मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, पारा 32° के करीब; सड़कों पर गन्ने के जूस व ठंडे पेय की स्टॉल बढ़ीं पातड़ां। मार्च माह के दूसरे सप्ताह में ही लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आमतौर पर अप्रैल में पड़ने वाली गर्मी इस बार मार्च में ही महसूस होने लगी है, जिससे लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर और गांवों में सड़क किनारे गन्ने के जूस और ठंडे तरल पदार्थों की स्टॉल भी लगनी शुरू हो गई हैं। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडा पानी, शरबत और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम दिखाई दे रही है। दूसरी ओर मौसम में अचानक आई गर्मी से बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि मौसम में तेजी से बदलाव होने के कारण लोगों को लू, डिहाइड्रेशन, बुखार और वायरल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों को दिन में अधिक से अधिक पानी पीने, धूप में निकलते समय सिर ढकने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है।
मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, पारा 32° के करीब; सड़कों पर गन्ने के जूस व ठंडे पेय की स्टॉल बढ़ीं पातड़ां। मार्च माह के दूसरे सप्ताह में ही लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आमतौर पर अप्रैल में पड़ने वाली गर्मी इस बार मार्च में ही महसूस होने लगी है, जिससे लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर और गांवों में सड़क किनारे गन्ने के जूस और ठंडे तरल पदार्थों की स्टॉल भी लगनी शुरू हो गई हैं। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडा पानी, शरबत और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम दिखाई दे रही है। दूसरी ओर मौसम में अचानक आई गर्मी से बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि मौसम में तेजी से बदलाव होने के कारण लोगों को लू, डिहाइड्रेशन, बुखार और वायरल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों को दिन में अधिक से अधिक पानी पीने, धूप में निकलते समय सिर ढकने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है।
- पातड़ां मार्च माह के दूसरे सप्ताह में अचानक बढ़े तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर भारत में लगातार बढ़ रही गर्मी का असर अब गेहूं की फसल पर दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि मौसम में आए इस बदलाव से फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। किसान इंद्रजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि इन दिनों तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। उनके अनुसार इस समय तापमान करीब 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए था, लेकिन वर्तमान में तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। तापमान में इस तेजी से बढ़ोतरी के कारण गेहूं की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी के कारण गेहूं की फसल पर तेले जैसे कीड़ों का हमला भी बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा तेज गर्मी से गेहूं के दाने कमजोर होने लगते हैं, जिससे उत्पादन कम होने का खतरा रहता है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो आने वाले समय में गेहूं की पैदावार में कमी देखी जा सकती है। किसान राम सिंह, सतिगुर सिंह, सतनाम सिंह, रणजीत सिंह और सुरजीत सिंह ने बताया कि सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि सब्जियों की फसल पर भी इसका असर पड़ सकता है। गर्मी बढ़ने से सब्जियों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेहूं की फसल में नमी बनाए रखने के लिए जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करते रहें, ताकि फसल को बढ़ते तापमान के असर से बचाया जा सके।1
- Post by Uttar Pradesh1
- ਬਰਨਾਲਾ, ਬੰਧਨ ਤੋੜ ਸਿੰਘ ਅੱਜ 220 ਕੇ.ਵੀ. ਗਰਿੱਡ ਹੰਡਿਆਇਆ ਵਿਖ਼ੇ ਸਮੂਹ ਮੁਲਾਜਮਾਂ ਨੇ ਇਕੱਤਰ ਹੋਕੇ ਸ੍ਰੀ ਸੁਖਮਨੀ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਪਾਠ ਕਰਵਾਏ ਗਏ ਅਤੇ ਇਸ ਉਪਰੰਤ ਕੀਰਤਨ ਦਰਬਾਰ ਸਜਾਏ ਗਏ l ਇਹ ਸਮਾਗਮ ਸਮੂਹ ਮੁਲਾਜਮਾਂ ਦੀ ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ ਅਤੇ ਸਰਬੱਤ ਦੇ ਭਲੇ ਲਈ ਕਰਵਾਏ ਗਏ l ਇਸ ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਸੰਗਤਾਂ ਨੇ ਹਾਜ਼ਰੀ ਭਰੀ l2
- Post by Rawal kotra1
- ✍🏻 ਗੀਤਕਾਰ ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ 🎤 ਗਾਇਕ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ❤️ ਗੀਤ ਦੋ ਪਲ1
- Post by ਗੋਬਿੰਦਗੜ ਖਬਰਨਾਮਾਂ1
- ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ 11 ਮੈਂਬਰੀ ਟਿੱਪਣੀ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੈਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਅੱਜ ਦੱਸ ਦਿੰਦਾ ਕਿ ਅਗਲੇ ਚਾਰ ਮਹੀਨਿਆਂ ਚ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੂੰ 11 ਬੰਦੇ ਨਹੀਂ ਮਿਲਣੇ।1
- पातड़ां। मार्च माह के दूसरे सप्ताह में ही लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आमतौर पर अप्रैल में पड़ने वाली गर्मी इस बार मार्च में ही महसूस होने लगी है, जिससे लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर और गांवों में सड़क किनारे गन्ने के जूस और ठंडे तरल पदार्थों की स्टॉल भी लगनी शुरू हो गई हैं। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडा पानी, शरबत और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम दिखाई दे रही है। दूसरी ओर मौसम में अचानक आई गर्मी से बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि मौसम में तेजी से बदलाव होने के कारण लोगों को लू, डिहाइड्रेशन, बुखार और वायरल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों को दिन में अधिक से अधिक पानी पीने, धूप में निकलते समय सिर ढकने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है।1