20सितंबर2026को रांची पुराना विधानसभा सभागार रांची CPI(ML) कामरेड शंभूमहतो स्मृति साथी शम्भू महतो के अरमानों को हम मंजिल तक पहुचायेंगे शम्भू महतो की याद में स्मृति सभा 20 सितंबर, 2026, दिन रविवार, समय 11 बजे दिन से स्थान- पुराना विधानसमा सभागार, राँची। कॉ. शंभू महतो का 11 अगस्त की शाम निधन हो गया। वे पिछले कई महीनों से शारीरिक अस्वस्थता से गुजर रहे थे। उनका इलाज चल रहा था। इलाज की हर कोशिश के बाएं भी हम उन्हें बचा नहीं सके। वे सीपीआई (एमएल) झारखंड प्रांतीय कमिटी के सचिव तथा अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा से सम्बद्ध हुत झारखंड क्रांति दल के मार्गदर्शक थे। वे एक प्रतिबद्ध एवं निष्ठावान नेता थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शोषण-विहीन झारखंड तथा जनवादी एवं समाजवादी समाज व्यवस्था बनाने के लिए अर्पित कर दी। उनका जन्म बिहार के सुपौल जिले के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता जी हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक थे। छात्र जीवन में उनका जुड़ाव एसएफआई से था। स्रातक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सीआईएसएफ में नौकरी कर ली। हालांकि सीआईएसएफ में उनकी सेवा चंद वर्षों की ही थी, लेकिन इस दौरान भी जवानों की बेहतर सेवा स्थिति के मध्य में बोकारो एवं रांची के सीआईएसएफ जवानों के न्यायपूर्ण जुझारू संघर्षों और विद्रोह में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। 1978 में सेवा स्थिति के लिए उनका संघर्ष चलता रहा। 1970 के दशक वे पीसीसी सीपीआई (एमएल) के सम्पर्क में आए और पार्टी से जुड़ गये। उसके बाद पिछले 48 वर्षों से उन्होंने पूरावक्ती कार्यकर्ता के रूप में सीपीआई एमएल पार्टी में शामिल होकर मेहनतकश जनता की सेवा की। 1980 से 2009 तक वे बिहार प्रांतीय कमिटी के सदस्य रहे। 2009 में अलग झारखंड प्रांतीय कमिटी के निर्माण के बाद वे इस कमिटी के सचिव चुने गये और जीवन के अंतिम समय तक इस कमिटी के सचिव बने रहे। उनका कार्यक्षेत्र झारखंड था और वे मुख्य रूप से झारखंड के रांची, गुमला, पलामू एवं दुमका जिले में मेहनतकश जनता और खासकर शोषित-उत्पीड़ित आदिवासी समुदाय को क्रांति दल और बाद में हुल झारखंड क्रांति दल के गठन में उनकी अहम भूमिका थी। झारखंड इलाके में अनेक जुझारू को संगठित और संघर्षशील बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका का निर्वहन करते रहे। झारखंड महत्वपूर्ण भूमिका थी। झारखंडी खासकर आदिवासी जनता के शोषण उत्पीड़न में संलिप्त माफिया गिरोहों के खिलाफ सीपीआई (एमएल) संघर्षों में उनकी और हुत्त झारखंड क्रांति दल द्वारा संचालित संघर्षों में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। उस दौर में माफिया गिरोह ने किया था। उन्हें गोली मार मरा समझ छोड़ दिया था। राउरकेला के एक अस्पताल में उनको भर्ती किया गया था। लेकिन इस जानलेवा हमले ने उनपर जानलेवा हमला के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इलाज के बाद, अस्पताल से निकलने के पश्चात वे दुबारा उसी उत्साह से पार्टी के कार्यों में लग गये। उनके साथी जोसेफ लुगुन की हत्या इसी संघर्ष संघर्ष में में 25 25 अगस्त 1994 को माफियाओं द्वारा कर दी गई। उसके बाद में उस क्षेत्र की जनता ने संगठित होकर सभी माफियाओं को मार भगाया तथा पूरे क्षेत्र को माफिया से मुक्त कराया। उस समय माफियाओं ने हुल झारखंड क्रांति दल को काफी रिश्वत देने का प्रलोभन दिया था, ताकि गैर कानूनी जंगल कटाई का काम उनका जारी रहे। लेकिन शम्भू महतो तथा जोसेफ लुगुन के नेतृत्व में हुल झारखंड क्रांति दल ने इसे ठुकरा दिया। यह था हमारे नेताओं का ईमानदार एवं बहादुराना चरित्र, जो अन्य दलों के नेताओं के चरित्र से उन्हें अलग करता था। कॉ. शंभू महतो एक बेहद गंभीर, सहृदय, सौम्य एवं सरल साथी थे। मेहनतकश वर्गों, खासकर आदिवासी जनता के प्रति उनके मन में गहरा लगाव था। वे जीवनपर्यंत मेहनतकश अवाम की मुक्ति के लिए संघर्षरत