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गोला रामगढ़ : कल्याण विभाग की जमीन पर कब्जे का आरोप, आदिवासियों को ही गाड़ी खड़ी करने से रोका

2 hrs ago
user_Dilip Karmali
Dilip Karmali
रिपोर्टर मो. 7857961735 Gola, Ramgarh•
2 hrs ago

गोला रामगढ़ : कल्याण विभाग की जमीन पर कब्जे का आरोप, आदिवासियों को ही गाड़ी खड़ी करने से रोका

More news from Ramgarh and nearby areas
  • गोला रामगढ़ : कल्याण विभाग की जमीन पर कब्जे का आरोप, आदिवासियों को ही गाड़ी खड़ी करने से रोका
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    गोला रामगढ़ : कल्याण विभाग की जमीन पर कब्जे का आरोप, आदिवासियों को ही गाड़ी खड़ी करने से रोका
    user_Dilip Karmali
    Dilip Karmali
    रिपोर्टर मो. 7857961735 Gola, Ramgarh•
    2 hrs ago
  • रविवार की छुट्टी छोड़ सड़क पर उतरे सरफराज शाहिदी जेसीबी लगवाकर ईरबा-ओयना रोड को कराया चलने लायक
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    रविवार की छुट्टी छोड़ सड़क पर उतरे सरफराज शाहिदी जेसीबी लगवाकर ईरबा-ओयना रोड को कराया चलने लायक
    user_REHAN
    REHAN
    Local News Reporter ओरमांझी, रांची, झारखंड•
    10 hrs ago
  • कुजू ओपी क्षेत्र के बोंगावर में हाइवा के चपेट में आने से ट्रैक्टर के उपचालक की मौत , ग्रामीणों ने किया सड़क जाम हाइवा के चपेट में आने से उपचालक की मौत , ग्रामीणों ने किया सड़क जाम ,भरी मसक्कत के बाद छूटी जाम
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    कुजू ओपी क्षेत्र के बोंगावर में हाइवा के चपेट में आने से ट्रैक्टर के उपचालक की मौत , ग्रामीणों ने किया सड़क जाम 
हाइवा के चपेट में आने से उपचालक की मौत , ग्रामीणों ने किया सड़क जाम ,भरी मसक्कत के बाद छूटी जाम
    user_आशीष कुमार मुखर्जी
    आशीष कुमार मुखर्जी
    रिपोर्टर रामगढ़, रामगढ़, झारखंड•
    14 hrs ago
  • गढ़वा में लूटी बाइक से MP में डकैती! 3 राज्यों तक फैला अपराध का नेटवर्क गढ़वा से लूटी गई बाइक के जरिए मध्य प्रदेश के विंध्यनगर स्थित कंचन ज्वेलर्स में डकैती की गई। वारदात के बाद भाग रहे आरोपियों को यूपी के अनपारा में पुलिस ने पकड़ा। जांच में तीन राज्यों तक फैले कथित अंतर्राज्यीय गिरोह की कड़ियां सामने आई हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से बाइक, सोना और नकदी बरामद की है। फरार आरोपी की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। #Garhwa #Jharkhand #MadhyaPradesh #UttarPradesh #CrimeNews #GarhwaNews #InterstateGang #JharkhandNews #CrimeUpdate #SpeakUpJharkhand
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    गढ़वा में लूटी बाइक से MP में डकैती!
