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एक पोस्ट के माध्यम से हैरानी व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों किसी स्थिति को 'मौत का कुआं' बनाकर छोड़ दिया जाता है।
AAM JANATA
एक पोस्ट के माध्यम से हैरानी व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों किसी स्थिति को 'मौत का कुआं' बनाकर छोड़ दिया जाता है।
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- झारखंड में एक ज़मीन संबंधी मामले में 40 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आख़िरकार फ़ैसला आ गया है। इस फ़ैसले के बाद, अब जान से मारने की धमकियाँ मिलने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।1
- करीब 10 साल पहले जिन गांवों में नक्सलियों का भारी दबदबा होता था, वहाँ के ग्रामीण आज भी पत्ता बेचकर ही अपना जीवनयापन कर रहे हैं। यह स्थिति उन पुराने दिनों की याद दिलाती है और यह सवाल उठाती है कि 10 साल पहले इन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोग किन परिस्थितियों में अपना जीवन गुजारते थे।1
- लातेहार नगर पंचायत का 'ठंडा पानी' केंद्र अब केवल एक शोपीस बनकर रह गया है, जिससे राहगीरों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इस केंद्र के बोर्ड पर ठंडे पानी का वादा किया गया है, लेकिन वहाँ रखे घड़ों में पानी उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति ने लातेहार नगर पंचायत की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- लातेहार प्रखंड के अंतर्गत लातेहार रेलवे स्टेशन नवरंग चौक स्थित बाजकुम हनुमान मंदिर ग्राउंड में बाजकुम क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित बाजकुम चैंपियन ट्रॉफी के दूसरे सीजन का उद्घाटन किया गया। इस प्रतियोगिता का पहला मैच महुवामिलन और मननचोटाग के बीच खेला गया, जिसमें महुवामिलन ने जीत दर्ज की। क्रिकेट मैच का शुभारंभ डुरूआ स्कूल के प्रधानाध्यापक चंदन कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर रणधीर सर, क्लब के अध्यक्ष अनीश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष आशीष कु चंद्रवंशी, रोहित राज, सुमित गुप्ता, अंशु कुमार, शुभम् गुप्ता, प्रिंस सिंह, आकाश गिरी, मनीष वर्मा और अन्य लोग उपस्थित थे।1
- लातेहार नगर पंचायत विगत दिनों उन महिलाओं को फुटपाथ से हटा और भगा रही है, जो सब्जी, फल और फूल बेचकर अपना गुजारा कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही हैं। नगर पंचायत इन महिलाओं को अतिक्रमणकारी बता रही है। इस मामले में एक पीड़ित महिला रीता देवी ने बताया कि उनके महिला समूह ने स्वावलंबी बनने के उद्देश्य से ऋण लिया था। वह इस ऋण की मदद से फुटपाथ पर दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने और ऋण चुकाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार उन्हें फुटपाथ पर दुकान लगाने से लगातार हटा रही है। इसी तरह, अनारवा कुंवर नामक एक अन्य महिला ने बताया कि उन्हें मनरेगा योजना के तहत आम की बागवानी मिली थी, जिसका उत्पाद उनके गाँव में नहीं बिकता है। वह किसी तरह भाड़ा खर्च कर लातेहार शहर में आम बेचने आती हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार के कर्मी उन्हें भी दुकान लगाने से हटा और भगा रहे हैं।1
- गुमला जिले में नालसा और झालसा के निर्देशानुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला, श्री अजीत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर एक गहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला ने ओल्ड एज होम गुमला में विशेष तौर पर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पीएलवी (पैरा लीगल वालंटियर) भी शामिल रहे। इस अवसर पर एक मेडिकल कैंप लगाया गया जहाँ बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार दवाएँ वितरित की गईं। प्रधान जिला जज और डालसा टीम ने बुजुर्गों के बीच मिठाइयाँ और बिस्किट भी बांटे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अजीत कुमार सिंह ने बताया कि विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है, जो प्रतिवर्ष 15 जून को मनाया जाता है। उन्होंने आज के परिवेश पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चे बड़े होने पर माता-पिता से दूरी बनाने लगते हैं, जिससे परिवारों में बिखराव आता है। श्री सिंह ने परिवार में बुजुर्ग माता-पिता की छाया के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि भारतीय दादा-दादी छोटे बच्चों को भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करते हैं, जिससे माता-पिता अपने करियर और व्यक्तिगत लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं और परिवार का विकास होता है। उन्होंने वृद्ध व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय नीति और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम की शुरुआत का उल्लेख किया, जो वृद्धों को आर्थिक और भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। साथ ही, उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी बुजुर्गों के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए प्रावधानों की जानकारी दी और आश्वस्त किया कि विधिक सेवा प्राधिकार गुमला हमेशा उनकी सेवा में उपस्थित रहता है, और आवश्यकता पड़ने पर सहायता ली जा सकती है। इस अवसर पर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्री राम कुमार लाल गुप्ता ने ओल्ड एज होम में बुजुर्गों के लिए सरकार द्वारा की गई अच्छी व्यवस्थाओं की सराहना की और उनसे आराम से रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर बुजुर्ग जिला विधिक सेवा प्राधिकार को सूचित कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। श्री गुप्ता ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे जिला जज के निर्देश पर हमेशा वृद्ध आश्रम आते रहते हैं, बुजुर्गों के दुख-दर्द सुनते हैं और उन्हें दूर करने का प्रयास करते हैं, और भविष्य में भी वृद्धजनों की सेवा के लिए तत्पर रहेंगे। एलएडीसी के प्रमुख डीएन ओहदार ने भी वृद्धजनों को संबोधित करते हुए कानूनी संबंधी महत्वपूर्ण बातें बताईं। सभा का संचालन स्थाई लोक अदालत के सदस्य श्री शंभू सिंह ने किया। इस कार्यक्रम में एलएडीसी श्री जितेंद्र सिंह, डीएलएसए के प्रकाश पांडे, पीएलबी प्रेम कुमार शाह, कुंदन तिवारी, एनोस बाखला, विनय कुमार तथा संस्था के सचिव रिजोईस एरिक, वार्डन ज्योति प्रमिला केरकेटा आदि सहित अन्य कई लोग शामिल थे।1
- लातेहार के महुआडार स्थित संत जेवियर महाविद्यालय के सभागार में छेछारी घाटी के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संतुलन पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी रविवार शाम 4:00 बजे संपन्न हो गई। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य छेछारी घाटी के संघर्षों को प्रस्तुत करना और उन पर विस्तार से चर्चा करना था। आयोजन में महाविद्यालय के प्रचार फादर डॉक्टर एमके जोश, फादर दिलीप, डॉक्टर संतोष, सामाजिक कार्यकर्ता जेरोम जेराल्ड कुजूर और परवीन एकका सहित कई लोग उपस्थित थे।1
- आज दिनांक 15/06/2826 को राजधानी राँची के प्रमुख हरमू क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल और बुलडोजर (JCB) के साथ पहुंची निगम की टीम ने सड़क के दोनों किनारों पर अवैध रूप से बनाए गए दुकानों के छज्जों, शेड और फुटपाथ पर जमे अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे हरमू इलाके में दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के बीच हड़कंप मच गया। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, हरमू रोड और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में लंबे समय से सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण रोजाना भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही थी। स्थानीय निवासियों और राहगीरों को हो रही भारी परेशानी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए यह त्वरित कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान, नाली और फुटपाथ को घेरकर बनाए गए पक्के और कच्चे निर्माण को बुलडोजर से ढहा दिया गया। कई दुकानदारों का सड़क पर रखा सामान जब्त किया गया, साथ ही मौके पर ही कई लोगों से जुर्माना भी वसूला गया। निगम की टीम ने लाउडस्पीकर से सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि दोबारा उसी जगह पर अतिक्रमण पाया गया, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।2
- 15 जून को गुमला के सिविल सर्जन डॉ. शंभू नाथ चौधरी ने जिले के नागरिकों को डेंगू से सुरक्षित रहने और इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए 'सजगता और स्वच्छता' पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। डॉ. चौधरी ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला 'एडीज' मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है, और यह ज्यादातर दिन के समय काटता है। उन्होंने गुमला वासियों से अपील की कि वे मच्छरों के पनपने वाली जगहों को नष्ट करें, हर रविवार कूलर साफ करें, गमलों, पुराने टायरों, टूटे-फूटे बर्तनों और छतों पर कबाड़ में पानी जमा न होने दें। साथ ही, पानी के बर्तनों को ढककर रखने, गड्ढों और नालियों की सफाई करने तथा खुद को मच्छरों के काटने से बचाने के उपाय अपनाएं। डॉ. चौधरी ने यह भी बताया कि डेंगू के मच्छर दिन के उजाले, खासकर सुबह और शाम को, ज्यादा सक्रिय होते हैं, इसलिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले हल्के रंग के कपड़े (फुल स्लीव शर्ट और फुल पैंट) पहनें। दिन में सोते समय भी मच्छरदानी का उपयोग करने और घर से बाहर निकलते समय या घर के अंदर भी मच्छर भगाने वाली क्रीम, स्प्रे या लिक्विड (जैसे ओडोमॉस) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। डॉ. चौधरी ने डेंगू के लक्षणों को पहचानने का आग्रह करते हुए बताया कि यदि किसी को अचानक तेज बुखार (103°F - 104°F), सिर में तेज दर्द और आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द, जी मिचलाना या उल्टी होना, या त्वचा पर लाल चकत्ते उभर आएं तो इसे हल्के में न लें। उन्होंने एक विशेष चेतावनी भी दी कि बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दर्दनिवारक दवाएं (जैसे एस्पिरिन, इबुप्रोफेन या कॉम्बिफ्लेम) बिल्कुल न लें, क्योंकि ये दवाएं शरीर में प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। बुखार होने पर केवल पैरासिटामोल लेने और तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल गुमला में संपर्क करने की सलाह दी गई है। उन्होंने गंभीर डेंगू के संकेतों के बारे में भी बताया, जिसमें लगातार उल्टी होना या पेट में तेज दर्द, मसूड़ों या नाक से खून आना, अत्यधिक कमजोरी, सुस्ती या सांस लेने में तकलीफ होना और मल का रंग काला होना शामिल है। डॉ. चौधरी ने आम लोगों से कहा कि घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। सदर अस्पताल और स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू की जांच (NS1/IgM) और इलाज की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने अंत में कहा कि 'सजगता और स्वच्छता' से ही डेंगू का बचाव संभव है।1