रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर *युवक की हत्या पर परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार बाराबंकी में प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद माने 7 आरोपी नामजद* बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम बरौलिया में एक युवक की हत्या के बाद गुरुवार को गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम खेत में बकरी जाने को लेकर गांव निवासी सतीश वर्मा का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान मुस्लिम, सुहैल, शुएब, सरताज समेत अन्य लोगों ने सतीश वर्मा पर ईंट, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर ले गए, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सतीश वर्मा का शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक की पत्नी पुष्पा वर्मा ने रोते हुए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों को फांसी की सजा नहीं दी जाती और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अंतिम संस्कार नहीं होने देंगी। मौके पर पहुंचे एसडीएम कार्तिकेय सिंह और सीओ जगतराम कनौजिया ने परिजनों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। करीब एक घंटे चली बातचीत के बाद अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई और हर संभव मदद का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। परिजनों ने प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मृतक के इकलौते पुत्र कृष्णा की डिग्री तक पढ़ाई की व्यवस्था, पत्नी को आर्थिक मुआवजा व भूमि का पट्टा, आरोपियों के अवैध मकानों पर कार्रवाई और सभी आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की मांग शामिल है। सुरक्षा की दृष्टि से एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, नायब तहसीलदार अंकिता पाण्डेय सहित फतेहपुर, बड्डूपुर, मोहम्मदपुर खाला और घुंघटेर थानों की पुलिस के साथ पीएसी बल गांव में तैनात रहा। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह वर्मा और क्षेत्रीय विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर *युवक की हत्या पर परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार बाराबंकी में प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद माने 7 आरोपी नामजद* बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम बरौलिया में एक युवक की हत्या के बाद गुरुवार को गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम खेत में बकरी जाने को लेकर गांव निवासी सतीश वर्मा का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान मुस्लिम, सुहैल, शुएब, सरताज समेत अन्य लोगों ने सतीश वर्मा पर ईंट, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर ले गए, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सतीश वर्मा का शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक की पत्नी पुष्पा वर्मा ने रोते हुए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों को फांसी की सजा नहीं दी जाती और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अंतिम संस्कार नहीं होने देंगी। मौके पर पहुंचे एसडीएम कार्तिकेय सिंह और सीओ जगतराम कनौजिया ने परिजनों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। करीब एक घंटे चली बातचीत के बाद अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई और हर संभव मदद का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। परिजनों ने प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मृतक के इकलौते पुत्र कृष्णा की डिग्री तक पढ़ाई की व्यवस्था, पत्नी को आर्थिक मुआवजा व भूमि का पट्टा, आरोपियों के अवैध मकानों पर कार्रवाई और सभी आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की मांग शामिल है। सुरक्षा की दृष्टि से एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, नायब तहसीलदार अंकिता पाण्डेय सहित फतेहपुर, बड्डूपुर, मोहम्मदपुर खाला और घुंघटेर थानों की पुलिस के साथ पीएसी बल गांव में तैनात रहा। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह वर्मा और क्षेत्रीय विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
- दम है बाराती-घराती के इस बड़े सवाल में अब क्या शादी निपटायी जाएंगी सलाद में बिन सिलेंडर सब सून…1
- Post by Vikas1
- कर्नाटक: “आपदा में अवसर” तलाशने वालों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कर्नाटक के यादगिरी जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने होटलों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल का खुलासा किया है। जानकारी के मुताबिक, विभागीय अधिकारियों ने कई होटलों और प्रतिष्ठानों पर अचानक छापा मारकर जांच की। इस दौरान 46 घरेलू एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए, जिनका कथित तौर पर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। नियमों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल केवल घरेलू जरूरतों के लिए किया जा सकता है, जबकि होटल और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कमर्शियल सिलेंडर अनिवार्य होते हैं। अधिकारियों ने सभी 46 सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और संबंधित होटल संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि इस तरह की जमाखोरी और घरेलू गैस के गलत इस्तेमाल से आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाते। प्रशासन ने साफ किया है कि आपूर्ति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई तेज किए जाने के संकेत दिए गए हैं। एक लाइन हेडिंग: कर्नाटक के यादगिरी में छापेमारी: होटलों से 46 घरेलू LPG सिलेंडर जब्त, जमाखोरों पर प्रशासन सख्त1
