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योगी आदित्यनाथ का बस्ती जनपद में संभावित दौरा निर्धारित है। इस दौरे के लिए जूनियर हाई स्कूल हरैया को कार्यक्रम स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है, और कार्यक्रम स्थल पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का जिक्र भी किया गया है।
Shreya mishra
योगी आदित्यनाथ का बस्ती जनपद में संभावित दौरा निर्धारित है। इस दौरे के लिए जूनियर हाई स्कूल हरैया को कार्यक्रम स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है, और कार्यक्रम स्थल पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का जिक्र भी किया गया है।
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- एक अधिकारी को भ्रष्टाचारी बताया गया है, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक पेज से उनका घूस लेते हुए एक वीडियो भी जारी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का उल्लेख करते हुए भी इस अधिकारी को भ्रष्टाचारी कहा गया है, और भाजपा के आधिकारिक पेज द्वारा ही उनका घूस लेते हुए वीडियो सार्वजनिक किया गया है।1
- बस्ती जिले के हरैया तहसील के परशुरामपुर थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम नेवादा, पोस्ट नंद नगर चौरई से एक गंभीर समस्या सामने आई है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि उनके गांव में कोई सफाईकर्मी नियुक्त नहीं है, जिसके चलते सार्वजनिक नालियां पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई हैं। ये नालियां गंदगी से भरी हुई हैं और इनसे लगातार तेज बदबू आ रही है, जिससे ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए गांव के प्रधान से कई बार संपर्क किया है और उनसे नालियों की सफाई करवाने का अनुरोध किया है। हालांकि, प्रधान इस मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और न ही किसी तरह की कार्रवाई कर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा है कि प्रशासन को खुद आकर इस नारकीय स्थिति का जायजा लेना चाहिए।2
- बस्ती जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण पाने के अभियान के तहत, कप्तानगंज पुलिस ने 5 जुलाई को ज़मीन कब्जेदारी से जुड़े विवादों में त्वरित कार्रवाई की। इस दौरान, शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न होने पर पुलिस ने कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशानुसार, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण में और क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में थानाध्यक्ष कप्तानगंज आलोक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपन्न हुई। पुलिस को विभिन्न गांवों से ज़मीन कब्जेदारी को लेकर हो रहे विवादों की सूचना मिली थी, जहाँ दोनों पक्ष फौजदारी पर आमादा थे, जिससे क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का गंभीर अंदेशा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए इन लोगों को हिरासत में लिया गया। सभी के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उपजिलाधिकारी हर्रैया के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मीरा देवी, प्रतिमा, सुनील तिवारी उर्फ राजन, जयशंकर, साधना, झिनकना देवी, रामबुझारत, अकाल, रामनाथ, विवेक शुक्ला, शशि प्रभा सिंह और शिखा शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं, और ज़मीन संबंधी विवादों में उनके आमने-सामने आने की सूचना पर पुलिस ने एहतियातन यह कार्रवाई की। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार सरोज, उपनिरीक्षक रविन्द्र यादव, उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार राय, चौकी प्रभारी महाराजगंज उपनिरीक्षक अनिल कुमार त्रिपाठी, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, कांस्टेबल अभिमन्यु शर्मा, महिला कांस्टेबल निशा चौहान, महिला कांस्टेबल पूजा यादव तथा कांस्टेबल रामजी तिवारी सहित कप्तानगंज पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ज़मीन विवाद या अन्य किसी भी मामले में कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- पावर और बिजली सेक्टर से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण और काम की खबरें सामने आ रही हैं।1
- आज 5 जुलाई 2026 को बाराबंकी में शाम दोपहर 5:00 बजे के लगभग रिमझिम बारिश हुई, जिससे वहाँ का मौसम सुहाना हो गया। हालांकि, यह सुहाना मौसम बना रहेगा या अगले दिन विकराल धूप और गर्मी देखने को मिल सकती है, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस मौसम रिपोर्ट को लखनऊ टीम और आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ के लिए लाल चंद सोनी ने कवर किया है।1
- अयोध्या में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संत समाज, विश्व हिंदू परिषद (VHP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में एकजुट होकर सामने आया है। संत समाज ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना गलत है, और उन्होंने चंपत राय को सच्चा सनातनी बताते हुए उनका समर्थन किया है। जगतगुरु परमहंस आचार्य ने इस मामले में बड़ा दावा किया है, जिसमें उन्होंने कॉल डिटेल्स का हवाला देते हुए कहा कि अखिलेश यादव और टिन्नू यादव के बीच 980 बार बातचीत हुई थी। परमहंस आचार्य ने विपक्ष पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि VHP, RSS और BJP निर्दोष हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि श्री राम मंदिर के मामलों में किसी भी प्रकार का सरकारी दखल नहीं होना चाहिए।1
- योगी आदित्यनाथ का बस्ती जनपद में संभावित दौरा निर्धारित है। इस दौरे के लिए जूनियर हाई स्कूल हरैया को कार्यक्रम स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है, और कार्यक्रम स्थल पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का जिक्र भी किया गया है।1
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में कानून का इकबाल पस्त होता दिख रहा है, जहाँ जमीनी विवादों के बीच सरेआम गुंडागर्दी का 'नंगा नाच' चल रहा है और यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है। कप्तानगंज नगर पंचायत क्षेत्र में प्रमोद चौधरी और राम बुधारत चौधरी के बीच चल रहे लंबे जमीनी विवाद ने 05 जुलाई 2026 को हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित पक्ष की शिकायतकर्ता शशिप्रभा ने आरोप लगाया है कि बाहर से गाड़ियों में भरकर आए उपद्रवियों ने उन्हें न केवल जान से मारने की धमकी दी, बल्कि गाड़ियों से कुचलने की कोशिश भी की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। पुलिस की इस मूकदर्शक भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वर्दी की आड़ में कोई 'बड़ा खेल' चल रहा है। थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव ने इसे 'जमीनी विवाद का मामला' बताकर जांच जारी होने की बात कही है, जिसे केवल 'रटा-रटाया प्रशासनिक जवाब' माना जा रहा है। आरोप है कि जमीनी विवाद का हवाला देकर आपराधिक गतिविधियों और जानलेवा हमलों को नजरअंदाज करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और आम नागरिक पुलिस पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं। जनता सवाल उठा रही है कि पुलिस की मौजूदगी में मारपीट करने वालों को किसका संरक्षण प्राप्त है, और क्या कप्तानगंज पुलिस का अपराधियों में भय समाप्त हो चुका है? यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जमीनी विवाद किसी बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल सकता है। कप्तानगंज की जनता अब आला अधिकारियों के तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही है, ताकि क्षेत्र में कानून का राज पुनः बहाल हो सके।1