बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ अंतर्गत सेरूणा थाना क्षेत्र के लिखमीसर दिखनादा गांव में शुक्रवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ खेजड़ी के पेड़ से महिला और पुरुष के शव लटके हुए पाए गए। सूचना मिलते ही सेरूणा थाना अधिकारी संध्या बिश्नोई और एएसआई पूर्णमल बुडानिया सहित पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतरवाया। पुलिस द्वारा की गई शिनाख्त के अनुसार, मृतकों की पहचान सुरेंद्र उर्फ सुंदर (पुत्र धन्नाराम मेघवाल, निवासी कितासर बिदावतान) और कालीदेवी (पत्नी कोजुराम मेघवाल, निवासी बंडूआ, थाना राजलदेसर) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों विवाहित थे और महिला चार बच्चों की मां थी। बताया जा रहा है कि महिला का परिवार युवक के खेत में काश्तकारी का काम करता था। जांच में सामने आया है कि दोनों मृतक अपने निवास से करीब 60 किलोमीटर दूर बोलेरो गाड़ी से घटनास्थल तक पहुंचे थे और सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर पेड़ से लटक गए। फिलहाल, दोनों शवों को श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपे जाएंगे।
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ अंतर्गत सेरूणा थाना क्षेत्र के लिखमीसर दिखनादा गांव में शुक्रवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ खेजड़ी के पेड़ से महिला और पुरुष के शव लटके हुए पाए गए। सूचना मिलते ही सेरूणा थाना अधिकारी संध्या बिश्नोई और एएसआई पूर्णमल बुडानिया सहित पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतरवाया। पुलिस द्वारा की गई शिनाख्त के अनुसार, मृतकों की पहचान सुरेंद्र उर्फ सुंदर (पुत्र धन्नाराम मेघवाल, निवासी कितासर बिदावतान) और कालीदेवी (पत्नी कोजुराम मेघवाल, निवासी बंडूआ, थाना राजलदेसर) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों विवाहित थे और महिला चार बच्चों की मां थी। बताया जा रहा है कि महिला का परिवार युवक के खेत में काश्तकारी का काम करता था। जांच में सामने आया है कि दोनों मृतक अपने निवास से करीब 60 किलोमीटर दूर बोलेरो गाड़ी से घटनास्थल तक पहुंचे थे और सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर पेड़ से लटक गए। फिलहाल, दोनों शवों को श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपे जाएंगे।
- बीकानेर जिले के श्रीकोलायत स्थित कपिल सरोवर परिसर में 3 जुलाई से शुरू हुई आठ दिवसीय शिव महापुराण कथा का गुरुवार को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक आयोजन में पं. श्री कमल महाराज ने कथा का वाचन किया, जिसमें आठ दिनों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान शिव की महिमा का रसपान किया। कथा के दौरान पं. श्री कमल महाराज ने भगवान शिव के जीवन, शिवभक्ति, धर्म, सदाचार, सेवा और त्याग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सनातन संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिव महापुराण एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है, जो मनुष्य के पापों को नष्ट कर जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार करता है। समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आयोजन का संचालन और व्यवस्था समस्त शिवगण द्वारा की गई, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे पूरा कपिल सरोवर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।1
- झुंझुनूं जिले में पुलिस व्यवस्था को प्रभावी और चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने थाना अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इस बड़े फेरबदल के तहत जिले के केवल चार थानों को छोड़कर शेष सभी थानों में नए थानाधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें उप निरीक्षक रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। जारी आदेशों के अनुसार, विनोद सामरिया को चिड़ावा, उमाशंकर मीणा को सदर झुंझुनूं, धर्मेंद्र सिंह को मंडावा, कमलेश चौधरी को बिसाऊ, चन्द्रभान को सूरजगढ़, अल्का विश्नोई को पिलानी, रूपाराम को मुकुंदगढ़, राममनोहर को बुहाना, रामनारायण चौयल को मेहाड़ा, इंद्र प्रकाश को गुढ़ा और लक्ष्मी नारायण को पचेरी कला का थानाधिकारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, मुकेश कुमार को बगड़, कंचन कुमारी को धनूरी, बुद्धीप्रसाद को खेतड़ी, सत्यवीर सिंह को बबाई, ताराचंद यादव को नवलगढ़, जयप्रकाश सिंह को गोठड़ा और रामनिवास को सुलताना की कमान सौंपी गई है। साथ ही, कस्तूर वर्मा को यातायात प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस महकमे के अनुसार, मंड्रेला, उदयपुरवाटी, सिंघाना और मलसीसर थानों के थानाधिकारियों को यथावत रखा गया है। इस व्यापक बदलाव को कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।1
