बिसौली में भू व खनन माफियाओं के हौसले बुलंद, तालाब पर अवैध कब्जे का आरोप बिसौली (बदायूं): तहसील क्षेत्र के ग्राम गुलारिया में भू माफिया और खनन माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। गांव के एक पुराने तालाब को कथित रूप से समतल कर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में डम्परों से मिट्टी डालकर तालाब को भरा जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कार्य की सूचना देने के लिए खनन अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। इससे लोगों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि इस कार्य में शामिल व्यक्ति खुद को रिटायर्ड फौजी बताता है और रातभर डम्परों के जरिए तालाब को पाटने का काम जारी रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो जल स्रोत पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जिससे पर्यावरण और जल स्तर पर भी असर पड़ेगा। ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, साथ ही तालाब को संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। 👉 अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करता है या माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहेंगे।
बिसौली में भू व खनन माफियाओं के हौसले बुलंद, तालाब पर अवैध कब्जे का आरोप बिसौली (बदायूं): तहसील क्षेत्र के ग्राम गुलारिया में भू माफिया और खनन माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। गांव के एक पुराने तालाब को कथित रूप से समतल कर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में डम्परों से मिट्टी डालकर तालाब को भरा जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कार्य की सूचना देने के लिए खनन अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। इससे लोगों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि इस कार्य में शामिल व्यक्ति खुद को रिटायर्ड फौजी बताता है और रातभर डम्परों के जरिए तालाब को पाटने का काम जारी रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो जल स्रोत पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जिससे पर्यावरण और जल स्तर पर भी असर पड़ेगा। ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, साथ ही तालाब को संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। 👉 अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करता है या माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहेंगे।
- बरेली। विश्व यकृत दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह के मार्गदर्शन में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) सी.बी. गंज में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को यकृत (लिवर) के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश द्वारा उपस्थित मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को “स्वस्थ लिवर – स्वस्थ जीवन” की शपथ दिलाकर की गई। इस दौरान सभी ने लिवर की सुरक्षा हेतु संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने का संकल्प लिया। इसके पश्चात चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु गुप्ता ने अपने संबोधन में लिवर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त करने, पाचन प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने तथा ऊर्जा संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में फैटी लिवर, हेपेटाइटिस सहित अन्य लिवर संबंधी रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनका प्रमुख कारण असंतुलित खानपान, जंक फूड का अधिक सेवन, शारीरिक निष्क्रियता तथा नशे की प्रवृत्ति है। डॉ. गुप्ता ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि समय रहते सावधानी बरतकर अधिकांश लिवर रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने सलाह दी कि शराब एवं तंबाकू से दूर रहें, संतुलित एवं पौष्टिक आहार ग्रहण करें, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण कराएं तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाइयों का सेवन न करें। कार्यक्रम में फार्मासिस्ट हिर्देश, स्टाफ नर्स सरिता, मनमोहन, लैब टेक्नीशियन श्रवण, एएनएम सरस्वती, रामलली, रजनी मिश्रा, मनु तथा आशा कार्यकर्ता सुबिता, संतोष सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही। अंत में सभी को लिवर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।1
- लखनऊ के विकास नगर में हजारों गरीब लोगों के घर जलकर हुए राख आज की तबाही से विकास नगर में लोग कर रहे हैं जिनके घर जल गए हैं उनकी मदद1
- रात में चल रही थी गौकशी... पुलिस पहुंची तो शुरू हो गई फायरिंग! बरेली में एनकाउंटर: गौकशी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद1
