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डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र में स्थित जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पर, कृष्णा पेट्रोल पंप के पास आज एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार ने पहले दूसरी कार को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर सामने खड़े एक ट्रक में जा घुसी। इस जोरदार टक्कर के परिणामस्वरूप, कार में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए जमा हो गए। उन्होंने तुरंत घायलों को शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही शहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और उनका कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

3 hrs ago
user_Ishwar prasad Sahu
Ishwar prasad Sahu
शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र में स्थित जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पर, कृष्णा पेट्रोल पंप के पास आज एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार ने पहले दूसरी कार को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर सामने खड़े एक ट्रक

में जा घुसी। इस जोरदार टक्कर के परिणामस्वरूप, कार में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए जमा हो गए। उन्होंने तुरंत घायलों को शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही शहपुरा पुलिस

मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और उनका कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत ढोंढ़ा स्थित जैव आदान संसाधन केंद्र (BRC) में अब गोबर गैस यानी बायोगैस का उपयोग भोजन पकाने के लिए किया जाने लगा है। इस पहल से एलपीजी गैस की खपत कम होगी और किसानों को कम लागत में ऊर्जा का एक विकल्प मिलेगा, जिससे यह केंद्र जैविक खेती के नवाचार का एक मॉडल बन गया है। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित नर्मदांचल गौ सेवा समिति कई वर्षों से प्राकृतिक और जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। साहू ने अब तक लगभग 20 हजार विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया है। केंद्र में स्थापित बायोगैस संयंत्र पशुओं के गोबर से चलता है, जिससे तैयार होने वाली गैस का इस्तेमाल भोजन बनाने में होता है। साथ ही, संयंत्र से निकलने वाली स्लरी का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किया जाता है, जिससे ऊर्जा और जैविक खाद दोनों का उत्पादन हो रहा है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और आत्मा परियोजना के तहत जिले में ऐसे 33 जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण, जैविक उत्पाद और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हैं। इस अवसर पर आयुष साहू और प्रगति साहू सहित अन्य लोग उपस्थित थे। बिहारी लाल साहू ने बताया कि गौवंश आधारित जैविक खेती से भूमि की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षित होता है और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि जैविक खेती किसानों की लागत कम करती है और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। साहू ने आत्मा परियोजना के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
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    डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत ढोंढ़ा स्थित जैव आदान संसाधन केंद्र (BRC) में अब गोबर गैस यानी बायोगैस का उपयोग भोजन पकाने के लिए किया जाने लगा है। इस पहल से एलपीजी गैस की खपत कम होगी और किसानों को कम लागत में ऊर्जा का एक विकल्प मिलेगा, जिससे यह केंद्र जैविक खेती के नवाचार का एक मॉडल बन गया है।

जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित नर्मदांचल गौ सेवा समिति कई वर्षों से प्राकृतिक और जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। साहू ने अब तक लगभग 20 हजार विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया है। केंद्र में स्थापित बायोगैस संयंत्र पशुओं के गोबर से चलता है, जिससे तैयार होने वाली गैस का इस्तेमाल भोजन बनाने में होता है। साथ ही, संयंत्र से निकलने वाली स्लरी का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किया जाता है, जिससे ऊर्जा और जैविक खाद दोनों का उत्पादन हो रहा है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और आत्मा परियोजना के तहत जिले में ऐसे 33 जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण, जैविक उत्पाद और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हैं।

इस अवसर पर आयुष साहू और प्रगति साहू सहित अन्य लोग उपस्थित थे। बिहारी लाल साहू ने बताया कि गौवंश आधारित जैविक खेती से भूमि की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षित होता है और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि जैविक खेती किसानों की लागत कम करती है और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। साहू ने आत्मा परियोजना के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
    user_NILMANI CHOUDHARY
    NILMANI CHOUDHARY
    Farmer डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने उमरिया के ग्राम तिवनी में हुए सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुँचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी घायलों का हालचाल जाना और स्वास्थ्यकर्मियों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। श्रीमती सहाय ने चिकित्सकों को घायलों के बेहतर उपचार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
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    कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने उमरिया के ग्राम तिवनी में हुए सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुँचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी घायलों का हालचाल जाना और स्वास्थ्यकर्मियों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। श्रीमती सहाय ने चिकित्सकों को घायलों के बेहतर उपचार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
    user_Umaria News 24
    Umaria News 24
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • डिंडोरी जिले में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच, शनिवार शाम करीब 5:00 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। मोहदा छांटा क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था, और तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ था, जिससे आमजन गर्मी से काफी परेशान थे। शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा, जबकि बाजारों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। तेज हवा के कारण पेड़ों की डालियां झूमने लगीं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना मिली। हालांकि, इस अचानक हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, और किसानों व ग्रामीणों ने भी इस बारिश को गर्मी से राहत देने वाला बताया।
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    डिंडोरी जिले में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच, शनिवार शाम करीब 5:00 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। मोहदा छांटा क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था, और तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ था, जिससे आमजन गर्मी से काफी परेशान थे।

शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा, जबकि बाजारों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। तेज हवा के कारण पेड़ों की डालियां झूमने लगीं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना मिली। हालांकि, इस अचानक हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, और किसानों व ग्रामीणों ने भी इस बारिश को गर्मी से राहत देने वाला बताया।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत देवलपुर गांव इस समय पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिससे गांव में त्राहि-त्राहि मची हुई है। गांव के सयाना मुखिया ने ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर चेतावनी दी है कि एक सप्ताह पहले सूचना देने के बावजूद हैंडपंप नहीं बनाया गया है। ग्रामीणों की ओर से मुखिया ने प्रशासन से सवाल किया है कि पीने के पानी के लिए वे अब कहां जाएं।
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    डिंडोरी जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत देवलपुर गांव इस समय पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिससे गांव में त्राहि-त्राहि मची हुई है। गांव के सयाना मुखिया ने ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर चेतावनी दी है कि एक सप्ताह पहले सूचना देने के बावजूद हैंडपंप नहीं बनाया गया है। ग्रामीणों की ओर से मुखिया ने प्रशासन से सवाल किया है कि पीने के पानी के लिए वे अब कहां जाएं।
    user_Santosh Ahirwar
    Santosh Ahirwar
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की उपस्थिति में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संचालक सामाजिक न्याय विभाग ने वहाँ मौजूद सभी लोगों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई, जिससे उन्हें व्यसनमुक्त रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की उपस्थिति में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संचालक सामाजिक न्याय विभाग ने वहाँ मौजूद सभी लोगों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई, जिससे उन्हें व्यसनमुक्त रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।
    user_बाल्मीकि यादव
    बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • डिंडौरी जिले के ढोंढ़ा में स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति जैविक खेती के प्रत्यक्ष अनुभव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है। यह समिति पिछले 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती करते हैं, बल्कि जिले व आसपास के क्षेत्रों के किसानों को लगातार प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, जिसके तहत उन्होंने 20,000 विद्यार्थियों और 80,000 से अधिक किसानों को प्राकृतिक/जैविक खेती पर प्रशिक्षण दिया है। उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। समिति गोबर गैस, जिसे बायोगैस भी कहते हैं, के निर्माण और उपयोग का प्रदर्शन भी करती है। इस प्रक्रिया में पशुओं के गोबर को घोलकर एक प्लास्टिक के टांके (6 फीट चौड़ा, 10 फीट लंबा) में डाला जाता है। इसमें एक 4 इंच का पाइप गोबर घोल डालने के लिए और दूसरी ओर 4 इंच का ओवरफ्लो पाइप लगा होता है, जहाँ गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी एक उत्कृष्ट जैविक खाद के रूप में कार्य करती है। एक तीसरा पाइप गैस को सीधे चूल्हे तक ले जाता है, जहाँ यह जलती है। यह गैस जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर बनती है, जिसमें 55-65% मीथेन (CH4) और 30-40% कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) होती है। एक बार लगने के बाद यह कई वर्षों तक चलती है। 30 मई 2026 को बीआरसी ढोंढ़ा में गोबर गैस से भोजन बनाना शुरू हुआ, जिससे एलपीजी गैस की खपत में बचत होगी। डिण्डौरी जिले में आत्मा परियोजना द्वारा 33 बीआरसी किसानों को यह सुविधा दी गई है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार और जैव आदान संसाधन केंद्र के माध्यम से प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद, प्रशिक्षण और सलाह भी उपलब्ध कराई जाती है। नर्मदांचल गौ सेवा समिति में गौवंश आधारित प्राकृतिक जैविक खाद जैसे केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र और बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी निःशुल्क दी जाती है। यहाँ जैविक फार्म में केला, पपीता, अदरक, करेला, सेमी, टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, लाल भाजी और मेथी भाजी जैसी फसलें उगाई जाती हैं। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। इस अवसर पर श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू, प्रगति साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। डिण्डौरी जिला आत्मा परियोजना के सभी अधिकारियों का भी हार्दिक अभिनंदन किया गया। इस प्रयास को एक कविता के माध्यम से भी रेखांकित किया गया है: “ऐसी खेती कीजिए, खाद रसायन दूर। खेत बचै जीवन बचै, स्वाद रहे भरपूर ।”
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    डिंडौरी जिले के ढोंढ़ा में स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति जैविक खेती के प्रत्यक्ष अनुभव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है। यह समिति पिछले 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती करते हैं, बल्कि जिले व आसपास के क्षेत्रों के किसानों को लगातार प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, जिसके तहत उन्होंने 20,000 विद्यार्थियों और 80,000 से अधिक किसानों को प्राकृतिक/जैविक खेती पर प्रशिक्षण दिया है। उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है।

