सहारनपुर के पठेड़ से गंदेवड़ तक की जर्जर सड़क को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है। यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह कांवड़ यात्रा मार्ग होने के साथ-साथ मां शाकुंभरी देवी संपर्क मार्ग भी है। इस व्यस्त मार्ग से हर दिन हजारों श्रद्धालु और वाहन गुजरते हैं, इसके बावजूद इसकी हालत लगातार बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी समस्या पर कोई गंभीर पहल दिखाई नहीं देती। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बसपा नेता रोहित सिंह राणा, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, मुकेश चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों में से किसी ने भी अब तक मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा नहीं लिया है। हालांकि, बेहट विधायक उमर अली खान इस सड़क का मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में दो बार उठा चुके हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि विधानसभा में मामला उठने के बाद भी सरकार और संबंधित विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लोक निर्माण विभाग और शासन ने जल्द सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
सहारनपुर के पठेड़ से गंदेवड़ तक की जर्जर सड़क को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है। यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह कांवड़ यात्रा मार्ग होने के साथ-साथ मां शाकुंभरी देवी संपर्क मार्ग भी है। इस व्यस्त मार्ग से हर दिन हजारों श्रद्धालु और वाहन गुजरते हैं, इसके बावजूद इसकी हालत लगातार बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी समस्या पर कोई गंभीर पहल दिखाई नहीं देती। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बसपा नेता रोहित सिंह राणा, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, मुकेश चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों में से किसी ने भी अब तक मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा नहीं लिया है। हालांकि, बेहट विधायक उमर अली खान इस सड़क का मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में दो बार उठा चुके हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि विधानसभा में मामला उठने के बाद भी सरकार और संबंधित विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लोक निर्माण विभाग और शासन ने जल्द सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
- सहारनपुर के पठेड़ से गंदेवड़ तक की जर्जर सड़क को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है। यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह कांवड़ यात्रा मार्ग होने के साथ-साथ मां शाकुंभरी देवी संपर्क मार्ग भी है। इस व्यस्त मार्ग से हर दिन हजारों श्रद्धालु और वाहन गुजरते हैं, इसके बावजूद इसकी हालत लगातार बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी समस्या पर कोई गंभीर पहल दिखाई नहीं देती। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बसपा नेता रोहित सिंह राणा, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, मुकेश चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों में से किसी ने भी अब तक मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा नहीं लिया है। हालांकि, बेहट विधायक उमर अली खान इस सड़क का मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में दो बार उठा चुके हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि विधानसभा में मामला उठने के बाद भी सरकार और संबंधित विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लोक निर्माण विभाग और शासन ने जल्द सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।1
- हरियाणा के यमुनानगर में 20 जुलाई 2026 को कैंप मुख्य बाजार से सरकारी स्कूल कैंप तक अभिभावकों और समाजसेवियों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस" की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इस क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को व्यापार की जगह सेवा का माध्यम बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 35 निजी स्कूलों को सरकारी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री समाधान शिविर, सीएम विंडो और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अत्यंत चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस", "शिक्षा नहीं, व्यापार बंद करो" और "बच्चों का भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाकर दोषी स्कूलों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजीव नंदा, संजय राघव, नीरज कुमार, अंकुश बक्शी समेत बड़ी संख्या में अन्य अभिभावक उपस्थित रहे जिन्होंने अभिभावकों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।1
- भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चडूनी की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने करनाल से दिल्ली के लिए अपना पैदल मार्च शुरू कर दिया है। किसान चडूनी की गिरफ्तारी को लेकर पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं।1
- विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहानी ने सहारनपुर पहुंचकर योगी सरकार और केंद्र सरकार पर कश्यप, निषाद और मल्लाह समाज की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है। दिल्ली रोड स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनके समाज को आरक्षण नहीं मिला, तो भाजपा सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। मुकेश सहानी ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में गंगाजल के साथ समाज के लोगों को संकल्प दिलाया जाएगा ताकि वे आरक्षण के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग सकें। उन्होंने समाज को जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाने का दावा किया। इसके साथ ही, उन्होंने निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें समाज के लिए संघर्ष करना चाहिए था, लेकिन वे सत्ता के साथ खड़े हैं। सहानी ने चेतावनी दी कि अगर तय समय में आरक्षण नहीं मिला तो समाज संजय निषाद को भी जवाब देगा। इस दौरान मुकेश सहानी ने आरोप लगाया कि उनके इस आंदोलन को दबाने और रोकने के लिए उन्हें लखनऊ में चार दिनों तक हाउस अरेस्ट रखा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा और आरक्षण न मिलने की स्थिति में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम में विकासशील इंसान पार्टी के जिलाध्यक्ष सतीश कश्यप, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समाज के लोग उपस्थित रहे।1
- Post by Gufran ali1
- सहारनपुर के गंगोह के मोहल्ला सय्यदान में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की नगर इकाई की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ बिजली समस्याओं, किसानों और उपभोक्ताओं के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष हाजी तहसीन चौधरी ने आगामी 21 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित प्रदर्शन में भारी संख्या में किसानों से शामिल होने की अपील की। वहीं, नगर अध्यक्ष मेहरबान कुरैशी ने 3 अगस्त को नगर पालिका परिषद गंगोह पर होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। बैठक के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति पर भी गंभीर मंथन किया गया।1
- सहारनपुर के अंबेहटा कस्बे के नया बांस मोहल्ला स्थित एक खेत में शुक्रवार को मिले अज्ञात शव की सोमवार को शिनाख्त हो गई है। मृतक की पहचान मोहल्ला गुहा निवासी विनोद कुमार कश्यप के रूप में की गई है। शव की शिनाख्त होने के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। मृतक की पत्नी पालों ने अपने पति की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विनोद कुमार की हत्या करने के बाद उनके शव को लाकर खेत में फेंका गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।1