- ठाकुरगंज थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी का महिला अधिवक्ता से अभद्रता करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल, राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी का महिला अधिवक्ता से अभद्रता करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में 'मित्र पुलिस' कहे जाने वाले साहब महिला वकील से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद महिला अधिवक्ता के समर्थक और अन्य लोग आहत होकर ठाकुरगंज थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए थाना परिसर का घेराव कर दिया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।1
- Post by Dharmendra Kumar4
- (टिकैतनगर): थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम कुड़ा सुखीपुर, बेलखारा में मामूली बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। बताया जाता है कि ग्राम निवासी मालती देवी ने अपनी बेटी का ढेर-कोना (कूड़ा) सड़क के बीचों-बीच डाल दिया था। इसी बात को लेकर पड़ोस में रहने वाली स्वर्गीय राजाराम की पत्नी सुदामा देवी और उनके परिवार के हिमांशु व मोहिनी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान सुदामा देवी, हिमांशु और मोहिनी लाठी-डंडा लेकर अचानक मालती देवी पर हमला कर दिया। इस हमले में मालती देवी के सिर पर गंभीर चोट लगी, नाक से खून निकलने लगा तथा दाहिने हाथ में दांत से काटने के निशान और अन्य चोटें आई हैं। वहीं मालती देवी के बेटे चंदन को भी मारपीट के दौरान अंदरूनी चोटें आने की बात सामने आई है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने मामले की सूचना पुलिस को दी है। अब देखना होगा कि थाना टिकैतनगर पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।4
- #बाराबंकी_शिवम_हत्याकांड दो माह बाद भी आरोपी फरार मां ने रो-रो कर बयान किया अपना दर्द एसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार बाराबंकी। शिवम रावत हत्याकांड में दो माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजन मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार शिवम रावत 19 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन 20 जनवरी को उनका शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला था। परिजनों का आरोप है कि रंजिश के चलते अरविंद, सोनी, मीना, सतीश व अफजाल ने शिवम की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया, ताकि घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। मृतक के भाई #अंकित_रावत ने बताया कि घटना को दो माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मामले में नामजद एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी #खुलेआम घूम रहे हैं। परिजनों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।1
- लखनऊ टेढ़ी पुलिया मैजिक स्टैंड पर उगाही का आरोप, ट्रैफिक पुलिस के नाम पर वसूली का खेल! राजधानी लखनऊ के थाना गुडंबा क्षेत्र में स्थित सेक्टर-G पुलिस चौकी और टेढ़ी पुलिया पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले टेढ़ी पुलिया मार्ग पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि टेढ़ी पुलिया पुलिस चौकी के ठीक पास संचालित मैजिक स्टैंड पर लंबे समय से वसूली का खेल चल रहा है। मैजिक और टैक्सी चालकों का कहना है कि यहां आने-जाने वाली गाड़ियों से नियमित रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक विभाग, परिवहन विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। चालकों के मुताबिक अभय शंकर पांडेय नाम का व्यक्ति स्टैंड पर गाड़ियों से पैसा वसूल रहा है। आरोप है कि जो चालक तय रकम देता है, उसी को स्टैंड से गाड़ी खड़ी करने और सवारी उठाने की अनुमति मिलती है, जबकि पैसे न देने वाले चालकों को वहां से हटाया जाता है। सूत्रों के अनुसार, स्टैंड से चलने वाली गाड़ियों से हर चक्कर पर लगभग ₹50 वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ चालकों का दावा है कि हर वाहन से करीब ₹1000 प्रति माह की तय रकम भी ली जाती है। चालकों का कहना है कि यह वसूली ट्रैफिक पुलिस के नाम पर की जा रही है। कुछ चालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में यातायात पुलिस के टीआई और टीएसआई स्तर के कर्मियों के संरक्षण की चर्चा क्षेत्र में हो रही है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं के चलते मामला और गंभीर होता जा रहा है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद सेक्टर-G पुलिस चौकी और टेढ़ी पुलिया पुलिस चौकी की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय से यहां वसूली हो रही है, तो संबंधित पुलिस चौकी, यातायात विभाग और परिवहन विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। अब क्षेत्र के लोग शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बड़े सवाल • क्या टेढ़ी पुलिया मैजिक स्टैंड पर ₹50 प्रति चक्कर और ₹1000 मासिक वसूली का खेल चल रहा है? • क्या ट्रैफिक पुलिस के नाम पर अवैध उगाही की जा रही है? • क्या टीआई-टीएसआई स्तर के कर्मियों के संरक्षण की चर्चाओं में सच्चाई है? • क्या शासन-प्रशासन और परिवहन विभाग इस पूरे मामले की जांच करेगा? फिलहाल मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- ठाकुरगंज थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी का महिला अधिवक्ता से अभद्रता करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल, राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी का महिला अधिवक्ता से अभद्रता करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में 'मित्र पुलिस' कहे जाने वाले साहब महिला वकील से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद महिला अधिवक्ता के समर्थक और अन्य लोग आहत होकर ठाकुरगंज थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए थाना परिसर का घेराव कर दिया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।1