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प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं ने सरकारी योजनाओं और नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी किए जाने की शिकायत डीसीपी से की है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों ने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड का उपयोग करके बैंक खाते खुलवाए, एटीएम बनवाए और फिर इन खातों से लाखों रुपये का लेनदेन निकाल लिया। महिलाओं के अनुसार, लगभग तीन महीने पहले कुछ युवकों ने सरकारी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे जरूरी दस्तावेज जमा किए थे। इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब महिलाएं जन सेवा केंद्र पर अपने बैंक खातों की जानकारी लेने पहुंचीं। जांच में पता चला कि कई खातों से 2 से 5 लाख रुपये तक का लेनदेन किया गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, डीसीपी ने मामले में तत्काल पुलिस जांच के आदेश दिए हैं।
Rohit Sharma
प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं ने सरकारी योजनाओं और नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी किए जाने की शिकायत डीसीपी से की है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों ने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड का उपयोग करके बैंक खाते खुलवाए, एटीएम बनवाए और फिर इन खातों से लाखों रुपये का लेनदेन निकाल लिया। महिलाओं के अनुसार, लगभग तीन महीने पहले कुछ युवकों ने सरकारी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे जरूरी दस्तावेज जमा किए थे। इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब महिलाएं जन सेवा केंद्र पर अपने बैंक खातों की जानकारी लेने पहुंचीं। जांच में पता चला कि कई खातों से 2 से 5 लाख रुपये तक का लेनदेन किया गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, डीसीपी ने मामले में तत्काल पुलिस जांच के आदेश दिए हैं।
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- शंकरगढ़, प्रयागराज के विकासखंड शंकरगढ़ की ग्राम सभा जोरवट में विकास के दावों की पोल खोलती एक बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क के ठीक बीचों-बीच बह रही एक खुली नाली, जगह-जगह टूटी हुई सड़क, चारों ओर फैली गंदगी और उससे उठती दुर्गंध ने राहगीरों और स्थानीय लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी मार्ग का उपयोग बेरूई, खान सेमरा, बेमरा, पगुआर, गोरखा सहित कई अन्य गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन के लिए करते हैं। इस सड़क और नाली की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं नाली का गंदा पानी और उससे आने वाली बदबू संक्रामक बीमारियों को भी न्योता दे रही है। जिम्मेदार लोगों के अनुसार, इस सड़क का निर्माण कई साल पहले पीपीजीसीएल द्वारा कराया गया था, लेकिन समय के साथ यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और इसकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने यह सवाल उठाया है कि यदि सड़क की हालत इतनी खराब है तो क्या ग्राम पंचायत और संबंधित जनप्रतिनिधियों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? वहीं, जिम्मेदार लोगों का यह भी कहना है कि सड़क और नाली की समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तुरंत सड़क की मरम्मत करने, नाली व्यवस्था में सुधार लाने और क्षेत्र में एक व्यापक सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनकी उम्मीद है कि इन कदमों से लोगों को राहत मिल सकेगी और संभावित बीमारियों से भी बचाव हो पाएगा।1
- प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र में मंगलवार रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण दर्जनों पेड़ धराशाई हो गए, जिससे कई मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। पेड़ों के गिरने से बिजली आपूर्ति भी पूरी रात ठप्प रही, जिसके चलते लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। आंधी से जान-माल का भी नुकसान हुआ। विकासखंड उरुवा के जनवार गांव में बगीचे में बंधे मवेशियों पर अचानक एक पेड़ गिर गया। ग्रामीणों ने त्वरित बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन इस हादसे में रविशंकर शर्मा की एक गाय पेड़ की चपेट में आने से मर गई, जबकि अन्य मवेशियों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके अलावा, संतोष कुमार और छोटू विश्वकर्मा के मकानों पर भी पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित थे, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। बंधवा गांव में त्रिलोकी नाथ गुप्ता के पक्के मकान को भी पेड़ गिरने से भारी क्षति हुई। इसी तरह, डेलौहा गांव में कल्यान शर्मा उर्फ कल्लन के कच्चे मकान पर पेड़ गिरने से गृहस्थी के सामान सहित उनका घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि आंधी के बाद हुई हल्की बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन हुए नुकसान को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी रही। कई स्थानों पर रास्ते अवरुद्ध होने के कारण लोगों को रातभर आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का जल्द से जल्द आकलन कर पीड़ितों को उचित सहायता प्रदान की जाए।1
