धौरहरा तहसील में विकास की खुली पोल ग्राम पंचायत कलुआ पुर 📍 धौरहरा तहसील में विकास की पोल खुली ग्राम पंचायत कलुआपुर, ब्लॉक धौरहरा – लखीमपुर खीरी तहसील धौरहरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कलुआपुर में विकास कार्यों की हकीकत चौंकाने वाली है। पंचायत भवन तो बना दिया गया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह भवन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। सवाल यह उठता है कि पंचायत भवन आखिर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया था या सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति के लिए? 🚰 जल जीवन मिशन की हालत बदहाल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए हैंडपंप सालों से बंद पड़े हैं। गांव के लोगों को आज भी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। जब योजना पर करोड़ों खर्च हुए, तो फिर पानी क्यों नहीं पहुंचा? ❓ अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचते? ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित अधिकारी केवल वेतन लेने तक सीमित हैं। मौके पर निरीक्षण करने की ज़हमत क्यों नहीं उठाई जाती? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को जनता की परेशानी दिखाई नहीं देती? 🏛 पंचायत भवन का उद्देश्य क्या? पंचायत भवन किस लिए बनाया गया? क्या यह सिर्फ कागज़ों में विकास दिखाने का माध्यम है? ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो रहा? 🔎 कार्रवाई कब? लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई कब होगी? लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब कब लिया जाएगा? या फिर हमेशा की तरह कागज़ों में लीपापोती कर मामला दबा दिया जाएगा? ग्रामीणों के मुखारविंद से निकले बयान अपने आप में एक गंभीर चेतावनी हैं। जनता अब जवाब चाहती है — और वह भी स्पष्ट, पारदर्शी और ठोस कार्रवाई के साथ। यह खबर सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठता हुआ बड़ा सवाल है। सह संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ 8948 983 388
धौरहरा तहसील में विकास की खुली पोल ग्राम पंचायत कलुआ पुर 📍 धौरहरा तहसील में विकास की पोल खुली ग्राम पंचायत कलुआपुर, ब्लॉक धौरहरा – लखीमपुर खीरी तहसील धौरहरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कलुआपुर में विकास कार्यों की हकीकत चौंकाने वाली है। पंचायत भवन तो बना दिया गया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह भवन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। सवाल यह उठता है कि पंचायत भवन आखिर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया था या सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति के लिए? 🚰 जल जीवन मिशन की हालत बदहाल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए हैंडपंप सालों से बंद पड़े हैं। गांव के लोगों को आज भी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। जब योजना पर करोड़ों खर्च हुए, तो फिर पानी क्यों नहीं पहुंचा? ❓ अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचते? ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित अधिकारी केवल वेतन लेने तक सीमित हैं। मौके पर निरीक्षण करने की ज़हमत क्यों नहीं उठाई जाती? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को जनता की परेशानी दिखाई नहीं देती? 🏛 पंचायत भवन का उद्देश्य क्या? पंचायत भवन किस लिए बनाया गया? क्या यह सिर्फ कागज़ों में विकास दिखाने का माध्यम है? ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो रहा? 🔎 कार्रवाई कब? लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई कब होगी? लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब कब लिया जाएगा? या फिर हमेशा की तरह कागज़ों में लीपापोती कर मामला दबा दिया जाएगा? ग्रामीणों के मुखारविंद से निकले बयान अपने आप में एक गंभीर चेतावनी हैं। जनता अब जवाब चाहती है — और वह भी स्पष्ट, पारदर्शी और ठोस कार्रवाई के साथ। यह खबर सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठता हुआ बड़ा सवाल है। सह संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ 8948 983 388
- Raja Bhaiyaगोला गोकरन नाथ, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेशग्राम पंचायत ग्रट 11, ब्लॉक बाँकेगंज लखीमपुर खीरी16 hrs ago
- Raja Bhaiyaगोला गोकरन नाथ, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेशhamaare yaha bhi panchayat ki ground reporting kare sir16 hrs ago
- 🚨 यूपी पुलिस का यह कैसा व्यवहार? यूपी के गाजीपुर से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सिपाही खुलेआम अभद्र भाषा का प्रयोग करता नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक, वाहनों के एक्सीडेंट के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद सिपाही ने शालीनता की जगह अभद्रता दिखानी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि जब एक युवक ने गाली-गलौज का विरोध करते हुए कहा, “हम भी इसी विभाग से हैं, कृपया भाषा शैली ठीक कर लीजिए”, तो सिपाही और अधिक भड़क गया। 📌 सवाल यह है कि वर्दी में बैठे लोगों से क्या ऐसी भाषा की अपेक्षा की जा सकती है? 📌 क्या इस पर विभागीय कार्रवाई होगी? #Ghazipur #UPPolice #ViralVideo #UPNews #GroundReport1
