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नेशनल हाईवे किनारे दम तोड रहा सरकारी हैंडपंप जारी मैदा गांव के विकास का इसी हैंड पंप से पता चल जा रहा नेशनल हाईवे किनारे मैदा चौराहे पर दम तोड रहा सरकारी हैंड पंप वही सरकार जहां जल जीवन मिशन और हर घर नल से विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ताजा मामला विकासखंड जसरा के जारी मैदा गांव का है।नेशनल हाईवे के बिल्कुल बगल में लगा सरकारी हैंडपंप पिछले कई महीनों से बदहाल पड़ा है। हैंडपंप की स्लैब चबूतरा पूरी तरह टूट चुकी है, चारों तरफ झाड़ियों में तब्दील अगल-बगल ‌गंदा पानी और कीचड़ भरा है। हैंडल जाम है, पानी निकलना बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि ये हैंडपंप हाईवे से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी का एकमात्र सहारा था। झाड़ियों में तब्दील होने के कारण यहां न तो कोई पानी पी पा रहा है और न ही जानवरों को पानी पिला पा रहा है। कई बार प्रधान और ब्लॉक में शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई देखने तक नहीं आया।स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा हाईवे के बगल में लगे इस हैंडपंप को देखकर ही जारी मैदा गांव के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब हाईवे का हैंडपंप ये हाल में है तो गांव के अंदर के नलों का क्या हाल होगा ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की स्लैब और चबूतरे की मरम्मत कराकर उसे चालू कराया जाए, नहीं तो वे इसकी शिकायत DM से करेंगे।

20 hrs ago
user_राकेश पटेल सी न्यूज़
राकेश पटेल सी न्यूज़
Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago

नेशनल हाईवे किनारे दम तोड रहा सरकारी हैंडपंप जारी मैदा गांव के विकास का इसी हैंड पंप से पता चल जा रहा नेशनल हाईवे किनारे मैदा चौराहे पर दम तोड रहा सरकारी हैंड पंप वही सरकार जहां जल जीवन मिशन और हर घर नल से विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ताजा मामला विकासखंड जसरा के जारी मैदा गांव का है।नेशनल हाईवे के बिल्कुल बगल में लगा सरकारी हैंडपंप पिछले कई महीनों से बदहाल पड़ा है। हैंडपंप की स्लैब चबूतरा पूरी तरह टूट चुकी है, चारों तरफ झाड़ियों में तब्दील अगल-बगल ‌गंदा पानी और कीचड़ भरा है। हैंडल जाम है, पानी निकलना बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि ये हैंडपंप हाईवे से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी का एकमात्र सहारा था। झाड़ियों में तब्दील होने के कारण यहां न तो कोई पानी पी पा रहा है और न ही जानवरों को पानी पिला पा रहा है। कई बार प्रधान और ब्लॉक में शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई देखने तक नहीं आया।स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा हाईवे के बगल में लगे इस हैंडपंप को देखकर ही जारी मैदा गांव के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब हाईवे का हैंडपंप ये हाल में है तो गांव के अंदर के नलों का क्या हाल होगा ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की स्लैब और चबूतरे की मरम्मत कराकर उसे चालू कराया जाए, नहीं तो वे इसकी शिकायत DM से करेंगे।

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  • विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन संवाददाता अजय द्विवेदी विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन संवाददाता अजय द्विवेदी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए। राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है। राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है। राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है। कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें। कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
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    विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन 
संवाददाता अजय द्विवेदी 
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन 
संवाददाता अजय द्विवेदी 
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग
प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए।
राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है।
राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है।
राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है।
कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें।
कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
    user_अजय द्विवेदी
    अजय द्विवेदी
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बारा में 3 दिन की बारिश के बाद निकली तेज धूप, धान की फसल में जान आई - किसानों ने ली राहत की सांस बारा में 3 दिन की बारिश के बाद निकली तेज धूप, धान की फसल में जान आई - किसानों ने ली राहत की सांस *बारा, प्रयागराज।* तहसील क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद रविवार को मौसम ने करवट ली। सुबह से आसमान साफ रहा और तेज धूप निकली, जिससे किसानों के चेहरे पर राहत लौट आई। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया था और अधिक नमी के कारण धान की फसल में सड़न और पीलापन आने लगा था। फसल कमजोर होती देख किसान चिंतित थे। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिन मौसम साफ रहा और धूप निकलती रही तो खेतों में जमा पानी और नमी कम होगी, जिससे फसल को सड़ने से बचाया जा सकेगा। इस समय धान के लिए धूप और हवा दोनों बहुत जरूरी हैं। क्षेत्र के कई खेतों में अभी भी पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, किसान पानी निकालने में जुटे हैं।
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    बारा में 3 दिन की बारिश के बाद निकली तेज धूप, धान की फसल में जान आई - किसानों ने ली राहत की सांस
बारा में 3 दिन की बारिश के बाद निकली तेज धूप, धान की फसल में जान आई - किसानों ने ली राहत की सांस
*बारा, प्रयागराज।* तहसील क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद रविवार को मौसम ने करवट ली। सुबह से आसमान साफ रहा और तेज धूप निकली, जिससे किसानों के चेहरे पर राहत लौट आई।
लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया था और अधिक नमी के कारण धान की फसल में सड़न और पीलापन आने लगा था। फसल कमजोर होती देख किसान चिंतित थे।
किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिन मौसम साफ रहा और धूप निकलती रही तो खेतों में जमा पानी और नमी कम होगी, जिससे फसल को सड़ने से बचाया जा सकेगा। इस समय धान के लिए धूप और हवा दोनों बहुत जरूरी हैं।
क्षेत्र के कई खेतों में अभी भी पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, किसान पानी निकालने में जुटे हैं।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए। राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है। राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है। राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है। कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें। कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
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    विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग
प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए।
राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है।
राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है।
राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है।
कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें।
कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • नेशनल हाईवे किनारे दम तोड रहा सरकारी हैंडपंप जारी मैदा गांव के विकास का इसी हैंड पंप से पता चल जा रहा नेशनल हाईवे किनारे मैदा चौराहे पर दम तोड रहा सरकारी हैंड पंप वही सरकार जहां जल जीवन मिशन और हर घर नल से विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ताजा मामला विकासखंड जसरा के जारी मैदा गांव का है।नेशनल हाईवे के बिल्कुल बगल में लगा सरकारी हैंडपंप पिछले कई महीनों से बदहाल पड़ा है। हैंडपंप की स्लैब चबूतरा पूरी तरह टूट चुकी है, चारों तरफ झाड़ियों में तब्दील अगल-बगल ‌गंदा पानी और कीचड़ भरा है। हैंडल जाम है, पानी निकलना बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि ये हैंडपंप हाईवे से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी का एकमात्र सहारा था। झाड़ियों में तब्दील होने के कारण यहां न तो कोई पानी पी पा रहा है और न ही जानवरों को पानी पिला पा रहा है। कई बार प्रधान और ब्लॉक में शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई देखने तक नहीं आया।स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा हाईवे के बगल में लगे इस हैंडपंप को देखकर ही जारी मैदा गांव के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब हाईवे का हैंडपंप ये हाल में है तो गांव के अंदर के नलों का क्या हाल होगा ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की स्लैब और चबूतरे की मरम्मत कराकर उसे चालू कराया जाए, नहीं तो वे इसकी शिकायत DM से करेंगे।