रहे। उनका असामयिक निधन समस्त जनवादी, प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।। एक दिन हम सबको जाना है। मृत्यु एक ध्रुव सत्य है। लेकिन कुछ मृत्यु पंख से भी हल्की होती है, दूसरी ओर कुछ मृत्यु पहाड़ से भी भारी होती है। जिन साथियों ने आजीवन मेहनतकश जनता की सेवा और उनकी मुक्ति के संघर्षों में बिता दी, उनकी मृत्यु पहाड़ से भी भारी महसूस होती है। कॉमरेड शंभू महतो तथा जोसेफ लुगुन ऐसे ही अजीज साथी थे। इन साथियों का विचार संगठन के विचार से अलग कर के नहीं देखा जा सकता है। वे ऐसे संगठन से जुड़े थे जिसके हजारों कार्यकर्ताओं ने शोषण मुक्त भारत के लिये अपने प्राणों की बलि दी। वे ऐसे झारखण्डी संगठन के जन्मदाता थे, जिसने सिर्फ अलग झारखंड प्रान्त के लिये लड़ाई नहीं लड़ा, तूट मुक्त शोषण-विहीन झारखंड के लिए भी लड़ाई जारी रखा। उनका लक्ष्य था - नवजनवादी भारत में शोषण-विहीन झारखंड, जहां साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों तथा माफियाओं का अवशेष भी नहीं रहे। जहां जनता के संसाधन तथा श्रम को लूटकर कोई नेता तथा नौकरशाह मौज नहीं करे। आज पूरे देश में कारपोरेट परस्त, साम्प्रदायिक फासीवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है। केन्द्र सरकार की मदद से झारखंड की सम्पदा लूटने के लिये माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 में संशोधन किया जा हो। आदिवासियों तथा दलितों को कम प्रतिनिधित्व देने के लिये परिसीमन का हथकंडा चलाया जानेवाला है। इस कठिन परिस्थिति में इस तरह के क्रांतिकारी संगठन तथा नेतृत्व का महत्व काफी बढ़ जाता है। आये हम मिलजुलकर आवाज दें। जंगल, जमीन, खनिज की लूट, नहीं किसी को इसकी छूट। नई सुबह के वास्ते, चलो बिरसा के रास्ते। शहीदों के सपने को साकार करने के लिये स्मृति सभा में शामिल हों। हमारे संगठन के नायक विलियम लुगुन, जोसेफ लुगुन बाबू धन मुर्मू, पी० नारायण, कमल यादव तथा शम्भु महतो को हुल जोहार क्रांतिकारी अभिनन्दन के साथ, सीपीआई एमएल तथा हुल झारखण्ड क्रांति दल
20सितंबर2026को रांची पुराना विधानसभा सभागार रांची CPI(ML) कामरेड शंभूमहतो स्मृति साथी शम्भू महतो के अरमानों को हम मंजिल तक पहुचायेंगे शम्भू महतो की याद में स्मृति सभा 20 सितंबर, 2026, दिन रविवार, समय 11 बजे दिन से स्थान- पुराना विधानसमा सभागार, राँची। कॉ. शंभू महतो का 11 अगस्त की शाम निधन हो गया। वे पिछले कई महीनों से शारीरिक अस्वस्थता से गुजर रहे थे। उनका इलाज चल रहा था। इलाज की हर कोशिश के बाएं भी हम उन्हें बचा नहीं सके। वे सीपीआई (एमएल) झारखंड प्रांतीय कमिटी के सचिव तथा अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा से सम्बद्ध हुत झारखंड क्रांति दल के मार्गदर्शक थे। वे एक प्रतिबद्ध एवं निष्ठावान नेता थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शोषण-विहीन झारखंड तथा जनवादी एवं समाजवादी समाज व्यवस्था बनाने के लिए अर्पित कर दी। उनका जन्म बिहार के सुपौल जिले के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता जी हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक थे। छात्र जीवन में उनका जुड़ाव एसएफआई से था। स्रातक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सीआईएसएफ में नौकरी कर ली। हालांकि सीआईएसएफ में उनकी सेवा चंद वर्षों की ही थी, लेकिन इस दौरान भी जवानों की बेहतर सेवा स्थिति के मध्य में बोकारो एवं रांची के सीआईएसएफ जवानों के न्यायपूर्ण जुझारू संघर्षों और विद्रोह में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। 1978 में सेवा स्थिति के लिए उनका संघर्ष चलता रहा। 1970 के दशक वे पीसीसी सीपीआई (एमएल) के सम्पर्क में आए और पार्टी से जुड़ गये। उसके बाद पिछले 48 वर्षों से उन्होंने पूरावक्ती कार्यकर्ता के रूप में सीपीआई एमएल पार्टी में शामिल होकर मेहनतकश जनता की सेवा की। 1980 से 2009 तक वे बिहार प्रांतीय कमिटी के सदस्य रहे। 