logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा संचालित विशेष अभियान 'उमंग-VII' के तहत गुरुवार को डूंगरपुर में बाल श्रम के विरुद्ध एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के दिशा-निर्देशानुसार, डूंगरपुर पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने दोवड़ा थाना सर्किल के विभिन्न बाजारों और दुकानों पर सघन चेकिंग की, जिसके परिणामस्वरूप दो बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद, मुक्त कराए गए दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भावेश कुमार जैन के समक्ष पेश किया गया। प्रशासन ने बच्चों से अवैध रूप से श्रम करवाने वाले संबंधित नियोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में मानव तस्करी विरोधी एवं गुमशुदा प्रकोष्ठ डूंगरपुर के प्रभारी बलदेव सिंह सउनि, दोवड़ा थाने से डायालाल सउनि, कांस्टेबल हर्षवर्धन सिंह, शैलेश, चाइल्ड हेल्पलाइन डूंगरपुर टीम के सदस्य हिमांशु जैन और सृष्टि सेवा समिति के सदस्य सुरेन्द्र ढोली ने सक्रिय भूमिका निभाई।

6 hrs ago
user_Santosh Vyas
Santosh Vyas
Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
6 hrs ago

पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा संचालित विशेष अभियान 'उमंग-VII' के तहत गुरुवार को डूंगरपुर में बाल श्रम के विरुद्ध एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के दिशा-निर्देशानुसार, डूंगरपुर पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने दोवड़ा थाना सर्किल के विभिन्न बाजारों और दुकानों पर सघन चेकिंग की, जिसके परिणामस्वरूप दो बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद, मुक्त कराए गए दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भावेश कुमार जैन के समक्ष पेश किया गया। प्रशासन ने बच्चों से अवैध रूप से श्रम करवाने वाले संबंधित नियोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में मानव तस्करी विरोधी एवं गुमशुदा प्रकोष्ठ डूंगरपुर के प्रभारी बलदेव सिंह सउनि, दोवड़ा थाने से डायालाल सउनि, कांस्टेबल हर्षवर्धन सिंह, शैलेश, चाइल्ड हेल्पलाइन डूंगरपुर टीम के सदस्य हिमांशु जैन और सृष्टि सेवा समिति के सदस्य सुरेन्द्र ढोली ने सक्रिय भूमिका निभाई।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • डूंगरपुर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में महिला कांग्रेस द्वारा 'नारी न्याय सम्मेलन' के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने महिला कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरते हुए उनसे हर विपरीत परिस्थिति, चाहे वह सर्दी, गर्मी या बरसात हो, का सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए आरोप लगाया कि आज देश में जातिवाद हावी हो चुका है और महंगाई व बेरोजगारी चरम सीमा पर है। सारिका सिंह ने प्रधानमंत्री पर कमजोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका जैसी शक्तियां भारत को आँखें दिखा रही हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पेपर लीक प्रकरण और पंचायती राज चुनाव टालने जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। सारिका सिंह ने दावा किया कि आज संविधान खतरे में है और भाजपा केवल एक व्यापारी मानसिकता के साथ काम कर रही है। सम्मेलन में महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव मंजू चौहान, महिला कांग्रेस डूंगरपुर की जिलाध्यक्ष रेखा कलासुआ, उप जिला प्रमुख सुरता परमार और डूंगरपुर की निवर्तमान प्रधान कांता देवी कोटेड विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित थीं। सेवादल से उर्मिला देवी, रीना देवी बरंड़ा, आराधना, बसंती देवी, मेनका देवी, ब्लॉक अध्यक्ष बसंती देवी, आशा देवी, अंशुमाला और सचिव नाथी देवी सहित संगठन की कई अन्य वरिष्ठ महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।
    1
    डूंगरपुर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में महिला कांग्रेस द्वारा 'नारी न्याय सम्मेलन' के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने महिला कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरते हुए उनसे हर विपरीत परिस्थिति, चाहे वह सर्दी, गर्मी या बरसात हो, का सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए आरोप लगाया कि आज देश में जातिवाद हावी हो चुका है और महंगाई व बेरोजगारी चरम सीमा पर है। सारिका सिंह ने प्रधानमंत्री पर कमजोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका जैसी शक्तियां भारत को आँखें दिखा रही हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पेपर लीक प्रकरण और पंचायती राज चुनाव टालने जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। सारिका सिंह ने दावा किया कि आज संविधान खतरे में है और भाजपा केवल एक व्यापारी मानसिकता के साथ काम कर रही है।