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    नेशनल हाईवे किनारे दम तोड रहा सरकारी हैंडपंप जारी मैदा गांव के विकास का इसी हैंड पंप से पता चल जा रहा 
नेशनल हाईवे किनारे मैदा चौराहे पर दम तोड रहा सरकारी हैंड पंप वही सरकार जहां जल जीवन मिशन और हर घर नल से विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ताजा मामला विकासखंड जसरा के जारी मैदा गांव का है।नेशनल हाईवे के बिल्कुल बगल में लगा सरकारी हैंडपंप पिछले कई महीनों से बदहाल पड़ा है। हैंडपंप की स्लैब चबूतरा पूरी तरह टूट चुकी है, चारों तरफ झाड़ियों में तब्दील अगल-बगल ‌गंदा पानी और कीचड़ भरा है। हैंडल जाम है, पानी निकलना बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि ये हैंडपंप हाईवे से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी का एकमात्र सहारा था। झाड़ियों में तब्दील होने के कारण यहां न तो कोई पानी पी पा रहा है और न ही जानवरों को पानी पिला पा रहा है। कई बार प्रधान और ब्लॉक में शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई देखने तक नहीं आया।स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा हाईवे के बगल में लगे इस हैंडपंप को देखकर ही जारी मैदा गांव के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब हाईवे का हैंडपंप ये हाल में है तो गांव के अंदर के नलों का क्या हाल होगा ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की स्लैब और चबूतरे की मरम्मत कराकर उसे चालू कराया जाए, नहीं तो वे इसकी शिकायत DM से करेंगे।
    user_राकेश पटेल सी न्यूज़
    राकेश पटेल सी न्यूज़
    Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा *🚆 1. भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन* ▪︎ 17 जुलाई 2026 को जींद–सोनीपत के बीच भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-फ्यूल-सेल ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ 10 कोच की ट्रेन — 2 Hydrogen Driving Power Cars + 8 Trailer Coaches। ▪︎ दोनों पावर कार मिलकर 2,400 kW शक्ति प्रदान करती हैं। ▪︎ ट्रेन की नियमित परिचालन गति 75 km/h और डिजाइन गति 110 km/h है। ▪︎ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से ट्रेन में ही बिजली उत्पन्न होती है। ▪︎ *इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद जलवाष्प है;* दहन के कारण धुआँ या प्रत्यक्ष टेलपाइप कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। ▪︎ लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन उच्च क्षमता वाले हाइड्रोजन रेल संचालन का प्रदर्शन करती है। ▪︎ जींद में समर्पित हाइड्रोजन स्टोरेज, कंप्रेशन और डिस्पेंसिंग सुविधा विकसित की गई है। ▪︎ 17 जुलाई के बाद शुरुआती संचालन में ट्रेन ने 1,200+ km की यात्रा कर 3,200+ लीटर डीजल की खपत बचाई। *🚆 2. भारत की पहली LNG–डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन* ▪︎ 27 सितंबर 2026 को गुजरात के साबरमती से भारत की पहली LNG-powered ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ ट्रेन में LNG + डीजल ड्यूल-फ्यूल सिस्टम है — इंजन दोनों ईंधनों पर चल सकता है। ▪︎ LNG का इस्तेमाल डीजल की खपत, ईंधन लागत और उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ▪︎ यह 8-कोच DEMU है और जरूरत के अनुसार LNG तथा डीजल के बीच संचालन किया जा सकता है। ▪︎ रिपोर्ट के अनुसार अनुमानित वार्षिक बचत लगभग ₹23.9 लाख तक हो सकती है। *🇮🇳 हाइड्रोजन + LNG — दो अलग तकनीकी रास्ते* ▪︎ *हाइड्रोजन:* फ्यूल-सेल तकनीक के जरिए ट्रेन में बिजली का उत्पादन। ▪︎ *LNG:* मौजूदा डीजल इंजन प्रणाली को ड्यूल-फ्यूल तकनीक के साथ इस्तेमाल करना। ▪︎ दोनों पहलें रेलवे में वैकल्पिक ईंधन, ऊर्जा दक्षता और डीजल पर निर्भरता कम करने के अलग-अलग तकनीकी मॉडल प्रस्तुत करती हैं। *🇮🇳 हाइड्रोजन ट्रेन से LNG-डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन तक — भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन आधारित तकनीकों के अलग-अलग मॉडल को वास्तविक संचालन में ला रहा है।*
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    हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन
 हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा
First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन
हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा
*🚆 1. भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन*
▪︎ 17 जुलाई 2026 को जींद–सोनीपत के बीच भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-फ्यूल-सेल ट्रेन शुरू की गई।
▪︎ 10 कोच की ट्रेन — 2 Hydrogen Driving Power Cars + 8 Trailer Coaches।
▪︎ दोनों पावर कार मिलकर 2,400 kW शक्ति प्रदान करती हैं।
▪︎ ट्रेन की नियमित परिचालन गति 75 km/h और डिजाइन गति 110 km/h है।
▪︎ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से ट्रेन में ही बिजली उत्पन्न होती है।
▪︎ *इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद जलवाष्प है;* दहन के कारण धुआँ या प्रत्यक्ष टेलपाइप कार्बन उत्सर्जन नहीं होता।
▪︎ लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन उच्च क्षमता वाले हाइड्रोजन रेल संचालन का प्रदर्शन करती है।
▪︎ जींद में समर्पित हाइड्रोजन स्टोरेज, कंप्रेशन और डिस्पेंसिंग सुविधा विकसित की गई है।
▪︎ 17 जुलाई के बाद शुरुआती संचालन में ट्रेन ने 1,200+ km की यात्रा कर 3,200+ लीटर डीजल की खपत बचाई।
*🚆 2. भारत की पहली LNG–डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन*
▪︎ 27 सितंबर 2026 को गुजरात के साबरमती से भारत की पहली LNG-powered ट्रेन शुरू की गई।
▪︎ ट्रेन में LNG + डीजल ड्यूल-फ्यूल सिस्टम है — इंजन दोनों ईंधनों पर चल सकता है।
▪︎ LNG का इस्तेमाल डीजल की खपत, ईंधन लागत और उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
▪︎ यह 8-कोच DEMU है और जरूरत के अनुसार LNG तथा डीजल के बीच संचालन किया जा सकता है।
▪︎ रिपोर्ट के अनुसार अनुमानित वार्षिक बचत लगभग ₹23.9 लाख तक हो सकती है।
*🇮🇳 हाइड्रोजन + LNG — दो अलग तकनीकी रास्ते*
▪︎ *हाइड्रोजन:* फ्यूल-सेल तकनीक के जरिए ट्रेन में बिजली का उत्पादन।
▪︎ *LNG:* मौजूदा डीजल इंजन प्रणाली को ड्यूल-फ्यूल तकनीक के साथ इस्तेमाल करना।
▪︎ दोनों पहलें रेलवे में वैकल्पिक ईंधन, ऊर्जा दक्षता और डीजल पर निर्भरता कम करने के अलग-अलग तकनीकी मॉडल प्रस्तुत करती हैं।
*🇮🇳 हाइड्रोजन ट्रेन से LNG-डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन तक — भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन आधारित तकनीकों के अलग-अलग मॉडल को वास्तविक संचालन में ला रहा है।*
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
  • Post by RAMESH CHANDRA VARMA
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    Post by RAMESH CHANDRA VARMA
    user_RAMESH CHANDRA VARMA
    RAMESH CHANDRA VARMA
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ में इलेक्शन कमीशन पर उठे आरोप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता- कांग्रेस सपा आरजेडी द्वारा एस आई आर पर हाय तौबा मचाया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी विपक्षी दल इलेक्शन जीत जाएं तो इनका पुरुषार्थ! और इनके भ्रष्टाचार, अराजकतापूर्ण कार्यवाही के कारण जनता नकार दे तो ईवीएम और इलेक्शन कमीशन को जायज ठहराना आत्मावलोकन का विषय है लखनऊ में इलेक्शन कमीशन पर उठे आरोप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता कांग्रेस सपा आरजेडी द्वारा एस आई आर पर हाय तौबा मचाया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी विपक्षी दल इलेक्शन जीत जाएं तो इनका पुरुषार्थ! और इनके भ्रष्टाचार, अराजकतापूर्ण कार्यवाही के कारण जनता नकार दे तो ईवीएम और इलेक्शन कमीशन को जायज ठहराना आत्मावलोकन का विषय है
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    लखनऊ में इलेक्शन कमीशन पर उठे आरोप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता-

कांग्रेस सपा आरजेडी द्वारा एस आई आर पर हाय तौबा मचाया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

सभी विपक्षी दल इलेक्शन जीत जाएं तो इनका पुरुषार्थ!

और इनके भ्रष्टाचार, अराजकतापूर्ण कार्यवाही के कारण जनता नकार दे तो ईवीएम और इलेक्शन कमीशन को जायज ठहराना आत्मावलोकन का विषय है
लखनऊ में इलेक्शन कमीशन पर उठे आरोप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता
कांग्रेस सपा आरजेडी द्वारा एस आई आर पर हाय तौबा मचाया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभी विपक्षी दल इलेक्शन जीत जाएं तो इनका पुरुषार्थ!
