामों में नलों के माध्यम से निरंतर शुद्ध पेयजल घर-घर पहुँच रहा है और प्राप्त शिकायतों का भी निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने पंचायत में जल समिति के गठन की बात कहते हुए इस परियोजना को आगामी 20 से 30 वर्ष तक संचालित करने के लिए ग्रामवासियों के सुचारु सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया, साथ ही भविष्य में कनेक्शन बढ़ाने की भी जानकारी दी। कलेक्टर ने 'जल अर्पण कार्यक्रम' के
माध्यम से परियोजना के बेहतर संचालन की ट्रेनिंग देने की बात कही और ग्रामवासियों से जलकर भी जमा करने की अपील की ताकि योजना बिना किसी रुकावट के क्रियान्वित होती रहे। प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामों में संचालित परियोजनाओं एवं जितनी भी पंचायत के अंदर संरचनाओं का कार्य संचालित है, उनका संधारण, संचालन एवं प्रबंधन ग्राम पंचायत को सौंप दिया है। अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने ग्रामीणों से इस व्यवस्था को अपनी संपत्ति मानते हुए इसका संरक्षण करने और सामूहिक रूप से कई वर्षों तक चलाने का आग्रह किया, जिसमें ग्रामवासियों की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने आवश्यकतानुसार पानी का उपयोग करने और जल बचत की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि टंकी, पाइपलाइन आदि का निरंतर रख-रखाव एवं टूट-फूट आदि में सुधार होता रहे, इसके लिए जलकर जमा करना बहुत जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल भी बचे और उन्हें जल मिलता रहे।
- छतरपुर जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी ने किया। उन्होंने जिला अस्पताल में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस अवसर पर एसडीएम प्रशांत अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता, तहसीलदार पीयूष दीक्षित, डीपीएम राजेंद्र खरे, दीप्ति जैन, नीरज खरे, माया अहिरवार, सत्यम तिवारी सहित कई अधिकारी और स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा। अभियान के तहत, छत्रसाल चौराहे पर भी बूथ के माध्यम से बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई और नागरिकों को अपने बच्चों को दवा पिलाने के लिए प्रेरित किया गया। सीएमएचओ ने बताया कि कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने 28 जून को बूथों के माध्यम से दवा पिलाई। इसके बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाएंगी। जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 3 लाख 4 हजार 334 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिलेभर में 2,382 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे और 6,510 टीम सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। अभियान की निगरानी के लिए 244 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जबकि वैक्सीन के भंडारण और वितरण हेतु जिले में 28 फोकल प्वाइंट बनाए गए हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आनंद चौरसिया के अनुसार, सभी विकासखंडों में माइक्रोप्लान तैयार कर लिए गए हैं और अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले वासियों से अपील की गई है कि वे अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि 'दो बूंद हर बार पोलियो पर जीत रहे बरकरार'।2
- छतरपुर जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत 28 जून से हो गई है। जिला अस्पताल में अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी ने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान एसडीएम प्रशांत अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता, तहसीलदार पीयूष दीक्षित, डीपीएम राजेंद्र खरे, दीप्ति जैन, नीरज खरे, माया अहिरवार, सत्यम तिवारी सहित कई अन्य अधिकारी और स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा। छत्रसाल चौराहे पर भी बूथ के माध्यम से पोलियो की दवा पिलाई गई और नागरिकों को अपने बच्चों को दवा पिलाने के लिए प्रेरित किया गया। सीएमएचओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में, 28 जून को बूथों के जरिए दवा पिलाई गई, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाएंगी। इस अभियान के तहत जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 3 लाख 4 हजार 334 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले भर में 2,382 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं और 6,510 टीम सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। अभियान की निगरानी के लिए 244 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, वहीं वैक्सीन के भंडारण और वितरण के लिए जिले में 28 फोकल प्वाइंट बनाए गए हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आनंद चौरसिया ने जानकारी दी कि सभी विकासखंडों में माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया है और अभियान के सफल संचालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले वासियों से अपील की गई है कि वे अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि "दो बूंद हर बार पोलियो पर जीत रहे बरकरार" का संदेश कायम रह सके।1