2009 में अलग झारखंड प्रांतीय कमिटी के निर्माण के बाद वे इस कमिटी के सचिव चुने गये और जीवन के अंतिम समय तक इस कमिटी के सचिव बने रहे। उनका कार्यक्षेत्र झारखंड था और वे मुख्य रूप से झारखंड के रांची, गुमला, पलामू एवं दुमका जिले में मेहनतकश जनता और खासकर शोषित-उत्पीड़ित आदिवासी समुदाय को क्रांति दल और बाद में हुल झारखंड क्रांति दल के गठन में उनकी अहम भूमिका थी। झारखंड इलाके में अनेक जुझारू को संगठित और संघर्षशील बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका का निर्वहन करते रहे। झारखंड महत्वपूर्ण भूमिका थी। झारखंडी खासकर आदिवासी जनता के शोषण उत्पीड़न में संलिप्त माफिया गिरोहों के खिलाफ सीपीआई (एमएल) संघर्षों में उनकी और हुत्त झारखंड क्रांति दल द्वारा संचालित संघर्षों में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। उस दौर में माफिया गिरोह ने किया था। उन्हें गोली मार मरा समझ छोड़ दिया था। राउरकेला के एक अस्पताल में उनको भर्ती किया गया था। लेकिन इस जानलेवा हमले ने उनपर जानलेवा हमला के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इलाज के बाद, अस्पताल से निकलने के पश्चात वे दुबारा उसी उत्साह से पार्टी के कार्यों में लग गये। उनके साथी जोसेफ लुगुन की हत्या इसी संघर्ष संघर्ष में में 25 25 अगस्त 1994 को माफियाओं द्वारा कर दी गई। उसके बाद में उस क्षेत्र की जनता ने संगठित होकर सभी माफियाओं को मार भगाया तथा पूरे क्षेत्र को माफिया से मुक्त कराया। उस समय माफियाओं ने हुल झारखंड क्रांति दल को काफी रिश्वत देने का प्रलोभन दिया था, ताकि गैर कानूनी जंगल कटाई का काम उनका जारी रहे। लेकिन शम्भू महतो तथा जोसेफ लुगुन के नेतृत्व में हुल झारखंड क्रांति दल ने इसे ठुकरा दिया। यह था हमारे नेताओं का ईमानदार एवं बहादुराना चरित्र, जो अन्य दलों के नेताओं के चरित्र से उन्हें अलग करता था। कॉ. शंभू महतो एक बेहद गंभीर, सहृदय, सौम्य एवं सरल साथी थे। मेहनतकश वर्गों, खासकर आदिवासी जनता के प्रति उनके मन में गहरा लगाव था। वे जीवनपर्यंत मेहनतकश अवाम की मुक्ति के लिए संघर्षरत रहे। उनका असामयिक निधन समस्त जनवादी, प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।। एक दिन हम सबको जाना है। मृत्यु एक ध्रुव सत्य है। लेकिन कुछ मृत्यु पंख से भी हल्की होती है, दूसरी ओर कुछ मृत्यु पहाड़ से भी भारी होती है। जिन साथियों ने आजीवन मेहनतकश जनता की सेवा और उनकी मुक्ति के संघर्षों में बिता दी, उनकी मृत्यु पहाड़ से भी भारी महसूस होती है। कॉमरेड शंभू महतो तथा जोसेफ लुगुन ऐसे ही अजीज साथी थे। इन साथियों का विचार संगठन के विचार से अलग कर के नहीं देखा जा सकता है। वे ऐसे संगठन से जुड़े थे जिसके हजारों कार्यकर्ताओं ने शोषण मुक्त भारत के लिये अपने प्राणों की बलि दी। वे ऐसे झारखण्डी संगठन के जन्मदाता थे, जिसने सिर्फ अलग झारखंड प्रान्त के लिये लड़ाई नहीं लड़ा, तूट मुक्त शोषण-विहीन झारखंड के लिए भी लड़ाई जारी रखा। उनका लक्ष्य था - नवजनवादी भारत में शोषण-विहीन झारखंड, जहां साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों तथा माफियाओं का अवशेष भी नहीं रहे। जहां जनता के संसाधन तथा श्रम को लूटकर कोई नेता तथा नौकरशाह मौज नहीं करे। आज पूरे देश में कारपोरेट परस्त, साम्प्रदायिक फासीवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है। केन्द्र सरकार की मदद से झारखंड की सम्पदा लूटने के लिये माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 में संशोधन किया जा हो। आदिवासियों तथा दलितों को कम प्रतिनिधित्व देने के लिये परिसीमन का हथकंडा चलाया जानेवाला है। इस कठिन परिस्थिति में इस तरह के क्रांतिकारी संगठन तथा नेतृत्व का महत्व काफी बढ़ जाता है। आये हम मिलजुलकर आवाज दें। जंगल, जमीन, खनिज की लूट, नहीं किसी को इसकी छूट। नई सुबह के वास्ते, चलो बिरसा के रास्ते। शहीदों के सपने को साकार करने के लिये स्मृति सभा में शामिल हों। हमारे संगठन के नायक विलियम लुगुन, जोसेफ लुगुन बाबू धन मुर्मू, पी० नारायण, कमल यादव तथा शम्भु महतो को हुल जोहार क्रांतिकारी अभिनन्दन के साथ, सीपीआई एमएल तथा हुल झारखण्ड क्रांति दल
