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मड़ावरा तहसील परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत एक पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में तहसील के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधे रोपे और भविष्य में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनकी समुचित देखभाल करने का संकल्प लिया।
पत्रकार सोनू सोनी मड़ावरा
मड़ावरा तहसील परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत एक पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में तहसील के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधे रोपे और भविष्य में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनकी समुचित देखभाल करने का संकल्प लिया।
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- ललितपुर जनपद के ग्राम गिरार में रामजानकी मंदिर के नजदीक एक सूखे कुएं से मिले अज्ञात महिला के अत्यधिक क्षत-विक्षत शव की पहचान कर ली गई है। मौके से बरामद आधारकार्ड और कुछ प्रार्थना पत्रों के आधार पर महिला की शिनाख्त कोतवाली महरौनी के ग्राम छिल्ला निवासी चिरई, पत्नी स्व. सुखदीन बुनकर, के रूप में हुई। मृतका की उम्र लगभग 55 वर्ष बताई गई है, और शव चार-पांच दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। जांच में सामने आया है कि कुएं में मृत मिली महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त थी। छिल्ला गांव के ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, चिरई के पति का तीन वर्ष पूर्व निधन हो गया था। उनकी पुत्रियों का विवाह हो चुका है, और उनका एक पुत्र अपने परिवार के साथ अलग रहता है, जिसके कारण चिरई गांव के अपने पुराने घर में अकेली रहती थी। अपनी मानसिक स्थिति के चलते वह अक्सर यहां-वहां चली जाती थी और कुछ दिन पहले बागेश्वर जाने की रट लगाए हुई थी। इस मामले में यह एक बड़ा सवाल है कि महिला अपने घर से इतनी दूर कैसे पहुंची और कई दिनों से गायब रहने के बावजूद परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी। स्थानीय पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना देकर शव का पंचनामा किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके के हालात को देखते हुए, यह जांच का विषय है कि मृतका किसी हादसे, आत्महत्या या किसी अपराध का शिकार हुई है। महिला की मृत्यु के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।2
- मड़ावरा तहसील परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत एक पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में तहसील के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधे रोपे और भविष्य में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनकी समुचित देखभाल करने का संकल्प लिया।2
- छतरपुर जिले की मातगुवां पुलिस ने रात्रि रोड पेट्रोलिंग के दौरान बिजावर रोड से अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लगभग 2 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अवधेश शिवहरे के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा के निर्देशों पर, छतरपुर पुलिस अवैध मादक पदार्थों के संग्रह, उत्पादन, विक्रय और परिवहन में शामिल लोगों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में, मातगुवां पुलिस को रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान बिजावर रोड पर अवैध गांजे से संबंधित सूचना मिली थी। सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम साकरोबरा तिगड्डे के पास पहुँची, जहाँ एक संदेही ने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोका और विधिवत तलाशी ली, जिसमें अवैध गांजा बरामद हुआ। यह गांजा करीब 2 किलोग्राम था, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई गई है। अवैध मादक पदार्थ में संलिप्त आरोपी अवधेश शिवहरे, जो गजाधर शिवहरे का पुत्र है और ग्राम रगौली, थाना पिपट, जिला छतरपुर का निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, अभियुक्त अवधेश शिवहरे अवैध शराब के अपराध में भी पहले से लिप्त है। उसे थाना मातगुवां में एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में एसडीओपी बिजावर श्री अजय रिठौरिया का मार्गदर्शन रहा, जिसमें थाना प्रभारी मातगुवां उप निरीक्षक अंकुर चौबे, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर त्रिपाठी, आरक्षक शैलेश सिंह, शिवम घोष, धर्मेंद्र पटेल, रत्नेश दांगी, सौरभ मिश्रा और अन्य पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- दुनिया के हर एक जाति और धर्म में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग पाए जाते हैं। इसी कारण किसी भी विशेष जाति या धर्म के सभी लोगों को बुरा मानना सही नहीं है।1
