बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी के सात नेताओं को अदालत ने सुनाई मौत की सजा... बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में अवामी लीग के सात वरिष्ठ नेताओं को मौत की सजा दे दी है। इनमें पार्टी के महासचिव ओबैदुल कादर भी शामिल हैं। बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने मंगलवार को 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के सात वरिष्ठ नेताओं को मौत की सजा सुनाई है। इनमें पार्टी के महासचिव और पूर्व मंत्री ओबैदुल कादर भी शामिल हैं। न्यायमूर्ति नजरुल इस्लाम चौधरी की अध्यक्षता वाली ट्रिब्यूनल-2 ने यह फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति मो. मंजुरुल बशिद और न्यायमूर्ति नूर मोहम्मद शाहरीयार कबीर भी शामिल थे। अदालत ने कहा कि आरोप साबित हो गए हैं, इसलिए सबसे बड़ी सजा दी गई है। बताया जा रहा है कि सभी सात आरोपी फरार हैं। यानी देश से बाहर हैं। उनकी अनुपस्थिति में कोर्ट में मुकदमा चला। अदालत ने उनके लिए सरकारी वकील नियुक्त किए थे। मौत की सजा पाने वाले नेता अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर, अवामी लीग के संयुक्त महासचिव एएफएम बहाउद्दीन नसीम, सूचना एवं प्रसारण के पूर्व राज्य मंत्री मोहम्मद अली अराफात, जुबो लीग के अध्यक्ष शेख फजल शम्स पराश, जुबो लीग के महासचिव मैनुल हुसैन खान, निखिल छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन और छात्र लीग के महासचिव शेख वली आसिफ एनां अदालत के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के खिलाफ चले छात्र आंदोलन के दौरान इन नेताओं पर हत्या, हिंसा भड़काने, उकसाने और साजिश रचने के आरोप थे। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आंदोलन को दबाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं, युवा संगठन और छात्र संगठन के लोगों का इस्तेमाल किया गया। अभियोजन का दावा है कि उस दौरान 1400 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे गए और 25000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने भी बाद में अनुमान लगाया था कि 15 जुलाई से 5 अगस्त 2024 के बीच हिंसा में करीब 1400 लोग मारे गए थे। अदालत ने ओबैदुल कादर, बहाउद्दीन नसीम, मोहम्मद अली अराफात, शेख फजल शम्स पराश और मैनुल हुसैन खान निखिल की 50 प्रतिशत चल-अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि इन संपत्तियों की बिक्री से मिली रकम जुलाई फाउंडेशन या किसी सरकारी संस्था के जरिए मारे गए और घायल लोगों के परिवारों को मुआवजे के रूप में दी जाए। दरअसल, 2024 में शुरू हुआ छात्र आंदोलन पहले सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ था। बाद में यह आंदोलन शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े जनविद्रोह में बदल गया। जुलाई और अगस्त में देशभर में प्रदर्शन हुए। सरकार ने इन्हें दबाने की कोशिश की। 5 अगस्त 2024 को हसीना सरकार गिर गई और वे भारत चली गईं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ओबैदुल कादर ने पार्टी और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के निर्देश दिए। एक फॉरेंसिक जांच वाले ऑडियो में उन्हें छात्र लीग के नेताओं से बात करते हुए सुना गया था। आरोप है कि उन्होंने मीडिया पर नियंत्रण रखने और खबरें दबाने में भी भूमिका निभाई। अराफात पर मीडिया नियंत्रण का आरोप लगाया गया था, जबकि नसीम पर पार्टी की प्रतिक्रिया संगठित करने का आरोप था। यह फैसला पहले आए फैसले के बाद आया है। नवंबर 2025 में ट्रिब्यूनल-1 ने शेख हसीना को भी इसी विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराकर मौत की सजा सुनाई थी। उस मामले में अदालत ने हसीना को उकसाने, अत्याचार रोकने में नाकाम रहने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ड्रोन, हेलीकॉप्टर व घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश देने का दोषी पाया था। हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा हुई थी। पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की सजा हुई थी, क्योंकि उन्होंने जांच में सहयोग किया और सरकारी गवाह बने। बता दें कि शेख हसीना अभी भी भारत में हैं।
बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी के सात नेताओं को अदालत ने सुनाई मौत की सजा... बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में अवामी लीग के सात वरिष्ठ नेताओं को मौत की सजा दे दी है। इनमें पार्टी के महासचिव ओबैदुल कादर भी शामिल हैं। बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने मंगलवार को 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के सात वरिष्ठ नेताओं को मौत की सजा सुनाई है। इनमें पार्टी के महासचिव और पूर्व मंत्री ओबैदुल कादर भी शामिल हैं। न्यायमूर्ति नजरुल इस्लाम चौधरी की अध्यक्षता वाली ट्रिब्यूनल-2 ने यह फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति मो. मंजुरुल बशिद और न्यायमूर्ति नूर मोहम्मद शाहरीयार कबीर भी शामिल थे। अदालत ने कहा कि आरोप साबित हो गए हैं, इसलिए सबसे बड़ी सजा दी गई है। बताया जा रहा है कि सभी सात आरोपी फरार हैं। यानी देश से बाहर हैं। उनकी अनुपस्थिति में कोर्ट में मुकदमा चला। अदालत ने उनके लिए सरकारी वकील नियुक्त किए थे। मौत की सजा पाने वाले नेता अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर, अवामी लीग के संयुक्त महासचिव एएफएम बहाउद्दीन नसीम, सूचना एवं प्रसारण के पूर्व राज्य मंत्री मोहम्मद अली अराफात, जुबो लीग के अध्यक्ष शेख फजल शम्स पराश, जुबो लीग के महासचिव मैनुल हुसैन खान, निखिल छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन और छात्र लीग के महासचिव शेख वली आसिफ एनां अदालत के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के खिलाफ चले छात्र आंदोलन के दौरान इन नेताओं पर हत्या, हिंसा भड़काने, उकसाने और साजिश रचने के आरोप थे। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आंदोलन को दबाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं, युवा संगठन और छात्र संगठन के लोगों का इस्तेमाल किया गया। अभियोजन का दावा है कि उस दौरान 1400 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे गए और 25000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने भी बाद में अनुमान लगाया था कि 15 जुलाई से 5 अगस्त 2024 के बीच हिंसा में करीब 1400 लोग मारे गए थे। अदालत ने ओबैदुल कादर, बहाउद्दीन नसीम, मोहम्मद अली अराफात, शेख फजल शम्स पराश और मैनुल हुसैन खान निखिल की 50 प्रतिशत चल-अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि इन संपत्तियों की बिक्री से मिली रकम जुलाई फाउंडेशन या किसी सरकारी संस्था के जरिए मारे गए और घायल लोगों के परिवारों को मुआवजे के रूप में दी जाए। दरअसल, 2024 में शुरू हुआ छात्र आंदोलन पहले सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ था। बाद में यह आंदोलन शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े जनविद्रोह में बदल गया। जुलाई और अगस्त में देशभर में प्रदर्शन हुए। सरकार ने इन्हें दबाने की कोशिश की। 5 अगस्त 2024 को हसीना सरकार गिर गई और वे भारत चली गईं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ओबैदुल कादर ने पार्टी और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के निर्देश दिए। एक फॉरेंसिक जांच वाले ऑडियो में उन्हें छात्र लीग के नेताओं से बात करते हुए सुना गया था। आरोप है कि उन्होंने मीडिया पर नियंत्रण रखने और खबरें दबाने में भी भूमिका निभाई। अराफात पर मीडिया नियंत्रण का आरोप लगाया गया था, जबकि नसीम पर पार्टी की प्रतिक्रिया संगठित करने का आरोप था। यह फैसला पहले आए फैसले के बाद आया है। नवंबर 2025 में ट्रिब्यूनल-1 ने शेख हसीना को भी इसी विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराकर मौत की सजा सुनाई थी। उस मामले में अदालत ने हसीना को उकसाने, अत्याचार रोकने में नाकाम रहने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ड्रोन, हेलीकॉप्टर व घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश देने का दोषी पाया था। हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा हुई थी। पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की सजा हुई थी, क्योंकि उन्होंने जांच में सहयोग किया और सरकारी गवाह बने। बता दें कि शेख हसीना अभी भी भारत में हैं।
