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अधारताल इंटरसिटी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक व्यक्ति की छाती में हुआ दर्द 108 एंबुलेंस वाहन से पहुंचाया गया अस्पताल, प्राथमिक उपचार के बाद भेजा गया जबलपुर
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अधारताल इंटरसिटी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक व्यक्ति की छाती में हुआ दर्द 108 एंबुलेंस वाहन से पहुंचाया गया अस्पताल, प्राथमिक उपचार के बाद भेजा गया जबलपुर
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- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"2
- जबलपुर - जबलपुर क्राइम ब्रांच ने हाल ही में फर्जी बैंक खातों और साइबर ठगी से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। 4 अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फर्जी खातों का उपयोग: यह आरोपी दूसरों के नाम पर करेंट/कॉर्पोरेट बैंक खाते खुलवाता था और उन्हें टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों के नेटवर्क को बेच देता था। इन फर्जी खातों का उपयोग ठगी की रकम खपाने के लिए किया जाता था। डॉक्टर से ठगी: इस गिरोह ने जबलपुर के एक डॉक्टर को शेयर बाजार में 500% तक रिटर्न का लालच देकर ₹3.04 करोड़ ठग लिए थे। जबलपुर से कार्तिक गुप्ता की रिपोर्ट बाईट - जीतेन्द्र सिंह ऐडीशनल एस पी जबलपुर2
- दिल्ली राजधानी के b तुगलका बाद का viral video हुड़दंगाई मस्जिद के दीवार पर चढ़ कर dj की धुन पे नाचते naare lagate hue धार्मिक झंडा लहराते हुए। ,,,,के सवाल – राम नवमी क्यू मानते है? जवाब – इस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। सवाल – इस दिन क्या क्या करते है जवाब– सुभा जल्दी उठते है व्रत/उपवास रखते है मंदिर जाते है पूजा करते है भजन कीर्तन करते है बुरे कामों से बचते हे गरीबों को दान किया जाता है लेकिन आज कल के चिंदु क्या करते है मंदिर नही जाते, मस्जिद के के सामने dj ले कर जाते है मस्जिद के आगे खूब नाचते है, मस्जिद के छत पट चढ़ भगवा झंडा लहराते आप ये वीडियो देखिये इस तरह किसी दूसरे के धर्म स्थल पे जाके ऐसा करना kya सही है Note: मेरा मक़सद किसी धर्म को गलत बोलना नहीं है सभी धर्मों मे कुछ गलत लोग होते है जैसे ये बिलकुल गलत है 🙏1
- यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि किसानों की आवाज है… जहां एक तरफ सरकार 10 घंटे बिजली देने का दावा करती है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है। आज बड़ी संख्या में किसान बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना है कि उन्हें सिर्फ 8 घंटे बिजली मिल रही है, वो भी तय समय पर नहीं। सबसे बड़ा सवाल— 👉 क्या सच में दोपहर में बिजली काटना “आग से बचाव” है? या फिर यह बिजली कटौती का एक नया तरीका? इस रिपोर्ट में देखिए— ✔️ किसानों का दर्द ✔️ बिजली विभाग के जवाब ✔️ और वो सच्चाई जो सामने आना जरूरी है क्या किसानों को उनका हक मिलेगा? पूरा सच जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें।1
- Post by Dharmendra sahu1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- वित्तीय घोटाला: डाक्टर संजय मिश्रा पर बिना सामान प्राप्त किए ही ₹1.74 करोड़ का भुगतान करने का आरोप है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह कार्रवाई ₹93 लाख के गबन और फर्जी बिलों के मामले में की गई है。 लोकायुक्त जांच: समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने उनके खिलाफ लोकायुक्त में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों को संरक्षण देने के आरोप भी शामिल थे。 अतिरिक्त प्रभार: डॉ. मिश्रा जबलपुर CMHO के साथ-साथ क्षेत्रीय संचालक (JD) स्वास्थ्य सेवा के पद पर भी पदस्थ थे。 विभागीय कार्रवाई: मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग ने जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है स्वास्थ्य विभाग में हुए करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. संजय मिश्रा के निलंबन से पहले कड़ी जांच के आदेश दिए थे और विभाग के अन्य कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की थी कलेक्टर की कार्रवाई और मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: जांच दल का गठन:जबलपुर कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इस टीम ने स्टोर और दस्तावेजों की गहन जांच की, जिसमें सामान आए बिना ही भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ。 कर्मचारियों पर गाज: डॉ. संजय मिश्रा के निलंबन से पहले ही कलेक्टर ने इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों पर एक्शन लिया था:फार्मासिस्ट (स्टोरकीपर) नीरज कौरव को निलंबित कर दिया गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) आदित्य तिवारी को हटाकर सिहोरा स्वास्थ्य केंद्र में अटैच किया गया। फार्मासिस्ट जवाहर लोधी को भी हटाकर अन्य जगह अटैच किया गया l गंभीर अनियमितता: जांच में पाया गया कि अक्टूबर 2025 से स्वास्थ्य विभाग का स्टॉक रजिस्टर गायब था और ₹93 लाख से अधिक के फर्जी बिलों का भुगतान किया जा चुका था। शासन को रिपोर्ट: कलेक्टर के नेतृत्व में हुई इस जांच की रिपोर्ट भोपाल (राज्य शासन) भेजी गई, जिसके आधार पर ही स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त ने डॉ. संजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया。 डॉ. संजय मिश्रा ने अपनी सफाई में कहा है कि यह घोटाला नहीं है, बल्कि फंड लैप्स होने से बचाने के लिए प्रक्रिया के तहत खरीदी की गई थी और सामग्री जुलाई तक सप्लाई होनी थी। जबलपुर से कार्तिक गुप्ता की रिपोर्ट4
- Post by Dharmendra sahu1