और इनके भ्रष्टाचार, अराजकतापूर्ण कार्यवाही के कारण जनता नकार दे तो ईवीएम और इलेक्शन कमीशन को जायज ठहराना आत्मावलोकन का विषय है
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • करछना यमुनानगर प्रयागराज//* प्रयागराज यमुनानगर अंतर्गत करछना तहसील व थाना क्षेत्र स्थित अमर बाजार से कुछ ही दूरी पर अर्धरात्रि के बाद लगभग डेढ़ बजे एक अल्टो कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई दुर्घटना के बाद जब आस-पास के लोग बचाव की दृष्टि से वहां पहुंचे तो कार के अंदर का नजारा देखकर अचम्भित रह गये प्रायः यह देखा गया है कि अल्टो कार में पांच लोगों से अधिक नहीं बैठ सकते हैं लेकिन उस कार में चार चोर और एक भैस अंदर देखी गई जों अपनें आप में एक अनोखी संवारी थी जिसके बारे में कल्पना भी नहीं किया जा सकता है। यह कोई कल्पना या कहानी नहीं है वल्की जीवंत उदाहरण है जिसके बारे में इससे पहले न तो आज तक किसी ने सोचा य देखा होगा। बचाव करने पहुंचे लोगों ने जब कार के अन्दर छुपाकर भैंस ले जाने के बारे में पूंछ - तांछ करना प्रारंभ किया तो गोल मटोल तथा भ्रामक जवाब से लोगों में संसय का भाव प्रकट हुआ कि यह चोरी का मामला हो सकता है ग्रामीणों ने इस दुर्घटना की जानकारी सम्बंधित थाना को दिया। जिसके बाद मौके पर पुलिस बल पहुंचते इससे पहले चार चोरों में से दो भाग निकले दो को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया। करछना पुलिस के अनुसार भैंस चोरी की ऐसी कोई सिकायत नहीं होने के कारण चोटिल हुए दो चोर को इलाज हेतु स्वरूपरानी नेहरू जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए पुलिस अपने कस्टडी में लें गई वापस लौटते समय चोर लघुशंका के बहाने फरार हो गए अब इस घटनाक्रम को महज़ एक इत्तेफाक माना जायें य सोचीं समझीं गैर जिम्मेदाराना रवैया भर हाल विना किसी सबूत के पुलिस के ऊपर संदेह करना तर्क संगत नहीं है। पुलिस को चकमा देकर फरार चोरों को की तलाश जारी है।
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    करछना यमुनानगर प्रयागराज//*

प्रयागराज यमुनानगर अंतर्गत करछना तहसील व थाना क्षेत्र स्थित अमर बाजार से कुछ ही दूरी पर अर्धरात्रि के बाद लगभग डेढ़ बजे एक अल्टो कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई
दुर्घटना के बाद जब आस-पास के लोग बचाव की दृष्टि से वहां पहुंचे तो कार के अंदर का नजारा देखकर अचम्भित रह गये
प्रायः यह देखा गया है कि अल्टो कार में पांच लोगों से अधिक नहीं बैठ सकते हैं लेकिन उस कार में चार चोर और एक भैस अंदर देखी गई जों अपनें आप में एक अनोखी संवारी थी जिसके बारे में कल्पना भी नहीं किया जा सकता है।
यह कोई कल्पना या कहानी नहीं है वल्की जीवंत उदाहरण है जिसके बारे में इससे पहले न तो आज तक किसी ने सोचा य देखा होगा।
बचाव करने पहुंचे लोगों ने जब कार के अन्दर छुपाकर भैंस ले जाने के बारे में पूंछ - तांछ करना प्रारंभ किया तो गोल मटोल तथा भ्रामक जवाब से लोगों में संसय का भाव प्रकट हुआ कि यह चोरी का मामला हो सकता है
ग्रामीणों ने इस दुर्घटना की जानकारी सम्बंधित थाना को दिया। जिसके बाद मौके पर पुलिस बल पहुंचते इससे पहले चार चोरों में से दो भाग निकले दो को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया।
करछना पुलिस के अनुसार भैंस चोरी की ऐसी कोई सिकायत नहीं होने के कारण चोटिल हुए दो चोर को इलाज हेतु स्वरूपरानी नेहरू जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए पुलिस अपने कस्टडी में लें गई वापस लौटते समय चोर लघुशंका के बहाने फरार हो गए अब इस घटनाक्रम को महज़ एक इत्तेफाक माना जायें य सोचीं समझीं गैर जिम्मेदाराना रवैया भर हाल विना किसी सबूत के पुलिस के ऊपर संदेह करना तर्क संगत नहीं है। पुलिस को चकमा देकर फरार चोरों को की तलाश जारी है।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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