- Post by शरद गुप्ता विक्की प्रधान खमरिया पंडित खीरी2
- आज विधानसभा में सपा विधायक कमाल अख्तर ने इस पर बड़ी तार्किक बात कही। कहा- सरकार ने हर गांव में 2 से 3 करोड़ रुपए खर्च किया है। गांव में 600 से 1 हजार घर होंगे। कुछ को पानी मिल रहा, बाकियों को नहीं। अगर ये हर घर सबमर्सिबल लगाते तो गांव में 2 करोड़ रुपए में ही काम हो जाता, सबको पानी भी मिल जाता।1
- 📍 धौरहरा तहसील में विकास की पोल खुली ग्राम पंचायत कलुआपुर, ब्लॉक धौरहरा – लखीमपुर खीरी तहसील धौरहरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कलुआपुर में विकास कार्यों की हकीकत चौंकाने वाली है। पंचायत भवन तो बना दिया गया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह भवन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। सवाल यह उठता है कि पंचायत भवन आखिर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया था या सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति के लिए? 🚰 जल जीवन मिशन की हालत बदहाल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए हैंडपंप सालों से बंद पड़े हैं। गांव के लोगों को आज भी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। जब योजना पर करोड़ों खर्च हुए, तो फिर पानी क्यों नहीं पहुंचा? ❓ अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचते? ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित अधिकारी केवल वेतन लेने तक सीमित हैं। मौके पर निरीक्षण करने की ज़हमत क्यों नहीं उठाई जाती? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को जनता की परेशानी दिखाई नहीं देती? 🏛 पंचायत भवन का उद्देश्य क्या? पंचायत भवन किस लिए बनाया गया? क्या यह सिर्फ कागज़ों में विकास दिखाने का माध्यम है? ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो रहा? 🔎 कार्रवाई कब? लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई कब होगी? लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब कब लिया जाएगा? या फिर हमेशा की तरह कागज़ों में लीपापोती कर मामला दबा दिया जाएगा? ग्रामीणों के मुखारविंद से निकले बयान अपने आप में एक गंभीर चेतावनी हैं। जनता अब जवाब चाहती है — और वह भी स्पष्ट, पारदर्शी और ठोस कार्रवाई के साथ। यह खबर सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठता हुआ बड़ा सवाल है। सह संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ 8948 983 3881
- बिछिया वन बैरियर पर हुआ अजीबोगरीब हादसा, रोटावेटर लोड डीसीएम बैरियर के सामने सड़क के किनारे अचानक गड्ढे गिरी आज रात 8,30 बजे का मामला है जब चालक सड़क पर डीसीएम खड़ी करके बैरियर पर गाड़ी नम्बर नोट कराने गया था, तभी डीसीएम बिना चालक के ही धीरे धीरे बेरिकेडिंग को तोड़ते हुए गड्ढे में जाकर पलट गई। हादसे के समय कोई व्यक्ति वाहन पर सवार नही था, लोग बाल-बाल बच गए -1
- पलिया कलां नाबालिक बच्ची से छेड़छाड़ मामले में प्रशासन की बड़ी कार्यवाही, आरोपी जिस नाई की दुकान पर काम करता था उस पर, आज प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन की मदद से दुकान का टीन शेड और ढांचा गिराकर ध्वस्त कर दिया गया।1
- दुकान पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने दिखाई सख्ती पलिया में छह साल की मासूम बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया है। मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपी की दुकान पर बुलडोजर चलाया, जिसके बाद विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। मोहल्ला इकरामनगर निवासी सद्दाम पुत्र समीउल्ला ने सोमवार की रात मासूम से छेड़छाड़ की थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 65/2 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 3 ख/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आज प्रशासनिक अमला आरोपी की दुकान पर पहुंचा और उसकी दुकान पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जमा रही और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सख्ती का स्वागत करते हुए दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।1
- प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र का ये हाल? PM मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को पिछले 12 साल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये मिले हैं। लेकिन उसी शहर के एक मोहल्ले में सीवरेज सिस्टम की स्थिति बदहाल नजर आ रही है। नालियां जाम, सड़कों पर गंदा पानी और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी… सवाल यह है कि इतने बड़े बजट के बावजूद जमीनी हालात क्यों नहीं सुधरे? 📌 क्या विकास सिर्फ कागजों में है? 📌 जिम्मेदार कौन? #Varanasi #GroundReport #Development #UPNews #DharmendraPatel1