- प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र में मनकामेश्वर रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित नहर का पुल अब विभाग द्वारा तोड़ा जा रहा है। इस पुल को नए निर्माण के लिए हटाया जा रहा है, जिसके चलते यह मार्ग कुछ दिनों के लिए बाधित हो गया है। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए आवागमन हेतु बगल से एक वैकल्पिक रास्ता भी उपलब्ध कराया गया है।1
- एक वीडियो के माध्यम से सरकार से सीधे तौर पर सवाल किया गया है कि MRP छापने की अनुमति किसने दी और इसका आदेश किसने जारी किया। वीडियो में सरकार से इस पर जवाब देने की मांग की गई है, साथ ही अपील की गई है कि इसे हर ग्रुप में इतना साझा किया जाए ताकि यह सरकार तक पहुंचे और सरकार इस मामले पर विचार करे।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित रामनगर बकचूंदा चौकी के मटिही मजरे में छेड़छाड़ से परेशान होकर कक्षा 11 की छात्रा अमीषा पटेल (13) ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना मंगलवार सुबह हुई। मृतका अमीषा राम बाबू पटेल की पुत्री थी और रामनगर के एक विद्यालय में पढ़ती थी। परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक युवक काफी समय से अमीषा को परेशान कर रहा था। रविवार शाम जब अमीषा अपनी तीन बहनों के साथ शौच के लिए गई थी, तब आरोपी युवक ने उसके साथ छेड़खानी की थी। घर लौटकर अमीषा ने यह बात अपनी मां गुजराती देवी को बताई, जिसके बाद परिजन शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और वह लगातार छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। इसी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अमीषा ने मंगलवार सुबह अपने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर रामनगर चौकी प्रभारी अभिनव उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार 'बेटियों की सुरक्षा' और 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण गांवों में पढ़ने जाने वाली लड़कियां भी सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन डर और सामाजिक दबाव के कारण ऐसी शिकायतें अक्सर दर्ज नहीं हो पातीं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- प्रयागराज कमिश्नरेट के यमुनानगर जोन स्थित औद्योगिक क्षेत्र थाना के अंतर्गत सड़वा पुलिस चौकी के लवायन कला क्षेत्र में गंगा-यमुना नदी से अवैध बालू खनन दिन के उजाले से लेकर रात्रि प्रहर तक बेखौफ जारी है। यह अवैध निकासी ऐसे स्थान पर हो रही है जहाँ रिंग रोड (ओवर ब्रिज) के कई पिलर नदी में निर्माणाधीन हैं। लगातार पिलरों के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण इनके क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा है, लेकिन शातिर अवैध कारोबारियों की फौज को इससे कोई लेना-देना नहीं दिख रहा। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध खनन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।1
- कानपुर नगर में एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ अधिवक्ता बनकर लोगों से पैरवी के नाम पर ठगी करने का मामला दर्ज किया गया है। यह आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर है जिसने स्वयं को अधिवक्ता बताया और फिर लोगों के साथ धोखाधड़ी की।1
- प्रयागराज में बीवी गांव में हुई एक घटना के संबंध में एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) ने अपना बयान जारी किया है। यह बयान घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।1
- प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र के अमिलिया कला गांव की निवासी वंदना ने शिकायत की है कि कोर्ट के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि एक ज़मीन विवाद से जुड़े मामले (मुकदमा संख्या 695/2025, जो अभी विचाराधीन है) में कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए 8 फीट ऊंची और 47 फीट लंबी दीवार का निर्माण किया गया है। वंदना ने इस मामले में कई शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने पहली लिखित शिकायत मेजा थाने में दी थी। इसके बाद, उन्होंने 25 मई 2026 को प्रयागराज जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर एक और पत्र दिया। उन्होंने मेजा एसीपी को थाना दिवस के अवसर पर सूचित किया और 112 पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट अमीन श्री रतन कुमार श्रीवास्तव ने भी इस संबंध में एक कोर्ट रिपोर्ट तैयार की है। वंदना ने स्वयं पुलिस अधीक्षक और मेजा के उपजिलाधिकारी कार्यालय में जाकर भी अपनी रिपोर्ट पेश की, लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें आज तक कोई सुनवाई नहीं मिली है। वंदना ने विशेष रूप से उपनिरीक्षक मनोज कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाया है कि उन्होंने पैसे लेकर कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करवाया है। वह मांग करती हैं कि उपनिरीक्षक मनोज कुमार यादव के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी इस तरह की गलती को न दोहराए।4