डी राजा ने कहा कि (केंद्र) सिर्फ आरएसएस के हितों की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने शनिवार को केंद्र सरकार द्वारा संसद के चल रहे मानसून सत्र के दौरान अगले हफ्ते ‘विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम संशोधन विधेयक (एफसीआरए बिल)’ पेश किए जाने की संभावना पर कड़ा विरोध जताया। सूत्रों के अनुसार, यह बिल लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है। सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा ने बताया कि कई एनजीओ और सिविल सोसाइटी संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है कि उनके काम पर असर पड़ेगा और उनका काम ठप हो जाएगा। सरकार यही करने की कोशिश कर रही है। डी. राजा ने कहा कि देखते हैं कि बिल क्या है और सरकार का जवाब क्या होगा। सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने भी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एफसीआरए बिल उन पुराने एनजीओ को निशाना बना रहा है जो लोगों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के हजारों संगठन अलग-अलग तरीकों से करोड़ों रुपए पा रहे हैं, लेकिन सरकार उन सभी अन्य संगठनों को नियंत्रित करना चाहती है जो उनकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खड़े हैं या जो इस सरकार की देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। इसलिए वे यह बिल ला रहे हैं। शिवदासन ने आगे कहा कि सीपीआई(एम) इस बिल के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की पहल करेगा।
डी राजा ने कहा कि (केंद्र) सिर्फ आरएसएस के हितों की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने शनिवार को केंद्र सरकार द्वारा संसद के चल रहे मानसून सत्र के दौरान अगले हफ्ते ‘विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम संशोधन विधेयक (एफसीआरए बिल)’ पेश किए जाने की संभावना पर कड़ा विरोध जताया। सूत्रों के अनुसार, यह बिल लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है। सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा ने बताया कि कई एनजीओ और सिविल सोसाइटी संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है कि उनके काम पर असर पड़ेगा और उनका काम ठप हो जाएगा। सरकार यही करने की कोशिश कर रही है। डी. राजा ने कहा कि देखते हैं कि बिल क्या है और सरकार का जवाब क्या होगा। सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने भी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एफसीआरए बिल उन पुराने एनजीओ को निशाना बना रहा है जो लोगों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के हजारों संगठन अलग-अलग तरीकों से करोड़ों रुपए पा रहे हैं, लेकिन सरकार उन सभी अन्य संगठनों को नियंत्रित करना चाहती है जो उनकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खड़े हैं या जो इस सरकार की देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। इसलिए वे यह बिल ला रहे हैं। शिवदासन ने आगे कहा कि सीपीआई(एम) इस बिल के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की पहल करेगा।
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