हरियाणा की युवा नेत्री और टीम चित्रा की संस्थापक चित्रा सरवारा ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर केंद्र सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के सरकारी प्रयासों को उन्होंने लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि जिस देश का युवा अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो, वहां सत्ता को अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। चित्रा सरवारा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बार-बार पेपर लीक होने के कारण लाखों युवाओं के सपने बिखर गए हैं और अभ्यर्थियों की कठिन मेहनत भ्रष्टाचार तथा सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ गई। आंदोलनकारी संगठनों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम से उपजी निराशा और मानसिक तनाव के कारण लगभग 20 विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाया है। उन्होंने सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में निकाले गए "संसद चलो" मार्च का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा और संविधान हाथ में लेकर लोकतांत्रिक तरीके से जवाबदेही मांग रहे छात्रों पर सरकार ने लाठियों, डंडों और आंसू गैस के गोलों का बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्राएं घायल हुईं और युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस दमनकारी रवैये की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी राज्यसभा सहित हर मंच पर इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी छवि बचाने और अहंकार दिखाने के बजाय छात्रों से तत्काल संवाद स्थापित करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेपर लीक के प्रत्येक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिले और आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाए।
हरियाणा की युवा नेत्री और टीम चित्रा की संस्थापक चित्रा सरवारा ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर केंद्र सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के सरकारी प्रयासों को उन्होंने लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि जिस देश का युवा अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो, वहां सत्ता को अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। चित्रा सरवारा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बार-बार पेपर लीक होने के कारण लाखों युवाओं के सपने बिखर गए हैं और अभ्यर्थियों की कठिन मेहनत भ्रष्टाचार तथा सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ गई। आंदोलनकारी संगठनों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम से उपजी निराशा और मानसिक तनाव के कारण लगभग 20 विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाया है। उन्होंने सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में निकाले गए "संसद चलो" मार्च का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा और संविधान हाथ में लेकर लोकतांत्रिक तरीके से जवाबदेही मांग रहे छात्रों पर सरकार ने लाठियों, डंडों और आंसू गैस के गोलों का बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्राएं घायल हुईं और युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस दमनकारी रवैये की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी राज्यसभा सहित हर मंच पर इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी छवि बचाने और अहंकार दिखाने के बजाय छात्रों से तत्काल संवाद स्थापित करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेपर लीक के प्रत्येक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिले और आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाए।
- अंबाला के मुलाना अंतर्गत गोकलगढ़ गांव में सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक प्राचीन शिव मंदिर पर अचानक आसमानी बिजली गिर गई। इस हादसे में मंदिर के ऊपरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और उसके गुंबद में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट या अन्य हानि नहीं हुई। तेज बारिश और गर्जना के दौरान हुए इस जोरदार धमाके से पूरा गोकलगढ़ गांव दहल उठा। मंदिर के महंत राजेंद्र पुरी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अचानक आसमान से बिजली सीधे मंदिर के गुंबद पर आ गिरी, जिससे ऊपरी हिस्से का मलबा टूटकर दूर-दूर तक जा गिरा। इसके प्रभाव से मंदिर के अंदरूनी विद्युत उपकरण, इन्वर्टर और बिजली की तारें पूरी तरह जल गईं। बिजली की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मंदिर के पास बने कई घरों में भी तेज इन्वर्टर, बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए। महंत ने बताया कि यह शिव मंदिर गांव का बहुत प्राचीन मंदिर है, जिसने हमेशा गांव पर आने वाले संकट से इसकी रक्षा की है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन और किसानों को राजधानी में प्रवेश करने से रोके जाने के मुद्दे पर प्रसिद्ध समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त इंजीनियर चंदन सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जंतर-मंतर पर मचे बवाल के बीच सरकार की नीतियों और रवैये पर कड़ा प्रहार किया है। चंदन सिंह का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय उन्हें रोका जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है। इस मुद्दे पर तीखा रुख अपनाते हुए चंदन सिंह ने सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इन समस्याओं का समाधान केवल संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से ही संभव है। उन्होंने 'लोकतंत्र बचाओ, सरकार इस्तीफा दे' का नारा देते हुए सरकार पर अपना हमला तेज किया है।1
- Post by Sani1
- यमुनानगर के सढौरा में इलाके में हुई थोड़ी सी बरसात से ही नगर पालिका प्रशासन की पोल खुल गई है। थोड़ी सी बरसात होते ही नगर का बाजार पानी से लबालब हो गया, जिससे लोगों को बाजार में आने-जाने में भारी दिक्कत हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन को इस स्थिति से बचने के लिए पहले से ही इंतजाम करना चाहिए था। लोगों को आशंका है कि आने वाले समय में जब अधिक बरसात होगी तो उनकी दुकानों में पानी प्रवेश कर जाएगा। थोड़ी सी ही बरसात में नगर पालिका प्रशासन की पोल खुल चुकी है और बाजार पानी से लबालब हो गया है।1
- पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार को इलाज कराने पहुंचे एक युवक द्वारा ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी से कथित तौर पर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। इलाज के बहाने इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे इस आरोपी ने जब महिला के साथ बदतमीजी की, तो पीड़ित कर्मचारी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला के विरोध करने पर आरोपी तुरंत मौके से भाग खड़ा हुआ, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हड़बड़ाहट में भागते समय आरोपी अपना मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड वहीं छोड़ गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की पहचान के लिए अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। इसके साथ ही, मौके से मिले आरोपी के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर उसकी पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में युवाओं ने हुंकार भरते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के जरिए युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी प्रमुखता से की। युवाओं के इस आंदोलन को डॉ. बेनु राव ने अपना खुला समर्थन दिया है। डॉ. बेनु राव इस आंदोलन में युवाओं के साथ एकजुटता जताते हुए उनके साथ मजबूती से खड़ी दिखाई दीं और युवाओं की आवाज बुलंद की।1
- दिल्ली पुलिस के जवान खुद ही युवाओं पर पत्थर बरसाते हुए नजर आए हैं। पुलिसकर्मियों द्वारा खुद आगे बढ़कर युवाओं पर सीधे पथराव किए जाने का यह मामला सामने आया है।1