गुरुग्राम के फरुखनगर में पुरातत्व विभाग की गोल बावड़ी के पास हो रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर 50 दिन पहले उपायुक्त ने नोडल अधिकारी आर.एस. बाथ डीटीपी को आदेश दिए थे। इन आदेशों के बावजूद, आर.एस. बाथ डीटीपी ने 50 दिन बाद आज फरुखनगर पहुंचकर अवैध निर्माणकर्ताओं को नगर पालिका के अधिकारियों के कहने पर 15 दिन का और समय दे दिया। इस घटनाक्रम ने फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि उन पर निर्माणकर्ताओं के साथ मिलकर बड़े-बड़े अवैध निर्माण कराने का आरोप है। आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारियों ने उपायुक्त महोदय के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई हैं। विशेष रूप से, 50 दिन बीत जाने के बाद भी नगर पालिका के अधिकारियों ने न तो निर्माणकर्ताओं को कोई नोटिस जारी किया और न ही उन्हें अपना निर्माण रोकने के लिए कहा। इस पूरी स्थिति में, फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारियों पर डीसी गुरुग्राम के आदेशों की अनदेखी करने और अवैध निर्माणकर्ताओं के साथ मिलकर उन्हें और समय देने का आरोप है।
गुरुग्राम के फरुखनगर में पुरातत्व विभाग की गोल बावड़ी के पास हो रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर 50 दिन पहले उपायुक्त ने नोडल अधिकारी आर.एस. बाथ डीटीपी को आदेश दिए थे। इन आदेशों के बावजूद, आर.एस. बाथ डीटीपी ने 50 दिन बाद आज फरुखनगर पहुंचकर अवैध निर्माणकर्ताओं को नगर पालिका के अधिकारियों के कहने पर 15 दिन का और समय दे दिया। इस घटनाक्रम ने फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि उन पर निर्माणकर्ताओं के साथ मिलकर बड़े-बड़े अवैध निर्माण कराने का आरोप है। आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारियों ने उपायुक्त महोदय के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई हैं। विशेष रूप से, 50 दिन बीत जाने के बाद भी नगर पालिका के अधिकारियों ने न तो निर्माणकर्ताओं को कोई नोटिस जारी किया और न ही उन्हें अपना निर्माण रोकने के लिए कहा। इस पूरी स्थिति में, फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारियों पर डीसी गुरुग्राम के आदेशों की अनदेखी करने और अवैध निर्माणकर्ताओं के साथ मिलकर उन्हें और समय देने का आरोप है।
- फर्रुखनगर थाना क्षेत्र में बीती रात बेखौफ चोरों ने पुलिस गश्त की परवाह किए बगैर जमकर उत्पात मचाया। गुरुवार तड़के सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच अज्ञात बदमाशों ने फर्रुखनगर और आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ पांच दुकानों के ताले चटकाए और नकदी व अन्य सामान लेकर फरार हो गए। एक ही रात में हुई इन चोरियों से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। चोरों ने योजनाबद्ध और शातिराना तरीके से अलग-अलग जगहों को निशाना बनाया। मिली जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर गांव में दो मेडिकल स्टोर के ताले तोड़े गए। इसके बाद खैंटावास बस स्टैंड पर स्थित एक पान-बीड़ी की दुकान और एक हार्डवेयर की दुकान में भी सेंधमारी की गई। बदमाश यहीं नहीं रुके, उन्होंने सुल्तानपुर मोड़ पर भी दो अन्य मेडिकल स्टोर का ताला तोड़ा। हालाँकि, इन दुकानों में चोर अंदर घुसने में नाकाम रहे, माना जा रहा है कि सुबह की गश्त या किसी राहगीर की आहट के कारण यहाँ एक बड़ी चोरी होने से बाल-बाल बच गई। एक साथ कई दुकानों में चोरी की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और पीड़ित दुकानदारों को ढांढस बंधाया। थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने आश्वस्त किया कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। चोरों का सुराग लगाने के लिए पुलिस की टीमें घटनास्थल और उसके आस-पास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही हैं। पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुट गई है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- गुरुग्राम के फरुखनगर में पुरातत्व विभाग की गोल बावड़ी के पास हो रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर 50 दिन पहले उपायुक्त ने नोडल अधिकारी आर.एस. बाथ डीटीपी को आदेश दिए थे। इन आदेशों के बावजूद, आर.