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उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दूध तलाई में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 630 मीटर लंबी और लगभग 70 फीट ऊंची जिप लाइन पर सवार दो पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए. बताया जा रहा है कि तेज हवा के बावजूद जिप लाइन का संचालन जारी रखा गया था, जिसके कारण पर्यटक हवा में ही अटक गए. करीब 8 मिनट तक दोनों पर्यटक इतनी ऊंचाई पर फंसे रहे और मदद के लिए आवाज लगाते रहे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बाद में जिप लाइन संचालक की रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारा. इस घटना ने एडवेंचर गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे रोमांचक खेलों में मौसम संबंधी सावधानियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना आवश्यक माना जा रहा है.

7 hrs ago
user_Sumit kothari
Sumit kothari
Sarada, Indore•
7 hrs ago

उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दूध तलाई में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 630 मीटर लंबी और लगभग 70 फीट ऊंची जिप लाइन पर सवार दो पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए. बताया जा रहा है कि तेज हवा के बावजूद जिप लाइन का संचालन जारी रखा गया था, जिसके कारण पर्यटक हवा में ही अटक गए. करीब 8 मिनट तक दोनों पर्यटक इतनी ऊंचाई पर फंसे रहे और मदद के लिए आवाज लगाते रहे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बाद में जिप लाइन संचालक की रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारा. इस घटना ने एडवेंचर गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे रोमांचक खेलों में मौसम संबंधी सावधानियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना आवश्यक माना जा रहा है.

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Bapulal Ahari
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    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला। गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
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    सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला।

गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, जिसे देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, में भवानीपुर विधानसभा सीट ने सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में, गुजरात के सूरत निवासी और मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले की माण्डली से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) ने अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी तैयारियों को मजबूत किया, संगठन को सुदृढ़ बनाया और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उस दौरान प्रदेश में व्याप्त राजनीतिक तनाव और हिंसा के बावजूद, डॉ. पटेल ने मैदान में डटे रहकर संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने बूथ स्तर तक पहुँचकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया तथा बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का योगदान प्रमुख रहा है। उनके समर्पण और संगठन कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके कार्यों की सराहना की है, और हाल ही में एक सम्मान समारोह में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ उनके संगठन के प्रति समर्पण, कार्यक्षमता और चुनावी योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल की यह उपलब्धि डूंगरपुर जिले सहित पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, जिसे देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, में भवानीपुर विधानसभा सीट ने सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में, गुजरात के सूरत निवासी और मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले की माण्डली से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) ने अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी तैयारियों को मजबूत किया, संगठन को सुदृढ़ बनाया और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उस दौरान प्रदेश में व्याप्त राजनीतिक तनाव और हिंसा के बावजूद, डॉ. पटेल ने मैदान में डटे रहकर संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने बूथ स्तर तक पहुँचकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया तथा बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई।

उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का योगदान प्रमुख रहा है। उनके समर्पण और संगठन कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके कार्यों की सराहना की है, और हाल ही में एक सम्मान समारोह में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ उनके संगठन के प्रति समर्पण, कार्यक्षमता और चुनावी योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया।

डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल की यह उपलब्धि डूंगरपुर जिले सहित पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • उदयपुर रेंज में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत रेलमगरा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक खेत से कुल 112 गांजे के पौधे जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 30.780 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने इस संबंध में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजसमंद के रेलमगरा थाना क्षेत्र के आकरिया (धनेरियागढ़) गांव में की गई। राजसमंद पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार पारीक और वृत्ताधिकारी नाथद्वारा शिप्रा राजावत के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रवीण जुगतावत के नेतृत्व में गठित टीम ने सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। इस टीम में हेड कांस्टेबल रतनलाल, कांस्टेबल नोरताराम, कांस्टेबल राहुल और चालक कांस्टेबल रणजीत सिंह भी शामिल थे। पुलिस जांच के दौरान, आकरिया, धनेरियागढ़ निवासी रतनलाल पुत्र नानालाल जटिया (52 वर्ष) के कृषि खेत में मिर्च की क्यारियों के बीच गांजे के पौधे लगे मिले। इन पौधों की लंबाई लगभग तीन से छह फीट तक पाई गई। पूछताछ में आरोपी रतनलाल ने स्वयं भी इन पौधों को गांजा होना स्वीकार किया, लेकिन वह गांजे की खेती के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आरोपी रतनलाल को गिरफ्तार कर लिया और खेत से सभी 112 गांजे के पौधे उखाड़कर जब्त किए। जब्त पौधों का कुल वजन 30.780 किलोग्राम दर्ज किया गया। इस संबंध में रेलमगरा पुलिस थाना में प्रकरण संख्या 164/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच कुंवारिया थानाधिकारी रामचन्द्र (पु.नि.) द्वारा उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार की जा रही है। रेलमगरा पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
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    उदयपुर रेंज में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत रेलमगरा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक खेत से कुल 112 गांजे के पौधे जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 30.780 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने इस संबंध में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजसमंद के रेलमगरा थाना क्षेत्र के आकरिया (धनेरियागढ़) गांव में की गई।

