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Noida Kshetra sector 63 chhiyashi me light nhi hai yha logo ko bahut hi pareshani ho rahi hai
Jitendra Kumar
Noida Kshetra sector 63 chhiyashi me light nhi hai yha logo ko bahut hi pareshani ho rahi hai
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- #बुलंदशहर शिकारपुर विधायक पूर्व मंत्री अनिल शर्मा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सुरजावली पहुंचा। हजारों की संख्या में अंतिम दर्शन करने1
- दुखद समाचार बुलंदशहर के सुरजावली गांव में पूर्व मंत्री अनिल शर्मा के निधन के राजकीय सम्मान के साथ दी गई सलामी1
- अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में DM की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कार्रवाई का पूरा ब्यौरा जारी अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में DM की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कार्रवाई का पूरा ब्यौरा जारी कौशाम्बी। जनपद में बीते सोमवार दोपहर करीब 11 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट को लेकर जिला प्रशासन ने अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा सामने रखा है। मामले को लेकर जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना के बाद प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी। डीएम ने बताया कि हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य के साथ ही मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। फैक्ट्री संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों समेत तमाम बिंदुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही और अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाइट = जिलाधिकारी कौशांबी अमित पाल शर्मा1
- क्या भाजपा सरकार इस बिटिया के आंसू भी नहीं देख पा रही? बलिया की 7 साल की रागिनी आज भी एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाने को मजबूर है। 6 महीने की उम्र में हादसे में उसका एक पैर टूट गया था। आज 7 साल की हो गई, लेकिन हालात नहीं बदले। घर से स्कूल महज 400 मीटर दूर है, मगर यह दूरी रागिनी के लिए किसी पहाड़ से कम नहीं। परिवार झोंपड़ी में रहने को मजबूर है। 7 साल पहले इलाज के लिए पैसे नहीं थे, आज भी नहीं हैं। एक ट्राइसाइकिल मिल जाए तो यह बच्ची बिना इस कष्ट के स्कूल जा सकती है। सबसे बड़ा सवाल है—प्रशासन की आंखें कब खुलेंगी? भाजपा सरकार की संवेदनाएं कब जागेंगी? जब एक मासूम बच्ची पढ़ने के लिए हर दिन दर्द सहकर स्कूल जा रही है, तब सरकार और प्रशासन आखिर किसका इंतजार कर रहे हैं? रागिनी हार नहीं मानेगी… लेकिन क्या सरकार उसकी मदद करने की जिम्मेदारी निभाएगी? क्या भाजपा सरकार इस बिटिया के आंसू भी नहीं देख पा रही? बलिया की 7 साल की रागिनी आज भी एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाने को मजबूर है। 6 महीने की उम्र में हादसे में उसका एक पैर टूट गया था। आज 7 साल की हो गई, लेकिन हालात नहीं बदले। घर से स्कूल महज 400 मीटर दूर है, मगर यह दूरी रागिनी के लिए किसी पहाड़ से कम नहीं। परिवार झोंपड़ी में रहने को मजबूर है। 7 साल पहले इलाज के लिए पैसे नहीं थे, आज भी नहीं हैं। एक ट्राइसाइकिल मिल जाए तो यह बच्ची बिना इस कष्ट के स्कूल जा सकती है। सबसे बड़ा सवाल है—प्रशासन की आंखें कब खुलेंगी? भाजपा सरकार की संवेदनाएं कब जागेंगी? जब एक मासूम बच्ची पढ़ने के लिए हर दिन दर्द सहकर स्कूल जा रही है, तब सरकार और प्रशासन आखिर किसका इंतजार कर रहे हैं? रागिनी हार नहीं मानेगी… लेकिन क्या सरकार उसकी मदद करने की जिम्मेदारी निभाएगी?1
- हाथरस/सहपऊ:मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, पांच अंतरजनपदीय जुआरी गिरफ्तार1
- हाथरस में शर्मनाक तस्वीर: मथु के सरकारी स्कूल तक रास्ता नहीं, कीचड़-दलदल से जूझकर प्लॉटों से स्कूल पहुंच रहे बच्चे-शिक्षक - ADHR ने SDM सदर से मिलकर चकरोड पैमाइश की मांग की जनपद हाथरस के विकास खण्ड मुरसान स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय, मथु की बदहाल स्थिति को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR) की टीम ने राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण वार्ष्णेय के नेतृत्व में स्थलीय निरीक्षण किया। A d h r का निरीक्षण, विद्यालय का मुख्य मार्ग कीचड़, दलदल और जलभराव से पूरी तरह अटा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि बच्चे, शिक्षक और स्टाफ मुख्य