रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और अग्निकांड जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसी क्रम में, एसडीएम विवेक राजपूत की अगुवाई में एक विशेष टीम ने ऊंचाहार के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच टीम ने क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थानों, होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य प्रतिष्ठानों में जाकर अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्स्टिंग्विशर) की बारीकी से जांच की। इस दौरान टीम ने यह सुनिश्चित किया कि यंत्र कार्यशील स्थिति में हों और उनकी एक्सपायरी डेट वैध हो। साथ ही, संचालकों को आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए। एसडीएम विवेक राजपूत की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों और संस्थान संचालकों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और अग्निकांड जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसी क्रम में, एसडीएम विवेक राजपूत की अगुवाई में एक विशेष टीम ने ऊंचाहार के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच टीम ने क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थानों, होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य प्रतिष्ठानों में जाकर अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्स्टिंग्विशर) की बारीकी से जांच की। इस दौरान टीम ने यह सुनिश्चित किया कि यंत्र कार्यशील स्थिति में हों और उनकी एक्सपायरी डेट वैध हो। साथ ही, संचालकों को आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए। एसडीएम विवेक राजपूत की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों और संस्थान संचालकों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- रायबरेली जिले के ऊंचाहार में स्थानीय प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के सख्त आदेश पर, ऊंचाहार नगर पंचायत के कलवारन टोला मोहल्ले में अवैध रूप से किए गए एक निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान, नायब तहसीलदार शंभू शरण पांडेय स्वयं मजिस्ट्रेट के रूप में मौके पर मौजूद रहे, ताकि सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनी रहे। उनकी देखरेख में, भारी पुलिस बल की उपस्थिति में पहुंचे दस्ते ने जेसीबी (बुलडोजर) का उपयोग कर अवैध निर्माण को गिरा दिया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के अतिक्रमणकारियों और अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के कड़ा ब्लॉक अंतर्गत नरसिंहपुर कछुआ गाँव में ग्रामीण गंदगी और जलभराव से बुरी तरह बेहाल हैं। गाँव के मुख्य मार्ग पर गंदा पानी भरा रहने से आवागमन बाधित हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रतिदिन इस जलभराव की समस्या से जूझने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और ब्लॉक में कई बार शिकायत की है, लेकिन इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी कर रहे हैं। बरसात से पहले ही गाँव का यह बदहाल हाल है, जिसे लेकर ग्रामीण चिंतित हैं कि बारिश के बाद स्थिति और कितनी खराब होगी। गाँव में नालियों की बदहाल व्यवस्था के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाती है और इंसानों की मजबूरी को समझने की अपील करती है।2
- कूरा कल्लू अक्सर1
- कौशाम्बी जिले के कड़ा ब्लॉक स्थित नरसिंहपुर कछुआ गांव के ग्रामीण गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर भरे गंदे पानी के कारण आवागमन बाधित हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों को खासकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य राहगीर भी इस जलभराव की समस्या से रोजाना जूझने को मजबूर हैं, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब बरसात से पहले ही गांव का यह हाल है, तो बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और ब्लॉक में शिकायत की है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस ओर पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। गांव में नालियों की बदहाल व्यवस्था के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सिराथू तहसील क्षेत्र के नरसिंहपुर कछुआ गांव से सामने आया यह मामला स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाता है और इंसानों की इस मजबूरी को समझने की अपील करता है।2
- 25 जून की रात 10 बजे, 10 न्यूज़ नेशन चैनल पर दिनभर की 10 प्रमुख खबरें प्रसारित की जाएंगी। यह जानकारी विभिन्न हैशटैग, जैसे #tennewsnation, #voiceofkaushambi, #kaushambinews और #UPNews, के साथ साझा की गई है।1
- लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना के बाद उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में हड़कंप मच गया। इस घटना के प्रभाव स्वरूप, जिले में एक बैंक में अलार्म बजने लगा, जिससे सनसनी फैल गई।1
- उत्तराखंड के पहाड़ों से सोशल मीडिया पर एक बेहद दिल छू लेने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक छोटे बंदर के हाथ में किसी का मोबाइल आ जाता है और वह उससे खेलने का प्रयास करता है। तभी उसकी माँ आकर उसे प्यार से समझाती है। अपनी माँ की बात मानकर, वह नन्हा बंदर बिना किसी नुकसान के चुपचाप मोबाइल वापस लौटा देता है। इस पूरी घटना को उत्तराखंड का एक भावुक पल बताया जा रहा है।1
- कौशाम्बी जिले के कड़ा धाम थाना क्षेत्र में देवीगंज बाईपास पर एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों युवक देवीगंज बाजार से सब्जी लेकर कड़ा स्थित अपने घर लौट रहे थे। घटना के तुरंत बाद, आरोपी कार चालक अपनी गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही कड़ा धाम पुलिस तत्काल दुर्घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस द्वारा सीएचसी कड़ा भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों युवकों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। पुलिस अब फरार कार चालक की तलाश में जुटी हुई है।1