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अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चोरी प्रकरण को लेकर कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस चोरी को अंजाम देने वालों का खुलासा होना चाहिए। धीरेन्द्र शास्त्री ने इस बात पर जोर दिया कि राम मंदिर का दान पत्र करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है, और इसलिए चोरों की पहचान सार्वजनिक करना बेहद ज़रूरी है।
PARUL SIROHI BC MEERUT
अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चोरी प्रकरण को लेकर कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस चोरी को अंजाम देने वालों का खुलासा होना चाहिए। धीरेन्द्र शास्त्री ने इस बात पर जोर दिया कि राम मंदिर का दान पत्र करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है, और इसलिए चोरों की पहचान सार्वजनिक करना बेहद ज़रूरी है।
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- मो. याकूब अंसारी मेरठ जिले की सरधना तहसील के नवाब गड़ी गांव के निवासी हैं।1
- सरधना स्थित मेरठ-शामली हाईवे पर एक तेज रफ्तार वैगन आर कार का एक्सेल टूट जाने के कारण वह सड़क पर पलट गई।1
- अमित सैनी रोहतकिया का नया गाना जारी हो गया है, जिसका शीर्षक 'सैनीयो का खेल कभी बेल कभी जेल' है।1
- एक छोटी बालिका ने बड़ी बेबाकी से एक महत्वपूर्ण बात कही है, जिसमें उसने उन लोगों को सीधा संदेश दिया है जो 'एक मोदी' से परेशान हैं। बालिका ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर वे एक मोदी से समस्या महसूस करते हैं, तो उन्हें एक बार राष्ट्र स्वयंसेवक (RSS) के खेमे में आकर देखना चाहिए। यह चुनौती भरा बयान मूल पाठ में बार-बार दोहराया गया है।1
- मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में दिल्ली रोड पर स्थित एक अस्पताल में उपचार के दौरान 14 दिन के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद, बच्चे के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उन्होंने स्थिति को शांत कराया। क्षेत्राधिकारी ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि उन्हें अस्पताल में बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों द्वारा हंगामे की जानकारी मिली थी। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और परिजनों से प्राप्त शिकायत के आधार पर नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के मुख्य आरक्षी निखिल पुत्र आदेश, जो वर्तमान में जनपद शामली में तैनात हैं और मेरठ के ग्राम अंजोली थाना परतापुर के निवासी हैं, पर आरोप है कि उन्होंने पड़ोस के गांव छज्जूपुर में दबंगों को साथ लेकर घर में घुसकर लोगों के साथ मारपीट की। यह घटना रात्रि में 'पुलिस की वर्दी के जनून' में अंजाम दी गई बताई जा रही है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो गया है।1
- मेरठ में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे दारोगा प्रकाश चंद्र को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दारोगा ने इन्वेस्टिगेशन के नाम पर यह रिश्वत मांगी थी और इसके लिए कोडवर्ड के रूप में '20 किलो अनार लाना' कहा था, जिसका अर्थ था कि एक किलो अनार ₹10,000 के बराबर है, यानी कुल ₹20,000। यह मामला मुजफ्फरनगर के शामली स्थित घटायन गांव की संगीता से संबंधित है, जिन्होंने आर्थिक तंगी के चलते अपनी जमीन का सौदा गंगानगर के रिश्तेदार नमन चौधरी से किया था। नमन द्वारा एक महीने में रजिस्ट्री न करा पाने और बाद में सौदा रद्द कर अपना एडवांस वापस मांगने पर विवाद बढ़ गया। संगीता के भांजे दीपक ने जब नमन से बात करने का प्रयास किया, तो नमन ने इनकार कर दिया और पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाने के साथ धमकी भी दी। एक पंचायत के जरिए यह तय हुआ कि संगीता की जमीन बिकने पर नमन का एडवांस लौटा दिया जाएगा, जिसे नमन ने स्वीकार भी कर लिया था। हालांकि, बाद में नमन ने पवन कुमार, संगीता और उनके बेटे नवनीत के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी मुकदमे के संदर्भ में 31 मई, 2026 की सुबह गंगानगर थाने में तैनात 1993 बैच के दारोगा प्रकाश चंद्र पुलिस टीम के साथ संगीता के मुजफ्फरनगर स्थित घर पहुंचे थे। दीपक ने गंगानगर थाने जाकर दारोगा प्रकाश चंद्र से मुलाकात की और बताया कि मुकदमा झूठा है, लेकिन दारोगा ने 'सच लिखने' के लिए ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की। दीपक के मोलभाव के बाद, यह राशि पहले ₹1 लाख, फिर ₹50,000 और अंततः 23 जून को ₹20,000 पर तय हुई। एंटी करप्शन टीम को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने पीड़ित से दारोगा को फोन करवाया। दारोगा ने पीड़ित को पुलिस लाइन के गेट नंबर-3 के पास बुलाया, जहां वह अपनी गाड़ी के पास खड़ा था। जैसे ही पीड़ित युवक ने दारोगा को ₹20,000 दिए, टीम ने उसे तत्काल पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, दारोगा प्रकाश चंद्र को सिविल लाइंस थाने लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।3
- प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखते हुए देश के संविधान की एकरूपता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह प्रश्न किया है कि जब संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है, तो फिर हमारे मंदिरों के दानपात्रों में जमा होने वाला पैसा बाहर क्यों चला जाता है। प्रो. कुलश्रेष्ठ ने इस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि संविधान एक है, तो इस तरह का भेदभाव क्यों किया जाता है।1