सतना में निलंबित उपयंत्री समेले ने जिला पंचायत के एक वरिष्ठ अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। समेले का दावा है कि उनकी संविदा अवधि बढ़ाने के बदले में हर साल ₹40,000 की रिश्वत ली जाती थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृत कराने के लिए 10% कमीशन की मांग की जाती थी। समेले का कहना है कि पंचायत स्तर से लेकर वल्लभ भवन तक विकास कार्यों में कमीशनखोरी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए ऑडियो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें वे उचित मंच पर पेश करने के लिए तैयार हैं। इन दावों के सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं दी गई है।
सतना में निलंबित उपयंत्री समेले ने जिला पंचायत के एक वरिष्ठ अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। समेले का दावा है कि उनकी संविदा अवधि बढ़ाने के बदले में हर साल ₹40,000 की रिश्वत ली जाती थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृत कराने के लिए 10% कमीशन की मांग की जाती थी। समेले का कहना है कि पंचायत स्तर से लेकर वल्लभ भवन तक विकास कार्यों में कमीशनखोरी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए ऑडियो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें वे उचित मंच पर पेश करने के लिए तैयार हैं। इन दावों के सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं दी गई है।
- सतना में निलंबित उपयंत्री समेले ने जिला पंचायत के एक वरिष्ठ अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। समेले का दावा है कि उनकी संविदा अवधि बढ़ाने के बदले में हर साल ₹40,000 की रिश्वत ली जाती थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृत कराने के लिए 10% कमीशन की मांग की जाती थी। समेले का कहना है कि पंचायत स्तर से लेकर वल्लभ भवन तक विकास कार्यों में कमीशनखोरी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए ऑडियो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें वे उचित मंच पर पेश करने के लिए तैयार हैं। इन दावों के सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं दी गई है।2
- Post by Pintu Dubey1
- सतना जिले की ग्राम पंचायत माधौगढ़ में KEC कंपनी (जल निगम मर्यादित) द्वारा किए जा रहे पाइपलाइन कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा बेहद घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण भविष्य में ग्रामीणों के सामने बड़े जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के टूटने की आशंका ने भी स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।1
- निर्मला भारती ने चित्रकूट के करवी में प्रशासन को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने डंके की चोट पर यह स्पष्ट किया है कि वे हर हाल में पीड़ितों के साथ खड़ी रहेंगी और उनका साथ देंगी।1
- Post by Rohit kumar1
- चित्रकूट के कर्वी स्थित सोनेपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में 10 जुलाई शुक्रवार को दोपहर 12 बजे प्रदेश स्तरीय जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। खेल निदेशालय उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश बॉक्सिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी DP पाल ने किया। इस प्रतियोगिता में राज्य के 18 मंडलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिसमें चित्रकूट की टीम पहली बार प्रतिभाग कर रही है। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने अन्य जनपदों से आए खिलाड़ियों का परिचय लिया और उन्हें अपने जनपद व प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। टूर्नामेंट में शामिल होने वाले मंडलों में चित्रकूट, प्रयागराज, मेरठ, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मिर्जापुर, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, वाराणसी और अलीगढ़ शामिल हैं। यह प्रतियोगिता 10 जुलाई से शुरू होकर 13 जुलाई तक चलेगी।1
- चित्रकूट जिले के रामनगर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में राष्ट्रीय पोषण मिशन के अंतर्गत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी महेंद्र पटेल ने 94 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निःशुल्क स्मार्टफोन वितरित किए। महेंद्र पटेल ने बताया कि इन स्मार्टफोन्स के माध्यम से अब विभागीय कार्यों का संचालन ऑनलाइन किया जाएगा। पोषण ट्रैकर ऐप का उपयोग करते हुए कार्यकत्रियां बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पंजीकरण, टीकाकरण, पोषण संबंधी जानकारी और गृह भ्रमण जैसी सभी सूचनाएं डिजिटल रूप से दर्ज कर सकेंगी। उन्होंने इस पहल को कार्यों में पारदर्शिता लाने और आकांक्षी ब्लॉक रामनगर के इंडिकेटर को पूरा करने व सही डेटा संग्रह के लिए महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी कार्यकत्रियों से शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार समयबद्ध तरीके से डेटा अपलोड करने की अपील की। कार्यक्रम में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार, प्रशांत खरे, प्रवीण और सुपरवाइजर मीना देवी व रीता सिंह सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। स्मार्टफोन पाकर कार्यकत्रियों ने शासन की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे विभागीय कार्यों के निष्पादन में सुविधा होगी और लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बेहतर ढंग से पहुंच सकेगा।1
- Post by Pintu Dubey1