गर्वे में स्थापित हुई त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा, 20 दिसंबर को होगा उद्घाटन पोते संतोष कुमार यादव की पहल पर स्थापित हुई प्रतिमा, सामाजिक न्याय और समानता की आवाज बुलंद करने वाले महापुरुष की विरासत को संजोने की कोशिश गर्वे में स्थापित हुई त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा, 20 दिसंबर को होगा उद्घाटन पोते संतोष कुमार यादव की पहल पर स्थापित हुई प्रतिमा, सामाजिक न्याय और समानता की आवाज बुलंद करने वाले महापुरुष की विरासत को संजोने की कोशिश करगहर (रोहतास)। सामाजिक जागरूकता और समानता की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा रोहतास जिले के करगहर प्रखंड अंतर्गत गर्वे गांव में स्थापित की गई है। प्रतिमा का औपचारिक उद्घाटन आगामी 20 दिसंबर को होगा। प्रतिमा स्थापना के साथ ही क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। इसे सरदार जगदेव सिंह के सामाजिक योगदान, संघर्ष और विचारधारा को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उनके पोते संतोष कुमार यादव के नेतृत्व में हुई इस पहल के जरिए अपने पूर्वज की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। गर्वे गांव में स्थापित प्रतिमा अब 20 दिसंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह का केंद्र रहेगी। समारोह में करगहर प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों से सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह आयोजन सरदार जगदेव सिंह के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद करने के साथ-साथ त्रिवेणी संघ के इतिहास पर चर्चा का अवसर बनेगा। सामाजिक बदलाव की विचारधारा को सम्मान सरदार जगदेव सिंह का नाम त्रिवेणी संघ के संस्थापकों में लिया जाता है। त्रिवेणी संघ ने सामाजिक जागरूकता, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। संगठन ने समाज के विभिन्न वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। ऐसे में गर्वे गांव में उनकी प्रतिमा की स्थापना को उनके योगदान को स्थानीय स्तर पर सम्मान देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं होतीं, बल्कि वे समाज को इतिहास, संघर्ष और विचारधारा से जोड़ने का माध्यम भी बनती हैं। गर्वे गांव में स्थापित यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सरदार जगदेव सिंह के योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पोते संतोष कुमार यादव ने की पहल प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम का नेतृत्व सरदार जगदेव सिंह के पोते संतोष कुमार यादव ने किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने अपने पूर्वज की स्मृति को सम्मान देने और उनके सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया है। प्रतिमा स्थापना को क्षेत्र के सामाजिक इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में जुटेंगे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लोग 20 दिसंबर को प्रस्तावित उद्घाटन समारोह को लेकर लोगों में उत्सुकता है। प्रतिमा स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में करगहर प्रखंड राजद अध्यक्ष डॉ. जयगोपाल यादव, पूर्व मुखिया मोहन सिंह यादव, सुग्रीव मास्टर साहेब, मंटू यादव, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मधुकर यादव, सज्जाद नंद सिंह, सुभाष यादव, भिखारी डी, नेहरू जी, बीपी जी, मनोज यादव और मोहन पहलवान सहित कई गणमान्य लोगों के नाम सामने आए हैं। नई पीढ़ी को मिलेगा सामाजिक इतिहास जानने का अवसर गर्वे गांव में सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा स्थापित होने से स्थानीय लोगों को त्रिवेणी संघ के इतिहास और सामाजिक आंदोलनों में उसके योगदान को याद करने का अवसर मिलेगा। ऐसी पहलें युवाओं को अपने क्षेत्र के महापुरुषों के संघर्ष, सामाजिक चेतना और समानता के विचारों से परिचित कराने में सहायक हो सकती हैं। अब सबकी निगाहें 20 दिसंबर को होने वाले औपचारिक उद्घाटन समारोह पर टिकी हैं। उम्मीद है कि यह आयोजन सरदार जगदेव सिंह की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ उनके सामाजिक योगदान और विचारधारा को व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर बनेगा।
गर्वे में स्थापित हुई त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा, 20 दिसंबर को होगा उद्घाटन पोते संतोष कुमार यादव की पहल पर स्थापित हुई प्रतिमा, सामाजिक न्याय और समानता की आवाज बुलंद करने वाले महापुरुष की विरासत को संजोने की कोशिश गर्वे में स्थापित हुई त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा, 20 दिसंबर को होगा उद्घाटन पोते संतोष कुमार यादव की पहल पर स्थापित हुई प्रतिमा, सामाजिक न्याय और समानता की आवाज बुलंद करने वाले महापुरुष की विरासत को संजोने की कोशिश करगहर (रोहतास)। सामाजिक जागरूकता और समानता की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा रोहतास जिले के करगहर प्रखंड अंतर्गत गर्वे गांव में स्थापित की गई है। प्रतिमा का औपचारिक उद्घाटन आगामी 20 दिसंबर को होगा। प्रतिमा स्थापना के साथ ही क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। इसे सरदार जगदेव सिंह के सामाजिक योगदान, संघर्ष और विचारधारा को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना
जा रहा है। उनके पोते संतोष कुमार यादव के नेतृत्व में हुई इस पहल के जरिए अपने पूर्वज की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। गर्वे गांव में स्थापित प्रतिमा अब 20 दिसंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह का केंद्र रहेगी। समारोह में करगहर प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों से सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह आयोजन सरदार जगदेव सिंह के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद करने के साथ-साथ त्रिवेणी संघ के इतिहास पर चर्चा का अवसर बनेगा। सामाजिक बदलाव की विचारधारा को सम्मान सरदार जगदेव सिंह का नाम त्रिवेणी संघ के संस्थापकों में लिया जाता है। त्रिवेणी संघ ने सामाजिक जागरूकता, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। संगठन ने समाज के विभिन्न वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास
किया। ऐसे में गर्वे गांव में उनकी प्रतिमा की स्थापना को उनके योगदान को स्थानीय स्तर पर सम्मान देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं होतीं, बल्कि वे समाज को इतिहास, संघर्ष और विचारधारा से जोड़ने का माध्यम भी बनती हैं। गर्वे गांव में स्थापित यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सरदार जगदेव सिंह के योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पोते संतोष कुमार यादव ने की पहल प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम का नेतृत्व सरदार जगदेव सिंह के पोते संतोष कुमार यादव ने किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने अपने पूर्वज की स्मृति को सम्मान देने और उनके सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया है। प्रतिमा स्थापना को क्षेत्र के सामाजिक इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में जुटेंगे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लोग 20 दिसंबर को प्रस्तावित उद्घाटन समारोह को लेकर लोगों में उत्सुकता है।
प्रतिमा स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में करगहर प्रखंड राजद अध्यक्ष डॉ. जयगोपाल यादव, पूर्व मुखिया मोहन सिंह यादव, सुग्रीव मास्टर साहेब, मंटू यादव, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मधुकर यादव, सज्जाद नंद सिंह, सुभाष यादव, भिखारी डी, नेहरू जी, बीपी जी, मनोज यादव और मोहन पहलवान सहित कई गणमान्य लोगों के नाम सामने आए हैं। नई पीढ़ी को मिलेगा सामाजिक इतिहास जानने का अवसर गर्वे गांव में सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा स्थापित होने से स्थानीय लोगों को त्रिवेणी संघ के इतिहास और सामाजिक आंदोलनों में उसके योगदान को याद करने का अवसर मिलेगा। ऐसी पहलें युवाओं को अपने क्षेत्र के महापुरुषों के संघर्ष, सामाजिक चेतना और समानता के विचारों से परिचित कराने में सहायक हो सकती हैं। अब सबकी निगाहें 20 दिसंबर को होने वाले औपचारिक उद्घाटन समारोह पर टिकी हैं। उम्मीद है कि यह आयोजन सरदार जगदेव सिंह की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ उनके सामाजिक योगदान और विचारधारा को व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर बनेगा।
- करगहर में रावण दहन के साथ दशहरा उत्सव का भव्य समापन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा क्षेत्र समाजसेवी सोनू पांडेय ने किया रावण वध, हजारों लोगों ने देखा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीकात्मक दृश्य करगहर में रावण दहन के साथ दशहरा उत्सव का भव्य समापन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा क्षेत्र समाजसेवी सोनू पांडेय ने किया रावण वध, हजारों लोगों ने देखा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीकात्मक दृश्य करगहर (रोहतास)। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व करगहर में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। करगहर दुर्गा पूजा पंडाल के समीप आयोजित भव्य रावण वध कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। समाजसेवी सोनू पांडेय ने रावण वध किया। रावण के पुतले का दहन होते ही पूरा इलाका जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रावण दहन देखने उमड़ा जनसैलाब दशहरा पर्व को लेकर करगहर में उत्सवी माहौल बना रहा। रावण वध कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। करगहर दुर्गा पूजा पंडाल के समीप आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की भीड़ जुटी रही। हर कोई रावण दहन के ऐतिहासिक दृश्य को अपनी आंखों से देखने के लिए उत्सुक नजर आया। कार्यक्रम के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। जैसे ही पुतलों में आग लगाई गई, आसमान आतिशबाजी की रोशनी से जगमगा उठा। लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। रावण दहन के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दशहरा पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व संदेश देता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म का अंत किया था। इसी परंपरा को जीवंत रखने के लिए हर वर्ष दशहरा के अवसर पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है। करगहर में आयोजित रावण वध कार्यक्रम ने भी लोगों को बुराइयों से दूर रहने, सत्य का साथ देने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। बच्चों में दिखा विशेष उत्साह रावण दहन कार्यक्रम को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे अपने परिवार के साथ कार्यक्रम देखने पहुंचे थे। आतिशबाजी और रावण के विशाल पुतले को जलते देख लोग रोमांचित नजर आए। कार्यक्रम के दौरान करगहर में दशहरा पर्व की रौनक देखते ही बन रही थी। धार्मिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बना आयोजन करगहर में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक बना। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। रावण वध के साथ ही क्षेत्र में दशहरा पर्व का उल्लास और उत्साह देखने को मिला।4
- मैहर में चल रहे समारोह के दूसरे दिन निकलीं माता की भव्य झाकियां, काली माता के खप्पर खेल ने मोहा लोगों का मन! पत्रकार दिनेश तिवारी1
- डुमरा जनार्दन तिवारी की हत्या पुलिस के लिए बनी अबूझ पहेली अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा पहुंचा डुमरा गांव! रोहतास : कारागार थाना के डुमरा गांव में हुई जनार्दन तिवारी की हत्या प्रशासन के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है! आज दिनांक 21 अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के रोहतास जिला इकाई के अध्यक्ष डॉक्टर के एन तिवारी अपने पूरी टीम के साथ पहुंचे पीड़िता के घर और पीड़ित परिवार से पूरी जानकारी लेने के बाद मीडिया से अपनी बात साझा की उनका साफ कहना है कि इस परिवार के साथ में तन मन धन से पूरी तरह तैयार हूं हालांकि प्रशासन से भी काफी उम्मीदें हैं लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी अगर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो जैसी बात है कि इसमें रोहतास एसपी मिस्टर राज पर शक की सुई जाती है क्योंकि भरत तिवारी हत्याकांड में भी इनकी संलिप्त पाई गई थी बहरहाल रोहतास जिला अधिकारी दीपक मिश्रा से हम अनुरोध करेंगे कि आप इस परिवार को न्याय दिलाने में सहायता करें साथ में जिला सचिव संतोष मिश्रा बुटाश तिवारी बृज किशोर तिवारी इत्यादि सैकड़ो लोग इस घटना की निंदा की2
- मोहनिया समेकित चेकपोस्ट पर घर के सामान की आड़ में ले जाई जा रही 864 लीटर शराब बरामद, एक गिरफ्तार #पिकअप पर लदी 100 पेटी विदेशी शराब जब्त, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है गिरफ्तार अभियुक्त मोहनिया:-स्थानीय थाना क्षेत्र स्थित समेकित जांच चौकी पर बुधवार को जांच के दौरान घर के सामान की आड़ में ले जाई जा रही भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने पिकअप वाहन से 100 पेटी शराब जब्त की, जिसकी कुल मात्रा 864 लीटर बताई गई है। इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बागपत थाना क्षेत्र के खेड़की गांव निवासी श्रीकिशन के पुत्र दीपक कुमार के रूप में हुई है.1
- दशहरा पर रावण के पुतले का हुआ दहन, अनुमंडल पदाधिकारी फिता काटकर किया उद्घाटन विजयादशमी के दिन अनुमंडल क्षेत्र बिक्रमगंज के प्रखंड मुख्यालय दावथ के सामने मध्य विद्यालय के खेल मैदान में रावण का पुतला दहन के कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसका उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार ने फिता काटकर किया। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिंधु शेखर सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी दावथ विकास कुमार, राजस्व पदाधिकारी विकास कुमार पंडित,थाना अध्यक्ष मनीष पंजियारा,बीडीसी प्रतिनिधि अमन कुमार तिवारी,मुखिया संतोष कुमार,पूर्व मुखिया चंद्रमा सिंह,सरपंच विजय बहादुर सिंह, राजद प्रखंड अध्यक्ष हैदर सिद्दीकी, सत्येंद्र कुमार सिंह,अंगद सिंह, माझिल सिंह, पंकज कुमार सिंह, अभिमन्यु सिंह, मध्य विद्यालय दावथ प्रधानाध्यापक शिवयोग राम ,व्यवस्थापक के तौर पर शिक्षक कुंवर सिंह, शिक्षक श्री भगवान प्रसाद ,गुड्डू कुमार सिंह, गुड्डू सिंह के साथ ही दुर्गा पूजा समिति के सदस्य एवं हजारों की संख्या में आसपास के लोग उपस्थित रहे।3
