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Now Showing At Raj Talkies Raipur
Raj Talkies Raipur
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More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- *"Dhurandhar The Revenge (Part 2)"*_Paid Preview_ *For 18th March* _Evening & Night show only_ *05:00 PM & 09:00 PM* *ADVANCE BOOKINGS OPEN✨*1
- राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र में ज्वेलरी दुकान से करीब पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। महिला ग्राहक बनकर दुकान में पहुंची और जेवर ट्राई करने के बहाने उन्हें पहन लिया। इसके बाद सहेली को बुलाने की बात कहकर बाहर निकली और फरार हो गई1
- राजधानी रायपुर के तेलीबांधा एक्सप्रेसवे से लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने आई है। एक्सप्रेसवे का जर्जर मलवा अचानक नीचे गिर गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि उस समय नीचे कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर लोगों की जान से खिलवाड़ और सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- BAS AK BAR DESH KE LIYE 🇮🇳 MARJAU 🪖🇮🇳1
- तिल्दा नेवरा क्षेत्र में अग्रवाल समाज भवन की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। मामला सिर्फ अवैध कब्जे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले ग्राम पंचायत के उपसरपंच और पंचों द्वारा इस मामले में दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी और इस संबंध में एसडीएम तथा तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया गया था। लेकिन इसके बाद जब दस्तावेज सामने आए, तो पता चला कि उसी एनओसी दस्तावेज पर सरपंच, उपसरपंच और कुछ पंचों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। जब इस विषय पर पत्रकारों ने सरपंच से सवाल किया, तो सरपंच ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बाउंड्री वॉल अवैध है तो उसे तोड़ा जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ पंचों द्वारा इस पूरे मामले में लिखित रूप से विरोध भी दर्ज कराया गया है। पंचों का कहना है कि इस विषय में शासन-प्रशासन को सही तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एक ओर एनओसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं और दूसरी ओर उसी विषय में विरोध का लिखित आवेदन भी दिया गया है, तो आखिर शासन-प्रशासन किसे मान्य मानेगा? क्या एनओसी के हस्ताक्षर को वैध माना जाएगा, या फिर विरोध में दिए गए आवेदन को आधार बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी? अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेता है और विवादित बाउंड्री वॉल के संबंध में आगे क्या कार्रवाई होती है। संवाददाता – धीरेंद्र कुमार जायसवाल जय जोहार सीजी न्यूज़1
- Post by "HASTE RAHO"1
- बारात में दिखी पुरातन संस्कृति की झलक, विधायक के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी निभाई परम्परा राजिम :- छत्तीसगढ़ की माटी की महक और ग्रामीण संस्कृति का एक अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला जब राजिम विधानसभा के विधायक रोहित साहू ग्राम रावंड़ निवासी अपने साढ़ू भाई हृदय राम साहू के बेटे डोमन साहू के बारात आधुनिक सुख-सुविधाओं और तामझाम को त्यागकर पारंपरिक बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात में शामिल होने पहुंचे। ग्राम रावंड़ से परसदा जोशी तक बैलगाड़ी की इस यात्रा ने बारातियों का उत्साह बढ़ाया और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का संदेश भी दिया। विधायक श्री साहू अपने परिजन डोमन साहू के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए ग्राम रावंड़ पहुंचे थे। यहाँ से बारात प्रस्थान के समय उन्होंने पुरानी परंपरा का सम्मान करते हुए बैलगाड़ी की सवारी चुनी। पूरे रास्ते छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गीतों और बाजों के बीच विधायक का यह सादगी भरा अंदाज चर्चा का विषय बना रहा। विधायक रोहित साहू ने इस अवसर पर कहा कि आज इस बैलगाड़ी की यात्रा ने मुझे अपनी जड़ों और पूर्वजों की याद दिला दी है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी सादगी, हमारी संस्कृति और हमारी परंपराओं में है। आज के आधुनिक दौर में हम अपनी मूल पहचान को भूलते जा रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जब तक हम अपनी माटी से जुड़े रहेंगे तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित है। यह बारात हमारी सांस्कृतिक विरासत का संगम था। मैं दूल्हे राजा डोमन और पूरे परिवार को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। इस यात्रा के माध्यम से मैं युवा पीढ़ी को यह संदेश देना चाहता हूँ कि अपनी संस्कृति पर गर्व करें, क्योंकि यही हमारी असली पूंजी है। अपने विवाह के इस खास अवसर पर विधायक की उपस्थिति और पारंपरिक शैली से अभिभूत होकर दूल्हा डोमन ने कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमारे विधायक श्री रोहित साहू जी ने इस विवाह को इतना यादगार बना दिया। उनके साथ बैलगाड़ी में बैठकर बारात जाना मेरे जीवन का सबसे अनमोल क्षण रहेगा। उन्होंने पद और प्रतिष्ठा को पीछे रखकर जिस तरह एक अभिभावक का फर्ज निभाया और हमारी पुरानी परंपरा का निर्वहन किया उससे हमें बहुत प्रेरणा मिली है। इस पूरी यात्रा के दौरान ग्राम रावंड़ से लेकर परसदा जोशी तक ग्रामीणों ने जगह-जगह इस भव्यता को निहारते रहे। लोगों का कहना था कि पहली बार किसी जनप्रतिनिधि को इस तरह अपनी लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए देखा गया है। बारात में छत्तीसगढ़ी बाजा, मोहरी और पारंपरिक गीतों की गूंज ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमयी बना दिया।यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि विकास की ऊंचाइयों को छूने के बाद भी यदि इंसान अपनी जड़ों को याद रखे तो समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है। इनकी रही प्रमुख उपस्थिति इस अनूठे विवाह समारोह में प्रमुख रूप से भाजपा जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू,महेश यादव अध्यक्ष नगर पंचायत राजिम, नेहरू साहू जनपद पंचायत प्रतिनिधि, मनीष हरित पूर्व अध्यक्ष किसान मोर्चा,पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल सिन्हा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सतीश यादव,पार्षदगण अकाश राजपूत, बलराम निषाद, भारत यादव, सुरेश पटेल,ईश्वर साहू,ओमप्रकाश, राकेश साहू, दीपक साहू,द्वारिका साहू, युगलकिशोर,खिलेश्वर साहू, प्रीतम साहू, मनोज यादव, तुकेश साहू, हिरा साहू, डिगेश साहू, पन्ना साहू,बेदराम निषाद,किशोर साहू सहित वर पक्ष के सभी परिजनों की उपस्थिति रही।4
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