प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित रामनगर बकचूंदा चौकी के मटिही मजरे में छेड़छाड़ से परेशान होकर कक्षा 11 की छात्रा अमीषा पटेल (13) ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना मंगलवार सुबह हुई। मृतका अमीषा राम बाबू पटेल की पुत्री थी और रामनगर के एक विद्यालय में पढ़ती थी। परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक युवक काफी समय से अमीषा को परेशान कर रहा था। रविवार शाम जब अमीषा अपनी तीन बहनों के साथ शौच के लिए गई थी, तब आरोपी युवक ने उसके साथ छेड़खानी की थी। घर लौटकर अमीषा ने यह बात अपनी मां गुजराती देवी को बताई, जिसके बाद परिजन शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और वह लगातार छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। इसी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अमीषा ने मंगलवार सुबह अपने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर रामनगर चौकी प्रभारी अभिनव उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार 'बेटियों की सुरक्षा' और 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण गांवों में पढ़ने जाने वाली लड़कियां भी सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन डर और सामाजिक दबाव के कारण ऐसी शिकायतें अक्सर दर्ज नहीं हो पातीं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित रामनगर बकचूंदा चौकी के मटिही मजरे में छेड़छाड़ से परेशान होकर कक्षा 11 की छात्रा अमीषा पटेल (13) ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना मंगलवार सुबह हुई। मृतका अमीषा राम बाबू पटेल की पुत्री थी और रामनगर के एक विद्यालय में पढ़ती थी। परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक युवक काफी समय से अमीषा को परेशान कर रहा था। रविवार शाम जब अमीषा अपनी तीन बहनों के साथ शौच के लिए गई थी, तब आरोपी युवक ने उसके साथ छेड़खानी की थी। घर लौटकर अमीषा ने यह बात अपनी मां गुजराती देवी को बताई, जिसके बाद परिजन शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद आरोपी पर कोई
कार्रवाई नहीं हुई और वह लगातार छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। इसी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अमीषा ने मंगलवार सुबह अपने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर रामनगर चौकी प्रभारी अभिनव उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया
कि एक तरफ सरकार 'बेटियों की सुरक्षा' और 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण गांवों में पढ़ने जाने वाली लड़कियां भी सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन डर और सामाजिक दबाव के कारण ऐसी शिकायतें अक्सर दर्ज नहीं हो पातीं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- प्रयागराज के मेजा स्थित जनवार गांव में एक ग्रामीण ने खुले कुएं में गिरे बिल्ली के बच्चे को सुरक्षित निकालकर मानवता की मिसाल पेश की है। यह बच्चा दो दिन से कुएं में फंसा हुआ था, जिसकी मां लगातार वहीं बैठी रही, जिसने ग्रामीण को पहल करने के लिए प्रेरित किया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी रोहित तिवारी खेत की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर कुएं के पास बैठी बिल्ली पर पड़ी। दो दिन तक एक ही जगह बिल्ली के बैठे रहने से उन्हें संदेह हुआ। जब उन्होंने कुएं में झांककर देखा, तो पता चला कि बिल्ली का बच्चा अंदर फंसा हुआ है। रोहित ने पहले खुद बच्चे को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसके बाद, बच्चे को जीवित रखने के लिए उन्होंने रस्सी के सहारे कुएं में दूध पहुंचाया। उन्होंने फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी थी, लेकिन समय पर मदद नहीं मिल सकी। मंगलवार को रोहित तिवारी ने एक बार फिर प्रयास करते हुए जाल के सहारे रेस्क्यू अभियान चलाया और कुछ ही देर में बिल्ली के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस सराहनीय पहल के लिए ग्रामीणों ने रोहित की खूब सराहना की, जिससे बिल्ली के बच्चे की जान बच सकी।1
- मध्यप्रदेश के सिंगरौली स्थित चितरंगी अस्पताल में एक सुरक्षा गार्ड की 'नई भूमिका' सामने आई है, जिसने मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति से अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की जा रही है।1
- कश्मीर में जोजिला टनल के दोनों छोर सफलतापूर्वक आपस में जुड़ गए हैं। यह दुनिया की सबसे लंबी 13.15 किलोमीटर लंबी सिंगल ट्यूब सड़क टनल है, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से कश्मीर से लद्दाख तक पहुँचने में लगने वाला समय डेढ़ घंटे से घटकर मात्र 15 मिनट हो जाएगा। इस टनल की खासियत यह है कि इसमें एक ही सुरंग से दोनों दिशाओं में गाड़ियां चल सकेंगी, जिससे क्षेत्र में तेज़ परिवहन संभव होगा। यह उपलब्धि भारत द्वारा बेहतर कनेक्टिविटी, तेज परिवहन और मजबूत बुनियादी ढांचे की दिशा में लगातार स्थापित किए जा रहे नए कीर्तिमानों का प्रतीक है। जारी विकास यात्रा के तहत, जहाँ 2014 से पहले देश में केवल 5 सुरंगें थीं, वहीं 2015 के बाद से अब तक 54 सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, देशभर में 128 अन्य सुरंगों पर तेजी से काम जारी है, जो बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित रामनगर बकचूंदा चौकी के मटिही मजरे में छेड़छाड़ से परेशान होकर कक्षा 11 की छात्रा अमीषा पटेल (13) ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना मंगलवार सुबह हुई। मृतका अमीषा राम बाबू पटेल की पुत्री थी और रामनगर के एक विद्यालय में पढ़ती थी। परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक युवक काफी समय से अमीषा को परेशान कर रहा था। रविवार शाम जब अमीषा अपनी तीन बहनों के साथ शौच के लिए गई थी, तब आरोपी युवक ने उसके साथ छेड़खानी की थी। घर लौटकर अमीषा ने यह बात अपनी मां गुजराती देवी को बताई, जिसके बाद परिजन शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और