- आज टीकमगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर एक जिला कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। भाजपा मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी ने बताया कि इस "स्मरण पर्व" की शुरुआत डॉ. मुखर्जी की जीवन यात्रा पर आधारित एक प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई, जिसे कार्यकर्ताओं ने देखा। इस अवसर पर भाजपा जिला प्रभारी व मुख्य वक्ता पुष्पेंद्रनाथ गुड्डन पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत, पूर्व केंद्रीय सचिव सुरेंद्र प्रताप सिंह बेबी राजा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमित नुना, वरिष्ठ नेता विवेक चतुर्वेदी और आर. पी. श्रोती सहित कई प्रमुख भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष पवन जैन ने किया, और शुरुआत में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। मुख्य वक्ता पुष्पेंद्रनाथ गुड्डन पाठक ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक दक्ष राजनीतिज्ञ, विद्वान और स्पष्टवादी बताया, जिन्हें मित्र और शत्रु समान रूप से सम्मान देते थे। उन्होंने कहा कि भारत उन्हें एक महान देशभक्त और संसद शिष्ट के रूप में सम्मान के साथ याद करता है, और उनका संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति समर्पित रहा। सुरेंद्र प्रताप सिंह बेबी राजा ने रेखांकित किया कि डॉ. मुखर्जी, जो भारतीय जनसंघ के प्रथम अध्यक्ष थे, जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे और संसद में धारा-370 को समाप्त करने की जोरदार वकालत की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उनके इन सपनों को साकार कर रहे हैं, क्योंकि कश्मीर से धारा-370 समाप्त कर भारतीय संविधान पूरी तरीके से लागू हुआ है। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमित नुना ने डॉ. मुखर्जी को भारत की अखंडता और कश्मीर के विलय का दृढ़ समर्थक बताया। उन्होंने स्मरण कराया कि मुस्लिम लीग की राजनीति से बंगाल में सांप्रदायिक विभाजन की नौबत आने पर डॉ. मुखर्जी ने वहाँ के हिंदुओं की उपेक्षा न होने देने का बीड़ा उठाया था। नुना ने अगस्त 1952 में जम्मू की रैली में उनके इस संकल्प का भी जिक्र किया कि वे या तो भारतीय संविधान को प्राप्त कराएँगे या इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना जीवन बलिदान कर देंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत ने डॉ. मुखर्जी के देश हित में दिए बलिदान को याद करते हुए उनके 'राष्ट्र प्रथम' विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार उनके 'एक देश, एक विधान और एक निशान' के सपनों को साकार कर रही है, जिससे आज सभी को समान रूप से विकास का अवसर मिला है और जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी जन विकास की मुख्य धारा में जुड़ पाए हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- टीकमगढ़ में हुई पहली बारिश ने नगर पालिका द्वारा चलाए गए सफाई अभियान के दावों की पोल खोल दी है। शहर की सड़कों पर नालियों का गंदा पानी बहने लगा, जिसने स्वच्छता संबंधी सभी दावों की सच्चाई उजागर कर दी। खासकर, चकराता रोड पर स्थिति इतनी खराब हो गई कि पूरी सड़क ही नाले में तब्दील हो गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो नगर पालिका के सफाई के दावों पर सवाल उठा रहा है।1
- ललितपुर जनपद के मड़ावरा तहसील क्षेत्र के ग्राम गिरार में श्री रामजानकी मंदिर के पास एक सूखे कुएं में महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस द्वारा की गई शव की तलाशी में आधार कार्ड, कुछ अन्य दस्तावेज और एक प्रार्थना पत्र मिला, जिसके आधार पर मृतका की पहचान कोतवाली महरौनी के ग्राम छिल्ला निवासी स्वर्गीय सुखदीन बुनकर की पत्नी चिरई के रूप में हुई। मृतका की उम्र लगभग 55 वर्ष बताई जा रही है। शव काफी क्षत-विक्षत अवस्था में था और प्रथम दृष्टया यह चार से पांच दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। शव की ऐसी स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की मौत किसी दुर्घटना, आत्महत्या या आपराधिक घटना का परिणाम है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की गहन जांच के बाद ही हो सकेगा।2
- गुजरात के भावनगर जिले की पालीताना तालुका में सोमवार सुबह एक किसान पर शेर ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घायल किसान कालूभाई बोगभाई परमार ने बताया कि जब वे खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक एक शेर ने पीछे से हमला कर दिया। शेर ने पहले उनकी पीठ पर वार कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया और फिर उनका हाथ अपने जबड़े में दबोच लिया। कालूभाई के अनुसार, शेर ने करीब आधे घंटे तक उनका हाथ नहीं छोड़ा, इस दौरान उन्होंने लगातार खुद को छुड़ाने की कोशिश की और शेर को खरोंच भी मारी, लेकिन उसकी पकड़ बहुत मजबूत थी। बताया गया है कि इसी शेर ने इससे पहले भी एक अन्य व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश की थी, हालांकि वह किसी तरह भागकर अपने घर में घुस गया और दरवाजा बंद करके अपनी जान बचाई। यह भी बताया गया है कि भावनगर जिला गिर वन क्षेत्र के करीब है, जिसके कारण यहां कई बार शेर आबादी वाले इलाकों, खेतों और गांवों के आसपास देखे जाते हैं। वन विभाग इस मामले की जांच में जुट गया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।1