- बिल जमा होने के बावजूद जेई ने काटा केबल उपभोक्ता परेशान और शर्मसार उपभोक्ता प्रभा देवी पत्नी शियाशंकर द्विवेदी निवासी ग्राम आंबा विकास खंड कौंधियारा, करछना प्रयागराज विद्युत उपभोक्ता नम्बर 3474878000 है, उपभोक्ता लगातार अपना बिजली का बिल जमा कर रहा है, उसके बाउजूद कौंधियारा विद्युत उपखंड के जेई रिजवान अहमद द्वारा आज प्रभा देवी के लाइट का केबल काट देना विभाग की घोर लापरवाही उजागर हो रही है, जबकि उसी ट्रांसफार्मर से कई उपभोक्ता ऐसे भी है जिनका कई सालों से लम्बा बिल बकाया है, लेकिन जेई महोदय लेनदेन करके उन सबकी लाइट निर्बाध रूप से चलवा रहे हैं, अचानक हुए इस गलत कार्यवाही से प्रभा देवी का परिवार भीषण गर्मी में रहने को मजबूर हो गया है, जबकि बिल जमा करने के बावजूद प्रभा देवी को शर्मिंदगी झेलना पड़ रहा है3
- प्रयागराज के लालापुर क्षेत्र में नहर पर बना पुल टूटने के कारण ई -रिक्शा गिरा नहर में और चालक ने कूदकर बचाई जान..... प्रयागराज के भटपुरा लालापुर क्षेत्र में नहर पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण एक ई-रिक्शा सीधे गहरी नहर में गिर गया। यह हादसा 15 सितंबर 2026 को तब हुआ जब ई-रिक्शा चालक टूटे पुल के कारण बंद रास्ते को पार करने के लिए नहर के किनारे बनी संकरी और फिसलन भरी कच्ची पटरी से निकलने की कोशिश कर रहा था। चालक की सूझबूझ से ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ते ही चालक कप्तान बिंद ने समझदारी दिखाते हुए वाहन से कूदकर पहले अपनी जान बचाई। हादसे की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर बुलाया और रस्सी की मदद से काफी मशक्कत के बाद ई-रिक्शा को नहर से बाहर निकाला। स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) से इस मामले का संज्ञान लेकर पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने और तब तक के लिए एक सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है। गनीमत यह रही कि चालक पहले ही कूद चुका था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों के गुस्से को और बढ़ा दिया है क्योंकि टूटे पुल की वजह से आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं।1
- हण्डिया प्रयागराज थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुंगराव निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा आज दिनांक-15.09.2026 को दी गई बाइट.....1
- राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो द्वारा 84वाँ रक्तदान, दिव्यांग, निःशुल्क नेत्र परीक्षण, मेडिकल चेकअप व दवा वितरण शिविर महम में संपन्न प्रयागराज, रोहतक, भिवानी सहित देशभर के जुटे मानवाधिकार कार्यकर्ता। महम, रोहतक। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो द्वारा महम स्पोर्ट्स क्लब, महम के साथ मिलकर मुख्य अतिथि आर के पाण्डेय एडवोकेट चेयरमैन राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के उपस्थिति में 84वाँ रक्तदान, दिव्यांग, निःशुल्क नेत्र परीक्षण, मेडिकल चेकअप व दवा वितरण शिविर भव्यता, दिव्यता, नव्यता के साथ हरियाणा के रोहतक जिलांतर्गत महम में संपन्न हुआ जिसमें प्रयागराज, रोहतक, भिवानी सहित देशभर से मानवाधिकार कार्यकर्ता सक्रिय रूप से उपस्थित रहकर आम जनमानस से हजारों जरूरतमंदों को लाभान्वित किए। उपरोक्त के संदर्भ में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो के मुकेश कुमार सैनी जी, प्रदेश उपाध्यक्ष हरियाणा ने बताया कि इस शिविर में लगभग 400 यूनिट ब्लड का डोनेशन उपलब्ध हुआ जबकि लगभग 1000 जरूरतमंदों को निःशुल्क जांच व दवा से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी व जिलाध्यक्ष रोहतक जोगिंदर जी के नेतृत्व में व राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आर के पाण्डेय एडवोकेट चेयरमैन राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के साथ राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र शर्मा, दलबीर सिंह, हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी, रोहतक के जिलाध्यक्ष जोगिंदर, जिला सचिव कुलदीप सिंह हुड्डा, जिला कोषाध्यक्ष राजकुमार, महा