वह लगातार छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। इसी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अमीषा ने मंगलवार सुबह अपने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर रामनगर चौकी प्रभारी अभिनव उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार 'बेटियों की सुरक्षा' और 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण गांवों में पढ़ने जाने वाली लड़कियां भी सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन डर और सामाजिक दबाव के कारण ऐसी शिकायतें अक्सर दर्ज नहीं हो पातीं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- प्रयागराज कमिश्नरेट के यमुनानगर जोन स्थित औद्योगिक क्षेत्र थाना के अंतर्गत सड़वा पुलिस चौकी के लवायन कला क्षेत्र में गंगा-यमुना नदी से अवैध बालू खनन दिन के उजाले से लेकर रात्रि प्रहर तक बेखौफ जारी है। यह अवैध निकासी ऐसे स्थान पर हो रही है जहाँ रिंग रोड (ओवर ब्रिज) के कई पिलर नदी में निर्माणाधीन हैं। लगातार पिलरों के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण इनके क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा है, लेकिन शातिर अवैध कारोबारियों की फौज को इससे कोई लेना-देना नहीं दिख रहा। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध खनन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।1
- प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र के अमिलिया कला गांव की निवासी वंदना ने शिकायत की है कि कोर्ट के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि एक ज़मीन विवाद से जुड़े मामले (मुकदमा संख्या 695/2025, जो अभी विचाराधीन है) में कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए 8 फीट ऊंची और 47 फीट लंबी दीवार का निर्माण किया गया है। वंदना ने इस मामले में कई शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने पहली लिखित शिकायत मेजा थाने में दी थी। इसके बाद, उन्होंने 25 मई 2026 को प्रयागराज जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर एक और पत्र दिया। उन्होंने मेजा एसीपी को थाना दिवस के अवसर पर सूचित किया और 112 पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट अमीन श्री रतन कुमार श्रीवास्तव ने भी इस संबंध में एक कोर्ट रिपोर्ट तैयार की है। वंदना ने स्वयं पुलिस अधीक्षक और मेजा के उपजिलाधिकारी कार्यालय में जाकर भी अपनी रिपोर्ट पेश की, लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें आज तक कोई सुनवाई नहीं मिली है। वंदना ने विशेष रूप से उपनिरीक्षक मनोज कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाया है कि उन्होंने पैसे लेकर कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करवाया है। वह मांग करती हैं कि उपनिरीक्षक मनोज कुमार यादव के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी इस तरह की गलती को न दोहराए।4
- प्रदेश सरकार द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच, प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। यहां एक बीमार व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ इलाज के लिए CHC पहुंचा था, लेकिन उसे घंटों तक अस्पताल परिसर के बाहर सड़क किनारे तड़पना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, कचरा मानपुर गांव निवासी बीमार व्यक्ति को उसकी पत्नी सोमवार सुबह CHC जसरा लेकर पहुंची थी। महिला का आरोप है कि चिकित्सकों ने मरीज को देखने के बाद अल्ट्रासाउंड बाहर से कराने की सलाह दी। उसने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और वह निजी केंद्र पर जांच कराने में सक्षम नहीं है। पत्नी के मुताबिक, वह सुबह करीब 11 बजे से अपने पति को अस्पताल के बाहर सड़क किनारे जमीन पर लिटाए हुए थी और वह लगभग तीन घंटे तक दर्द से कराहता रहा। महिला ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसे कोई वैकल्पिक व्यवस्था या आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है, जिन्होंने सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को समय पर जांच और उपचार मुहैया कराने की मांग की है ताकि उन्हें निजी केंद्रों का सहारा न लेना पड़े। फिलहाल, इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को राहत दिलाता है या नहीं।4
- प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र में मंगलवार रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण दर्जनों पेड़ धराशाई हो गए, जिससे कई मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। पेड़ों के गिरने से बिजली आपूर्ति भी पूरी रात ठप्प रही, जिसके चलते लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। आंधी से जान-माल का भी नुकसान हुआ। विकासखंड उरुवा के जनवार गांव में बगीचे में बंधे मवेशियों पर अचानक एक पेड़ गिर गया। ग्रामीणों ने त्वरित बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन इस हादसे में रविशंकर शर्मा की एक गाय पेड़ की चपेट में आने से मर गई, जबकि अन्य मवेशियों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके अलावा, संतोष कुमार और छोटू विश्वकर्मा के मकानों पर भी पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित थे, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। बंधवा गांव में त्रिलोकी नाथ गुप्ता के पक्के मकान को भी पेड़ गिरने से भारी क्षति हुई। इसी तरह, डेलौहा गांव में कल्यान शर्मा उर्फ कल्लन के कच्चे मकान पर पेड़ गिरने से गृहस्थी के सामान सहित उनका घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि आंधी के बाद हुई हल्की बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन हुए नुकसान को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी रही। कई स्थानों पर रास्ते अवरुद्ध होने के कारण लोगों को रातभर आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का जल्द से जल्द आकलन कर पीड़ितों को उचित सहायता प्रदान की जाए।1