जिले में 21 जून 2026, रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 का आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 724 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिसे जिला प्रशासन की मुस्तैदी से बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। परीक्षा के लिए जिले में तीन केंद्र स्थापित किए गए थे। कुल 811 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से लगभग 89 प्रतिशत यानि 724 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 87 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। केंद्र क्रमांक 1719101, केंद्रीय विद्यालय, झारखंड में 355 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 320 उपस्थित और 35 अनुपस्थित थे। इसी तरह, केंद्रीय विद्यालय, मनेन्द्रगढ़ स्थित केंद्र क्रमांक 1719102 में 312 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 283 उपस्थित और 29 अनुपस्थित पाए गए। वहीं, विवेकानंद पी.जी. कॉलेज, मनेन्द्रगढ़ के केंद्र क्रमांक 1719103 में 144 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 121 ने परीक्षा दी और 23 अनुपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं। इनमें सुरक्षा, निगरानी, यातायात प्रबंधन और परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम शामिल थे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया, जिसके तहत केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच और दस्तावेज़ों का परीक्षण किया गया। अनियमितताओं को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी भी तैनात की गई थी। साथ ही, परीक्षार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, छायादार प्रतीक्षा स्थल और आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें अभिभावकों और परिजनों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई थीं। प्रशासन की सतर्कता और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों के चलते परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जिला प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए सभी केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों, सुरक्षा कर्मियों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन जिले में प्रशासनिक दक्षता, प्रभावी परीक्षा प्रबंधन और सुव्यवस्थित समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ, जिससे अभ्यर्थियों को एक निष्पक्ष, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिला।
जिले में 21 जून 2026, रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 का आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 724 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिसे जिला प्रशासन की मुस्तैदी से बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। परीक्षा के लिए जिले में तीन केंद्र स्थापित किए गए थे। कुल 811 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से लगभग 89 प्रतिशत यानि 724 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 87 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। केंद्र क्रमांक 1719101, केंद्रीय विद्यालय, झारखंड में 355 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 320 उपस्थित और 35 अनुपस्थित थे। इसी तरह, केंद्रीय विद्यालय, मनेन्द्रगढ़ स्थित केंद्र क्रमांक 1719102 में 312 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 283 उपस्थित और 29 अनुपस्थित पाए गए। वहीं, विवेकानंद पी.जी. कॉलेज, मनेन्द्रगढ़ के केंद्र क्रमांक 1719103 में 144 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 121 ने परीक्षा दी और 23 अनुपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं। इनमें सुरक्षा, निगरानी, यातायात प्रबंधन और परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम शामिल थे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया, जिसके तहत केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच और दस्तावेज़ों का परीक्षण किया गया। अनियमितताओं को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी भी तैनात की गई थी। साथ ही, परीक्षार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, छायादार प्रतीक्षा स्थल और आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें अभिभावकों और परिजनों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई थीं। प्रशासन की सतर्कता और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों के चलते परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जिला प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए सभी केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों, सुरक्षा कर्मियों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन जिले में प्रशासनिक दक्षता, प्रभावी परीक्षा प्रबंधन और सुव्यवस्थित समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ, जिससे अभ्यर्थियों को एक निष्पक्ष, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिला।
- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अवैध गांजा बिक्री का विरोध करने पर एक विक्रेता द्वारा कथित तौर पर एक गर्भवती महिला के पेट पर मुक्का मारने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस मामले में पुलिस से शिकायत करने के बाद भी पीड़िता को कोई सहायता नहीं मिली।1
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर वन मंडल कार्यालय में रविवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत दुबे को शासकीय वन विभाग रेस्ट हाउस में कमरा आवंटित नहीं किया गया। इस घटना से वन कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी वन मंडल कार्यालय पहुँचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों ने डीएफओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए इस फैसले का कड़ा विरोध जताया। हालात को देखते हुए, प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे अपने जिला पदाधिकारियों के साथ डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल के चैंबर में पहुँचे, जहाँ दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस घटना के बाद वन विभाग के भीतर प्रशासन और कर्मचारी संगठन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।1
- नागपुर के रहने वाले करण जायसवाल नामक व्यक्ति छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले से लापता हो गए हैं। उनके दोस्तों ने उन्हें ढूंढने की अपील की है, जिसमें कहा गया है कि यदि किसी को भी करण जायसवाल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे जल्द से जल्द एक दिए गए नंबर पर कॉल करके सूचित करें।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों को एक संदेश दिया है। उन्होंने योग दिवस के इस खास मौके पर राज्य के निवासियों को संबोधित करते हुए यह संदेश जारी किया।1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।1
- अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।1
- छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की बेटी की शादी संपन्न हुई है।1