सिंह सहित सैकड़ों मानवाधिकार कार्यकर्ता, जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा विभाग के चिकित्सक व कर्मचारी तथा लगभग एक हजार आम नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि सहित सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि आर के पाण्डेय एडवोकेट ने अपने उद्बोधन में उपस्थित जन समूह को मानवाधिकार संरक्षण, भ्रष्टाचार नियंत्रण व सामाजिक सेवा कार्य के प्रति जागरूक किया। रक्तदान करने वाले तथा अपनी सेवाएं देने वाले अधिकारी, कर्मचारी व समाजसेवियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।4
- *थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा आज दिनांक-15.09.2026 को दी गई बाइट-*1
- हंडिया में सपा जिला सचिव की गोली मारकर हत्या,बाइक सवार तीन बदमाशों ने मारी गोली,इलाज के दौरान मौत प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम पूर्व प्रधान और समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने पवन यादव पर फायरिंग की। गोली उनकी पीठ में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद हमलावर बाइक से बरौत की ओर फरार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान पवन यादव की मौत हो गई।जानकारी के मुताबिक, मुग्रराव गांव के पूर्व प्रधान एवं पूर्व प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष पवन यादव मंगलवार शाम करीब छह बजे हंडिया क्षेत्र में 52 नंबर पिलर के पास कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि इनमें से दो बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था। बाइक सवार बदमाशों में से एक ने पवन यादव को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली उनकी पीठ में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। इसी बीच तीनों बदमाश बाइक से बरौत की ओर भाग निकले।घटना की सूचना मिलते ही एसीपी हंडिया शेषधर पांडेय और इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। घायल पवन यादव को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।पवन यादव समाजवादी पार्टी के जिला सचिव भी थे। हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बाइक सवार बदमाशों की पहचान की जा सके।फिलहाल हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।1
- *प्रयागराज में सपा जिला सचिव की गोली मारकर हत्या,बाइक सवार तीन बदमाशों ने मारी गोली,इलाज के दौरान मौत* प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम पूर्व प्रधान और समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने पवन यादव पर फायरिंग की। गोली उनकी पीठ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद हमलावर बाइक से बरौत की ओर फरार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान पवन यादव की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, मुग्रराव गांव के पूर्व प्रधान एवं पूर्व प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष पवन यादव मंगलवार शाम करीब छह बजे हंडिया क्षेत्र में 52 नंबर पिलर के पास कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि इनमें से दो बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था। बाइक सवार बदमाशों में से एक ने पवन यादव को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली उनकी पीठ में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। इसी बीच तीनों बदमाश बाइक से बरौत की ओर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही एसीपी हंडिया शेषधर पांडेय और इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। घायल पवन यादव को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पवन यादव समाजवादी पार्टी के जिला सचिव भी थे। हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बाइक सवार बदमाशों की पहचान की जा सके। फिलहाल हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।1
- *थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा आज दिनांक-15.09.2026 को दी गई बाइट-* थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा आज दिनांक-15.09.2026 को दी गई बाइट-1