एस. बाथ डीटीपी ने 50 दिन बाद आज फरुखनगर पहुंचकर अवैध निर्माणकर्ताओं को नगर पालिका के अधिकारियों के कहने पर 15 दिन का और समय दे दिया। इस घटनाक्रम ने फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि उन पर निर्माणकर्ताओं के साथ मिलकर बड़े-बड़े अवैध निर्माण कराने का आरोप है। आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारियों ने उपायुक्त महोदय के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई हैं। विशेष रूप से, 50 दिन बीत जाने के बाद भी नगर पालिका के अधिकारियों ने न तो निर्माणकर्ताओं को कोई नोटिस जारी किया और न ही उन्हें अपना निर्माण रोकने के लिए कहा। इस पूरी स्थिति में, फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारियों पर डीसी गुरुग्राम के आदेशों की अनदेखी करने और अवैध निर्माणकर्ताओं के साथ मिलकर उन्हें और समय देने का आरोप है।1
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कैनविन फाउंडेशन ने एक सराहनीय पहल की। सेक्टर 17 में फाउंडेशन द्वारा छबील लगाकर राहगीरों को मीठा जल और फल वितरित किए गए।1
- मूल पोस्ट में आईएमटी मानेसर और कासन रोड, मानेसर का उल्लेख किया गया है।1
- उत्तराखंड के हल्द्वानी में पुलिस ने निकेत सिंह बिष्ट को महिलाओं के सूख रहे अंडरगारमेंट्स चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी घरों की दीवारें फांदकर आंगन, बाहर लान या छत से कपड़े चुराता था। उसकी ये हरकतें सीसीटीवी में कैद हो गई थीं और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए कपड़ों के साथ-साथ कई अन्य महिलाओं के भी अंडरगारमेंट्स बरामद किए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इन कपड़ों की खुशबू उसे "किक" देती है, जिससे उसे मानसिक तनाव से मुक्ति और संतुष्टि मिलती है। हैरान करने वाली बात यह है कि बिष्ट साहब का यह बेटा विदेश से उच्च शिक्षा ग्रहण करके लौटा था, जिसे अब "साइको" बताया जा रहा है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि पुलिस इस "कपड़ा चोर" का डॉन बनाकर फोटोशूट भी करवा रही है। पुलिस मामले में आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य के पहलू की भी जांच कर रही है। एसएसपी ने बयान दिया है कि महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- एक दुकान में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के एक मामले में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।1
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर, कैनविन फाउंडेशन के संस्थापक डीपी गोयल और उनकी टीम ने गुरुग्राम के सेक्टर 17 में एक छबील लगाकर मीठे जल और फलों का वितरण किया। इस सेवा कार्य के दौरान, डीपी गोयल ने अपनी टीम के सदस्यों और अन्य सभी आयोजकों से यह विशेष निवेदन किया कि छबील लगाने के बाद सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए।1
- फर्रुखनगर की बावड़ी कॉलोनी में प्रस्तावित तोड़फोड़ की कार्रवाई फिलहाल टाल दी गई है। इस संबंध में नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ अपनी टीम के साथ मौके का निरीक्षण करने के बाद वापस लौट गए। अधिकारियों ने कॉलोनी के निवासियों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। यह कार्रवाई पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्र के 100 मीटर दायरे में बने मकानों और दुकानों को नियमों के विरुद्ध माने जाने के कारण प्रस्तावित थी, जिसके संबंध में विभाग को शिकायतें मिली थीं। अधिकारियों ने नगरपालिका कर्मचारियों को कॉलोनी का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश भी दिए हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने अधिकारियों से जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से बसे परिवारों और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा होनी चाहिए और किसी भी कार्रवाई से पहले सभी पक्षों को सुना जाना आवश्यक है। नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ ने बताया कि विभाग को मिली शिकायत की जांच की जा रही है और सर्वे रिपोर्ट तथा संबंधित दस्तावेजों के अध्ययन के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। क्षेत्र में संभावित कार्रवाई को लेकर लोगों में चिंता है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी कदम नियमानुसार और जनहित को ध्यान में रखकर उठाए जाएंगे।3