समिति गोबर गैस, जिसे बायोगैस भी कहते हैं, के निर्माण और उपयोग का प्रदर्शन भी करती है। इस प्रक्रिया में पशुओं के गोबर को घोलकर एक प्लास्टिक के टांके (6 फीट चौड़ा, 10 फीट लंबा) में डाला जाता है। इसमें एक 4 इंच का पाइप गोबर घोल डालने के लिए और दूसरी ओर 4 इंच का ओवरफ्लो पाइप लगा होता है, जहाँ गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी एक उत्कृष्ट जैविक खाद के रूप में कार्य करती है। एक तीसरा पाइप गैस को सीधे चूल्हे तक ले जाता है, जहाँ यह जलती है। यह गैस जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर बनती है, जिसमें 55-65% मीथेन (CH4) और 30-40% कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) होती है। एक बार लगने के बाद यह कई वर्षों तक चलती है। 30 मई 2026 को बीआरसी ढोंढ़ा में गोबर गैस से भोजन बनाना शुरू हुआ, जिससे एलपीजी गैस की खपत में बचत होगी। डिण्डौरी जिले में आत्मा परियोजना द्वारा 33 बीआरसी किसानों को यह सुविधा दी गई है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार और जैव आदान संसाधन केंद्र के माध्यम से प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद, प्रशिक्षण और सलाह भी उपलब्ध कराई जाती है।

