जनपद में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर एक बड़ा रैकेट फल-फूल रहा है, जिसका केंद्र जिला अस्पताल चौराहे से महज 50 मीटर दूर संचालित 'अव्व्या अल्ट्रासाउंड सेंटर' है। इस सेंटर पर चिकित्सा जगत के मानकों और सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य, खासकर गर्भवती महिलाओं की जान से खिलवाड़ का आरोप लगा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि यहां गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड एक ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है जिसके पास रेडियोलॉजिस्ट की निर्धारित योग्यता ही नहीं है। सेंटर पर लगी डिग्री एक गैस्ट्रोलॉजिस्ट की बताई जा रही है, जबकि नियमानुसार गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड केवल रेडियोलॉजिस्ट या पात्र स्त्री रोग विशेषज्ञ ही कर सकते हैं। पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत अनिवार्य 'फॉर्म-एफ' का रिकॉर्ड भी यह सेंटर नहीं रख रहा है; विभागीय जानकारी के अनुसार, इस सेंटर के खिलाफ अभी तक कोई भी फॉर्म-एफ जमा नहीं किया गया है, जो इसके अवैध संचालन की पुष्टि करता है। जब पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी से इस मामले पर सवाल किया गया, तो उनका जवाब स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली को दर्शाता है। जनपद में पहले भी कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ शिकायतें आई हैं, लेकिन विभाग ने केवल चेतावनी देकर खानापूर्ति की है, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या यह 'चेतावनी' महज भ्रष्टाचार को ढंकने का एक तरीका है। पीसीपीएनडीटी एक्ट, 1994 के तहत बिना पंजीकरण और निर्धारित योग्यता के अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाना अवैध है, और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद 'अव्व्या अल्ट्रासाउंड सेंटर' का बेधड़क संचालन विभाग के डर के न के बराबर होने का प्रमाण है। जिले के प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस सेंटर की निष्पक्ष जांच और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने अब भी कार्रवाई नहीं की, तो इस जनस्वास्थ्य के मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग अपनी नींद से जागेगा, या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करेगा।
जनपद में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर एक बड़ा रैकेट फल-फूल रहा है, जिसका केंद्र जिला अस्पताल चौराहे से महज 50 मीटर दूर संचालित 'अव्व्या अल्ट्रासाउंड सेंटर' है। इस सेंटर पर चिकित्सा जगत के मानकों और सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य, खासकर गर्भवती महिलाओं की जान से खिलवाड़ का आरोप लगा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि यहां गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड एक ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है जिसके पास रेडियोलॉजिस्ट की निर्धारित योग्यता ही नहीं है। सेंटर पर लगी डिग्री एक गैस्ट्रोलॉजिस्ट की बताई जा रही है, जबकि नियमानुसार गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड केवल रेडियोलॉजिस्ट या पात्र स्त्री रोग विशेषज्ञ ही कर सकते हैं। पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत अनिवार्य 'फॉर्म-एफ' का रिकॉर्ड भी यह सेंटर नहीं रख रहा है; विभागीय जानकारी के अनुसार, इस सेंटर के खिलाफ अभी तक कोई भी फॉर्म-एफ जमा नहीं किया गया है, जो इसके अवैध संचालन की पुष्टि करता है। जब पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी से इस मामले पर सवाल किया गया, तो उनका जवाब स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली को दर्शाता है। जनपद में पहले भी कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ शिकायतें आई हैं, लेकिन विभाग ने केवल चेतावनी देकर खानापूर्ति की है, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या यह 'चेतावनी' महज भ्रष्टाचार को ढंकने का एक तरीका है। पीसीपीएनडीटी एक्ट, 1994 के तहत बिना पंजीकरण और निर्धारित योग्यता के अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाना अवैध है, और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद 'अव्व्या अल्ट्रासाउंड सेंटर' का बेधड़क संचालन विभाग के डर के न के बराबर होने का प्रमाण है। जिले के प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस सेंटर की निष्पक्ष जांच और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने अब भी कार्रवाई नहीं की, तो इस जनस्वास्थ्य के मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग अपनी नींद से जागेगा, या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करेगा।
- बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।1
- Post by Jitendra Kumar1
- आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, हर्रैया के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री अजय सिंह जी ने राम रेखा मंदिर के प्रांगण में आयोजित एक योग शिविर में भागीदारी की। इस दौरान योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया गया, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज के व्यस्त जीवन में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है। यह महत्वपूर्ण दिन देश और दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ करोड़ों लोगों ने योग करके स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।1
- आज दिनांक 21 जून 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना था। योगाभ्यास के दौरान, एक योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। पुलिसकर्मियों को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास हेतु प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने और तन व मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को जीवन में अपनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी सम्मिलित रहे, जिससे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संतकबीरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम सफल रहा।4
- संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही में जमीन पर अवैध कब्जे और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने दबंगों पर अपनी 0.114 हेक्टेयर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अरविन्द नाथ पांडेय के अनुसार, चकदही स्थित समय मां देवस्थान की आराजी संख्या 404, कुल रकबा 0.114 हेक्टेयर, पर गांव के ही वृजभूषण पुत्र सूर्य नारायन, निवासी वनियावारी, ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप है कि वृजभूषण और अन्य दबंगों ने खाता संख्या 404 की 0.114 हेक्टेयर और खाता संख्या 402 की 0.62 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ देवस्थान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। पीड़ित ने बताया कि 27 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन देखने गए, तो विपक्षी 5-6 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने अरविंद नाथ पांडेय के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग खुद को समाजवादी पार्टी का बताकर इलाके में गुंडागर्दी करते हैं। 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में, पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने आराजी नंबर 404, खाता नंबर 402 और देवस्थान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की भी अपील की है। अरविंद नाथ पांडेय ने यह भी बताया कि कई दिनों से अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- बस्ती जनपद के वॉटरगंज थाना क्षेत्र में रविवार को मनोरी चौराहे के पास डढ़वा मिश्र गांव के समीप एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार डंपर ने ई-रिक्शा और बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें दोनों वाहनों में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर (संख्या UP 51 BT 1213) की गति इतनी अधिक थी कि चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे ई-रिक्शा और बोलेरो को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बोलेरो को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुटे और घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल बस्ती पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही वॉटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक, घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।2