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More news from हरियाणा and nearby areas
- Post by Sani1
- अंबाला के मुलाना अंतर्गत गोकलगढ़ गांव में सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक प्राचीन शिव मंदिर पर अचानक आसमानी बिजली गिर गई। इस हादसे में मंदिर के ऊपरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और उसके गुंबद में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट या अन्य हानि नहीं हुई। तेज बारिश और गर्जना के दौरान हुए इस जोरदार धमाके से पूरा गोकलगढ़ गांव दहल उठा। मंदिर के महंत राजेंद्र पुरी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अचानक आसमान से बिजली सीधे मंदिर के गुंबद पर आ गिरी, जिससे ऊपरी हिस्से का मलबा टूटकर दूर-दूर तक जा गिरा। इसके प्रभाव से मंदिर के अंदरूनी विद्युत उपकरण, इन्वर्टर और बिजली की तारें पूरी तरह जल गईं। बिजली की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मंदिर के पास बने कई घरों में भी तेज इन्वर्टर, बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए। महंत ने बताया कि यह शिव मंदिर गांव का बहुत प्राचीन मंदिर है, जिसने हमेशा गांव पर आने वाले संकट से इसकी रक्षा की है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है।2
- हरियाणा के शाहबाद में किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शाहबाद के डीएसपी सिद्धार्थ खुद वहां मौजूद हैं।1
- हरियाणा के यमुनानगर में 20 जुलाई 2026 को कैंप मुख्य बाजार से सरकारी स्कूल कैंप तक अभिभावकों और समाजसेवियों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस" की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इस क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को व्यापार की जगह सेवा का माध्यम बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 35 निजी स्कूलों को सरकारी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री समाधान शिविर, सीएम विंडो और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अत्यंत चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस", "शिक्षा नहीं, व्यापार बंद करो" और "बच्चों का भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाकर दोषी स्कूलों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजीव नंदा, संजय राघव, नीरज कुमार, अंकुश बक्शी समेत बड़ी संख्या में अन्य अभिभावक उपस्थित रहे जिन्होंने अभिभावकों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।1
- भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चडूनी की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने करनाल से दिल्ली के लिए अपना पैदल मार्च शुरू कर दिया है। किसान चडूनी की गिरफ्तारी को लेकर पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं।1
- यमुनानगर के सढौरा में इलाके में हुई थोड़ी सी बरसात से ही नगर पालिका प्रशासन की पोल खुल गई है। थोड़ी सी बरसात होते ही नगर का बाजार पानी से लबालब हो गया, जिससे लोगों को बाजार में आने-जाने में भारी दिक्कत हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन को इस स्थिति से बचने के लिए पहले से ही इंतजाम करना चाहिए था। लोगों को आशंका है कि आने वाले समय में जब अधिक बरसात होगी तो उनकी दुकानों में पानी प्रवेश कर जाएगा। थोड़ी सी ही बरसात में नगर पालिका प्रशासन की पोल खुल चुकी है और बाजार पानी से लबालब हो गया है।1
- हरियाणा की युवा नेत्री और टीम चित्रा की संस्थापक चित्रा सरवारा ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर केंद्र सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के सरकारी प्रयासों को उन्होंने लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि जिस देश का युवा अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो, वहां सत्ता को अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। चित्रा सरवारा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बार-बार पेपर लीक होने के कारण लाखों युवाओं के सपने बिखर गए हैं और अभ्यर्थियों की कठिन मेहनत भ्रष्टाचार तथा सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ गई। आंदोलनकारी संगठनों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम से उपजी निराशा और मानसिक तनाव के कारण लगभग 20 विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाया है। उन्होंने सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में निकाले गए "संसद चलो" मार्च का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा और संविधान हाथ में लेकर लोकतांत्रिक तरीके से जवाबदेही मांग रहे छात्रों पर सरकार ने लाठियों, डंडों और आंसू गैस के गोलों का बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्राएं घायल हुईं और युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस दमनकारी रवैये की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी राज्यसभा सहित हर मंच पर इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी छवि बचाने और अहंकार दिखाने के बजाय छात्रों से तत्काल संवाद स्थापित करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेपर लीक के प्रत्येक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिले और आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाए।1
- सभी किसान कल सुबह 8:00 बजे दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इस दिल्ली कूच के लिए सभी किसान पहले घरोंडा टोल प्लाजा पर एकत्रित होंगे और फिर वहां से एक साथ दिल्ली की तरफ प्रस्थान करेंगे।1