*प्राइम न्यूज राजस्थान - अनंत चतुर्दशी विशेष कवरेज* *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)* *शीर्षक - श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ बप्पा को दी विदाई, विसर्जन के समय छलके भक्तों के आंसू, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से गूंजा वागड़* *कुशलगढ़ / बांसवाड़ा।* राजस्थान के उदयपुर संभाग के राजसमंद, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले सहित पूरे वागड़ अंचल में अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का भव्य समापन हुआ। जहां एक तरफ 10 दिन तक गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे, वहीं अनंत चतुर्दशी पर जब बप्पा के विसर्जन की घड़ी आई तो हर भक्त की आंख नम हो गई। खासकर कुशलगढ़ उपखंड के मोहकमपुरा सर्व समाज, छोटी सरवा, बड़ी सरवा, पाटन, डुंगरा, सज्जनगढ़ सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अनंत चतुर्दशी की धूम देखते ही बनती थी। लोग गगनचुंबी नारों से आसमान को गुंजायमान कर रहे थे। *सुबह से ही शुरू हुई विदाई की तैयारी -* अनंत चतुर्दशी की सुबह से ही गणेश पंडालों में विदाई की तैयारी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने गणेश जी का श्रृंगार किया, उन्हें मोदक का भोग लगाया, उनकी आरती उतारी। मोहकमपुरा सर्व समाज गणेश मंडल में सुबह 9 बजे अंतिम महाआरती की गई। महाआरती में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। आरती के बाद बप्पा को तिलक लगाकर, अक्षत चढ़ाकर विदाई दी गई। हर चेहरे पर एक अजीब सी उदासी थी। जो बप्पा 10 दिन तक घर के सदस्य की तरह रहे, आज उन्हें विदा करना था। बच्चों की आंखों में भी आंसू थे। *ढोल की थाप और बैंड की मधुर धुनों पर झूमे भक्त -* दोपहर 2 बजे के बाद विसर्जन यात्रा शुरू हुई। सबसे आगे ढोल-मंडल, उसके पीछे डीजे और बैंड की मधुर धुनों पर "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के नारों के साथ भक्त नाचते-गाते चल रहे थे। युवाओं की टोली ने भगवा ध्वज हाथ में लेकर "एक दो तीन चार, गणपति की जय जयकार" के नारे लगाए। छोटी सरवा से लेकर मोहकमपुरा तक, पाटन से लेकर बड़ी सरवा तक हर गांव की विसर्जन यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने घरों की छतों से बप्पा पर फूल बरसा रहे थे। *विसर्जन स्थल पर उमड़ा जनसैलाब -* कुशलगढ़ प्रशासन ने विसर्जन के लिए विशेष घाट तैयार किए थे। बांसवाड़ा जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। हर घाट पर पुलिस जाप्ता तैनात था। जनप्रतिनिधियों ने भी इस धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। जैसे ही गणेश जी की मूर्ति को जल के पास लाया गया, माहौल और भावुक हो गया। पुजारी ने अंतिम पूजा कराई। मंत्रोच्चार हुआ - "यानि कानि च पापानि जन्मान्तर कृतानि च, तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिण पदे पदे..." *और फिर आंसू छलक पड़े -* जब बप्पा की मूर्ति को जल में विसर्जित किया गया, तो वहां मौजूद हर भक्त की आंख से आंसू छलक पड़े। बुजुर्ग हों या युवा, महिलाएं हों या बच्चे, सबकी आंखें नम थीं। 10 दिन तक जिस बप्पा ने हर दुख-सुख में साथ दिया, आज वह जा रहे थे। एक महिला भक्त ने रोते हुए कहा - "बप्पा ऐसा लगता है जैसे घर का कोई सदस्य जा रहा हो। 