- गरीब चुनाव नहीं लड़ सकता यह अयोग्यता संविधान ने नहीं पूंजीपतियों ने निर्धारित की है -शिक्षक श्यामलाल निषाद (विधान सभा लंभुआ) गरीब चुनाव नहीं लड़ सकता यह अयोग्यता संविधान ने नहीं पूंजीपतियों ने निर्धारित की है -शिक्षक श्यामलाल निषाद (विधान सभा लंभुआ)1
- दुर्गा मां की बिदाई करते वक्त सभी की आँखें नम हो गई आप1
- गर्वे में स्थापित हुई त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा, 20 दिसंबर को होगा उद्घाटन पोते संतोष कुमार यादव की पहल पर स्थापित हुई प्रतिमा, सामाजिक न्याय और समानता की आवाज बुलंद करने वाले महापुरुष की विरासत को संजोने की कोशिश गर्वे में स्थापित हुई त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा, 20 दिसंबर को होगा उद्घाटन पोते संतोष कुमार यादव की पहल पर स्थापित हुई प्रतिमा, सामाजिक न्याय और समानता की आवाज बुलंद करने वाले महापुरुष की विरासत को संजोने की कोशिश करगहर (रोहतास)। सामाजिक जागरूकता और समानता की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले त्रिवेणी संघ के संस्थापक सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा रोहतास जिले के करगहर प्रखंड अंतर्गत गर्वे गांव में स्थापित की गई है। प्रतिमा का औपचारिक उद्घाटन आगामी 20 दिसंबर को होगा। प्रतिमा स्थापना के साथ ही क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। इसे सरदार जगदेव सिंह के सामाजिक योगदान, संघर्ष और विचारधारा को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उनके पोते संतोष कुमार यादव के नेतृत्व में हुई इस पहल के जरिए अपने पूर्वज की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। गर्वे गांव में स्थापित प्रतिमा अब 20 दिसंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह का केंद्र रहेगी। समारोह में करगहर प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों से सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह आयोजन सरदार जगदेव सिंह के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद करने के साथ-साथ त्रिवेणी संघ के इतिहास पर चर्चा का अवसर बनेगा। सामाजिक बदलाव की विचारधारा को सम्मान सरदार जगदेव सिंह का नाम त्रिवेणी संघ के संस्थापकों में लिया जाता है। त्रिवेणी संघ ने सामाजिक जागरूकता, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। संगठन ने समाज के विभिन्न वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। ऐसे में गर्वे गांव में उनकी प्रतिमा की स्थापना को उनके योगदान को स्थानीय स्तर पर सम्मान देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं होतीं, बल्कि वे समाज को इतिहास, संघर्ष और विचारधारा से जोड़ने का माध्यम भी बनती हैं। गर्वे गांव में स्थापित यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सरदार जगदेव सिंह के योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पोते संतोष कुमार यादव ने की पहल प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम का नेतृत्व सरदार जगदेव सिंह के पोते संतोष कुमार यादव ने किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने अपने पूर्वज की स्मृति को सम्मान देने और उनके सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया है। प्रतिमा स्थापना को क्षेत्र के सामाजिक इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में जुटेंगे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लोग 20 दिसंबर को प्रस्तावित उद्घाटन समारोह को लेकर लोगों में उत्सुकता है। प्रतिमा स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में करगहर प्रखंड राजद अध्यक्ष डॉ. जयगोपाल यादव, पूर्व मुखिया मोहन सिंह यादव, सुग्रीव मास्टर साहेब, मंटू यादव, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मधुकर यादव, सज्जाद नंद सिंह, सुभाष यादव, भिखारी डी, नेहरू जी, बीपी जी, मनोज यादव और मोहन पहलवान सहित कई गणमान्य लोगों के नाम सामने आए हैं। नई पीढ़ी को मिलेगा सामाजिक इतिहास जानने का अवसर गर्वे गांव में सरदार जगदेव सिंह की प्रतिमा स्थापित होने से स्थानीय लोगों को त्रिवेणी संघ के इतिहास और सामाजिक आंदोलनों में उसके योगदान को याद करने का अवसर मिलेगा। ऐसी पहलें युवाओं को अपने क्षेत्र के महापुरुषों के संघर्ष, सामाजिक चेतना और समानता के विचारों से परिचित कराने में सहायक हो सकती हैं। अब सबकी निगाहें 20 दिसंबर को होने वाले औपचारिक उद्घाटन समारोह पर टिकी हैं। उम्मीद है कि यह आयोजन सरदार जगदेव सिंह की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ उनके सामाजिक योगदान और विचारधारा को व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर बनेगा।4