- झुंझुनू जिले के मंडावा में शुक्रवार को लोकेश मीणा ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। वे राजकीय विद्यालय डोटासरा (सीकर) के प्रधानाचार्य पद से पदोन्नत होकर अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बने हैं और मंडावा में रिक्त चल रहे सीबीईओ के पद पर कार्यवाहक के रूप में कार्यभार संभाला है। उनसे पहले राजकीय डेडराज ढाढणिया के प्रिंसिपल पवन कुमार के पास सीबीईओ का अतिरिक्त कार्यभार था। पदभार संभालने के दौरान लोकेश मीणा ने अपनी प्राथमिकताएं साझा करते हुए बताया कि वे विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और सामने आने वाली अव्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विद्यालयों में अधिक से अधिक पौधारोपण करवाने, जर्जर भवनों वाले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर उनके माता-पिता सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।1
- हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में श्री लिखमीदासजी महाराज जयंती शोभायात्रा-2026 के आगामी आयोजन के लिए पोस्टर का आधिकारिक विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में श्री रामप्रसाद जी महाराज ने मुख्य रूप से भाग लेते हुए पोस्टर का अनावरण किया।1
- श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में कल्याण भूमि और अंतिम वार्ड नंबर 35 का आंखों देखा हाल सामने आया है। इस संबंध में निवर्तमान पार्षद श्याम लाल छाबड़ा, अधिशाषी अधिकारी अभिषेक गहलोत और उप खंड अधिकारी सुभाष चन्द्र का उल्लेख किया गया है।1
- ट्रेन के जनरल डिब्बे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें सीट को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। वीडियो में एक लड़का ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर एक छोटे से कोने में बेहद तंग स्थिति में बैठा दिखाई दे रहा है। उसके पास खुद बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, इसके बावजूद नीचे खड़ी महिलाएं लगातार उससे और अधिक जगह बनाने की जिद कर रही हैं। इस नजारे को देखकर इंटरनेट यूजर्स खासे हैरान हैं और महिलाओं के इस व्यवहार पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि क्या ऐसी विषम परिस्थितियों में भी लड़कों से ही हमेशा एडजस्ट करने की अपेक्षा की जानी चाहिए।1
- श्रीकोलायत में जिला कलेक्टर निशांत जैन के निर्देश पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिकाओं के लिए फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की है। कलेक्टर ने अपने दौरे के दौरान विद्यालय निरीक्षण के वक्त बालिकाओं को टेबल-बेंच के अभाव में जमीन पर बैठकर पढ़ते देखा था, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही पंचायत समिति के विकास अधिकारी वीरपाल सिंह नायक को तत्काल फर्नीचर उपलब्ध कराने के आदेश दिए। प्रशासन की इस सक्रियता का परिणाम यह रहा कि मात्र दो दिनों के भीतर करीब 200 छात्राओं के लिए टेबल-बेंच उपलब्ध करा दिए गए, जिससे उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सका। उपखंड अधिकारी राजेश कुमार नायक ने इस कार्य की जानकारी कलेक्टर को दी, जिस पर निशांत जैन ने संतोष जताते हुए दोबारा विद्यालय आकर व्यवस्थाओं का अवलोकन करने की बात कही है। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी राजेश कुमार नायक, विकास अधिकारी वीरपाल सिंह नायक, सीबीओ संदीप गौड़, प्राचार्य नीना भारद्वाज सहित शीला चूरा, किशन सिंह भाटी, मंजू सुथार और हजारी राम बोरजपत उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन के इस समयबद्ध निर्णय और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने वाली पहल की सराहना की है।1
- जोधपुर में परिवहन विभाग ने लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली कुल 08 बसों को अधिकारियों द्वारा जब्त कर लिया गया है।1
- नागौर जिले के मेड़ता में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की 'मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों हेतु विधिक सेवाएं योजना, 2024' के तहत एक बड़ी मानवीय पहल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता द्वारा चलाए जा रहे 'बेड़ियों से मुक्ति, सम्मानजनक जीवन' अभियान के अंतर्गत मैडास गांव की सानू देवी को 18 वर्षों की कैद से मुक्त कराया गया। मानसिक रूप से बीमार और बौद्धिक रूप से असक्षम सानू देवी लंबे समय से बेड़ियों में जकड़ी हुई थीं। इस विशेष अभियान का उद्देश्य मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गरिमापूर्ण जीवन, पुनर्वास और निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता की अध्यक्ष तारा अग्रवाल और सचिव संजय कुमार मालवीया के निर्देशन में इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया। सचिव संजय कुमार मालवीया ने चिकित्सा और पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर मौके पर ही महिला का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया और उसे निःशुल्क उपचार के लिए जोधपुर के मथुरादास माथुर राजकीय चिकित्सालय के मनोविकार विभाग में रेफर किया।4