3 राज्यों तक फैला अपराध का नेटवर्क
गढ़वा से लूटी गई बाइक के जरिए मध्य प्रदेश के विंध्यनगर स्थित कंचन ज्वेलर्स में डकैती की गई। वारदात के बाद भाग रहे आरोपियों को यूपी के अनपारा में पुलिस ने पकड़ा। जांच में तीन राज्यों तक फैले कथित अंतर्राज्यीय गिरोह की कड़ियां सामने आई हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बाइक, सोना और नकदी बरामद की है। फरार आरोपी की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
#Garhwa #Jharkhand #MadhyaPradesh #UttarPradesh #CrimeNews #GarhwaNews #InterstateGang #JharkhandNews #CrimeUpdate #SpeakUpJharkhand
    user_SpeakupJharkhand
    SpeakupJharkhand
    Local News Reporter कांके, रांची, झारखंड•
    56 min ago
  • जल्दी निपटा ले बैंक का काम, होगा राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल... #bankstrike #bankunion #banker #bankstrikenews #strikebank #bankband #jharkhand_news #unionbudget2026
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    जल्दी निपटा ले बैंक का काम, होगा राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल... #bankstrike #bankunion #banker #bankstrikenews #strikebank #bankband #jharkhand_news #unionbudget2026
    user_Nation24 news
    Nation24 news
    News Anchor कांके, रांची, झारखंड•
    1 hr ago
  • 40 साल पुराना Bonsai ! कीमत ₹2 लाख ! Green Garden Enterprises Ranchi 40 साल पुराना Bonsai ! कीमत ₹2 लाख ! Green Garden Enterprises Ranchi रांची में दिखा 40 साल पुराना तैयार किया हुआ Bonsai पौधा! 🌳 Green Garden Enterprises के संचालक के अनुसार, यह Bonsai करीब 40 साल पुराना है और इसका Structure काफी खूबसूरत तरीके से तैयार हुआ है। बताया गया है कि इस Bonsai की कीमत ₹2 लाख है और इसकी दोबारा Repotting की जाएगी। एक पौधे को Bonsai के रूप में तैयार करने में वर्षों की देखभाल और लगातार मेहनत लगती है। इस खास Bonsai की उम्र, Structure और कीमत ने इसे आकर्षण का केंद्र बना दिया है। 📍 Green Garden Enterprises, Ranchi 📞 9334427102 | 9334909862 Poude ki duniya mein 40 saal purana Bonsai — ₹2 lakh ki keemat! This video is for informational and public awareness purposes only. Ranchi Club TV — सच्ची खबर, सबसे पहले 40 year old bonsai, 40 years old bonsai, bonsai plant, bonsai tree, bonsai plant price, 2 lakh bonsai, 2 lakh rupees bonsai, expensive bonsai, expensive plant, rare bonsai, old bonsai plant, bonsai Ranchi, Ranchi bonsai, bonsai plant Ranchi, Green Garden Enterprises, Green Garden Ranchi, Green Garden Nursery Ranchi, Ranchi Nursery, nursery in Ranchi, plants in Ranchi, gardening Ranchi, bonsai gardening, bonsai lovers, bonsai India, पौधा, बोनसाई पौधा, 40 साल पुराना बोनसाई, 40 साल पुराना पौधा, 2 लाख का बोनसाई, दो लाख का पौधा, रांची बोनसाई, रांची नर्सरी, Green Garden Enterprises Ranchi, Ranchi Club TV, Jharkhand #Bonsai #BonsaiPlant #40YearOldBonsai #BonsaiRanchi #Ranchi #GreenGardenEnterprises #RanchiNursery #Gardening #BonsaiLovers #PlantLovers #ExpensiveBonsai #Jharkhand #RanchiClubTV #पौधा #बोनसाई
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    40 साल पुराना Bonsai ! कीमत ₹2 लाख ! Green Garden Enterprises Ranchi
40 साल पुराना Bonsai ! कीमत ₹2 लाख ! Green Garden Enterprises Ranchi
रांची में दिखा 40 साल पुराना तैयार किया हुआ Bonsai पौधा! 🌳
Green Garden Enterprises के संचालक के अनुसार, यह Bonsai करीब 40 साल पुराना है और इसका Structure काफी खूबसूरत तरीके से तैयार हुआ है। बताया गया है कि इस Bonsai की कीमत ₹2 लाख है और इसकी दोबारा Repotting की जाएगी।
एक पौधे को Bonsai के रूप में तैयार करने में वर्षों की देखभाल और लगातार मेहनत लगती है। इस खास Bonsai की उम्र, Structure और कीमत ने इसे आकर्षण का केंद्र बना दिया है।
📍 Green Garden Enterprises, Ranchi
📞 9334427102 | 9334909862
Poude ki duniya mein 40 saal purana Bonsai — ₹2 lakh ki keemat! 
This video is for informational and public awareness purposes only.
