विवेचना कर लौट रहे थे दोनों पुलिसकर्मी, अचानक सामने आई बकरी से अनियंत्रित हुई बाइक सहजनवा, गोरखपुर। थाना सहजनवा में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) भवानी फर और कांस्टेबल गुरु प्रसाद मंगलवार को एक मामले की विवेचना के सिलसिले में ग्राम सभा मडर गए थे। विवेचना पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बाइक से वापस सहजनवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान सहजनवा-बखिरा मार्ग पर अचानक एक बकरी बाइक के सामने आ गई। बकरी को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना तेज था कि बाइक से गिरने के कारण एसआई भवानी फर के पैर में गंभीर चोट लग गई और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं कांस्टेबल गुरु प्रसाद के हाथ और पैर में चोट आई है। बाइक की चपेट में आने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों की मदद में जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं, हालांकि एसआई भवानी फर के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृत बकरी के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सहजनवा-बखिरा मार्ग पर कई स्थानों पर आवारा पशुओं का सड़क पर विचरण करना आम बात है। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को उन्हें बचाने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
विवेचना कर लौट रहे थे दोनों पुलिसकर्मी, अचानक सामने आई बकरी से अनियंत्रित हुई बाइक सहजनवा, गोरखपुर। थाना सहजनवा में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) भवानी फर और कांस्टेबल गुरु प्रसाद मंगलवार को एक मामले की विवेचना के सिलसिले में ग्राम सभा मडर गए थे। विवेचना पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बाइक से वापस सहजनवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान सहजनवा-बखिरा मार्ग पर अचानक एक बकरी बाइक के सामने आ गई। बकरी को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना तेज
था कि बाइक से गिरने के कारण एसआई भवानी फर के पैर में गंभीर चोट लग गई और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं कांस्टेबल गुरु प्रसाद के हाथ और पैर में चोट आई है। बाइक की चपेट में आने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों की मदद में जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल
पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं, हालांकि एसआई भवानी फर के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृत बकरी के शव को कब्जे
में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सहजनवा-बखिरा मार्ग पर कई स्थानों पर आवारा पशुओं का सड़क पर विचरण करना आम बात है। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को उन्हें बचाने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
- मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।1
- प्रेमी को छुड़ाने थाने पहुंची शादीशुदा महिला, साथ जाने की जिद पर अड़ी संभल, उत्तर प्रदेश: रजपुरा थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक शादीशुदा महिला ने रात के समय अपने प्रेमी को घर बुलाया। इसी दौरान परिजनों को दोनों के बारे में जानकारी हो गई और उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। परिजनों द्वारा दोनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इसके बाद प्रेमी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामला सामने आने के अगले दिन महिला अपने प्रेमी को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गई। बताया जा रहा है कि महिला थाने में अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। इस दौरान काफी देर तक मामला चर्चा का विषय बना रहा। आरोप है कि बाद में महिला के परिजन उसे थाने के बाहर से अपने साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक महिला का पति दिल्ली में मजदूरी करता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। महिला और उसके प्रेमी के संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद1
- Gorakhpur में Neha Bora के बयान पर बवाल! Yogi Adityanath के खिलाफ अपशब्दों पर कार्रवाई की मांग | AISA1
- आखिर सड़को पर भिखारी क्यो बने भाजपा विद्यायक,मुंबई की सड़कों पर क्या दिखा नजारा,5000 करोड़ के है मालिक..! आखिर सड़को पर भिखारी क्यो बने भाजपा विद्यायक,मुंबई की सड़कों पर क्या दिखा नजारा,5000 करोड़ के है मालिक..!1
- डीआईजी ने थाना महुली का किया आकस्मिक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश महुली, संतकबीरनगर। पुलिस उप-महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र श्री संजीव त्यागी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना की उपस्थिति में थाना महुली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीआईजी ने अभिलेखों के रखरखाव, लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों एवं विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने जनशिकायतों का निष्पक्ष व त्वरित समाधान, वांछित अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण में थाना परिसर की साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए डीआईजी ने थाना पुलिस की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन व्यवहार, पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी पर्वों एवं सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए डीआईजी ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित क्षेत्र भ्रमण तथा सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी महुली दुर्गेश पाण्डेय सहित थाना महुली का समस्त पुलिस बल उपस्थित रहा।4
- गणेश चतुर्दशी बहुत धूमधाम से मनाया गया सभी श्रद्धालुओं के द्वारा1
- विवेचना कर लौट रहे थे दोनों पुलिसकर्मी, अचानक सामने आई बकरी से अनियंत्रित हुई बाइक सहजनवा, गोरखपुर। थाना सहजनवा में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) भवानी फर और कांस्टेबल गुरु प्रसाद मंगलवार को एक मामले की विवेचना के सिलसिले में ग्राम सभा मडर गए थे। विवेचना पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बाइक से वापस सहजनवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान सहजनवा-बखिरा मार्ग पर अचानक एक बकरी बाइक के सामने आ गई। बकरी को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना तेज था कि बाइक से गिरने के कारण एसआई भवानी फर के पैर में गंभीर चोट लग गई और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं कांस्टेबल गुरु प्रसाद के हाथ और पैर में चोट आई है। बाइक की चपेट में आने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों की मदद में जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं, हालांकि एसआई भवानी फर के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृत बकरी के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सहजनवा-बखिरा मार्ग पर कई स्थानों पर आवारा पशुओं का सड़क पर विचरण करना आम बात है। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को उन्हें बचाने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।4