राजसमंद पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार पारीक और वृत्ताधिकारी नाथद्वारा शिप्रा राजावत के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रवीण जुगतावत के नेतृत्व में गठित टीम ने सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। इस टीम में हेड कांस्टेबल रतनलाल, कांस्टेबल नोरताराम, कांस्टेबल राहुल और चालक कांस्टेबल रणजीत सिंह भी शामिल थे। पुलिस जांच के दौरान, आकरिया, धनेरियागढ़ निवासी रतनलाल पुत्र नानालाल जटिया (52 वर्ष) के कृषि खेत में मिर्च की क्यारियों के बीच गांजे के पौधे लगे मिले। इन पौधों की लंबाई लगभग तीन से छह फीट तक पाई गई। पूछताछ में आरोपी रतनलाल ने स्वयं भी इन पौधों को गांजा होना स्वीकार किया, लेकिन वह गांजे की खेती के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आरोपी रतनलाल को गिरफ्तार कर लिया और खेत से सभी 112 गांजे के पौधे उखाड़कर जब्त किए। जब्त पौधों का कुल वजन 30.780 किलोग्राम दर्ज किया गया। इस संबंध में रेलमगरा पुलिस थाना में प्रकरण संख्या 164/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच कुंवारिया थानाधिकारी रामचन्द्र (पु.नि.) द्वारा उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार की जा रही है। रेलमगरा पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जो केवल सत्ता परिवर्तन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा था। इन चुनावों में भवानीपुर विधानसभा सीट पर पूरे देश की विशेष निगाहें टिकी हुई थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने चौरासी क्षेत्र के मांडली निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल चौधरी को प्रभारी के रूप में सौंपी थी। डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया, जबकि उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था। इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। डॉ. पटेल ने बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप भवानीपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। इस ऐतिहासिक विजय के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है, जो गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहां के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी डॉ. पटेल का विशेष सम्मान किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से उनका अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणादायी मिसाल है, और उनका जीवन व कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
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    देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जो केवल सत्ता परिवर्तन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा था। इन चुनावों में भवानीपुर विधानसभा सीट पर पूरे देश की विशेष निगाहें टिकी हुई थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने चौरासी क्षेत्र के मांडली निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल चौधरी को प्रभारी के रूप में सौंपी थी। डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया, जबकि उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था। इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

डॉ. पटेल ने बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप भवानीपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। इस ऐतिहासिक विजय के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है, जो गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहां के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया।

पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी डॉ. पटेल का विशेष सम्मान किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से उनका अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणादायी मिसाल है, और उनका जीवन व कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
    user_संजय भोई
    संजय भोई
    सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • राजस्थान राज्य सरकार के जन-कल्याणकारी अभियानों और प्रशासनिक पारदर्शिता को ज़मीनी स्तर पर उतारने के उद्देश्य से, राजसमंद ज़िला प्रभारी सचिव आरती डोगरा ने गुरुवार को नाथद्वारा नगर पालिका क्षेत्र में आयोजित 'शहरी सेवा शिविर' का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आम नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर, प्रभारी सचिव ने योग्य लाभार्थियों को अपने हाथों से भूमि और आवास के पट्टे, विवाह पंजीकरण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के पत्र वितरित किए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में लगे विभिन्न काउंटरों का अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशानी नहीं होनी चाहिए। सचिव ने आम जनता और लाभार्थियों से बातचीत की, उनसे पूछा कि क्या उन्हें आवेदन करने में कोई परेशानी हुई और क्या उनका काम समय पर पूरा हो रहा है। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों से लंबित मामलों की जानकारी ली और उन्हें तुरंत निपटाने के निर्देश दिए। शिविर के दौरान प्रभारी सचिव के हाथों पट्टे पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। लंबे समय से अपने भूखंड या मकान के मालिकाना हक के दस्तावेजों का इंतजार कर रहे परिवारों ने इस त्वरित प्रशासनिक प्रक्रिया के लिए सरकार और ज़िला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ज़िला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, उपखंड अधिकारी भगीरथ सिंह, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी सौरभ कुमार जिंदल, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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    राजस्थान राज्य सरकार के जन-कल्याणकारी अभियानों और प्रशासनिक पारदर्शिता को ज़मीनी स्तर पर उतारने के उद्देश्य से, राजसमंद ज़िला प्रभारी सचिव आरती डोगरा ने गुरुवार को नाथद्वारा नगर पालिका क्षेत्र में आयोजित 'शहरी सेवा शिविर' का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आम नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की।

इस अवसर पर, प्रभारी सचिव ने योग्य लाभार्थियों को अपने हाथों से भूमि और आवास के पट्टे, विवाह पंजीकरण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के पत्र वितरित किए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में लगे विभिन्न काउंटरों का अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशानी नहीं होनी चाहिए। सचिव ने आम जनता और लाभार्थियों से बातचीत की, उनसे पूछा कि क्या उन्हें आवेदन करने में कोई परेशानी हुई और क्या उनका काम समय पर पूरा हो रहा है। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों से लंबित मामलों की जानकारी ली और उन्हें तुरंत निपटाने के निर्देश दिए।

शिविर के दौरान प्रभारी सचिव के हाथों पट्टे पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। लंबे समय से अपने भूखंड या मकान के मालिकाना हक के दस्तावेजों का इंतजार कर रहे परिवारों ने इस त्वरित प्रशासनिक प्रक्रिया के लिए सरकार और ज़िला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ज़िला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, उपखंड अधिकारी भगीरथ सिंह, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी सौरभ कुमार जिंदल, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा संचालित विशेष अभियान 'उमंग-VII' के तहत गुरुवार को डूंगरपुर में बाल श्रम के विरुद्ध एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के दिशा-निर्देशानुसार, डूंगरपुर पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने दोवड़ा थाना सर्किल के विभिन्न बाजारों और दुकानों पर सघन चेकिंग की, जिसके परिणामस्वरूप दो बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद, मुक्त कराए गए दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भावेश कुमार जैन के समक्ष पेश किया गया। प्रशासन ने बच्चों से अवैध रूप से श्रम करवाने वाले संबंधित नियोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में मानव तस्करी विरोधी एवं गुमशुदा प्रकोष्ठ डूंगरपुर के प्रभारी बलदेव सिंह सउनि, दोवड़ा थाने से डायालाल सउनि, कांस्टेबल हर्षवर्धन सिंह, शैलेश, चाइल्ड हेल्पलाइन डूंगरपुर टीम के सदस्य हिमांशु जैन और सृष्टि सेवा समिति के सदस्य सुरेन्द्र ढोली ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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    पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा संचालित विशेष अभियान 'उमंग-VII' के तहत गुरुवार को डूंगरपुर में बाल श्रम के विरुद्ध एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के दिशा-निर्देशानुसार, डूंगरपुर पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने दोवड़ा थाना सर्किल के विभिन्न बाजारों और दुकानों पर सघन चेकिंग की, जिसके परिणामस्वरूप दो बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया।

कार्रवाई के बाद, मुक्त कराए गए दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भावेश कुमार जैन के समक्ष पेश किया गया। प्रशासन ने बच्चों से अवैध रूप से श्रम करवाने वाले संबंधित नियोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में मानव तस्करी विरोधी एवं गुमशुदा प्रकोष्ठ डूंगरपुर के प्रभारी बलदेव सिंह सउनि, दोवड़ा थाने से डायालाल सउनि, कांस्टेबल हर्षवर्धन सिंह, शैलेश, चाइल्ड हेल्पलाइन डूंगरपुर टीम के सदस्य हिमांशु जैन और सृष्टि सेवा समिति के सदस्य सुरेन्द्र ढोली ने सक्रिय भूमिका निभाई।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जिसे न केवल सत्ता परिवर्तन का विषय बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा हुआ बताया गया। इस महत्वपूर्ण चुनाव में पूरे देश की विशेष निगाहें भवानीपुर विधानसभा सीट पर टिकी थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के मांडली और वर्तमान में गुजरात के सूरत निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) को प्रभारी के रूप में सौंपी। डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया। उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, भारतीय जनता पार्टी ने भवानीपुर सीट पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। भवानीपुर की इस ऐतिहासिक विजय में डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना गया है, और उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से डॉ. पटेल का अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। यह गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहाँ के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उनका जीवन और कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
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    देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जिसे न केवल सत्ता परिवर्तन का विषय बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा हुआ बताया गया। इस महत्वपूर्ण चुनाव में पूरे देश की विशेष निगाहें भवानीपुर विधानसभा सीट पर टिकी थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के मांडली और वर्तमान में गुजरात के सूरत निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) को प्रभारी के रूप में सौंपी।

डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया। उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, भारतीय जनता पार्टी ने भवानीपुर सीट पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।

भवानीपुर की इस ऐतिहासिक विजय में डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना गया है, और उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से डॉ. पटेल का अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया।

यह गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहाँ के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उनका जीवन और कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • उपखंड क्षेत्र रेलमगरा की ग्राम पंचायत धनेरिया में पानी निकासी की गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। रेगर मोहल्ला स्थित नंद घर और राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय धनेरिया के बाहर गंदे पानी के भराव पर ग्रामीणों द्वारा नाराजगी व्यक्त किए जाने के बाद, उपखंड अधिकारी बिंदुबाला राजावत ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान यह शिकायत दर्ज कराई थी। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी के साथ तहसीलदार कालूसिंह राणा, अतिरिक्त विकास अधिकारी राजेश कुमार जैन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। जांच में पाया गया कि नाली निर्माण न होने और कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से नाली निर्माण कार्य में बाधा डालने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी नंद घर के बाहर जमा हो रहा था, वहीं विद्यालय परिसर के आसपास भी जलभराव और गंदगी की स्थिति बनी हुई थी। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि इस समस्या के चलते आमजन, छात्र-छात्राओं और नंद घर से जुड़े बच्चों व महिलाओं को लंबे समय से परेशानी हो रही है। इस गंदे पानी के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम बिंदुबाला राजावत ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नाली निर्माण कार्य करवाकर पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने नाली निर्माण में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। प्रशासन द्वारा मौके पर आकर समस्या का संज्ञान लेने और समाधान के निर्देश देने पर ग्रामीणों ने संतोष जताया और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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    उपखंड क्षेत्र रेलमगरा की ग्राम पंचायत धनेरिया में पानी निकासी की गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। रेगर मोहल्ला स्थित नंद घर और राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय धनेरिया के बाहर गंदे पानी के भराव पर ग्रामीणों द्वारा नाराजगी व्यक्त किए जाने के बाद, उपखंड अधिकारी बिंदुबाला राजावत ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

ग्रामीणों ने ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान यह शिकायत दर्ज कराई थी। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी के साथ तहसीलदार कालूसिंह राणा, अतिरिक्त विकास अधिकारी राजेश कुमार जैन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। जांच में पाया गया कि नाली निर्माण न होने और कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से नाली निर्माण कार्य में बाधा डालने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी नंद घर के बाहर जमा हो रहा था, वहीं विद्यालय परिसर के आसपास भी जलभराव और गंदगी की स्थिति बनी हुई थी।

ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि इस समस्या के चलते आमजन, छात्र-छात्राओं और नंद घर से जुड़े बच्चों व महिलाओं को लंबे समय से परेशानी हो रही है। इस गंदे पानी के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम बिंदुबाला राजावत ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नाली निर्माण कार्य करवाकर पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने नाली निर्माण में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। प्रशासन द्वारा मौके पर आकर समस्या का संज्ञान लेने और समाधान के निर्देश देने पर ग्रामीणों ने संतोष जताया और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    3 hrs ago
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