- नौगांव केंद्रीय विद्यालय में बाल वाटिका से लेकर कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए लॉटरी निकाली गई। यह पूरी प्रक्रिया उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) गोपाल शरण पटेल की मौजूदगी में संपन्न हुई, जिसके बाद चयनित छात्रों के नाम सार्वजनिक रूप से घोषित कर दिए गए। विद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी है कि प्रवेश की यह समूची प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी तरीके से पूरी की गई और संबंधित चयन सूची भी जारी कर दी गई है। हालांकि, घोषित परिणामों के बाद भी कुछ श्रेणियों की सीटें अभी भी रिक्त बनी हुई हैं।1
- छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत फोरलेन हाईवे रेलवे ब्रिज के पास फरियादी और उसके साथी को अगवा कर की गई डकैती के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना की रिपोर्ट पर बमीठा थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम गठित करने के निर्देश दिए थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए, साथ ही क्षेत्र में सक्रिय संदिग्धों की जानकारी भी एकत्र की। पुलिस ने इस घटना में शामिल चार आरोपियों – बृजेश तिवारी (निवासी ग्राम सदना, थाना बमीठा), अमित दुबे (निवासी ग्राम गठेवरा, थाना सिविल लाइन), रिंकू यादव (निवासी ग्राम कदौहा, थाना बमीठा) और नीरज कुशवाहा (निवासी दसईपुरा, थाना बमीठा) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा, कारतूस, आल्टो कार और लूटी गई ₹4 लाख की नगद राशि बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, इस डकैती की घटना में नितिन उर्फ राजा पांडेय समेत अन्य आरोपी भी शामिल हैं। गिरफ्तार अभियुक्त बृजेश तिवारी हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट और अवैध हथियार से जुड़े 23 अपराधों में लिप्त है, जबकि फरार आरोपी नितिन उर्फ राजा पांडेय लूट, डकैती और चोरी जैसे 9 अपराधों में शामिल है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया गया है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले एवं एसडीओपी खजुराहो श्री मनमोहन सिंह बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बमीठा निरीक्षक बाल्मीक चौबे, उप निरीक्षक हरदेव सिंह, सहायक उप निरीक्षक शिव प्रसाद, कमलेश द्विवेदी, उमेश सिंह, आरक्षक भानु पटेल, रामनिवास, उदय सिंह, अजय और पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- छतरपुर में चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है, जहाँ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज चौधरी और उनकी मेडिकल टीम ने एक बुजुर्ग मरीज के शरीर से बॉल के आकार की एक विशाल पथरी को सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर निकाल दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, यह पथरी सामान्य मामलों से काफी बड़ी थी, जिसके कारण मरीज को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है। सफल ऑपरेशन के लिए मरीज के परिजनों ने डॉ. मनोज चौधरी और उनकी पूरी मेडिकल टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इस मामले की जानकारी आज 27 जून को रात करीब 8:30 बजे डॉक्टर ने जिला अस्पताल में दी।1
- टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध शिवधाम कुंडेश्वर मंदिर में दान राशि के बंटवारे को लेकर दो पुजारियों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कोतवाली थाने तक जा पहुँचा, जहाँ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस घटना में प्रधान पुजारी जमुना तिवारी और सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शनिवार को प्रधान पुजारी जमुना तिवारी ने सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उनके हाथ में चोट के निशान भी पाए गए। चिकित्सीय परीक्षण के बाद पुलिस ने अवधेश लिटोरिया पर मारपीट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। इसके बाद रविवार को सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया ने भी कोतवाली थाने पहुँचकर प्रधान पुजारी जमुना तिवारी पर मारपीट का आरोप लगाया। अवधेश लिटोरिया का आरोप है कि उन्हें श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि में से उनका हिस्सा नहीं मिला और जब उन्होंने इस बारे में जमुना तिवारी से शिकायत की, तो उनके साथ मारपीट की गई। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने पुष्टि की कि अवधेश लिटोरिया की शिकायत की जाँच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि पूरा विवाद श्रद्धालुओं से प्राप्त होने वाली दान राशि के बंटवारे को लेकर ही है। बताया जाता है कि कुंडेश्वर मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और वाहनों के पूजन के लिए आते हैं, और इस दौरान मिली दान राशि को मंदिर से जुड़े पुजारियों के बीच बराबर बाँटा जाता है। इसी बंटवारे को लेकर दोनों पुजारियों के बीच विवाद हुआ, जो मंदिर परिसर में ही हाथापाई में बदल गया। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस प्रकार की घटनाओं से धार्मिक स्थल की प्रतिष्ठा धूमिल होती है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से इस मामले में उचित कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की माँग की है।1
- मध्य प्रदेश के पलेरा में गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली, जहाँ अकीदत और श्रद्धा के साथ ताज़िया जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जुलूस में शामिल लोगों का माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया, जिससे भाईचारे और सौहार्द का संदेश और भी गहरा हो गया।1
- बड़ामलहरा विकासखंड के ग्राम मैलवार में जल जीवन मिशन के तहत 'जल अर्पण दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक कमल किशोर सोन थे। कार्यक्रम में डायरेक्टर जल जीवन मिशन वाई.के. सिंह, मध्य प्रदेश जल निगम भोपाल के प्रबंध संचालक के.वी.एल. चौधरी और कलेक्टर पार्थ जैसवाल सहित अनेक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत कलश, पारंपरिक बधाई नृत्य और लोकगीतों के साथ किया गया, तथा कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने ग्राम मैलवार में एक घर जाकर नल की टोटी चलाकर जलापूर्ति का अवलोकन किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बानसुजारा जल परियोजना की विस्तृत जानकारी पंप ऑपरेटर से प्राप्त की और निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्रामीण को समय पर तथा अंतिम छोर तक निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर, ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों से लाए गए जल को सामूहिक जल कलश में अर्पित कर जल संरक्षण का संदेश दिया, और लोकगीतों के माध्यम से भी जल बचाने का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में ग्राम की पानी समिति को योजना का सांकेतिक हस्तांतरण किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। अंत में, सभी उपस्थितजनों ने स्थानीय भाषा में जल संरक्षण एवं जल के सदुपयोग का सामूहिक संकल्प लिया। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि जल जीवन मिशन की बड़ामलहरा परियोजना के अंतर्गत 119 ग्रामों में नलों के माध्यम से निरंतर शुद्ध पेयजल घर-घर पहुँच रहा है और प्राप्त शिकायतों का भी निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने पंचायत में जल समिति के गठन की बात कहते हुए इस परियोजना को आगामी 20 से 30 वर्ष तक संचालित करने के लिए ग्रामवासियों के सुचारु सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया, साथ ही भविष्य में कनेक्शन बढ़ाने की भी जानकारी दी। कलेक्टर ने 'जल अर्पण कार्यक्रम' के माध्यम से परियोजना के बेहतर संचालन की ट्रेनिंग देने की बात कही और ग्रामवासियों से जलकर भी जमा करने की अपील की ताकि योजना बिना किसी रुकावट के क्रियान्वित होती रहे। प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामों में संचालित परियोजनाओं एवं जितनी भी पंचायत के अंदर संरचनाओं का कार्य संचालित है, उनका संधारण, संचालन एवं प्रबंधन ग्राम पंचायत को सौंप दिया है। अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने ग्रामीणों से इस व्यवस्था को अपनी संपत्ति मानते हुए इसका संरक्षण करने और सामूहिक रूप से कई वर्षों तक चलाने का आग्रह किया, जिसमें ग्रामवासियों की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने आवश्यकतानुसार पानी का उपयोग करने और जल बचत की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि टंकी, पाइपलाइन आदि का निरंतर रख-रखाव एवं टूट-फूट आदि में सुधार होता रहे, इसके लिए जलकर जमा करना बहुत जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल भी बचे और उन्हें जल मिलता रहे।3