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आज मथुरा में राजकीय चिकत्सलय मथुरा में नर्स का 13 सूत्रीय मांग उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए विभिन्न प्रकार की मांगे सरकार से मांग कर रहे हैं आज सुबह टाइम्स की खास, रिपोर्टिंग,, Lal chand SONI,, ,,आज सुबह टाइम्स,, आज मथुरा में राजकीय चिकत्सलय मथुरा में नर्स का 13 सूत्रीय मांग उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए विभिन्न प्रकार की मांगे सरकार से मांग कर रहे हैं आज सुबह टाइम्स की खास, रिपोर्टिंग,, Lal chand SONI,, ,,आज सुबह टाइम्स,,
Aaj Subah Times
आज मथुरा में राजकीय चिकत्सलय मथुरा में नर्स का 13 सूत्रीय मांग उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए विभिन्न प्रकार की मांगे सरकार से मांग कर रहे हैं आज सुबह टाइम्स की खास, रिपोर्टिंग,, Lal chand SONI,, ,,आज सुबह टाइम्स,, आज मथुरा में राजकीय चिकत्सलय मथुरा में नर्स का 13 सूत्रीय मांग उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए विभिन्न प्रकार की मांगे सरकार से मांग कर रहे हैं आज सुबह टाइम्स की खास, रिपोर्टिंग,, Lal chand SONI,, ,,आज सुबह टाइम्स,,
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- शिक्षक MLC चुनाव: डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में परसनाथ यादव ने रखी अपनी बात गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक MLC चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिक्षक MLC प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने शिक्षकों से चुनाव में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।1
- आज मथुरा में राजकीय चिकत्सलय मथुरा में नर्स का 13 सूत्रीय मांग उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए विभिन्न प्रकार की मांगे सरकार से मांग कर रहे हैं आज सुबह टाइम्स की खास, रिपोर्टिंग,, Lal chand SONI,, ,,आज सुबह टाइम्स,, आज मथुरा में राजकीय चिकत्सलय मथुरा में नर्स का 13 सूत्रीय मांग उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए विभिन्न प्रकार की मांगे सरकार से मांग कर रहे हैं आज सुबह टाइम्स की खास, रिपोर्टिंग,, Lal chand SONI,, ,,आज सुबह टाइम्स,,1
- अयोध्या के कुम्हिया गांव में निकली भव्य कलश यात्रा, सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ रिपोर्टर देवेंद्र प्रताप स्वाभिमान न्यूज़ इंडिया अयोध्या के कुम्हिया गांव में निकली भव्य कलश यात्रा, सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ अयोध्या के कुम्हिया गांव में डॉ. शरद सिंह के नेतृत्व में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसके साथ ही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुरू हुआ। धार्मिक आयोजन में गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह भी मौजूद रहे। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा देना है। सात दिवसीय भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालु भगवान की भक्ति और कथा श्रवण का लाभ प्राप्त करेंगे।1
- "अगले बरस जल्दी आना” के जयकारों के बीच मां दुर्गा को विदाई, बिसुही नदी बनी आस्था का केंद्र! (हैरिंग्टनगंज/अयोध्या) ग्राम पंचायत मलेथू बुजुर्ग स्थित सिद्धपीठ चिरंगी वीर बाबा स्थित बिसुही नदी का पुल आज भी आस्था, भक्ति और भावुकता का संगम बना रहा। शारदीय नवरात्र के समापन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन किया। ढोल-नगाड़ों की थाप और “दुर्गा मैया की जय” के गगनभेदी जयकारों के बीच घाट पर भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। विदाई के समय कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं, जबकि “अगले बरस तू जल्दी आना” के उद्घोषों से पूरा चिरंजीवी सिद्ध पीठ गूंज उठा। विसर्जन को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी रखी। हैरिंग्टनगंज चौकी प्रभारी शेखर नाथ सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी पुल पर तैनात रहे। उन्होंने भीड़ को नियंत्रित रखते हुए वाहनों के आवागमन को भी सुचारू बनाए रखा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। वही जानकारी उपरांत चौकी प्रभारी शेखरनाथ सिंह ने बताया कि आज भी सात मूर्तियों का विसर्जन किया गया है। प्रशासन की सतर्क व्यवस्था और भक्तों के उत्साह के बीच संपन्न हुआ यह विसर्जन अनुशासन और आस्था का बेहतर उदाहरण बना। ब्यूरो रिपोर्ट4
- अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जनपद के समस्त सम्मानित नागरिकों से जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जनपद के समस्त सम्मानित नागरिकों से जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है। डीएम ने जानकारी दी कि जनगणना के अंतर्गत स्व-गणना की प्रक्रिया 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी, जबकि घर-घर जाकर जनगणना का कार्य 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक निर्धारित है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि स्व-गणना की अवधि में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज करें। साथ ही घर-घर जनगणना के लिए आने वाले अधिकृत प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।1
- जनता और सत्ता की लड़ाई में हमेशा जनता की जीत होती है2027 को लेकर पंडित समरजीत का पक्का दावा।1