Ranchi Club TV — सच्ची खबर, सबसे पहले
40 year old bonsai, 40 years old bonsai, bonsai plant, bonsai tree, bonsai plant price, 2 lakh bonsai, 2 lakh rupees bonsai, expensive bonsai, expensive plant, rare bonsai, old bonsai plant, bonsai Ranchi, Ranchi bonsai, bonsai plant Ranchi, Green Garden Enterprises, Green Garden Ranchi, Green Garden Nursery Ranchi, Ranchi Nursery, nursery in Ranchi, plants in Ranchi, gardening Ranchi, bonsai gardening, bonsai lovers, bonsai India, पौधा, बोनसाई पौधा, 40 साल पुराना बोनसाई, 40 साल पुराना पौधा, 2 लाख का बोनसाई, दो लाख का पौधा, रांची बोनसाई, रांची नर्सरी, Green Garden Enterprises Ranchi, Ranchi Club TV, Jharkhand
#Bonsai #BonsaiPlant #40YearOldBonsai #BonsaiRanchi #Ranchi #GreenGardenEnterprises #RanchiNursery #Gardening #BonsaiLovers #PlantLovers #ExpensiveBonsai #Jharkhand #RanchiClubTV #पौधा #बोनसाई
    user_Ranchi Club Tv
    Ranchi Club Tv
    Media house कांके, रांची, झारखंड•
    2 hrs ago
  • 20सितंबर2026को रांची पुराना विधानसभा सभागार रांची CPI(ML) कामरेड शंभूमहतो स्मृति साथी शम्भू महतो के अरमानों को हम मंजिल तक पहुचायेंगे शम्भू महतो की याद में स्मृति सभा 20 सितंबर, 2026, दिन रविवार, समय 11 बजे दिन से स्थान- पुराना विधानसमा सभागार, राँची। कॉ. शंभू महतो का 11 अगस्त की शाम निधन हो गया। वे पिछले कई महीनों से शारीरिक अस्वस्थता से गुजर रहे थे। उनका इलाज चल रहा था। इलाज की हर कोशिश के बाएं भी हम उन्हें बचा नहीं सके। वे सीपीआई (एमएल) झारखंड प्रांतीय कमिटी के सचिव तथा अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा से सम्बद्ध हुत झारखंड क्रांति दल के मार्गदर्शक थे। वे एक प्रतिबद्ध एवं निष्ठावान नेता थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शोषण-विहीन झारखंड तथा जनवादी एवं समाजवादी समाज व्यवस्था बनाने के लिए अर्पित कर दी। उनका जन्म बिहार के सुपौल जिले के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता जी हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक थे। छात्र जीवन में उनका जुड़ाव एसएफआई से था। स्रातक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सीआईएसएफ में नौकरी कर ली। हालांकि सीआईएसएफ में उनकी सेवा चंद वर्षों की ही थी, लेकिन इस दौरान भी जवानों की बेहतर सेवा स्थिति के मध्य में बोकारो एवं रांची के सीआईएसएफ जवानों के न्यायपूर्ण जुझारू संघर्षों और विद्रोह में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। 1978 में सेवा स्थिति के लिए उनका संघर्ष चलता रहा। 1970 के दशक वे पीसीसी सीपीआई (एमएल) के सम्पर्क में आए और पार्टी से जुड़ गये। उसके बाद पिछले 48 वर्षों से उन्होंने पूरावक्ती कार्यकर्ता के रूप में सीपीआई एमएल पार्टी में शामिल होकर मेहनतकश जनता की सेवा की। 1980 से 2009 तक वे बिहार प्रांतीय कमिटी के सदस्य रहे। 2009 में अलग झारखंड प्रांतीय कमिटी के निर्माण के बाद वे इस कमिटी के सचिव चुने गये और जीवन के अंतिम समय तक इस कमिटी के सचिव बने रहे। उनका कार्यक्षेत्र झारखंड था और वे मुख्य रूप से झारखंड के रांची, गुमला, पलामू एवं दुमका जिले में मेहनतकश जनता और खासकर शोषित-उत्पीड़ित आदिवासी समुदाय को क्रांति दल और बाद में हुल झारखंड क्रांति दल के गठन में उनकी अहम भूमिका थी। झारखंड इलाके में अनेक जुझारू को संगठित और संघर्षशील बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका का निर्वहन करते रहे। झारखंड महत्वपूर्ण भूमिका थी। झारखंडी खासकर आदिवासी जनता के शोषण उत्पीड़न में संलिप्त माफिया गिरोहों के खिलाफ सीपीआई (एमएल) संघर्षों में उनकी और हुत्त झारखंड क्रांति दल द्वारा संचालित संघर्षों में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। उस दौर में माफिया गिरोह ने किया था। उन्हें गोली मार मरा समझ छोड़ दिया था। राउरकेला के एक अस्पताल में उनको भर्ती किया गया था। लेकिन इस जानलेवा हमले ने उनपर जानलेवा हमला के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इलाज के बाद, अस्पताल से निकलने के पश्चात वे दुबारा उसी उत्साह से पार्टी के कार्यों में लग गये। उनके साथी जोसेफ लुगुन की हत्या इसी संघर्ष संघर्ष में में 25 25 अगस्त 1994 को माफियाओं द्वारा कर दी गई। उसके बाद में उस क्षेत्र की जनता ने संगठित होकर सभी माफियाओं को मार भगाया तथा पूरे क्षेत्र को माफिया से मुक्त कराया। उस समय माफियाओं ने हुल झारखंड क्रांति दल को काफी रिश्वत देने का प्रलोभन दिया था, ताकि गैर कानूनी जंगल कटाई का काम उनका जारी रहे। लेकिन शम्भू महतो तथा जोसेफ लुगुन के नेतृत्व में हुल झारखंड क्रांति दल ने इसे ठुकरा दिया। यह था हमारे नेताओं का ईमानदार एवं बहादुराना चरित्र, जो अन्य दलों के नेताओं के चरित्र से उन्हें अलग करता था। कॉ. शंभू महतो एक बेहद गंभीर, सहृदय, सौम्य एवं सरल साथी थे। मेहनतकश वर्गों, खासकर आदिवासी जनता के प्रति उनके मन में गहरा लगाव था। वे जीवनपर्यंत मेहनतकश अवाम की मुक्ति के लिए संघर्षरत रहे। उनका असामयिक निधन समस्त जनवादी, प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।। एक दिन हम सबको जाना है। मृत्यु एक ध्रुव सत्य है। लेकिन कुछ मृत्यु पंख से भी हल्की होती है, दूसरी ओर कुछ मृत्यु पहाड़ से भी भारी होती है। जिन साथियों ने आजीवन मेहनतकश जनता की सेवा और उनकी मुक्ति के संघर्षों में बिता दी, उनकी मृत्यु पहाड़ से भी भारी महसूस होती है। कॉमरेड शंभू महतो तथा जोसेफ लुगुन ऐसे ही अजीज साथी थे। इन साथियों का विचार संगठन के विचार से अलग कर के नहीं देखा जा सकता है। वे ऐसे संगठन से जुड़े थे जिसके हजारों कार्यकर्ताओं ने शोषण मुक्त भारत के लिये अपने प्राणों की बलि दी। वे ऐसे झारखण्डी संगठन के जन्मदाता थे, जिसने सिर्फ अलग झारखंड प्रान्त के लिये लड़ाई नहीं लड़ा, तूट मुक्त शोषण-विहीन झारखंड के लिए भी लड़ाई जारी रखा। उनका लक्ष्य था - नवजनवादी भारत में शोषण-विहीन झारखंड, जहां साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों तथा माफियाओं का अवशेष भी नहीं रहे। जहां जनता के संसाधन तथा श्रम को लूटकर कोई नेता तथा नौकरशाह मौज नहीं करे। आज पूरे देश में कारपोरेट परस्त, साम्प्रदायिक फासीवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है। केन्द्र सरकार की मदद से झारखंड की सम्पदा लूटने के लिये माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 में संशोधन किया जा हो। आदिवासियों तथा दलितों को कम प्रतिनिधित्व देने के लिये परिसीमन का हथकंडा चलाया जानेवाला है। इस कठिन परिस्थिति में इस तरह के क्रांतिकारी संगठन तथा नेतृत्व का महत्व काफी बढ़ जाता है। आये हम मिलजुलकर आवाज दें। जंगल, जमीन, खनिज की लूट, नहीं किसी को इसकी छूट। नई सुबह के वास्ते, चलो बिरसा के रास्ते। शहीदों के सपने को साकार करने के लिये स्मृति सभा में शामिल हों। हमारे संगठन के नायक विलियम लुगुन, जोसेफ लुगुन बाबू धन मुर्मू, पी० नारायण, कमल यादव तथा शम्भु महतो को हुल जोहार क्रांतिकारी अभिनन्दन के साथ, सीपीआई एमएल तथा हुल झारखण्ड क्रांति दल
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    20सितंबर2026को रांची पुराना विधानसभा सभागार रांची CPI(ML) कामरेड शंभूमहतो स्मृति
साथी शम्भू महतो के अरमानों को हम मंजिल तक पहुचायेंगे शम्भू महतो की याद में स्मृति सभा 20 सितंबर, 2026, दिन रविवार, समय 11 बजे दिन से स्थान- पुराना विधानसमा सभागार, राँची। कॉ. शंभू महतो का 11 अगस्त की शाम निधन हो गया। वे पिछले कई महीनों से शारीरिक अस्वस्थता से गुजर रहे थे। उनका इलाज चल रहा था। इलाज की हर कोशिश के बाएं भी हम उन्हें बचा नहीं सके। वे सीपीआई (एमएल) झारखंड प्रांतीय कमिटी के सचिव तथा अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा से सम्बद्ध हुत झारखंड क्रांति दल के मार्गदर्शक थे। वे एक प्रतिबद्ध एवं निष्ठावान नेता थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शोषण-विहीन झारखंड तथा जनवादी एवं समाजवादी समाज व्यवस्था बनाने के लिए अर्पित कर दी। उनका जन्म बिहार के सुपौल जिले के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता जी हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक थे। छात्र जीवन में उनका जुड़ाव एसएफआई से था। स्रातक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सीआईएसएफ में नौकरी कर ली। हालांकि सीआईएसएफ में उनकी सेवा चंद वर्षों की ही थी, लेकिन इस दौरान भी जवानों की बेहतर सेवा स्थिति के मध्य में बोकारो एवं रांची के सीआईएसएफ जवानों के न्यायपूर्ण जुझारू संघर्षों और विद्रोह में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। 1978 में सेवा स्थिति के लिए उनका संघर्ष चलता रहा। 1970 के दशक वे पीसीसी सीपीआई (एमएल) के सम्पर्क में आए और पार्टी से जुड़ गये। उसके बाद पिछले 48 वर्षों से उन्होंने पूरावक्ती कार्यकर्ता के रूप में सीपीआई एमएल पार्टी में शामिल होकर मेहनतकश जनता की सेवा की। 1980 से 2009 तक वे बिहार प्रांतीय कमिटी के सदस्य रहे। 2009 में अलग झारखंड प्रांतीय कमिटी के निर्माण के बाद वे इस कमिटी के सचिव चुने गये और जीवन के अंतिम समय तक इस कमिटी के सचिव बने रहे। उनका कार्यक्षेत्र झारखंड था और वे मुख्य रूप से झारखंड के रांची, गुमला, पलामू एवं दुमका जिले में मेहनतकश जनता और खासकर शोषित-उत्पीड़ित आदिवासी समुदाय को क्रांति दल और बाद में हुल झारखंड क्रांति दल के गठन में उनकी अहम भूमिका थी। झारखंड इलाके में अनेक जुझारू को संगठित और संघर्षशील बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका का निर्वहन करते रहे। झारखंड महत्वपूर्ण भूमिका थी। झारखंडी खासकर आदिवासी जनता के शोषण उत्पीड़न में संलिप्त माफिया गिरोहों के खिलाफ सीपीआई (एमएल) संघर्षों में उनकी और हुत्त झारखंड क्रांति दल द्वारा संचालित संघर्षों में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका थी। उस दौर में माफिया गिरोह ने किया था। उन्हें गोली मार मरा समझ छोड़ दिया था। राउरकेला के एक अस्पताल में उनको भर्ती किया गया था। लेकिन इस जानलेवा हमले ने उनपर जानलेवा हमला के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इलाज के बाद, अस्पताल से निकलने के पश्चात वे दुबारा उसी उत्साह से पार्टी के कार्यों में लग गये। उनके साथी जोसेफ लुगुन की हत्या इसी संघर्ष संघर्ष में में 25 25 अगस्त 1994 को माफियाओं द्वारा कर दी गई। उसके बाद में उस क्षेत्र की जनता ने संगठित होकर सभी माफियाओं को मार भगाया तथा पूरे क्षेत्र को माफिया से मुक्त कराया। उस समय माफियाओं ने हुल झारखंड क्रांति दल को काफी रिश्वत देने का प्रलोभन दिया था, ताकि गैर कानूनी जंगल कटाई का काम उनका जारी रहे। लेकिन शम्भू महतो तथा जोसेफ लुगुन के नेतृत्व में हुल झारखंड क्रांति दल ने इसे ठुकरा दिया। यह था हमारे नेताओं का ईमानदार एवं बहादुराना चरित्र, जो अन्य दलों के नेताओं के चरित्र से उन्हें अलग करता था। कॉ. शंभू महतो एक बेहद गंभीर, सहृदय, सौम्य एवं सरल साथी थे। मेहनतकश वर्गों, खासकर आदिवासी जनता के प्रति उनके मन में गहरा लगाव था। वे जीवनपर्यंत मेहनतकश अवाम की मुक्ति के लिए संघर्षरत रहे। उनका असामयिक निधन समस्त जनवादी, प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।। एक दिन हम सबको जाना है। मृत्यु एक ध्रुव सत्य है। लेकिन कुछ मृत्यु पंख से भी हल्की होती है, दूसरी ओर कुछ मृत्यु पहाड़ से भी भारी होती है। जिन साथियों ने आजीवन मेहनतकश जनता की सेवा और उनकी मुक्ति के संघर्षों में बिता दी, उनकी मृत्यु पहाड़ से भी भारी महसूस होती है। कॉमरेड शंभू महतो तथा जोसेफ लुगुन ऐसे ही अजीज साथी थे। इन साथियों का विचार संगठन के विचार से अलग कर के नहीं देखा जा सकता है। वे ऐसे संगठन से जुड़े थे जिसके हजारों कार्यकर्ताओं ने शोषण मुक्त भारत के लिये अपने प्राणों की बलि दी। वे ऐसे झारखण्डी संगठन के जन्मदाता थे, जिसने सिर्फ अलग झारखंड प्रान्त के लिये लड़ाई नहीं लड़ा, तूट मुक्त शोषण-विहीन झारखंड के लिए भी लड़ाई जारी रखा। उनका लक्ष्य था - नवजनवादी भारत में शोषण-विहीन झारखंड, जहां साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों तथा माफियाओं का अवशेष भी नहीं रहे। जहां जनता के संसाधन तथा श्रम को लूटकर कोई नेता तथा नौकरशाह मौज नहीं करे। आज पूरे देश में कारपोरेट परस्त, साम्प्रदायिक फासीवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है। केन्द्र सरकार की मदद से झारखंड की सम्पदा लूटने के लिये माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 में संशोधन किया जा हो। आदिवासियों तथा दलितों को कम प्रतिनिधित्व देने के लिये परिसीमन का हथकंडा चलाया जानेवाला है। इस कठिन परिस्थिति में इस तरह के क्रांतिकारी संगठन तथा नेतृत्व का महत्व काफी बढ़ जाता है। आये हम मिलजुलकर आवाज दें। जंगल, जमीन, खनिज की लूट, नहीं किसी को इसकी छूट। नई सुबह के वास्ते, चलो बिरसा के रास्ते। शहीदों के सपने को साकार करने के लिये स्मृति सभा में शामिल हों। हमारे संगठन के नायक विलियम लुगुन, जोसेफ लुगुन बाबू धन मुर्मू, पी० नारायण, कमल यादव तथा शम्भु महतो को हुल जोहार क्रांतिकारी अभिनन्दन के साथ, सीपीआई एमएल तथा हुल झारखण्ड क्रांति दल
    user_Shamdes Singh Murmu
    Shamdes Singh Murmu
    Advertising agency Namkum, Ranchi•
    13 hrs ago
  • रामगढ़ दुलमी : झामुमो दुलमी प्रखंड समिति ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
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    रामगढ़ दुलमी : झामुमो दुलमी प्रखंड समिति ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
    user_Dilip Karmali
    Dilip Karmali
    रिपोर्टर मो. 7857961735 Gola, Ramgarh•
    20 hrs ago
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