Dr सुनील कुमार झा IIT खडागपुर स्कूली शिक्षा, हासिल कर श्री राम फाउंडेशन की उनकी शिक्षा प्रणाली की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: शैक्षिक छात्रवृत्ति (Scholarships): यह फाउंडेशन छोटे ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों के बच्चों को 6ठी कक्षा के बाद शिक्षा जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करता है। यह सहायता सरकारी और निजी किसी भी स्कूल के लिए मिल सकती है। कौशल विकास और आजीविका (Vocational Skills & Livelihood): स्कूल छोड़ चुके बच्चों (dropouts) और बेरोजगार युवाओं को मुख्यधारा के कार्यबल में एकीकृत करने के लिए 11 भारतीय राज्यों में कौशल केंद्र चलाए जाते हैं। इन केंद्रों में स्पोकन इंग्लिश, इलेक्ट्रीशियन ट्रेनिंग, बेसिक कंप्यूटर, EV स्किल्स, और जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर जैसे पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। प्रीस्कूल शिक्षा (Pre-school Education): 'द श्रीराम फाउंडेशन स्कूल' प्री-प्राइमरी से लेकर 10वीं कक्षा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक, भावनात्मक और बौद्धिक आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: फाउंडेशन के स्कूल में नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, मिलिट्री स्कूल और RIMC जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं के लिए विशेष तैयारी कराई जाती है। ग्रामीण शिक्षा पर जोर: फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्कूल स्थापित करने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
Dr सुनील कुमार झा IIT खडागपुर स्कूली शिक्षा, हासिल कर श्री राम फाउंडेशन की उनकी शिक्षा प्रणाली की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: शैक्षिक छात्रवृत्ति (Scholarships): यह फाउंडेशन छोटे ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों के बच्चों को 6ठी कक्षा के बाद शिक्षा जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करता है। यह सहायता सरकारी और निजी किसी भी स्कूल के लिए मिल सकती है। कौशल विकास और आजीविका (Vocational Skills & Livelihood): स्कूल छोड़ चुके बच्चों (dropouts) और बेरोजगार युवाओं को मुख्यधारा के कार्यबल में एकीकृत करने के लिए 11 भारतीय राज्यों में कौशल केंद्र चलाए जाते हैं। इन केंद्रों में स्पोकन इंग्लिश, इलेक्ट्रीशियन ट्रेनिंग, बेसिक कंप्यूटर, EV स्किल्स, और जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर जैसे पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। प्रीस्कूल शिक्षा (Pre-school Education): 'द श्रीराम फाउंडेशन स्कूल' प्री-प्राइमरी से लेकर 10वीं कक्षा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक, भावनात्मक और बौद्धिक आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: फाउंडेशन के स्कूल में नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, मिलिट्री स्कूल और RIMC जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं के लिए विशेष तैयारी कराई जाती है। ग्रामीण शिक्षा पर जोर: फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्कूल स्थापित करने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
- गढ़वा में अनुमण्डल पदाधिकारी, संजय कुमार सर जी की ओर से गलत कारनेवालो पर चले गा हंटर l त्योहारों के समय बाजार में मिलावटी या "डुप्लीकेट" मिठाई (Fake Sweets) का कारोबार बढ़ जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती है। ये मिठाइयां असली मावा या दूध की जगह सस्ते और रसायनों से भरे विकल्पों से बनाई जाती हैं। नकली मिठाई में क्या-क्या मिलाया जाता है (सामग्री): नकली मावा/खोया: यह सबसे आम है, जिसे मिल्क पाउडर, वनस्पति घी (डाल्डा), टेलकम पाउडर (पाउडर), चूना, चॉक पाउडर, स्टार्च, मैदा या शकरकंद मिलाकर बनाया जाता है। सिंथेटिक दूध: इसमें पानी, वाशिंग पाउडर, रिफाइंड तेल और यूरिया का इस्तेमाल होता है। हल्के रंग और रसायन: मिठाई को आकर्षक बनाने के लिए हानिकारक केमिकल और गैर-प्रमाणित रंगों का उपयोग किया जाता है। वजन बढ़ाने के लिए: आलू, शकरकंद और सिंघाड़े का1
- बी मोड़ - पड़वा मुख्य पथ एनएच 39 कधवान गांव के पास हुई भीषण सड़क दुर्घटना में रेहला के एक स्कूल बस के खलासी की मौत हो गयी। जानकारी के अनुसार रेहला के सनातन विद्या निकेतन व ज्ञान दिप कॉन्वेंट स्कूल की बस कधवान गांव के पास खड़ी होकर बच्चों को रिसीव कर रही थी। तभी एक तेज रफ्तार हाइवा ज्ञान दीप कॉन्वेंट स्कूल की बस में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।1
- Post by Sunil singh1
- हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनिया थाना क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर चिनिया पुलिस ने खुरी गांव में शुक्रवार को छापेमारी अभियान चलाया, जहां अवैध महुआ शराब बनाने का धंधा जोर-शोर से चल रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 100 किलो जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया, साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल हो रहे उपकरणों को भी ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक ने कड़े शब्दों में कहा कि थाना क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग चोरी-छिपे शराब बनाकर बेचने का काम कर रहे हैं, वे तुरंत बंद कर दें, नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और ऐसे तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई जारी रहेगी।” उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाएगा। इस तरह के छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। इस कार्रवाई में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश कुमार सहित पुलिस सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे, जिन्होंने पूरे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।1
- Post by SK Paswan1
- धुरकी से रवि प्रकाश केशरी की रिपोर्ट!1
- उनकी शिक्षा प्रणाली की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: शैक्षिक छात्रवृत्ति (Scholarships): यह फाउंडेशन छोटे ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों के बच्चों को 6ठी कक्षा के बाद शिक्षा जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करता है। यह सहायता सरकारी और निजी किसी भी स्कूल के लिए मिल सकती है। कौशल विकास और आजीविका (Vocational Skills & Livelihood): स्कूल छोड़ चुके बच्चों (dropouts) और बेरोजगार युवाओं को मुख्यधारा के कार्यबल में एकीकृत करने के लिए 11 भारतीय राज्यों में कौशल केंद्र चलाए जाते हैं। इन केंद्रों में स्पोकन इंग्लिश, इलेक्ट्रीशियन ट्रेनिंग, बेसिक कंप्यूटर, EV स्किल्स, और जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर जैसे पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। प्रीस्कूल शिक्षा (Pre-school Education): 'द श्रीराम फाउंडेशन स्कूल' प्री-प्राइमरी से लेकर 10वीं कक्षा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक, भावनात्मक और बौद्धिक आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: फाउंडेशन के स्कूल में नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, मिलिट्री स्कूल और RIMC जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं के लिए विशेष तैयारी कराई जाती है। ग्रामीण शिक्षा पर जोर: फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्कूल स्थापित करने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करता है।1