4 बच्चों और उनकी मां के हत्यारे आमिर कुरैशी की लाश को 4 कंधे भी नहीं हुए नसीब 4 बच्चों और उनकी मां के हत्यारे आमिर कुरैशी की लाश को 4 कंधे भी नहीं हुए नसीब अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर में चार मासूम बच्चों और उनकी मां की निर्मम हत्या के आरोपी आमिर कुरैशी की मौत के बाद भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि मौत के बाद भी आमिर को इंसानी संवेदनाएं नसीब नहीं हुईं। उसकी लाश को कंधा देने के लिए कोई सामने नहीं आया। जानकारी के अनुसार, आमिर कुरैशी के परिजनों ने उसकी लाश लेने से साफ इंकार कर दिया। परिवार का कहना है कि जिसने इतना जघन्य अपराध किया हो, वह उनका अपना नहीं हो सकता। इस फैसले ने पूरे इलाके में एक अलग ही संदेश दिया है कि अपराध की कोई माफी नहीं होती। इतना ही नहीं, जिले के किसी भी मौलवी ने भी आमिर का फातिहा पढ़ाने से इनकार कर दिया। धार्मिक समुदाय के इस रुख को भी समाज में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आमिर कुरैशी पर हत्या, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और गौकशी जैसे गंभीर आरोपों में कुल 5 मुकदमे दर्ज थे। बताया जा रहा है कि वह कम उम्र, लगभग 14 साल की उम्र से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था और धीरे-धीरे उसका नाम इलाके के कुख्यात अपराधियों में शामिल हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या अपराधी को मौत के बाद भी सामाजिक और धार्मिक मान्यता मिलनी चाहिए? या फिर यह समाज का एक सख्त लेकिन स्पष्ट संदेश है कि अपराध का अंत सिर्फ सजा और तिरस्कार ही है। फिलहाल, प्रशासन द्वारा आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा रखा गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
4 बच्चों और उनकी मां के हत्यारे आमिर कुरैशी की लाश को 4 कंधे भी नहीं हुए नसीब 4 बच्चों और उनकी मां के हत्यारे आमिर कुरैशी की लाश को 4 कंधे भी नहीं हुए नसीब अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर में चार मासूम बच्चों और उनकी मां की निर्मम हत्या के आरोपी आमिर कुरैशी की मौत के बाद भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि मौत के बाद भी आमिर को इंसानी संवेदनाएं नसीब नहीं हुईं। उसकी लाश को कंधा देने के लिए कोई सामने नहीं आया। जानकारी के अनुसार, आमिर कुरैशी के परिजनों ने उसकी लाश लेने से साफ इंकार कर दिया। परिवार का कहना है कि जिसने इतना जघन्य अपराध किया हो, वह उनका अपना नहीं हो सकता। इस फैसले ने पूरे इलाके में एक अलग ही संदेश दिया है कि अपराध की कोई माफी नहीं होती। इतना ही नहीं, जिले के किसी भी मौलवी ने भी आमिर का फातिहा पढ़ाने से इनकार कर दिया। धार्मिक समुदाय के इस रुख को भी समाज में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आमिर कुरैशी पर हत्या, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और गौकशी जैसे गंभीर आरोपों में कुल 5 मुकदमे दर्ज थे। बताया जा रहा है कि वह कम उम्र, लगभग 14 साल की उम्र से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था और धीरे-धीरे उसका नाम इलाके के कुख्यात अपराधियों में शामिल हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या अपराधी को मौत के बाद भी सामाजिक और धार्मिक मान्यता मिलनी चाहिए? या फिर यह समाज का एक सख्त लेकिन स्पष्ट संदेश है कि अपराध का अंत सिर्फ सजा और तिरस्कार ही है। फिलहाल, प्रशासन द्वारा आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा रखा गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
- 4 बच्चों और उनकी मां के हत्यारे आमिर कुरैशी की लाश को 4 कंधे भी नहीं हुए नसीब अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर में चार मासूम बच्चों और उनकी मां की निर्मम हत्या के आरोपी आमिर कुरैशी की मौत के बाद भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि मौत के बाद भी आमिर को इंसानी संवेदनाएं नसीब नहीं हुईं। उसकी लाश को कंधा देने के लिए कोई सामने नहीं आया। जानकारी के अनुसार, आमिर कुरैशी के परिजनों ने उसकी लाश लेने से साफ इंकार कर दिया। परिवार का कहना है कि जिसने इतना जघन्य अपराध किया हो, वह उनका अपना नहीं हो सकता। इस फैसले ने पूरे इलाके में एक अलग ही संदेश दिया है कि अपराध की कोई माफी नहीं होती। इतना ही नहीं, जिले के किसी भी मौलवी ने भी आमिर का फातिहा पढ़ाने से इनकार कर दिया। धार्मिक समुदाय के इस रुख को भी समाज में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आमिर कुरैशी पर हत्या, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और गौकशी जैसे गंभीर आरोपों में कुल 5 मुकदमे दर्ज थे। बताया जा रहा है कि वह कम उम्र, लगभग 14 साल की उम्र से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था और धीरे-धीरे उसका नाम इलाके के कुख्यात अपराधियों में शामिल हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या अपराधी को मौत के बाद भी सामाजिक और धार्मिक मान्यता मिलनी चाहिए? या फिर यह समाज का एक सख्त लेकिन स्पष्ट संदेश है कि अपराध का अंत सिर्फ सजा और तिरस्कार ही है। फिलहाल, प्रशासन द्वारा आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा रखा गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।1
- घर गिराकर किया उत्पात पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार। संवाददाता आलापुर अम्बेडकरनगर अम्बेडकर नगर जिले के थाना राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत सराय हंकार में पुरानी रंजिश के चलते एक महिला के घर को गिराने और सामान तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। पीड़िता इंद्रावती पत्नी सुक्खू मांझी ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 4 मई 2026 को लगभग दोपहर 12 बजे जब इंद्रावती अपने घर पर मौजूद नहीं थीं, तभी गांव के ही सोनू , विनोद व सुनील पुत्रगण चंद्रिका मांझी तथा साजन पुत्र बंसी मांझी ने मिलकर उनके करकट से बने घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोप है कि विपक्षियों ने न केवल घर की दीवारें गिरा दीं, बल्कि करकट तोड़कर घर में रखे सामान को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने तत्काल डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस वाहन को आता देख दो आरोपी मौके से फरार हो गए जबकि दो को पुलिस ने पकड़कर थाने ले आई।इंद्रावती ने थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि वह न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।इस संबंध में थाना अध्यक्ष से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया हुआ है मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।5
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- Rameshwar Prasad Maurya Smarak Inter College Thakuradari Dhanghata sant kabir nagar1
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- Post by Bp News Hanswar1
- अंबेडकर नगर के जलालपुर क्षेत्र में छात्रों से भरी स्कूल बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। गनीमत रही कि बस पलटी नहीं और सभी छात्र सुरक्षित हैं। सूचना पर पुलिस पहुंची और क्रेन से बस को बाहर निकलवाया गया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।1
- अंबेडकर नगर जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भीखपुर पेट्रोल टंकी के पास आज सुबह-सुबह डायनेमिक स्कूल की बस छात्रों को भरकर जा रही थी अचानक अनियंत्रित होकर खाई में चली गई गलीमत रही बस पलटने से बच गई नहीं तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था बस छात्रों से भरी हुई थी, सभी छात्र सुरक्षित हैं। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्रेन के माध्यम से बस को बाहर निकलवाया। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️1