नर्मदांचल गौ सेवा समिति में गौवंश आधारित प्राकृतिक जैविक खाद जैसे केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र और बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी निःशुल्क दी जाती है। यहाँ जैविक फार्म में केला, पपीता, अदरक, करेला, सेमी, टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, लाल भाजी और मेथी भाजी जैसी फसलें उगाई जाती हैं। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। इस अवसर पर श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू, प्रगति साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। डिण्डौरी जिला आत्मा परियोजना के सभी अधिकारियों का भी हार्दिक अभिनंदन किया गया। इस प्रयास को एक कविता के माध्यम से भी रेखांकित किया गया है: “ऐसी खेती कीजिए, खाद रसायन दूर। खेत बचै जीवन बचै, स्वाद रहे भरपूर ।”
    user_Neeraj rajak
    Neeraj rajak
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत छांटा के बैगान टोला निवासी ग्रामीण डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया से वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वे 1992 से वन विभाग की शासकीय जमीन पर रहते हुए खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की योजना के तहत उन्हें वन अधिकार पट्टा दिए जाने का अनुरोध किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे एक विशेष जाति से आते हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से सभी बैगा परिवारों को वन अधिकार पट्टा दिए जाने की अपील की।
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    डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत छांटा के बैगान टोला निवासी ग्रामीण डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया से वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वे 1992 से वन विभाग की शासकीय जमीन पर रहते हुए खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की योजना के तहत उन्हें वन अधिकार पट्टा दिए जाने का अनुरोध किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे एक विशेष जाति से आते हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से सभी बैगा परिवारों को वन अधिकार पट्टा दिए जाने की अपील की।
    user_Pradeep singh Rajput
    Pradeep singh Rajput
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • डिंडौरी जिला जल संरचनाओं के निर्माण और जल स्रोतों के जीर्णोद्धार में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। पिछले दो महीनों से जिले में जनभागीदारी के माध्यम से लगातार यह कार्य किया जा रहा है। अब तक जिला और जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 6 लाख 26 हजार 955 जल संरचनाओं का निर्माण कराया जा चुका है, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया, जिससे उन्हें यह बात समझ आई कि पानी रोकने से ही बचेगा और फिर से उपलब्ध होगा। इस समझ के बाद, लोगों ने स्वयं प्रेरित होकर अपने घरों में जल संचय के कार्य शुरू कर दिए। बजाग जनपद पंचायत की सिंहपुर ग्राम पंचायत में, जहाँ लगभग साढ़े तीन सौ मकान हैं, हर घर में सोखता पिट और छतों से बारिश के पानी को रोकने के लिए पाइप के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग की तैयारी की गई है। गांव की महिला मेकिन बाई ने बताया कि पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन सरपंच दीपचंद पूषाम और अधिकारियों ने उन्हें जल का महत्व समझाया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर और थोड़ा पैसा खर्च कर पाइप खरीदे और घर के सामने सोखता पिट बनाया, जिसमें अब निस्तार का पानी जा रहा है। इसी तरह, जमुना खैरवार ने भी स्वीकार किया कि वे पहले पानी का महत्व नहीं जानते थे और सोचते थे कि पानी उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सरपंच और अधिकारियों द्वारा थोड़ी मेहनत से पानी बचाने और धरती को रिचार्ज करने की जानकारी देने के बाद उन्होंने अपने घर में दो सोखता पिट बनवाए। अब वे गांव में जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही हैं ताकि बारिश का पानी रोका जा सके और आने वाली पीढ़ी के लिए पानी बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर ने 'मां की बगिया' योजना के बारे में बताया, जिसके तहत पांच हितग्राही हैं। एक बगिया में 15 नींबू और 35 आम के पेड़ लगाए गए हैं, जिन्हें टपक पद्धति से पानी दिया जा रहा है। कृषक सखी ने पानी बचाने और पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए हितग्राहियों को जागरूक किया और उन्हें टपकना, हांडी और स्लाइन की बोतल से पेड़ों को पानी देने के तरीके बताए। अब ये हितग्राही स्वयं पेड़ों की सुरक्षा और सिंचाई का कार्य कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पानी की बचत के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके।
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    डिंडौरी जिला जल संरचनाओं के निर्माण और जल स्रोतों के जीर्णोद्धार में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। पिछले दो महीनों से जिले में जनभागीदारी के माध्यम से लगातार यह कार्य किया जा रहा है। अब तक जिला और जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 6 लाख 26 हजार 955 जल संरचनाओं का निर्माण कराया जा चुका है, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया, जिससे उन्हें यह बात समझ आई कि पानी रोकने से ही बचेगा और फिर से उपलब्ध होगा।

इस समझ के बाद, लोगों ने स्वयं प्रेरित होकर अपने घरों में जल संचय के कार्य शुरू कर दिए। बजाग जनपद पंचायत की सिंहपुर ग्राम पंचायत में, जहाँ लगभग साढ़े तीन सौ मकान हैं, हर घर में सोखता पिट और छतों से बारिश के पानी को रोकने के लिए पाइप के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग की तैयारी की गई है। गांव की महिला मेकिन बाई ने बताया कि पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन सरपंच दीपचंद पूषाम और अधिकारियों ने उन्हें जल का महत्व समझाया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर और थोड़ा पैसा खर्च कर पाइप खरीदे और घर के सामने सोखता पिट बनाया, जिसमें अब निस्तार का पानी जा रहा है। इसी तरह, जमुना खैरवार ने भी स्वीकार किया कि वे पहले पानी का महत्व नहीं जानते थे और सोचते थे कि पानी उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सरपंच और अधिकारियों द्वारा थोड़ी मेहनत से पानी बचाने और धरती को रिचार्ज करने की जानकारी देने के बाद उन्होंने अपने घर में दो सोखता पिट बनवाए। अब वे गांव में जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही हैं ताकि बारिश का पानी रोका जा सके और आने वाली पीढ़ी के लिए पानी बचाया जा सके।

इसके अतिरिक्त, आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर ने 'मां की बगिया' योजना के बारे में बताया, जिसके तहत पांच हितग्राही हैं। एक बगिया में 15 नींबू और 35 आम के पेड़ लगाए गए हैं, जिन्हें टपक पद्धति से पानी दिया जा रहा है। कृषक सखी ने पानी बचाने और पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए हितग्राहियों को जागरूक किया और उन्हें टपकना, हांडी और स्लाइन की बोतल से पेड़ों को पानी देने के तरीके बताए। अब ये हितग्राही स्वयं पेड़ों की सुरक्षा और सिंचाई का कार्य कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पानी की बचत के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके।
    user_NILMANI CHOUDHARY
    NILMANI CHOUDHARY
    Farmer डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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    शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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