- उझानी में किशोरी के साथ छेड़छाड़ का मामला आया सामने, पुलिस ने दर्ज किया अभियोग, आरोपी फरार बदायूं। जिले के उझानी थाना क्षेत्र में अपने तहेरे भाई की शादी में बज रहे डीजे देखने के लिए घर से निकली एक किशोरी के साथ गांव के ही एक युवक ने छेड़छाड़ की और जब किशोरी ने विरोध किया तब युवक ने मारपीट कर उसे घायल कर दिया और भाग निकला। आज सुबह जब पीड़ित किशोरी अपनी मां के साथ पुलिस के पास पहुंची तब पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण के पुत्र की शादी का कार्यक्रम शनिवार की रात चल रहा था। बताते है कि इस दौरान हुई दावत के बाद डीजे पर डांस होने लगा। बताते हैं कि डीजे पर हो रहे डांस देखने के लिए ग्रामीण की भतीजी अपने घर से निकली इसी दौरान गांव निवासी एक युवक ने अपने दो साथियों के साथ किशोरी को बदनीयती से पकड़ लिया और उसके साथ छेड़खानी करने लगा। बताते हैं कि जब किशोरी ने युवक की हरकतों का विरोध किया तब उसने उसके साथ मारपीट की। बताते है कि किशोरी की चीख पुकार पर आसपास के ग्रामीण आ गए तब आरोपी युवक भाग खड़ा हुआ। बताते है कि पीड़ित किशोरी के परिजनों ने इस वारदात की सूचना पुलिस को दी और रविवार की सुबह कोतवाली पहुंच कर आरोपी युवक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर पर आरोपी युवक देवपाल पुत्र राम कुमार के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर जब प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार से जानकारी ली गई तब उन्होंने बताया कि एक ही युवक ने किशोरी के साथ छेड़खानी और मारपीट की है। उन्होंने बताया कि मारपीट के आधार पर किशोरी का मेडीकल कराया गया है।1
- गरीब किशोर की पिटाई का वीडियो वायरल, दारोगा शैलेन्द्र सिंह सस्पेंड बस्ती, उत्तर प्रदेश: जनपद बस्ती में एक गरीब किशोर के साथ पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले एक किशोर को दारोगा शैलेन्द्र सिंह ने बेरहमी से पीट दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दारोगा ने किशोर को ठेला हटाने का आदेश दिया था, लेकिन जब बच्चे ने ठेला नहीं हटाया तो वह आगबबूला हो गया और उसकी पिटाई कर दी। घटना के बाद किशोर घंटों तक रोता रहा, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दारोगा शैलेन्द्र सिंह को सस्पेंड कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष: यह घटना पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब पीड़ित एक नाबालिग और गरीब परिवार से हो। वहीं, वायरल वीडियो के बाद हुई त्वरित कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जा रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज | लोकेशन बदायूं संवाददाता मुनेन्द्र शर्मा पत्रकार शादी समारोह से अपहृत 1 वर्षीय मासूम 48 घंटे में सकुशल बरामद 5 अपहरणकर्ता गिरफ्तार, खरीद-फरोख्त का खुलासा बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात का पुलिस ने महज 2 दिन में खुलासा कर दिया। शादी समारोह से अगवा किए गए 1 साल के मासूम सौरभ को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पूरा मामला 16 अप्रैल की रात मोनार्क फार्म हाउस में शादी समारोह के दौरान एक महिला ने कमरे में सो रहे मासूम को चुपचाप उठा लिया और फरार हो गई। घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सर्विलांस और CCTV फुटेज के जरिए पुलिस ने एक संदिग्ध डिजायर कार (DL1ZC2948) को ट्रेस किया। जांच आगे बढ़ी तो पूरा गिरोह सामने आ गया। 70 हजार में बेचने की थी साजिश पूछताछ में खुलासा हुआ कि मासूम को 70,000 रुपये में बेचने का सौदा किया गया था। आरोपी दंपति संतान न होने के कारण बच्चे को खरीद रहे थे और 20,000 रुपये एडवांस भी दे चुके थे। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है: वहीं बरेली डीआईजी सफल अनावरण करने वाली टीम के लिए 50000 रुपए इनाम की भी की घोषणा1
- महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस, सपा विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण :- केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा कांग्रेस,सपा, विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ किया विश्वासघात :- बी.एल. वर्मा विपक्ष ने फिर साबित किया, महिलाओं के मुद्दे पर भरोसे लायक नहीं :- बी.एल. वर्मा महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा बनना दुर्भाग्यपूर्ण :- बी.एल. वर्मा बदायूँ l बदायूँ स्थित फॉर लीफ होटल में विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता को माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने संबोधित किया। केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा 16 और 17 अप्रैल को संसद में जो घटनाक्रम हुआ, उसने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों की महिला-विरोधी मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। इन दलों ने महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाल रहे हैं, उन्हें आने वाले समय में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते ने कहा समाजवादी पार्टी जैसे दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर पूरी प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण और ध्यान भटकाने का एक बहाना मात्र है। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही नहीं गिरा, बल्कि विपक्षी दल देश की आधी आबादी की नजरों में भी गिर गए। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी संसद में विपक्ष के इस शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण की कड़ी निंदा करती है। इन दलों ने केवल विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि जब भी महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की बात आती है, ये दल राजनीतिक बहानों और देरी का सहारा लेते हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। आगे कहा ये दल लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने स्पष्ट किया है, कि यह राजनीति का समय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में निर्णय लेने का समय है। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देना आवश्यक है, जिसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने दशकों तक रोके रखा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि जब सभी दल एक साथ आते हैं, तो ऐसे मुद्दे राजनीतिक नहीं रह जाते, बल्कि देश के हित में निर्णय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने सभी सांसदों से व्यक्तिगत और दलगत हितों से ऊपर उठने की अपील की। उन्होंने कहा जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, तब विपक्षी दलों ने चुनावी दबाव में उसका समर्थन किया, लेकिन जब वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तो उनकी महिला-विरोधी सोच खुलकर सामने आ गई। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी है कि देश की महिलाएं अब मूक दर्शक नहीं हैं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं। आज लाखों महिलाएं गांवों में पंचायत स्तर पर सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रही हैं और निर्णय ले रही हैं, और अब वे संसद और विधानसभाओं में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस ऐतिहासिक अवसर को टालना केवल विधायी देरी नहीं, बल्कि सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रगति का गला घोंटना है, और इसके जिम्मेदार लोगों को हर चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। आगे कहा इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के झूठ के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने आगे कहा इन विधेयकों का मूल उद्देश्य “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के संवैधानिक सिद्धांत को प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है, जिसे लंबे समय से टाला गया, जिससे प्रतिनिधित्व में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हुआ है। आगे कहा गृहमंत्री ने साफ किया है, कि कांग्रेस, सपा और उसके सहयोगियों का विरोध प्रक्रिया को लेकर नहीं, बल्कि महिलाओं को आरक्षण देने के मूल विचार के प्रति उनकी असहमति से प्रेरित है, उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, कि जिन्होंने शाह बानो मामले में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया और तीन तलाक जैसी प्रथा का समर्थन किया, वे महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने के विचार को स्वीकार नहीं कर सकते। साथ आगे कहा महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की इस साजिश में समाजवादी पार्टी ने भी धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर खतरनाक कदम उठाया है, जबकि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नही करता। उन्होंने कहा कांग्रेस सपा, विपक्ष को लगता है, कि वह तकनीकी बहानों से जनता को भ्रमित कर सकता है, लेकिन आज की महिलाएं सब समझती है। साथ ही कहा यह केवल एक विधेयक का विरोध नही था, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विपक्ष की हताशा का प्रदर्शन था। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा अमिता उपाध्याय, जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत, जिला महामंत्री शैलेन्द्र मोहन शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अनुभव उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी अचल शर्मा आदि मीडिया बंधु उपस्थित रहे।1
- gram kailee post kunwargaon budaun ye hamare gaon ka sarkari nal hai jiske liye pani nikalne ke liye nali nahi bani hai or hamare gaon ka pradhan bhi nahi sunta hamari kripa karke hamare sarkari nal ki nali ban bane ki kripa kare aapki mahan kripa hogi my name vipin kumar prajapati1
- मुसलमान नॉनवेज खाते हैं खाने दीजिए ना तुम्हारे पेट में क्यों दर्द होता है तुमसे पैसे लेकर थोड़ी ना खाते हैं1