10 दिन में आदत सी हो गई थी रोज आरती करने की।" मोहकमपुरा के एक युवा ने कहा - "भले ही बप्पा की मूर्ति का विसर्जन हो रहा है, लेकिन बप्पा हमारे दिल में हमेशा रहेंगे। वे विघ्नहर्ता हैं, वे हमारे विघ्न हरेंगे।" *अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व -* अनंत चतुर्दशी केवल गणेश विसर्जन का दिन नहीं है, यह भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा का दिन भी है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करके अनंत सूत्र बांधा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। गणेश पुराण के अनुसार, गणपति बप्पा भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को पृथ्वी पर आते हैं और 10 दिन तक अपने भक्तों के बीच रहकर अनंत चतुर्दशी को वापस कैलाश पर्वत पर चले जाते हैं। इसलिए इस दिन विसर्जन किया जाता है। विसर्जन का अर्थ है - निराकार से साकार और साकार से फिर निराकार की ओर यात्रा। *प्रशासन की सराहनीय भूमिका -* इस पूरे 10 दिवसीय महोत्सव और विसर्जन के दौरान कुशलगढ़ उपखंड अधिकारी, बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस, नगरपालिका और ग्राम पंचायतों ने बेहतरीन व्यवस्था की। कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन सम्पन्न हुआ। प्राइम न्यूज राजस्थान की टीम ने जब ग्रामीणों से बात की तो सभी ने प्रशासन का आभार जताया। *अंत में -* विसर्जन के बाद घाट पर सन्नाटा पसर गया, लेकिन भक्तों के दिल में एक ही प्रार्थना थी - "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ"। बप्पा अपने साथ भक्तों के सारे विघ्न हर ले गए और पीछे छोड़ गए अगले साल फिर आने का वादा। *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, प्राइम न्यूज राजस्थान*
*प्राइम न्यूज राजस्थान - अनंत चतुर्दशी विशेष कवरेज* *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)* *शीर्षक - श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ बप्पा को दी विदाई, विसर्जन के समय छलके भक्तों के आंसू, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से गूंजा वागड़* *कुशलगढ़ / बांसवाड़ा।* राजस्थान के उदयपुर संभाग के राजसमंद, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले सहित पूरे वागड़ अंचल में अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का भव्य समापन हुआ। जहां एक तरफ 10 दिन तक गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे, वहीं अनंत चतुर्दशी पर जब बप्पा के विसर्जन की घड़ी आई तो हर भक्त की आंख नम हो गई। खासकर कुशलगढ़ उपखंड के मोहकमपुरा सर्व समाज, छोटी सरवा, बड़ी सरवा, पाटन, डुंगरा, सज्जनगढ़ सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अनंत चतुर्दशी की धूम देखते ही बनती थी। लोग गगनचुंबी नारों से आसमान को गुंजायमान कर रहे थे। *सुबह से ही शुरू हुई विदाई की तैयारी -* अनंत चतुर्दशी की सुबह से ही गणेश पंडालों में विदाई की तैयारी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने गणेश जी का श्रृंगार किया, उन्हें मोदक का भोग लगाया, उनकी आरती उतारी। मोहकमपुरा सर्व समाज गणेश मंडल में सुबह 9 बजे अंतिम महाआरती की गई।
महाआरती में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। आरती के बाद बप्पा को तिलक लगाकर, अक्षत चढ़ाकर विदाई दी गई। हर चेहरे पर एक अजीब सी उदासी थी। जो बप्पा 10 दिन तक घर के सदस्य की तरह रहे, आज उन्हें विदा करना था। बच्चों की आंखों में भी आंसू थे। *ढोल की थाप और बैंड की मधुर धुनों पर झूमे भक्त -* दोपहर 2 बजे के बाद विसर्जन यात्रा शुरू हुई। सबसे आगे ढोल-मंडल, उसके पीछे डीजे और बैंड की मधुर धुनों पर "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के नारों के साथ भक्त नाचते-गाते चल रहे थे। युवाओं की टोली ने भगवा ध्वज हाथ में लेकर "एक दो तीन चार, गणपति की जय जयकार" के नारे लगाए। छोटी सरवा से लेकर मोहकमपुरा तक, पाटन से लेकर बड़ी सरवा तक हर गांव की विसर्जन यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने घरों की छतों से बप्पा पर फूल बरसा रहे थे। *विसर्जन स्थल पर उमड़ा जनसैलाब -* कुशलगढ़ प्रशासन ने विसर्जन के लिए विशेष घाट तैयार किए थे। बांसवाड़ा जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। हर घाट पर पुलिस जाप्ता तैनात था। जनप्रतिनिधियों ने भी इस धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर
योगदान दिया। जैसे ही गणेश जी की मूर्ति को जल के पास लाया गया, माहौल और भावुक हो गया। पुजारी ने अंतिम पूजा कराई। मंत्रोच्चार हुआ - "यानि कानि च पापानि जन्मान्तर कृतानि च, तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिण पदे पदे..." *और फिर आंसू छलक पड़े -* जब बप्पा की मूर्ति को जल में विसर्जित किया गया, तो वहां मौजूद हर भक्त की आंख से आंसू छलक पड़े। बुजुर्ग हों या युवा, महिलाएं हों या बच्चे, सबकी आंखें नम थीं। 10 दिन तक जिस बप्पा ने हर दुख-सुख में साथ दिया, आज वह जा रहे थे। एक महिला भक्त ने रोते हुए कहा - "बप्पा ऐसा लगता है जैसे घर का कोई सदस्य जा रहा हो। 10 दिन में आदत सी हो गई थी रोज आरती करने की।" मोहकमपुरा के एक युवा ने कहा - "भले ही बप्पा की मूर्ति का विसर्जन हो रहा है, लेकिन बप्पा हमारे दिल में हमेशा रहेंगे। वे विघ्नहर्ता हैं, वे हमारे विघ्न हरेंगे।" *अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व -* अनंत चतुर्दशी केवल गणेश विसर्जन का दिन नहीं है, यह भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा का दिन भी है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करके अनंत सूत्र बांधा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। गणेश पुराण के अनुसार, गणपति बप्पा भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को पृथ्वी पर आते हैं और 10 दिन तक अपने भक्तों के बीच रहकर अनंत चतुर्दशी को वापस कैलाश पर्वत पर चले जाते हैं। इसलिए इस दिन विसर्जन किया जाता है। विसर्जन का अर्थ है - निराकार से साकार और साकार से फिर निराकार की ओर यात्रा। *प्रशासन की सराहनीय भूमिका -* इस पूरे 10 दिवसीय महोत्सव और विसर्जन के दौरान कुशलगढ़ उपखंड अधिकारी, बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस, नगरपालिका और ग्राम पंचायतों ने बेहतरीन व्यवस्था की। कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन सम्पन्न हुआ। प्राइम न्यूज राजस्थान की टीम ने जब ग्रामीणों से बात की तो सभी ने प्रशासन का आभार जताया। *अंत में -* विसर्जन के बाद घाट पर सन्नाटा पसर गया, लेकिन भक्तों के दिल में एक ही प्रार्थना थी - "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ"। बप्पा अपने साथ भक्तों के सारे विघ्न हर ले गए और पीछे छोड़ गए अगले साल फिर आने का वादा। *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, प्राइम न्यूज राजस्थान*
- सीमलवाड़ा में गूंजा “गणपति बप्पा मोरया”, हजारों श्रद्धालुओं ने दी विदाई सीमलवाड़ा में गूंजा “गणपति बप्पा मोरया”, हजारों श्रद्धालुओं ने दी विदाई सीमलवाड़ा। कस्बे में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति महोत्सव का समापन हुआ। गणपति बप्पा की भव्य विसर्जन शोभायात्रा डीजे-बैंड, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाचते-गाते और “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे लगाते नजर आए। बाजार से होते हुए शोभायात्रा तालाब की पाल तक पहुंची, जहां विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के बाद गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। �1
- मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 10 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए भी बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन तेज बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है। आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रधान संपादक कदम राजपूत2
- बेड़सा में अनंत चतुर्दशी पर मंदिर में उमड़ी आस्था की भीड़ ग्राम पंचायत बेड़सा में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही महिला, पुरुष और बच्चों का आना-जाना लगा रहा। मंदिर के बाहर बाइक और ऑटो की कतारें लगी रहीं, बाजार में भी चहल-पहल बनी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार अनंत चतुर्दशी पर भगवान सत्यनारायण की कथा और अनंत सूत्र बांधने की परंपरा है, जिसके लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। दोपहर तक मंदिर परिसर में मेला जैसा माहौल रहा। *1
