जालौन जनपद में शुक्रवार देर रात पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में ₹25,000 के इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से घायल बदमाश को हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ से उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी सर्विलांस टीम और जालौन कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम जालौन-कोंच मार्ग पर ग्राम लोना जाने वाले रास्ते के समीप संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से एक संदिग्ध युवक के क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संदिग्ध युवक की घेराबंदी कर उसे रुकने का संकेत दिया। पुलिस के अनुसार, खुद को चारों ओर से घिरा देख आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोली चलानी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने संयम बरतते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्यवाही की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लग गई। गोली लगते ही आरोपी घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान छोटेलाल उर्फ लादेन पुत्र कमलेश निवासी चुर्खी के रूप में हुई है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास का विस्तृत विवरण जुटा रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस टीम से पूरी घटना की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है, साथ ही उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों के संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस सफल कार्यवाही को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है।
जालौन जनपद में शुक्रवार देर रात पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में ₹25,000 के इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से घायल बदमाश को हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ से उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी सर्विलांस टीम और जालौन कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम
जालौन-कोंच मार्ग पर ग्राम लोना जाने वाले रास्ते के समीप संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से एक संदिग्ध युवक के क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संदिग्ध युवक की घेराबंदी कर उसे रुकने का संकेत दिया। पुलिस के अनुसार, खुद को चारों ओर से घिरा देख आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोली चलानी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने संयम बरतते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्यवाही की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में
लग गई। गोली लगते ही आरोपी घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान छोटेलाल उर्फ लादेन पुत्र कमलेश निवासी चुर्खी के रूप में हुई है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास का विस्तृत विवरण जुटा रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस टीम से पूरी घटना की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर पुलिस
अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है, साथ ही उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों के संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस सफल कार्यवाही को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है।
- जालौन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक अभियान के तहत देर रात लौना-पावर हाउस उदोतपुरा मार्ग पर पुलिस और एक कुख्यात बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में चुर्खी निवासी छोटेलाल उर्फ लादेन नामक बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसे गोली लगी। पुलिस ने घायल बदमाश के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बताया गया है कि इस आरोपी पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। घटना की सूचना मिलने पर एएसपी डॉ. ईशान सोनी और सीओ शैलेंद्र बाजपेई ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, और पुलिस इस मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।1
- जालौन नगर के पक्का तालाब पर शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे उपजिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने इंजीनियरों, जेई और नगर पालिका अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया, जिससे मौके पर हलचल बढ़ गई। उन्होंने पक्का तालाब पार्क में कराए गए कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और जहाँ-जहाँ कमियाँ मिलीं, वहाँ अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। एसडीएम रिंकू सिंह राही ने पक्का तालाब को नगर का सबसे सुंदर और आदर्श पर्यटन स्थल बनाने की अपनी मंशा जताई, यह कहते हुए कि 'आदर्श तालाब केवल नाम का नहीं, बल्कि वास्तविकता में आदर्श दिखाई देना चाहिए'। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में यह तालाब जालौन की पहचान बनेगा और इसके विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कुछ कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया, जिस पर नगर पालिका अधिकारियों ने कमियों को दूर करने और मरम्मत कार्य पूरा करने के लिए 15 दिन का समय मांगा तथा गुणवत्ता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि 'सरकार का पैसा जनता का पैसा है, इसका मतलब यह नहीं कि उसे लूट लिया जाए। विकास कार्यों में एक-एक रुपये का हिसाब होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि यदि मरम्मत के बाद भी कोई कमी या अनियमितता पाई गई, तो संबंधित कार्यों और सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम रिंकू सिंह राही केवल अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार जनसेवक के तौर पर नजर आए। उन्होंने देर शाम तक पार्क में मौजूद रहकर आम नागरिकों से संवाद किया, उनकी शिकायतें सुनीं और कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी खुलकर अपनी बात रखी, जिसमें कई नागरिकों ने बताया कि अक्सर अधिकारियों के आने पर ही सफाई, पानी और अन्य व्यवस्थाएँ सक्रिय होती हैं; शुक्रवार को भी एसडीएम के पहुँचते ही जल छिड़काव के लिए नगर पालिका का टैंकर मौके पर पहुँच गया। उन्होंने पार्क की साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल, हरियाली सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए उन्होंने नागरिकों से स्वच्छ भारत ऐप डाउनलोड करने और शिकायतें सीधे ऐप के माध्यम से दर्ज करने की अपील की, साथ ही भरोसा दिलाया कि यदि कहीं सुनवाई नहीं होती तो प्रशासन जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेगा। निरीक्षण के दौरान जहाँ अधिकारी उनके निर्देशों को गंभीरता से नोट करते दिखे, वहीं बच्चे, बुजुर्ग और आम नागरिक उनसे बेझिझक अपनी बात कहते नजर आए। उनके इस सहज और संवेदनशील व्यवहार के कारण कई स्थानीय लोगों ने उन्हें 'जनता का सिंघम' कहकर संबोधित किया। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपजिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही अब प्रतिदिन शाम 6 बजे के बाद नगर के पक्का तालाब परिसर में पहुँचकर आम जनमानस से सीधे संवाद करेंगे, जहाँ नागरिक अपनी समस्याएँ, सुझाव और शिकायतें सीधे उनके समक्ष रख सकेंगे, जिससे जनसुनवाई और त्वरित समस्या समाधान की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। पक्का तालाब पर देर शाम तक चला यह निरीक्षण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश था कि जालौन में विकास कार्य अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी प्रशासन की कसौटी पर परखी जाएगी। यदि सभी योजनाएँ सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो आने वाले समय में जालौन का पक्का तालाब वास्तव में एक आदर्श तालाब और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।2