- राम के चरणों में झुका भारत का सर यही है प्रेम और धर्म का स्वर अयोध्या में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली श्री भरत मिलाप शोभायात्रा, हनुमानगढ़ी प्रवेश द्वार पर हुआ भव्य भरत मिलाप अखिल भारतीय कान्यकुब्ज वैश्य मोदनवाल हलवाई समाज के तत्वावधान में आयोजित हुआ भरत महोत्सव, संत-महंतों की उपस्थिति में भाईचारे, त्याग और समर्पण का दिया गया संदेश राम के चरणों में झुका भारत का सर यही है प्रेम और धर्म का स्वर अयोध्या में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली श्री भरत मिलाप शोभायात्रा, हनुमानगढ़ी प्रवेश द्वार पर हुआ भव्य भरत मिलाप अखिल भारतीय कान्यकुब्ज वैश्य मोदनवाल हलवाई समाज के तत्वावधान में आयोजित हुआ भरत महोत्सव, संत-महंतों की उपस्थिति में भाईचारे, त्याग और समर्पण का दिया गया संदेश अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत के अटूट प्रेम, त्याग, समर्पण एवं भ्रातृभाव का प्रतीक श्री भरत मिलाप महोत्सव श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। अखिल भारतीय कान्यकुब्ज वैश्य मोदनवाल हलवाई समाज के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत श्री भरत मिलाप शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा भगवदाचार्य स्मारक सदन से प्रारंभ होकर रामकोट की परिक्रमा करते हुए श्री हनुमानगढ़ी प्रवेश द्वार पहुंची, जहां भगवान श्रीराम और भरत के पावन मिलन की परंपरा के अनुरूप भव्य भरत मिलाप का आयोजन किया गया। संत-महंतों के नेतृत्व में निकली शोभायात्रा श्री भरत मिलाप शोभायात्रा की अगुवाई संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति के महामंत्री महंत संजय दास महाराज तथा श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत श्री हेमंत दास महाराज ने की। दोनों संतों के नेतृत्व में शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी और रामकोट की परिक्रमा करते हुए श्री हनुमानगढ़ी प्रवेश द्वार पहुंची। अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में भरत मिलाप का विशेष महत्व है। भगवान श्रीराम के प्रति भरत की निष्ठा, उनके त्याग और अपने बड़े भाई के प्रति अगाध प्रेम का यह प्रसंग भारतीय संस्कृति में आदर्श भ्रातृप्रेम का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को केंद्र में रखकर आयोजित भरत महोत्सव ने श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा और पारिवारिक मूल्यों के महत्व का स्मरण कराया। शोभायात्रा में संत-महंतों की उपस्थिति ने आयोजन की धार्मिक गरिमा को बढ़ाया। श्रद्धालुओं ने भी इस पावन परंपरा में सहभागिता कर अपनी आस्था व्यक्त की। हनुमानगढ़ी प्रवेश द्वार पर हुआ भव्य भरत मिलाप रामकोट की परिक्रमा पूरी करने के बाद शोभायात्रा श्री हनुमानगढ़ी प्रवेश द्वार पहुंची, जहां भव्य भरत मिलाप का आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का प्रसंग श्रद्धा, प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्चा प्रेम, त्याग, विश्वास और समर्पण किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। भरत मिलाप की परंपरा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को आपसी सद्भाव, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श जीवन मूल्यों की प्रेरणा भी देती है। भगवान भरत ने राजसुख और सत्ता के मोह से दूर रहकर अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति जिस निष्ठा का परिचय दिया, वह आज भी समाज के लिए अनुकरणीय है। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम और भरत के जीवन आदर्शों को अपने आचरण में अपनाने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना मजबूत करने का संदेश मिला। मोदनवाल समाज के पदाधिकारियों ने किया स्वागत श्री भरत मिलाप शोभायात्रा के स्वागत में अखिल भारतीय कान्यकुब्ज वैश्य मोदनवाल हलवाई समाज के अध्यक्ष नंदलाल गुप्ता के साथ पंकज गुप्ता, सुरेश गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता, अमित गुप्ता, बैजनाथ गुप्ता, सोनू गुप्ता, अचल गुप्ता और विकास गुप्ता उपस्थित रहे। समाज के पदाधिकारियों ने शोभायात्रा में शामिल संत-महंतों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत किया और आयोजन में सहभागिता निभाई। समाज के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ सामाजिक सहभागिता और सामूहिक एकजुटता का संदेश भी दिया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज की नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है। भरत महोत्सव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता की भावना भी प्रमुख रूप से दिखाई दी। बड़ी संख्या में संत-महंत एवं श्रद्धालु रहे उपस्थित इस अवसर पर नागा रामलखन दास महाराज, महंत हरिभजन दास महाराज, राम कचेहरी के श्रीमहंत शशिकांत दास जी महाराज, महंत विराट दास, डॉ. उमाशंकर दास, सनातन मंदिर के बाबा अभिषेक दास, अर्जुन दास, अंबिका दास, घनश्याम दास, तन्मय दास जी, ज्ञानेन्द्र दास, भोलेन्द्र प्रताप सिंह एवं सचिव शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पूज्य संत-महंत, धर्मप्रेमी और श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।इस अवसर पर नागा रामलखन दास महाराज, महंत हरिभजन दास महाराज, राम कचेहरी के श्रीमहंत शशिकांत दास जी महाराज, महंत विराट दास, डॉ. उमाशंकर दास, सनातन मंदिर के बाबा अभिषेक दास, अर्जुन दास, अंबिका दास, घनश्याम दास, तन्मय दास जी, ज्ञानेन्द्र दास, भोलेन्द्र प्रताप सिंह एवं सचिव शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पूज्य संत-महंत, धर्मप्रेमी और श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। संत-महंतों एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता ने भरत महोत्सव की गरिमा को और बढ़ाया। आयोजन में उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीराम और भरत के आदर्शों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया।4
- एमएलसी और 2027 चुनाव दोनों सपा जीतेगी पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव का पक्का दावा।1