- तपस्वियो का निकला वरघोड़ा ,जयकारों से गूंजा आसपुर समाजजनों ने की क्षमा याचना,कल होंगे पारणा तपस्वियो का निकला वरघोड़ा ,जयकारों से गूंजा आसपुर समाजजनों ने की क्षमा याचना,कल होंगे पारणा आसपुर में आदिनाथ दिगंबर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन शुक्रवार को तपस्वियों का भव्य जुलूस निकाला गया । आसपुर के आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में शुक्रवार को श्रद्धालुओ ने भगवान आदिनाथ का जलाभिषेक, केशरपूजा पंचामृत अभिषेक, शान्तिधारा के साथ नित्य दिन की तरह आदीनाथ पूजा, दश लक्षणी पूजा सोलह कारण पूजा, पंचमेरू पूजा, नमीताथ पूजा की पुजा व विविध तरह की पुजाएं की गई। पूजा के बाद इन भगवान को अध्यं चढ़ाये गये । बाद शाम को दस लक्षणी उपवास के तपस्वियों निखिल पुत्र प्रकाश चंदावत,सीमा पत्नी कांतिलाल जैन एवं मनीष पुत्र मणिलाल चंदावत का मंदिर प्रांगण से बग्घियों में सवार कर वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़ा बैंड बाजे के साथ गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए तपस्वी के घर पहुंचा। रास्ते में श्रद्धालुओं ने जैन धर्म के जयकारों से वातावरण को धर्ममई बना दिया । वहीं गरबो की धुन पर युवक युवतिया नाचते थिरकते गरबा डाँस कर रहे थे । रास्ते में तपस्वीयो का ग्रामीणों द्वारा बहुमान किया गया । शनिवार को तीनों तपस्वियों का पारणा करवाया जाएगा।इस अवसर पर इस अवसर पर मणिलाल जैन,नरेंद्र जैन,लक्ष्मीचंद जैन,केसरीमल रामा,सुशील जैन,महावीर जैन ,प्रकाश नागदा,अनिल जैन , कारूलाल जैन,रमेश जैन सहित जैन समाज के धर्मावलंबी मौजूद रहे।1
- आज अनंत चतुरदस व्रत सोमेश्वर महादेव मंदिर पुनाली में भक्तजन भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित इसी क्रम में आज गणेश विसर्जन की बोली और महा आरती की बोली नर्मदा शंकर जी गंगाराम जी दवे ने ली गजानन महाराज की कृपा बनी रहे गणपति बप्पा मोरिया2
- आलीराजपुर-खंडवा नई ब्रॉडगेज रेल लाइन ki nahin saugat Mil chuki hai आलीराजपुर-खंडवा नई ब्रॉडगेज रेल लाइन ki nahin saugat Mil chuki hai alirajpur Khandwa new rail line1
- अगले बरस तू जल्दी अनन्त चतुर्दशी पर धूमधाम से हुआ बप्पा का विसर्जन दस दिन तक विघ्नहर्ता की पूजा अर्चना के बाद शुक्रवार को अगले बरस तू जल्दी आ के गुंजायमान नारों के बीच अनन्त चतुर्दशी पर धूमधाम से हुआ बप्पा का विसर्जन किया गया2
- ग्राम बरोठा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस कथा वाचक पूज्य कमलेश जी शास्त्री, डोराना के मुखारविंद से भगवान ग्राम बरोठा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस कथा वाचक पूज्य कमलेश जी शास्त्री, डोराना के मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन किया गया। आज कथा में रुक्मणी विवाह का भव्य प्रसंग हुआ। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कंस वध, वासुदेव-देवकी को कारागृह से मुक्त कराने तथा महाराज उग्रसेन का राजतिलक करने की कथा सुनाई गई। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में झूम उठे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से कथा पंडाल गूंज उठा। 🙏🚩 📍 स्थान — ग्राम बरोठा 🎙️ कथा वाचक — कमलेश जी शास्त्री, डोराना 📖 श्रीमद्भागवत कथा — छठा दिवस3
- शिव शक्ति धाम पुनाली में गणपति विसर्जन कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया और गणपति विसर्जन का और आरती का लाभ बसंत अमृतलाल जी जोशी गणपति जी की 10 दिन भजन कीर्तन कई सारे कार्यक्रम करके आज विसर्जन कर पूरे क्षेत्र में खुशहाली बनी रहे सभी का स्वास्थ्य अच्छा रहे ऐसी कामना करते हुए गणपति बप्पा का विसर्जन किया3