- जालौन में एसडीएम आईएएस रिंकू सिंह राही मुरली मनोहर तालाब के निरीक्षण पर पहुँचे, जिसका उद्देश्य केवल औपचारिक जाँच नहीं बल्कि व्यवस्था की नब्ज टटोलना था। इस दौरान जहाँ भी कमियाँ दिखीं, वहाँ सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए गए। उनका यह सख्त अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि अधिकारी फाइलों से निकलकर मौके पर पहुँचे, जिससे विकास की रफ्तार और जवाबदेही दोनों बढ़ती दिख रही हैं। इस निरीक्षण को एक बड़े बदलाव की आहट माना जा रहा है। पोस्ट में कहा गया है कि जिस प्रकार तूफान आने से पहले हवाएँ अपना रुख बदलने लगती हैं, उसी प्रकार जब प्रशासनिक सख्ती मैदान में उतरती है तो लापरवाही खुद रास्ता बदल लेती है, जो एसडीएम रिंकू सिंह राही के इस कदम से स्पष्ट संदेश देता है।1
- जनपद जालौन के उरई स्थित जिला कारागार को नए जेल अधीक्षक के रूप में प्रशांत मौर्य मिले हैं। उन्होंने विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है, जिसके साथ ही कारागार प्रशासन में नई ऊर्जा और बेहतर व्यवस्थाओं की उम्मीदें बढ़ गई हैं। पदभार संभालते ही जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने तुरंत कारागार परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक कर जेल की वर्तमान व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों के रखरखाव, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं और शासन की ओर से संचालित विभिन्न सुधारात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रशांत मौर्य ने स्पष्ट किया कि कारागार केवल बंदियों को रखने का स्थान नहीं, बल्कि उनके सुधार और पुनर्वास का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, तथा शासन की मंशा के अनुरूप बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जेल प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात पर जोर देते हुए, प्रशांत मौर्य ने अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उनका मानना है कि सभी की सहभागिता से कारागार को एक बेहतर प्रशासनिक एवं सुधारात्मक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बंदियों के कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी विशेष जोर दिया। जेल अधीक्षक के रूप में प्रशांत मौर्य की नियुक्ति का कारागार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वागत किया है, और उनके नेतृत्व में जेल प्रशासन के और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित होने की उम्मीद जताई है। स्थानीय स्तर पर भी उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जिला कारागार की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और शासन की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में उनकी भूमिका अहम रहेगी। नए जेल अधीक्षक के कार्यभार संभालने के साथ ही, जिला कारागार उरई में सुरक्षा, अनुशासन और सुधारात्मक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि प्रशांत मौर्य के अनुभव और कार्यशैली का लाभ जेल व्यवस्था को मिलेगा, जिससे बंदियों के हित में संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा।2
- जालौन में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। सांसद नारायण दास अहिरवार ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया है, इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया। उन्होंने बताया कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और जनसमस्याओं के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया था। सांसद अहिरवार ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए, जो प्रशासन द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस ने 50 लोगों को नामजद करते हुए करीब 200 अज्ञात व्यक्तियों पर भी मुकदमा दर्ज किया है, जिसे पूरी तरह अनुचित और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताया गया है। सांसद के अनुसार, जनता के मुद्दों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है और शांतिपूर्ण विरोध को अपराध की तरह पेश करना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य सपा नेताओं ने भी प्रशासनिक कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इन मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर दर्ज ये मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से एक व्यापक आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, पार्टी ने मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रबुद्धजनों के साथ संवाद किया।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में देर रात पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने बदमाश के पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया। यह घटना जालौन कोतवाली पुलिस और बदमाश के बीच हुई एक और मुठभेड़ का हिस्सा है।1
- जालौन में SDM रिंकू सिंह राही ने नगर पालिका के अधिकारियों के साथ मिलकर शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने खुद नंगे पैर चलकर सड़कों और गलियों की स्थिति को परखा, ताकि यह देखा जा सके कि सफाई कैसी है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने SDM को बताया कि उन्हें टहलने में दिक्कत होती है, क्योंकि सफाई का उचित प्रबंध नहीं है। साथ ही, नागरिकों ने यह भी शिकायत की कि शाम के समय यहां अराजकतत्व शराब का सेवन करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। इन शिकायतों के मद्देनजर, अराजकतत्वों की समस्या से निपटने के लिए पुलिस गश्त की बात कही गई।1
- जनपद जालौन के कालपी नगर में मंगलवार रात मुख्य बाजार टरननगंज में क्रेट के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। रात करीब साढ़े नौ बजे हुई इस वारदात में दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसने बाजार को रणक्षेत्र में तब्दील कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामूली कहासुनी के बाद स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि कुछ ही मिनटों में लाठी-डंडों से हमला शुरू हो गया। इस दौरान स्थानीय सब्जी विक्रेता नासिर को निशाना बनाते हुए कुछ लोगों ने एकजुट होकर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अचानक हुई इस घटना से बाजार में मौजूद दुकानदारों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया और वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई दुकानदारों ने तत्काल अपनी दुकानें बंद कर दीं, जबकि राहगीरों में भी भय का माहौल पैदा हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायल नासिर को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा और बाजार में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर माहौल को शांत कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। इस हिंसक वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि नगर के सबसे व्यस्त बाजार में सरेआम हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। लोगों ने यह चिंता भी व्यक्त की कि यदि समय रहते पुलिस नहीं पहुंचती तो घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी। कालपी के बीच बाजार में हुई इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का सवाल है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह खुलेआम दबंगई और हिंसा होती रही तो आम नागरिक और व्यापारी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे। फिलहाल, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस जांच जारी है, और सभी की निगाहें दोषियों पर होने वाली पुलिस कार्रवाई और बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं। इस घटना ने पूरे कालपी क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है।2