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भिवानी के SP सुमित कुमार द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद मनीषा के पिता ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया।
Jitender Bhardwaj
भिवानी के SP सुमित कुमार द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद मनीषा के पिता ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया।
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- मनीषा मौत का मामला अब और गरमा गया है, जिसके चलते मनीषा के पिता संजय को भिवानी आने से रोक दिया गया है। भिवानी आने से रोके जाने के बाद, संजय ने कुडलबास में ही अपना अनशन शुरू कर दिया है।1
- मनीषा के पिता को भिवानी जाने की अनुमति न मिलने के कारण उन्होंने रास्ते में ही आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया है।1
- मनीषा हत्याकांड से जुड़ी ताजा खबर यह है कि मनीषा के पिता संजय ने न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने इस न्याय की लड़ाई में लोगों से सहयोग के लिए एक भावुक अपील की है। संजय ने जनता से यह भी आग्रह किया है कि यदि प्रशासन उन्हें कहीं रोकने का प्रयास करे, तो वे उसी स्थान पर धरने पर बैठ जाएं।1
- मनीषा मामले से जुड़े धरने में एक बड़ा मोड़ आया है, जहाँ मनीषा के पिता ने एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए भावुक अपील की है। उनकी इस अपील ने वहाँ मौजूद सभी लोगों को रुला दिया, जिससे धरने का वास्तविक सच सामने आने का दावा किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर धरने का मूल सच क्या है और न्याय की इस लड़ाई में पिता ने लोगों से क्या कहा है। FojiNews24 के मुख्य संपादक महेश चौहान के अनुसार, इस नए मोड़ से मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है। चैनल ने दर्शकों से पूरी खबर देखने, अपनी राय कमेंट में बताने और वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है।1
- मनीषा मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ उनके पिता ने सभी संबंधित पक्षों से भिवानी लघु सचिवालय पहुँचने का आह्वान किया है और कहा है कि बातचीत वहीं होगी। इसके साथ ही, पिता ने प्रशासन पर तानाशाही का आरोप भी लगाया है।1
- रोहतक पीजीआई में पिछले कई दिनों से सीवर का काम चल रहा है, लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान में पीजीआई में सीवर खुला पड़ा है, जिसके कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता ने सरकार से विनम्र विनती की है कि इस अधूरे सीवर के काम को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए, ताकि लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- राजाखेड़ा नगर पालिका के हनुमान बछेकी मंदिर पार्क, जिसे बछेकी उद्यान भी कहा जाता है, में नरेगा योजना के तहत सफाई और सौंदर्यीकरण का काम पिछले चार महीने से केवल कागजों में ही चल रहा है। इस 'कागजी' काम पर लाखों रुपये का भुगतान भी हो चुका है, लेकिन हकीकत में पार्क की हालत जस की तस बनी हुई है और गंदगी के कारण बच्चे भी यहां कदम नहीं रख पा रहे हैं। नगर पालिका के रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि मई 2026 से बछेकी उद्यान की सफाई, घास कटाई और रंग-रोगन के लिए लगातार मस्टर रोल भरे जा रहे हैं, जिनमें हर हफ्ते 15-20 मजदूरों को काम पर दिखाया गया है। इसके विपरीत, पार्क में एक फुट तक ऊंची घास उगी है, झूले और फिसलपट्टी टूटे पड़े हैं, धूल की मोटी परत जमी है, और जगह-जगह शराब की बोतलें व कचरे के ढेर लगे हैं। मौके पर न तो कोई नया रंग किया गया है, न ही पौधे लगाए गए हैं, और घास तक नहीं काटी गई है। स्थानीय निवासियों विष्णु सिंह और मुकेश कुमार बघेल ने बताया कि पार्क के लिए कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, लेकिन उनमें से कोई भी नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि मेट अपने रिश्तेदारों व मजदूरों से पैसे लेकर जॉब कार्ड पर हाजिरी भर देते हैं, जबकि दिन में 10-15 लोग आकर केवल सेल्फी लेकर चले जाते हैं। उनके अनुसार, चार महीने में 8 लाख रुपये 'डकार' लिए गए हैं, लेकिन पार्क की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। बच्चों की एक मंडली ने बताया कि जब वे यहां खेलने आते थे तो उनके पैरों में कांच चुभ जाता था, और अब उनकी मां उन्हें पार्क में आने नहीं देती हैं। जनता की मांग है कि नरेगा की सोशल ऑडिट कराई जाए और एक सभा बुलाकर बछेकी उद्यान से संबंधित सभी मस्टर रोल सार्वजनिक किए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि फर्जी हाजिरी का पैसा दोषी मेट और सचिव से वसूला जाए, साथ ही दोषी मेट, रोजगार सहायक और ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने नरेगा में फेस अटेंडेंस को अनिवार्य करने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 2 अक्टूबर गांधी जयंती से पहले पार्क को साफ नहीं किया गया, तो वे खुद झाड़ू उठाकर सफाई करेंगे।1