हरियाणा के यमुनानगर में 20 जुलाई 2026 को कैंप मुख्य बाजार से सरकारी स्कूल कैंप तक अभिभावकों और समाजसेवियों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस" की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इस क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को व्यापार की जगह सेवा का माध्यम बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 35 निजी स्कूलों को सरकारी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री समाधान शिविर, सीएम विंडो और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अत्यंत चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस", "शिक्षा नहीं, व्यापार बंद करो" और "बच्चों का भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाकर दोषी स्कूलों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजीव नंदा, संजय राघव, नीरज कुमार, अंकुश बक्शी समेत बड़ी संख्या में अन्य अभिभावक उपस्थित रहे जिन्होंने अभिभावकों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।
हरियाणा के यमुनानगर में 20 जुलाई 2026 को कैंप मुख्य बाजार से सरकारी स्कूल कैंप तक अभिभावकों और समाजसेवियों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस" की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इस क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को व्यापार की जगह सेवा का माध्यम बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 35 निजी स्कूलों को सरकारी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री समाधान शिविर, सीएम विंडो और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अत्यंत चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस", "शिक्षा नहीं, व्यापार बंद करो" और "बच्चों का भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाकर दोषी स्कूलों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजीव नंदा, संजय राघव, नीरज कुमार, अंकुश बक्शी समेत बड़ी संख्या में अन्य अभिभावक उपस्थित रहे जिन्होंने अभिभावकों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।
- हरियाणा के यमुनानगर में 20 जुलाई 2026 को कैंप मुख्य बाजार से सरकारी स्कूल कैंप तक अभिभावकों और समाजसेवियों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस" की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इस क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को व्यापार की जगह सेवा का माध्यम बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 35 निजी स्कूलों को सरकारी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री समाधान शिविर, सीएम विंडो और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अत्यंत चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस", "शिक्षा नहीं, व्यापार बंद करो" और "बच्चों का भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाकर दोषी स्कूलों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजीव नंदा, संजय राघव, नीरज कुमार, अंकुश बक्शी समेत बड़ी संख्या में अन्य अभिभावक उपस्थित रहे जिन्होंने अभिभावकों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।1
- सहारनपुर के पठेड़ से गंदेवड़ तक की जर्जर सड़क को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है। यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह कांवड़ यात्रा मार्ग होने के साथ-साथ मां शाकुंभरी देवी संपर्क मार्ग भी है। इस व्यस्त मार्ग से हर दिन हजारों श्रद्धालु और वाहन गुजरते हैं, इसके बावजूद इसकी हालत लगातार बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी समस्या पर कोई गंभीर पहल दिखाई नहीं देती। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बसपा नेता रोहित सिंह राणा, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, मुकेश चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों में से किसी ने भी अब तक मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा नहीं लिया है। हालांकि, बेहट विधायक उमर अली खान इस सड़क का मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में दो बार उठा चुके हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि विधानसभा में मामला उठने के बाद भी सरकार और संबंधित विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लोक निर्माण विभाग और शासन ने जल्द सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।1
- अंबाला के मुलाना में मारकंडा दरिया सामान्य जलस्तर के साथ बह रही है। दरिया के जलस्तर को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर लोग बिल्कुल भी ध्यान न दें।1
- भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चडूनी की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने करनाल से दिल्ली के लिए अपना पैदल मार्च शुरू कर दिया है। किसान चडूनी की गिरफ्तारी को लेकर पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं।1
- Post by Sani1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंगलवार दोपहर 12 बजे मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस गरिमामयी समारोह में कुल 22,315 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 19,069 स्नातक और 3,246 परास्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। इसके अलावा, विभिन्न संकायों के छह विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक तथा कुल 99 मेधावियों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। उपाधि और पदक पाकर विद्यार्थियों ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि का उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। स्वास्थ्य कारणों के चलते उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल समारोह स्थल पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकीं, जिसके कारण उन्होंने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डिग्री नहीं, बल्कि उनका चरित्र ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। राज्यपाल ने युवाओं से नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, एआई, स्टार्टअप और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से अपनी डिग्री और अंकपत्र को डीजी लॉकर से जोड़ने की अपील की ताकि दुनिया के किसी भी कोने से इन्हें आसानी से हासिल किया जा सके। राज्यपाल ने छात्रों को नशे से दूर रहने, पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने और मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी संदेश दिया।1
- अंबाला के मुलाना अंतर्गत गोकलगढ़ गांव में सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक प्राचीन शिव मंदिर पर अचानक आसमानी बिजली गिर गई। इस हादसे में मंदिर के ऊपरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और उसके गुंबद में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट या अन्य हानि नहीं हुई। तेज बारिश और गर्जना के दौरान हुए इस जोरदार धमाके से पूरा गोकलगढ़ गांव दहल उठा। मंदिर के महंत राजेंद्र पुरी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अचानक आसमान से बिजली सीधे मंदिर के गुंबद पर आ गिरी, जिससे ऊपरी हिस्से का मलबा टूटकर दूर-दूर तक जा गिरा। इसके प्रभाव से मंदिर के अंदरूनी विद्युत उपकरण, इन्वर्टर और बिजली की तारें पूरी तरह जल गईं। बिजली की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मंदिर के पास बने कई घरों में भी तेज इन्वर्टर, बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए। महंत ने बताया कि यह शिव मंदिर गांव का बहुत प्राचीन मंदिर है, जिसने हमेशा गांव पर आने वाले संकट से इसकी रक्षा की है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है।2
- सहारनपुर के अंबेहटा कस्बे के नया बांस मोहल्ला स्थित एक खेत में शुक्रवार को मिले अज्ञात शव की सोमवार को शिनाख्त हो गई है। मृतक की पहचान मोहल्ला गुहा निवासी विनोद कुमार कश्यप के रूप में की गई है। शव की शिनाख्त होने के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। मृतक की पत्नी पालों ने अपने पति की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विनोद कुमार की हत्या करने के बाद उनके शव को लाकर खेत में फेंका गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।1