मार्ग के बजाय बराबर स्थित निजी प्लॉटों से होकर विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। जबकि स्कूल अंदर से व्यवस्थित और सही पाया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी निकासी के पुराने रास्ते को आगे अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे जलभराव स्थायी हो गया है। *ADHR का बयान:* राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण वार्ष्णेय ने कहा - "80 वर्ष की आजादी के बाद भी बच्चों को सुरक्षित स्कूल मार्ग न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह संविधान के अनुच्छेद 21-क के तहत शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। गांव की राजनीति से ऊपर उठकर बच्चों की सुरक्षा पहले सुनिश्चित हो।"जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल ने कहा - "जब बच्चे सुरक्षित स्कूल पहुंच ही नहीं सकते, तो शिक्षा का अधिकार अधूरा है।" प्रशासन से मागें निरीक्षण के बाद टीम ने SDM सदर राज बहादुर से मिलकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। ADHR ने मांग की कि - 1. SDM के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा चकरोड की विधिवत पैमाइश कराई जाए 2. विकास खण्ड स्तर से मार्ग सुचारु कराया जाए 3. जलभराव के लिए स्थायी नाली/निकासी व्यवस्था बनाई जाए बताया गया कि BDO मुरसान द्वारा भी SDM को पैमाइश के लिए पत्र लिखा गया है। इसके बाद टीम खण्ड विकास कार्यालय मुरसान भी पहुंची और अधिकारियों से वार्ता की। प्रवीण वार्ष्णेय ने चेतावनी दी - "ADHR तब तक शांत नहीं बैठेगा जब तक स्थायी समाधान नहीं होता। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बच्चों के अधिकारों के लिए आंदोलन करेंगे। यह राजनीति नहीं, बच्चों के भविष्य का सवाल है।" *ADHR का स्पष्ट संदेश - "बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। स्कूल तक सुरक्षित रास्ता प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।"निरीक्षण में रवि गुप्ता, बाल प्रकाश वार्ष्णेय आदि उपस्थित रहे।4
- अलीगढ़ थाना सासनी गेट क्षेत्र का मामला भाजपा नेता पर तीरथ कब्जा करने का लगाया आरोप अपने वह पत्नी के साथ मारपीट का भी आप एसएसपी अलीगढ़ को दिए प्रार्थना पत्र1
- #अलीगढ़ के खैर कस्बे से एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जहां भीषण जाम एक मासूम बच्ची की जिंदगी पर भारी पड़ गया। बुखार से पीड़ित महज 6 साल की बच्ची को1
- सासनी के नगला सिंह प्राथमिक विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न, बच्चों ने दिखाई प्रतिभा सासनी के नगला सिंह प्राथमिक विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न, बच्चों ने दिखाई प्रतिभा सासनी (हाथरस)। जनपद हाथरस के बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार मंगलवार को विकास क्षेत्र सासनी के अंतर्गत आने वाले परिषदीय विद्यालय नगला सिंह में खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनमें खेल भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा। कार्यक्रम की जानकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय द्वारा दी गई, जिसमें ग्रामीण अंचल के विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रतियोगिता का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके उपरांत बच्चों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। दौड़, कबड्डी, खो-खो और लंबी कूद जैसी स्पर्धाओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खेल के मैदान में बच्चों का जोश और उनका आपसी तालमेल देखते ही बनता था, जिसने यह साबित कर दिया कि आज के नौनिहाल पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद के क्षेत्र में भी पीछे नहीं हैं। इस अवसर पर शिक्षकों ने उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह शिक्षा का एक अभिन्न अंग हैं। विद्यालयों में खेलकूद बच्चों को स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाते हैं। खेल भावना के माध्यम से बच्चों में टीमवर्क, नेतृत्व और जीवन की कठिन चुनौतियों का डटकर सामना करने की क्षमता विकसित होती है। विभाग की मंशा है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेलने का भरपूर अवसर मिले, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सकें। प्रतियोगिता के अंत में विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस दौरान विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और इस आयोजन की सराहना की।1