- गोड्डा से बिहार तक मदद का सफर80 KM का सफर तय कर पहुंचे बाढ़ प्रभावित इलाके में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण हैं। इसी बीच गोड्डा के कुछ युवा करीब 80 किलोमीटर का सफर तय कर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचे और जरूरतमंदों के बीच कपड़ों का वितरण किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने की ये पहल बताती है कि मुश्किल वक्त में इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती। 🤝1
- Aaj kandhari chauk mein akhada ke pass Sandhya manaya ja Raha Sandhya Karma se pahle manaya ja raha hai Aaj kandari chauk mein Karma ka Sandhya manaya ja raha hai ki gai thi Sundar raho1
- जरियागढ की बेटी एंव उनके टीम हाॅकी की विमेंस जूनियर एशिया कप चैंपियन। आदिवासी लोक वर्ता संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ गांव की बेटी विनीमा धान और उनके टीम ने जूनियर विवेंस हॉकी एशिया कप चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए विजय का परचम लहराया। अपनी मेहनत, जुनून और प्रतिभा के दम पर विनीमा ने न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ और पूरे खूंटी जिले का नाम गौरवान्वित किया। विनिमा धान की सफलता का क्षेत्र में सभी तारीफ किया जा रहा है, वहीं अन्य लड़कियों ने विनिमा को अपना प्रेरणादायक मान रहे है। आज गाँव आने पर जोरदार स्वागत किया गया।1
- राशन कार्ड के नियम बदले, अब 6 दस्तावेज के बिना आवेदन नहीं होगा पूरा हर सदस्य का जन्म प्रमाण पत्र जरूरी, अलग-अलग मोबाइल नंबर से होगा OTP सत्यापन झारखंड में राशन कार्ड बनवाने, परिवार के नए सदस्य का नाम जोड़ने और पुराने कार्ड में सुधार कराने वालों के लिए जरूरी खबर है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड से जुड़ी आवेदन प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज अपलोड किए बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा। आवेदक को घर की फोटो, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी और पासपोर्ट साइज फोटो सहित छह जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। हर सदस्य का जन्म प्रमाण पत्र जरूरी राशन कार्ड में शामिल प्रत्येक सदस्य का जन्म प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने पर मैट्रिक प्रमाण पत्र मान्य किया जाएगा। साथ ही परिवार के सभी सदस्यों के अलग-अलग मोबाइल नंबर पर OTP भेजकर सत्यापन किया जाएगा। e-KYC के बाद होगा भौतिक सत्यापन आवेदन से पहले संबंधित PDS डीलर के यहां e-KYC कराना जरूरी होगा। इसके बाद विभाग की ओर से घर और जमा किए गए दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राशन कार्ड जारी किया जाएगा। इस बदलाव के बाद नए आवेदकों के साथ पुराने राशन कार्डधारकों के लिए भी परिवार के सदस्यों, मोबाइल नंबर और दस्तावेजों की जानकारी अपडेट रखना जरूरी हो गया है।1
- गोला रामगढ़ : कल्याण विभाग की जमीन पर कब्जे का आरोप, आदिवासियों को ही गाड़ी खड़ी करने से रोका1
- कर्णपुरा महाविद्यालय में हर्षोल्लास से मनाया गया करमा महोत्सव बड़कागांव। कर्णपुरा महाविद्यालय, बड़कागांव में झारखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपरा और प्रकृति प्रेम के प्रतीक करमा महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक श्री लोकनाथ महतो रहे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कीर्तिनाथ महतो ने की। कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ करम देव की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में करमा गीत एवं लोकनृत्य प्रस्तुत किए। करमा गीतों की मनमोहक धुन पर छात्र-छात्राएं नाचते-गाते और झूमते नजर आए, जिससे पूरा महाविद्यालय परिसर उत्सव के रंग में रंग गया। मुख्य अतिथि श्री लोकनाथ महतो ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमारी लोक-संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कीर्तिनाथ महतो ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी लोक-संस्कृति, परंपरा और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस अवसर पर कुशवाहा समाज के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष श्री सोहनलाल मेहता ने करमा पर्व को झारखंड की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत बताते हुए युवा पीढ़ी से इसके संरक्षण एवं संवर्धन का आह्वान किया। समाजसेवी डॉ. बालेश्वर महतो ने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं कांग्रेस नेता श्री सुरेश महतो ने भी करमा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. निरंजन प्रसाद नीरज ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, सभी अतिथियों, प्राचार्य, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- RIMS Ranchi में कथित बदसलूकी पर होगी कार्रवाई ? प्रबंधन और Health Minister से बड़ा सवाल ! Ranchi News RIMS Ranchi में कथित बदसलूकी पर होगी कार्रवाई ? प्रबंधन और Health Minister से बड़ा सवाल ! Ranchi News RIMS Ranchi News | Ranchi News | Jharkhand News रिम्स में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज के आरोपों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल—क्या इस मामले में कार्रवाई होगी? क्या RIMS Management इस वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की जांच करेगा? क्या Health Minister इस मामले में एक्शन के निर्देश देंगे? क्या मरीजों के परिजनों को अस्पताल में इस तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ेगा या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी? अगर जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या संबंधित स्टाफ पर departmental action या legal action होना चाहिए? आप क्या सोचते हैं? कार्रवाई होनी चाहिए या नहीं? Comment Box में अपनी राय जरूर बताइए। यह वीडियो सामने आए वीडियो और लगाए गए आरोपों के संदर्भ में जन-जागरूकता और सार्वजनिक चर्चा के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए। This live stream is for informational and public awareness purposes only. Ranchi Club TV | सच्ची खबर, सबसे पहले RIMS Ranchi, RIMS Ranchi News, RIMS News, RIMS Latest News, Ranchi News, Ranchi Latest News, Jharkhand News, Jharkhand Latest News, RIMS Hospital, RIMS Management, RIMS Staff, RIMS Viral Video, RIMS Controversy, RIMS Action, RIMS Complaint, Health Minister Jharkhand, Health Department Jharkhand, Patient Rights, Hospital Staff Behaviour, Hospital News Ranchi, रिम्स रांची, रिम्स न्यूज़, रिम्स में कार्रवाई, रिम्स अस्पताल, रांची न्यूज़, झारखंड न्यूज़, मरीज के परिजन, अस्पताल में दुर्व्यवहार, Ranchi Club TV #RIMS #RIMSRanchi #RIMSNews #RanchiNews #JharkhandNews #Ranchi #Jharkhand #RIMSManagement #HealthMinister #PatientRights #HospitalNews #PublicAwareness #RanchiClubTV1
- अब CM हेमंत सोरेन संभालेंगे 3 अहम विभाग! सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद बड़ा फेरबदल झारखंड में बड़ा प्रशासनिक बदलाव! दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पास रहे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास और पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संभालेंगे। नए विभागीय बंटवारे तक इन तीनों अहम विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के पास रहेगी। अब इन विभागों से जुड़े लंबित कामों और नीतिगत फैसलों पर सीधे CM की निगरानी रहेगी। #Jharkhand #HemantSoren #JharkhandNews #Ranchi #BreakingNews #GovernmentUpdate #SpeakUpJharkhand1
- रामगढ़ दुलमी : झामुमो दुलमी प्रखंड समिति ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन1