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लोकतंत्र का चौथा स्तंभ निशाने पर? पत्रकार के घर पुलिस पहुंचने से मचा हड़कंप भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकार के घर अचानक पुलिस, उठे कई सवाल खबर के बाद दबिश! पत्रकार का दावा—मुझे फंसाने की हुई कोशिश
AMIT KUMAR
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ निशाने पर? पत्रकार के घर पुलिस पहुंचने से मचा हड़कंप भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकार के घर अचानक पुलिस, उठे कई सवाल खबर के बाद दबिश! पत्रकार का दावा—मुझे फंसाने की हुई कोशिश
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- लोकतंत्र का चौथा स्तंभ निशाने पर? पत्रकार के घर पुलिस पहुंचने से मचा हड़कंप भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकार के घर अचानक पुलिस, उठे कई सवाल खबर के बाद दबिश! पत्रकार का दावा—मुझे फंसाने की हुई कोशिश1
- गया नगर निगम द्वारा गया शहर के चौक-चौराहों पर गुंबद और विभिन्न आकृतियों का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिनमें से कुछ स्थानों पर ये संरचनाएँ पहले ही बन चुकी हैं। ये सभी गुंबद और आकृतियाँ विशेष रंग-बिरंगी लाइटों से सजाई गई हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बन रही हैं। शहर के काशीनाथ मोड़, पीर मंसूर मोड़, सर्किट हाउस के पास, जयप्रकाश झरना के पास, टावर चौक और देवघाट जैसे कई प्रमुख स्थानों पर ये निर्माण कार्य किए गए हैं। इन गुंबदों और आकृतियों के बनने से गया शहर की पहचान बदल रही है और ये आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।1
- कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को एक पत्र लिखकर राज्य में संगठन की गतिविधियों की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया है। खड़गे ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य में आरएसएस द्वारा यूनिफॉर्म पहनकर 500 से ज़्यादा मार्च आयोजित किए जाते हैं और 4000 से ज़्यादा 'शाखाएं' लगती हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि जब आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है, तो वह किस कानून के तहत इस तरह की गतिविधियां संचालित कर रहा है।1
- बिहार के कृषि मंत्री सह गया जिले के प्रभारी मंत्री, माननीय श्री विजय कुमार सिन्हा ने आज दिनांक 18 जून 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया के प्रशिक्षण भवन, सभागार में 'खेत बचाओ अभियान -सह- कृषि जन कल्याण चौपाल एवं संवाद' का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर वजीरगंज के विधायक माननीय श्री बीरेन्द्र सिंह और गया के जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर भी मंच पर उपस्थित रहे। मंत्री सिन्हा ने सभागार में उपस्थित 400 से अधिक किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को अपनी खेतों की मिट्टी की नियमित जांच करानी चाहिए और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के अनुसार ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना चाहिए, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे तथा खेती की लागत घटे। उन्होंने एल नीनो के कारण कम वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए धान की सीधी बुआई को प्राथमिकता देने और इस विधि का अधिक प्रशिक्षण कराने पर जोर दिया। मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि जिन किसानों ने पूर्व में सीधी बुआई से खेती की है, उनके खेतों में अन्य किसानों का परिभ्रमण कराकर उन्हें इसके लाभ की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि कैंसर और अन्य असाध्य बीमारियाँ प्रकृति के साथ छेड़छाड़ के कारण आम हो गई हैं, इनसे बचाव के लिए किसानों को अपने कम से कम एक चौथाई खेतों में प्राकृतिक खेती अपनानी चाहिए। मंत्री ने जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, आच्छादन जैसी विधियों का उपयोग कर खेत तथा पर्यावरण को बचाने और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित करने का आश्वासन भी दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किसानों से एग्री स्टैक योजना के तहत अपना फार्मर आईडी बनवाने और यदि उनकी जमीन का परिमार्जन नहीं हुआ है, तो प्रत्येक दूसरे एवं चौथे को लगने वाले सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर में आवेदन कर अपनी जमीन का परिमार्जन कराने का आग्रह किया। इस दौरान, वजीरगंज के विधायक श्री बीरेन्द्र सिंह ने स्वयं को मूलतः किसान बताते हुए अपने 25 प्रतिशत खेतों में प्राकृतिक तरीके से खेती करने का संकल्प लिया। किसानों द्वारा सब्जियों का उचित मूल्य नहीं मिलने की समस्या पर, जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने घोषणा की कि गया जिले के 14 प्रखंडों में जल्द ही सब्जी प्रसंस्करण इकाइयाँ बनकर तैयार होंगी, जिनमें कोल्ड स्टोरेज की भी व्यवस्था होगी, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री प्रशांत कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा श्री संजीव कुमार, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर ई॰ मनोज कुमार राय सहित कई अन्य अधिकारी और वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।1
- गया शहर के एक अस्पताल से जुड़ा एक बड़ा राज सामने आया है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो भी उपलब्ध है, जिसमें अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर कुछ महत्वपूर्ण खुलासे किए गए हैं।1
- गया जिले के मोहनपुर में वन विभाग ने दो अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों पर कार्रवाई की है। इस दौरान वन विभाग ने बुलडोजर का इस्तेमाल कर अवैध मशीनों को सील कर दिया। यह कार्रवाई वन विभाग द्वारा अवैध लकड़ी कटाई और आरा मशीनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।1
- गया जिले के कोंच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चार साल पहले जीवन रक्षक दवाओं को जलाने के चर्चित मामले की जाँच के लिए गुरुवार को एक जिला स्तरीय टीम पहुंची, लेकिन बिना जाँच किए ही लौट गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नदीम अख्तर ने बताया कि जाँच से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र उनके कार्यालय को नहीं मिला था, जिसके कारण आवश्यक दस्तावेज़ और फाइलें टीम को उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं। इस घटना के दौरान एक और विवाद खड़ा हो गया, जब जाँच टीम के साथ इस मामले में पहले से आरोपित रहे तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार सिंह भी मौजूद थे। वर्तमान प्रभारी डॉ. नदीम अख्तर ने उनकी मौजूदगी पर आपत्ति जताई और जाँच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए। स्थिति स्पष्ट होने के बाद, जाँच टीम के सदस्य डॉ. संजय कुमार और डॉ. राजीव कुमार अम्बष्ठ बिना कोई जाँच किए वापस चले गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराने के साथ-साथ ज़िम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की माँग की है।1
- शिक्षा मंत्री जी ने आज बक्सर से एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण प्रक्रिया तय समय-सीमा में पूरी की जाएगी। उनके अनुसार, 24 जून को स्थानांतरण नियमावली जारी कर दी जाएगी और 30 जून तक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी। इसके बाद, 1 जुलाई से सभी शिक्षक अपने नए विद्यालयों में योगदान देना शुरू करेंगे।1