सम्मेलन में महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव मंजू चौहान, महिला कांग्रेस डूंगरपुर की जिलाध्यक्ष रेखा कलासुआ, उप जिला प्रमुख सुरता परमार और डूंगरपुर की निवर्तमान प्रधान कांता देवी कोटेड विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित थीं। सेवादल से उर्मिला देवी, रीना देवी बरंड़ा, आराधना, बसंती देवी, मेनका देवी, ब्लॉक अध्यक्ष बसंती देवी, आशा देवी, अंशुमाला और सचिव नाथी देवी सहित संगठन की कई अन्य वरिष्ठ महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • गुजरात में वडोदरा-हलोल रोड पर कोसंबी गांव के पास एक बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह बस सागवाड़ा से सूरत जा रही थी और इसमें 45 लोग सवार थे। इस हादसे में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। शुरुआत में मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य यात्रियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की कुल संख्या सात हो गई। सभी मृतक और घायल यात्री डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। इस दुर्घटना में 26 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।
    1
    गुजरात में वडोदरा-हलोल रोड पर कोसंबी गांव के पास एक बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह बस सागवाड़ा से सूरत जा रही थी और इसमें 45 लोग सवार थे। इस हादसे में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

शुरुआत में मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य यात्रियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की कुल संख्या सात हो गई। सभी मृतक और घायल यात्री डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। इस दुर्घटना में 26 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला। गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
    3
    सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला।

गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, जिसे देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, में भवानीपुर विधानसभा सीट ने सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में, गुजरात के सूरत निवासी और मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले की माण्डली से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) ने अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी तैयारियों को मजबूत किया, संगठन को सुदृढ़ बनाया और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उस दौरान प्रदेश में व्याप्त राजनीतिक तनाव और हिंसा के बावजूद, डॉ. पटेल ने मैदान में डटे रहकर संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने बूथ स्तर तक पहुँचकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया तथा बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का योगदान प्रमुख रहा है। उनके समर्पण और संगठन कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके कार्यों की सराहना की है, और हाल ही में एक सम्मान समारोह में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ उनके संगठन के प्रति समर्पण, कार्यक्षमता और चुनावी योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल की यह उपलब्धि डूंगरपुर जिले सहित पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
    1
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, जिसे देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, में भवानीपुर विधानसभा सीट ने सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में, गुजरात के सूरत निवासी और मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले की माण्डली से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) ने अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी तैयारियों को मजबूत किया, संगठन को सुदृढ़ बनाया और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उस दौरान प्रदेश में व्याप्त राजनीतिक तनाव और हिंसा के बावजूद, डॉ. पटेल ने मैदान में डटे रहकर संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने बूथ स्तर तक पहुँचकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया तथा बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई।

उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का योगदान प्रमुख रहा है। उनके समर्पण और संगठन कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके कार्यों की सराहना की है, और हाल ही में एक सम्मान समारोह में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ उनके संगठन के प्रति समर्पण, कार्यक्षमता और चुनावी योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया।

डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल की यह उपलब्धि डूंगरपुर जिले सहित पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जो केवल सत्ता परिवर्तन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा था। इन चुनावों में भवानीपुर विधानसभा सीट पर पूरे देश की विशेष निगाहें टिकी हुई थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने चौरासी क्षेत्र के मांडली निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल चौधरी को प्रभारी के रूप में सौंपी थी। डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया, जबकि उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था। इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। डॉ. पटेल ने बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप भवानीपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। इस ऐतिहासिक विजय के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है, जो गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहां के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी डॉ. पटेल का विशेष सम्मान किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से उनका अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणादायी मिसाल है, और उनका जीवन व कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
    2
    देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जो केवल सत्ता परिवर्तन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा था। इन चुनावों में भवानीपुर विधानसभा सीट पर पूरे देश की विशेष निगाहें टिकी हुई थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने चौरासी क्षेत्र के मांडली निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल चौधरी को प्रभारी के रूप में सौंपी थी। डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया, जबकि उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था। इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

डॉ. पटेल ने बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप भवानीपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। इस ऐतिहासिक विजय के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है, जो गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहां के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया।

पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी डॉ. पटेल का विशेष सम्मान किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से उनका अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणादायी मिसाल है, और उनका जीवन व कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
    user_संजय भोई
    संजय भोई
    सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
    1
    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले की पंचायत समिति झोंथरी में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन जिला शाखा के तत्वावधान में एक ऐतिहासिक आंदोलन का आयोजन किया गया। इस दौरान ब्लॉक झोंथरी के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर 'महा सद्बुद्धि यज्ञ' किया और सरकार तक अपनी आवाज बुलंद की। यह आंदोलन राजस्थान के समस्त मंत्रालयिक कर्मचारियों के सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और न्यायोचित मांगों के समर्थन में किया गया था। कर्मचारियों ने 'एक परिवार, एक संकल्प' की भावना के साथ एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी सामूहिक ताकत का प्रदर्शन किया, यह स्पष्ट संदेश देते हुए कि यह संघर्ष उनके भविष्य, सम्मान और जायज हक की रक्षा के लिए है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश कुमार डेंडोर, जिला महामंत्री रमेशचंद्र यादव सहित लक्ष्मण लाल रोत, सुरेशचंद्र रोत, वासुदेव रोत, संतोष सिंह, गेरीलाल रोत, निश्चल पंड्या, दिनेश खराड़ी, गंगा बरंडा, भरत आमलिया, दिनेश कलासुआ, सूरजमल कटारा, रमेश कोटेड एवं देवीलाल रोत सहित पंचायत समिति झोंथरी के तमाम मंत्रालयिक कर्मचारी व कार्मिक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संगठन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पूरी ताकत के साथ इस लड़ाई को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने 'आज का आंदोलन, कल का इतिहास' के नारे के साथ इस ब्लॉक स्तरीय महा सद्बुद्धि यज्ञ को पूरी तरह सफल बनाया और दोहराया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन उग्र होगा।
    1
    डूंगरपुर जिले की पंचायत समिति झोंथरी में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन जिला शाखा के तत्वावधान में एक ऐतिहासिक आंदोलन का आयोजन किया गया। इस दौरान ब्लॉक झोंथरी के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर 'महा सद्बुद्धि यज्ञ' किया और सरकार तक अपनी आवाज बुलंद की। यह आंदोलन राजस्थान के समस्त मंत्रालयिक कर्मचारियों के सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और न्यायोचित मांगों के समर्थन में किया गया था। कर्मचारियों ने 'एक परिवार, एक संकल्प' की भावना के साथ एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी सामूहिक ताकत का प्रदर्शन किया, यह स्पष्ट संदेश देते हुए कि यह संघर्ष उनके भविष्य, सम्मान और जायज हक की रक्षा के लिए है।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश कुमार डेंडोर, जिला महामंत्री रमेशचंद्र यादव सहित लक्ष्मण लाल रोत, सुरेशचंद्र रोत, वासुदेव रोत, संतोष सिंह, गेरीलाल रोत, निश्चल पंड्या, दिनेश खराड़ी, गंगा बरंडा, भरत आमलिया, दिनेश कलासुआ, सूरजमल कटारा, रमेश कोटेड एवं देवीलाल रोत सहित पंचायत समिति झोंथरी के तमाम मंत्रालयिक कर्मचारी व कार्मिक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संगठन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पूरी ताकत के साथ इस लड़ाई को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने 'आज का आंदोलन, कल का इतिहास' के नारे के साथ इस ब्लॉक स्तरीय महा सद्बुद्धि यज्ञ को पूरी तरह सफल बनाया और दोहराया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन उग्र होगा।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दूध तलाई में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 630 मीटर लंबी और लगभग 70 फीट ऊंची जिप लाइन पर सवार दो पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए. बताया जा रहा है कि तेज हवा के बावजूद जिप लाइन का संचालन जारी रखा गया था, जिसके कारण पर्यटक हवा में ही अटक गए. करीब 8 मिनट तक दोनों पर्यटक इतनी ऊंचाई पर फंसे रहे और मदद के लिए आवाज लगाते रहे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बाद में जिप लाइन संचालक की रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारा. इस घटना ने एडवेंचर गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे रोमांचक खेलों में मौसम संबंधी सावधानियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना आवश्यक माना जा रहा है.
    1
    उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दूध तलाई में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 630 मीटर लंबी और लगभग 70 फीट ऊंची जिप लाइन पर सवार दो पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए. बताया जा रहा है कि तेज हवा के बावजूद जिप लाइन का संचालन जारी रखा गया था, जिसके कारण पर्यटक हवा में ही अटक गए.

करीब 8 मिनट तक दोनों पर्यटक इतनी ऊंचाई पर फंसे रहे और मदद के लिए आवाज लगाते रहे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बाद में जिप लाइन संचालक की रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारा.

इस घटना ने एडवेंचर गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे रोमांचक खेलों में मौसम संबंधी सावधानियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना आवश्यक माना जा रहा है.
    user_Sumit kothari
    Sumit kothari
    Sarada, Indore•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.